1. EWS प्रमाण पत्र की 1 वर्ष की वैधता का वित्तीय नियम क्या है?
संविधान के 103वें संशोधन के तहत सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों को सरकारी नौकरियों और उच्च शिक्षण संस्थानों में 10% आरक्षण दिया गया है। अन्य जाति प्रमाण पत्रों के विपरीत, EWS प्रमाण पत्र आजीवन मान्य नहीं होता क्योंकि परिवार की आय में प्रतिवर्ष उतार-चढ़ाव आ सकता है। आधिकारिक पोर्टल: dopt.gov.in।
2. ₹8 लाख आय गणना में कौन-कौन से स्रोत शामिल होते हैं?
DoPT के दिशा-निर्देशों के अनुसार परिवार की सकल वार्षिक आय ₹8 लाख से कम होनी चाहिए। इसमें वेतन, कृषि, व्यवसाय, पेशे और मकान किराए से होने वाली समस्त आय को जोड़ा जाता है। साथ ही 5 एकड़ कृषि भूमि या 1000 वर्ग फुट से बड़ा फ्लैट नहीं होना चाहिए।
3. सेंट्रल vs स्टेट फॉर्मेट: यूपीएससी/एसएससी में क्यों रिजेक्ट होते हैं फॉर्म?
कई राज्यों (जैसे बिहार, राजस्थान) के राज्य ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल स्थानीय स्तर का फॉर्मेट जारी करते हैं। लेकिन SSC CGL, UPSC और रेलवे जैसी केंद्रीय भर्तियों में भारत सरकार के DoPT का अंग्रेजी प्रारूप (Annexure-1) ही स्वीकार किया जाता है जिस पर तहसीलदार या एसडीएम की मोहर आवश्यक होती है।
4. EWS प्रमाण पत्र का ऑनलाइन नवीनीकरण (Renewal) कैसे करें?
प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल के बाद संबंधित राज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल (जैसे edistrict.up.gov.in, rtps.bihar.gov.in) पर जाकर पिछले वित्तीय वर्ष का आय प्रमाण पत्र, खतौनी और आधार कार्ड अपलोड करके नया ईडब्ल्यूएस बनवाएं।