दुकानदारों व व्यापारियों के लिए CC Limit vs OD Limit: केवल निकाले गए पैसे पर ब्याज, जानें बैंक लिमिट बनवाने का पूरा गणित
कैश क्रेडिट (CC) लिमिट दुकान के मौजूदा स्टॉक और देनदारों (Book Debts) को गिरवी रखकर कार्यशील पूंजी के लिए दी जाती है, जिसमें हर महीने स्टॉक स्टेटमेंट जमा करके ड्राइंग पावर (DP) तय होती है...