⚡ सीधी काम की बात (Quick Answer)
पासपोर्ट में शादी के बाद सरनेम बदलने के लिए विदेश मंत्रालय (MEA) के नए नियमों के तहत मैरिज सर्टिफिकेट अनिवार्य नहीं है; केवल सामान्य स्व-घोषणा और पति के पहचान पत्र से री-इश्यू हो जाता है। मामूली स्पेलिंग सुधार के लिए केवल 2 पुराने शैक्षणिक/पहचान दस्तावेज लगते हैं। लेकिन यदि पूरा नाम बदल रहे हैं (Major Name Change), तो ₹100 के स्टांप पर नोटरी हलफनामा, 2 समाचार पत्रों (1 अंग्रेजी व 1 दैनिक भाषा) में विज्ञापन, भारत के राजपत्र (The Gazette of India) में अधिसूचना और 2 नए आईडी प्रूफ अनिवार्य होते हैं। सामान्य सरकारी शुल्क ₹1,500 (36 पेज) है।
पासपोर्ट में नाम परिवर्तन का कानूनी आधार व MEA की तीन श्रेणियां
भारतीय पासपोर्ट में नाम, उपनाम (Surname) या माता-पिता/जीवनसाथी के नाम में किसी भी प्रकार का परिवर्तन केवल एक लिपिकीय (Clerical) कार्य नहीं है। पासपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपकी कानूनी पहचान और संप्रभु भारतीय नागरिकता का प्राथमिक साक्ष्य होता है। अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (ICAO) के कड़े सुरक्षा मानकों के अनुसार, किसी भी नागरिक के नाम में अचानक या अनधिकृत परिवर्तन को वित्तीय धोखाधड़ी, भगोड़े अपराधियों द्वारा पहचान छिपाने या अवैध प्रवासन के जोखिम से जोड़कर देखा जाता है।
यही कारण है कि The Passports Act, 1967 और विदेश मंत्रालय (MEA) के आधिकारिक दिशा-निर्देशों के तहत नाम परिवर्तन को तीन स्पष्ट कानूनी श्रेणियों (Categories) में विभाजित किया गया है। प्रत्येक श्रेणी के लिए आवश्यक दस्तावेजों की गंभीरता, समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना, गजट अधिसूचना और पुलिस सत्यापन का दायरा पूरी तरह अलग होता है। नागरिकों को सबसे पहले यह समझना चाहिए कि उनका मामला किस विशिष्ट श्रेणी में आता है ताकि वे अनावश्यक कानूनी प्रक्रियाओं और कोर्ट-कचहरी के चक्कर से बच सकें।
श्रेणी 1: शादी के बाद सरनेम जोड़ना या हटाना (मैरिज सर्टिफिकेट छूट नियम)
भारत में महिलाओं के लिए शादी के बाद अपने मायके के उपनाम (Maiden Surname) को बदलकर पति का कुलनाम जोड़ना एक आम सामाजिक परंपरा रही है। पूर्व में पासपोर्ट कार्यालय इसके लिए विवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र (Marriage Registration Certificate) की मांग करते थे, जिससे उन लाखों महिलाओं को भारी परेशानी होती थी जिनका विवाह विधिवत पंजीकृत नहीं था।
विदेश मंत्रालय ने ऐतिहासिक सुधार करते हुए नियमों को बेहद सरल और नागरिक-अनुकूल बना दिया है:
- विवाह प्रमाण पत्र की अनिवार्यता समाप्त: अब किसी भी विवाहित महिला को अपने पासपोर्ट में पति का उपनाम जोड़ने या 'Spouse Name' दर्ज कराने के लिए कोर्ट या रजिस्ट्रार का मैरिज सर्टिफिकेट प्रस्तुत करना अनिवार्य नहीं है।
- स्व-घोषणा पत्र (Self Declaration): महिला केवल एक सादे कागज पर स्व-घोषणा पत्र देती है जिसमें वह अपने विवाह और नए उपनाम को अपनाने की पुष्टि करती है।
- आवश्यक दस्तावेज: महिला को केवल अपने पति के पासपोर्ट की स्व-प्रमाणित प्रति (यदि पति का पासपोर्ट बना हो) अथवा पति का आधार कार्ड, और अपने स्वयं के अद्यतन पहचान पत्र प्रस्तुत करने होते हैं।
- तलाक या पुनर्विवाह की स्थिति (Divorce / Remarriage): यदि किसी महिला का वैवाहिक अलगाव हो जाता है और वह अपने पासपोर्ट से पूर्व-पति का उपनाम हटाकर पुनः अपना मूल मायके का सरनेम बहाल करना चाहती है, तो वह तलाक की डिक्री (Divorce Decree) अथवा न्यायालय के आदेश के बिना भी केवल स्व-घोषणा और पुराने शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के आधार पर अपना मूल नाम बहाल करा सकती है।
श्रेणी 2: नाम की स्पेलिंग में मामूली गलती (Minor Correction) सुधार
इस श्रेणी में वे मामले आते हैं जहाँ व्यक्ति का मूल नाम नहीं बदल रहा है, बल्कि उच्चारण में एकरूपता लाने या लिपिकीय त्रुटि ठीक करने के लिए 1 या 2 अक्षरों का संशोधन किया जा रहा है:
- उदाहरण: यदि किसी का नाम 'Suresh Chandra' से बदलकर 'Suresh Chander' किया जा रहा है, या 'Virender' को 'Virendra' किया जा रहा है, अथवा उपनाम में 'Kumar' जोड़ा जा रहा है जो पूर्व में केवल प्रथम नाम लिखा था।
- कानूनी प्रक्रिया: इस प्रकार के मामूली संशोधनों (Minor Corrections) के लिए भारत के राजपत्र (Gazette) या समाचार पत्रों में विज्ञापन की कोई आवश्यकता नहीं होती।
- प्रमाण स्वरूप क्या चाहिए: आवेदक को अपने कम से कम दो ऐसे मूल सरकारी दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं जिनमें वह सही स्पेलिंग दर्ज हो। इसमें 10वीं की बोर्ड अंकसूची (Matriculation Marksheet), पैन कार्ड, आधार कार्ड या भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी वोटर आईडी कार्ड शामिल हैं। पासपोर्ट अधिकारी इन दस्तावेजों के आधार पर तुरंत 'Re-issue' स्वीकृत कर देता है।
श्रेणी 3: पूर्ण नाम परिवर्तन (Major Change): 4-चरणीय कानूनी प्रक्रिया
यदि कोई नागरिक अपना नाम पूरी तरह बदल रहा है (जैसे 'राहुल शर्मा' से बदलकर 'विक्रम सिंह'), या अपने धर्म परिवर्तन के कारण नया नाम अपना रहा है, अथवा ज्योतिषीय/व्यक्तिगत कारणों से अपना प्रथम नाम और कुलनाम दोनों परिवर्तित कर रहा है, तो इसे विदेश मंत्रालय की शब्दावली में 'Major Change of Name' माना जाता है।
ऐसे मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा और कानूनी सत्यनिष्ठा बनाए रखने के लिए निम्नलिखित 4-चरणीय अनिवार्य कानूनी प्रक्रिया का पालन करना होता है:
- चरण 1: ₹100 के स्टांप पेपर पर नोटरीकृत शपथ पत्र (Affidavit):
आवेदक को अपने राज्य के गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट या अधिकृत नोटरी पब्लिक के समक्ष शपथ पत्र निष्पादित करना होता है, जिसमें वह अपने पुराने नाम, नए नाम और नाम बदलने के वास्तविक कारण की घोषणा करता है। - चरण 2: दो दैनिक समाचार पत्रों में सार्वजनिक सूचना (Newspaper Ads):
आवेदक को अपने वर्तमान निवास क्षेत्र में प्रसारित होने वाले दो प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों में निर्धारित प्रारूप में विज्ञापन प्रकाशित कराना अनिवार्य है:- पहला विज्ञापन: किसी प्रमुख राष्ट्रीय दैनिक अंग्रेजी समाचार पत्र (National English Daily जैसे The Times of India, The Indian Express, The Tribune आदि) में।
- दूसरा विज्ञापन: किसी प्रमुख स्थानीय दैनिक भाषा के समाचार पत्र (Vernacular / Hindi / Regional Daily जैसे दैनिक जागरण, अमर उजाला, नवभारत टाइम्स आदि) में।
- चरण 3: भारत के राजपत्र (The Gazette of India) में आधिकारिक अधिसूचना:
केंद्र सरकार के मुद्रण एवं प्रकाशन विभाग (Department of Publication, भारत सरकार) द्वारा प्रकाशित साप्ताहिक राजपत्र में नाम परिवर्तन की अधिसूचना छपवाना कानूनी रूप से 100% अनिवार्य है। - चरण 4: नए नाम वाले कम से कम 2 अन्य वैध पहचान पत्र:
गजट और विज्ञापन के आधार पर आवेदक को अपने आधार कार्ड और पैन कार्ड में नया नाम अपडेट कराना होता है। पासपोर्ट सेवा केंद्र में नए नाम वाले 2 फोटो आईडी कार्ड मूल रूप में दिखाने होते हैं।
दो समाचार पत्रों में विज्ञापन का आधिकारिक प्रारूप (Drafting Specimen)
समाचार पत्रों में नाम परिवर्तन का विज्ञापन देते समय कानूनी भाषा का सटीक होना अनिवार्य है। गलत या अधूरी भाषा होने पर पासपोर्ट अधिकारी विज्ञापन को अस्वीकार कर सकते हैं। दोनों समाचार पत्रों के लिए मानक कानूनी प्रारूप निम्नलिखित है:
I, .................................... (Old Name), S/o / D/o / W/o Shri ...................................., residing at .................................................................... (Full Residential Address), holding Indian Passport No. .................... issued at .................... on date ...................., have changed my name from .................................... (Old Name) to .................................... (New Name) for all future purposes by virtue of an Affidavit dated .................... sworn before Notary Public Shri .................... at ....................
It is certified that I have no criminal record or intention to deceive anyone. Henceforth, I shall be known as .................................... (New Name).
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नाम परिवर्तन हेतु सार्वजनिक सूचना (दैनिक हिंदी समाचार पत्र)
सर्वसाधारण को सूचित किया जाता है कि मैं, .................................... (पुराना नाम), आत्मज/पत्नी श्री ...................................., निवासी .................................................................... (पूरा स्थायी पता), जिसके पास भारतीय पासपोर्ट सं. .................... जारी तिथि .................... है, ने अपना नाम .................................... (पुराना नाम) से बदलकर .................................... (नया नाम) रख लिया है।
इस संदर्भ में मैंने दिनांक .................... को नोटरी पब्लिक श्री .................... के समक्ष एक शपथ पत्र निष्पादित किया है। भविष्य में मुझे मेरे नए नाम .................................... (नया नाम) से ही जाना और पुकारा जाए।
भारत के राजपत्र (The Gazette of India) में ऑनलाइन प्रकाशन प्रक्रिया
भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय के अधीन 'प्रकाशन विभाग' (Department of Publication, Civil Lines, Delhi) द्वारा केंद्रीय गजट का प्रकाशन किया जाता है। नागरिकों के लिए इसकी ऑनलाइन व डाक प्रक्रिया निम्नलिखित है:
- दस्तावेजों का संकलन: मूल नोटरी शपथ पत्र, दोनों समाचार पत्रों के मूल पूरे पन्ने, 2 पासपोर्ट साइज अटेस्टेड फोटोग्राफ, और सीडी (CD) जिसमें एमएस वर्ड (.docx) में विज्ञापन का टेक्स्ट सेव हो।
- सरकारी फीस का ऑनलाइन भुगतान: भारत सरकार के गैर-कर राजस्व पोर्टल
bharatkosh.gov.inपर जाएं। 'Department of Publication' चुनें और 'Change of Name' मद में ₹1,100 (वयस्कों के लिए) का ऑनलाइन चालान जमा करें। रसीद डाउनलोड करें। - प्रकाशन विभाग को आवेदन प्रेषण: सभी दस्तावेजों का सेट बनाकर डाक/स्पीड पोस्ट द्वारा नियंत्रक, मुद्रण एवं प्रकाशन विभाग, सिविल लाइन्स, दिल्ली-110054 को भेजें (अथवा वहां काउंटर पर व्यक्तिगत रूप से जमा करें)।
- ई-राजपत्र (e-Gazette) डाउनलोड: आवेदन के 15 से 30 दिनों के भीतर भारत के राजपत्र (Part IV) में आपका नाम परिवर्तन प्रकाशित हो जाता है। आप
egazette.gov.inसे संबंधित पृष्ठ की प्रमाणित पीडीएफ कॉपी निःशुल्क डाउनलोड कर सकते हैं।
पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर री-इश्यू फॉर्म भरने की ऑनलाइन स्टेप-बाय-स्टेप विधि
आधिकारिक पोर्टल passportindia.gov.in पर नाम परिवर्तन के लिए ऑनलाइन आवेदन दर्ज करने की सही SOP निम्नलिखित है:
- लॉगिन करें: अपने मौजूदा पासपोर्ट सेवा अकाउंट में लॉगिन करें और 'Apply for Fresh Passport / Re-issue of Passport' चुनें।
- आवेदन का प्रकार (Type of Application):
- Applying for: Re-issue of Passport चुनें।
- Reason for Re-issue: 'Change in Existing Personal Particulars' पर टिक करें।
- उप-विकल्प में 'Change of Name (Major / Minor / Post-Marriage)' का चयन करें।
- Type of Application: Normal चुनें। (नोट: मेजर नेम चेंज में तत्काल सेवा की अनुमति नहीं होती)।
- Booklet Type: 36 Pages (₹1,500) या 60 Pages (₹2,000)।
- नया नाम प्रविष्ट करना: 'Applicant Details' पेज पर अपना नया नाम (Given Name और Surname) टाइप करें। नीचे पूछे गए प्रश्न "Have you ever changed your name?" में 'Yes' चुनें और अपना पिछला पुराना नाम हूबहू पुराने पासपोर्ट के अनुसार दर्ज करें।
- अपॉइंटमेंट व फीस: सामान्य सरकारी शुल्क ₹1,500 का ऑनलाइन भुगतान करें और अपने पसंदीदा पीएसके केंद्र का स्लॉट बुक करें।
नाम परिवर्तन प्रकार, आवश्यक दस्तावेज, फीस व समय-सीमा सारणी (5-कॉलम)
नीचे दी गई 5-कॉलम तालिका में नाम परिवर्तन की विभिन्न परिस्थितियों, आवश्यक कानूनी कागजात, सरकारी शुल्क और पुलिस सत्यापन नियमों का संपूर्ण तुलनात्मक विवरण प्रस्तुत है:
| नाम परिवर्तन की कानूनी श्रेणी | अनिवार्य मुख्य दस्तावेज | सरकारी फीस (36 पेज) | पुलिस वेरिफिकेशन का प्रकार | अनुमानित समय-सीमा |
|---|---|---|---|---|
| शादी के बाद सरनेम जोड़ना (विवाहित महिलाएं) | स्व-घोषणा + पति का पासपोर्ट/आधार | ₹1,500 | Post-PV / No-PV | 5 से 7 कार्यदिवस |
| तलाक के बाद मायके का सरनेम बहाल करना | स्व-घोषणा + पुराने मायके के दस्तावेज | ₹1,500 | Post-PV / No-PV | 5 से 7 कार्यदिवस |
| स्पेलिंग में मामूली सुधार (Minor Correction) | 10वीं अंकसूची + पैन/आधार (2 दस्तावेज) | ₹1,500 | Post-PV | 7 से 10 कार्यदिवस |
| पूर्ण नाम परिवर्तन (Major Name Change) | गजट + 2 अखबार विज्ञापन + नोटरी शपथ पत्र | ₹1,500 | अनिवार्य Fresh Pre-PV | 15 से 25 कार्यदिवस |
| धर्म परिवर्तन के उपरांत नया नाम | गजट + धर्मांतरण प्रमाण पत्र + 2 अखबार | ₹1,500 | अनिवार्य Fresh Pre-PV | 20 से 30 कार्यदिवस |
पीएसके में काउंटर A, B और C पर क्या होता है? पुलिस वेरिफिकेशन नियम
अपॉइंटमेंट के दिन अपने पुराने मूल पासपोर्ट, दोनों समाचार पत्रों की मूल कॉपियां, गजट अधिसूचना का प्रिंटआउट और नोटरी शपथ पत्र लेकर पीएसके पहुंचें:
- काउंटर A पर सत्यापन: टीसीएस ऑपरेटर आपके पुराने पासपोर्ट और नए नाम के सहायक कानूनी दस्तावेजों को स्कैन करता है। आपकी नई डिजिटल फोटो और बायोमेट्रिक्स लिए जाते हैं।
- काउंटर B पर दस्तावेज मिलान: सत्यापन अधिकारी दोनों समाचार पत्रों के नाम, प्रकाशन तिथि और विज्ञापन की भाषा का गजट की अधिसूचना से अक्षरशः मिलान करता है। यदि विज्ञापन में कोई वर्तनी त्रुटि होती है, तो फाइल को स्पष्टीकरण के लिए रोक दिया जाता है।
- काउंटर C पर निर्णय व पुलिस सत्यापन: मेजर नेम चेंज के मामलों में काउंटर C अधिकारी अनिवार्य रूप से 'Pre-Police Verification' आदेशित करता है। इसका कारण यह है कि संबंधित थाने का बीट अधिकारी यह सत्यापित करेगा कि आवेदक ने किसी आपराधिक मुकदमे या वित्तीय देनदारी से बचने के लिए तो अपना नाम नहीं बदला है। पुलिस रिपोर्ट 'Clear' आने पर ही नए नाम का पासपोर्ट मुद्रित होकर स्पीड पोस्ट से प्रेषित किया जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (PAA FAQs)
Q1: क्या शादी के बाद पासपोर्ट में पति का सरनेम जोड़ने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट जरूरी है?
नहीं, विदेश मंत्रालय के सरलीकृत नियमों के अनुसार शादी के बाद सरनेम जोड़ने या बदलने के लिए मैरिज सर्टिफिकेट (Marriage Certificate) अनिवार्य नहीं है। महिला आवेदक केवल एक सादे स्व-घोषणा पत्र और पति के पासपोर्ट/आधार कार्ड की प्रति जमा करके अपना सरनेम अपडेट करा सकती है।
Q2: यदि शादी के बाद तलाक हो जाए तो क्या दोबारा मायके का सरनेम लगाया जा सकता है?
हाँ, तलाक या अलगाव के बाद महिला आवेदक अपने पहले वाले मायके के सरनेम में पासपोर्ट री-इश्यू करा सकती है। इसके लिए तलाक की डिक्री (Divorce Decree) या स्व-घोषणा के साथ अपने पुराने शैक्षणिक दस्तावेज/मायके का आधार प्रस्तुत करना होता है।
Q3: मेजर नेम चेंज (Major Name Change) के लिए अखबार में विज्ञापन देना क्यों जरूरी है?
The Passports Act 1967 के तहत पूर्ण नाम परिवर्तन पर किसी धोखाधड़ी या आपराधिक रिकॉर्ड से बचने के लिए सार्वजनिक सूचना देना कानूनी रूप से अनिवार्य है। आवेदक को 1 प्रमुख राष्ट्रीय अंग्रेजी समाचार पत्र और 1 स्थानीय भाषा के दैनिक समाचार पत्र में निर्धारित कानूनी प्रारूप में विज्ञापन प्रकाशित कराना होता है।
Q4: भारत का राजपत्र (Gazette of India) कैसे बनता है और इसकी सरकारी फीस कितनी है?
केंद्रीय प्रकाशन विभाग (Department of Publication, Civil Lines, Delhi) की आधिकारिक वेबसाइट e-gazette के माध्यम से भारत कोष (bharatkosh.gov.in) पर गैर-सरकारी नागरिकों के नाम परिवर्तन की अधिसूचना हेतु ₹1,100 (वयस्क) या ₹1,400 (त्वरित सेवा) का सरकारी चालान भरकर आवेदन किया जाता है।
Q5: क्या केवल आधार कार्ड में नाम बदल लेने से पासपोर्ट में नाम बदल जाएगा?
कदापि नहीं! पासपोर्ट एक संप्रभु अंतरराष्ट्रीय यात्रा दस्तावेज है। केवल आधार कार्ड में नाम बदलना पर्याप्त नहीं है; यदि नाम में बड़ा बदलाव है तो बिना गजट नोटिफिकेशन और 2 अखबारों के विज्ञापन के पासपोर्ट कार्यालय नाम परिवर्तन स्वीकार नहीं करता।
Q6: नाम की केवल स्पेलिंग गलत होने पर क्या गजट कराना पड़ता है?
नहीं, यदि केवल 1-2 अक्षरों की स्पेलिंग विसंगति है (जैसे Rakesh के स्थान पर Rakaesh या Kumar का छूटना), तो इसे Minor Correction माना जाता है। इसके लिए गजट की आवश्यकता नहीं होती; केवल 10वीं की अंकसूची या पैन कार्ड के आधार पर सुधार हो जाता है।
Q7: नाम बदलने के बाद क्या पुराना पासपोर्ट जमा हो जाता है और वीज़ा का क्या होता है?
हाँ, पुराना पासपोर्ट पीएसके काउंटर पर कैंसल कर दिया जाता है और नए नाम वाला पासपोर्ट जारी होता है। यदि पुराने पासपोर्ट पर वैध वीज़ा है, तो वह अमान्य नहीं होता; आपको नाम परिवर्तन की गजट कॉपी और दोनों पासपोर्ट साथ रखकर यात्रा करनी होती है।
Q8: नाम परिवर्तन के बाद नया पासपोर्ट कितने दिनों में बनकर आ जाता है?
शादी के बाद सरनेम परिवर्तन में 5 से 7 दिन लगते हैं। परंतु गजट आधारित मेजर नेम चेंज में अनिवार्य रूप से नए नाम पर प्री-पुलिस वेरिफिकेशन (Pre-PV) होता है, जिसमें 15 से 25 कार्यदिवस का समय लगता है।
आधिकारिक पोर्टल व क्लस्टर गाइड्स
- Passport Seva Official Portal (विदेश मंत्रालय)
- तत्काल पासपोर्ट नियम 2026: 3 दिन में नया पासपोर्ट कैसे पाएं
- पासपोर्ट जन्मतिथि सुधार 2026: नगर निगम प्रमाण पत्र व MEA सर्कुलर
- पासपोर्ट पुलिस वेरिफिकेशन: mPassport ऐप व 5 दिन में सत्यापन प्रक्रिया
- बच्चों का पासपोर्ट ऑनलाइन कैसे बनवाएं: Annexure D व C नियम