1. कोर्ट का फैसला: विवाहित महिला का निवास मायके का होगा या ससुराल का?
शादी के बाद सरकारी नौकरियों या योजनाओं के फॉर्म भरते समय महिलाओं के सामने सबसे बड़ी उलझन यह आती है कि वे अपना मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile Certificate) कहाँ से बनवाएं। उच्च न्यायालयों ने स्पष्ट किया है कि विवाह के उपरांत महिला अपने पति के साथ उसके निवास स्थान पर रहती है, अतः ससुराल पक्ष के पते से उसका निवास प्रमाण पत्र जारी किया जाना कानूनसम्मत है। आधिकारिक स्रोत: edistrict.gov.in।
2. ससुराल से मूल निवास बनवाने हेतु कौन-कौन से 4 दस्तावेज चाहिए?
ससुराल से आवेदन करते समय निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न करें: महिला का आधार कार्ड (जिसमें पति का नाम अपडेट हो), विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) या परिवार रजिस्टर की नकल, पति का मूल निवास प्रमाण पत्र और ससुराल का बिजली बिल या खतौनी।
3. 3 दिन में तत्काल निवास प्रमाण पत्र कैसे प्राप्त करें?
यदि किसी सरकारी भर्ती की अंतिम तारीख नजदीक है, तो ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर आवेदन करते समय 'Tatkal' विकल्प चुनें और परीक्षा का एडमिट कार्ड या विज्ञापन संलग्न करें। क्षेत्रीय राजस्व लेखपाल 24 घंटे में स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट तहसील को भेजता है और 72 घंटे में प्रमाण पत्र जारी हो जाता है।
4. जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र का अंतर समझें
याद रखें कि जाति जन्म से मिलती है, इसलिए जाति प्रमाण पत्र हमेशा पिता के नाम से ही बनेगा, जबकि निवास प्रमाण पत्र शादी के बाद ससुराल के पते से बनाया जा सकता है।