🏛️ सरकारी योजना ⏱️ 18 मिनट पढ़ें 📅 01 अक्टूबर 2026

PM विश्वकर्मा योजना: ₹15,000 टूलकिट ग्रांट, सस्ता बिजनेस लोन और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन

RM
राजेश कुमार मीना
नीति, ग्रामीण विकास & डिजिटल पेमेंट विशेषज्ञ

विगत 8 वर्षों से केंद्र व राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), ग्रामीण विकास एवं डिजिटल भुगतान प्रणालियों पर निरंतर शोधपरक विश्लेषण।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

PM विश्वकर्मा योजना केंद्र सरकार द्वारा पारंपरिक 18 व्यवसायों के कारीगरों और शिल्पकारों (जैसे बढ़ई, लोहार, दर्जी, कुम्हार, राजमिस्त्री आदि) के लिए शुरू की गई है। इसमें 5 से 7 दिन की बेसिक ट्रेनिंग (प्रतिदिन ₹500 स्टाइपेंड), ₹15,000 का डिजिटल टूलकिट ई-वाउचर और बिना गारंटी के 5% ब्याज दर पर ₹3 लाख तक का बिजनेस लोन (दो चरणों में ₹1 लाख और ₹2 लाख) मिलता है।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • PM विश्वकर्मा योजना केंद्र सरकार द्वारा पारंपरिक 18 व्यवसायों के कारीगरों और शिल्पकारों (जैसे बढ़ई, लोहार, दर्जी, कुम्हार, राजमिस्त्री आदि) के लिए शुरू की गई है...
क्र.सं. ट्रेड का नाम कार्य विवरण लक्षित कारीगर वर्ग
1 बढ़ई (Carpenter / सुथार) लकड़ी का फर्नीचर, दरवाजे, खिड़कियां बनाना काष्ठशिल्पी
2 नाव निर्माता (Boat Maker) मछली पकड़ने व परिवहन हेतु लकड़ी की नावें तटीय क्षेत्र कारीगर
3 कवचकार (Armourer) पारंपरिक सुरक्षा उपकरण व हथियार मरम्मत धातु कारीगर
4 लोहार (Blacksmith) लोहे के कृषि औजार, घरेलू उपकरण बनाना ग्रामीण लौहशिल्पी
5 हथौड़ा और टूलकिट निर्माता छेनी, हथौड़ा, बसूला व औजार निर्माण टूलमेकर
6 ताला बनाने वाले (Locksmith) चाबी व तालों का निर्माण व मरम्मत मेटल क्राफ्ट
7 स्वर्णकार (Goldsmith / सुनार) सोने-चांदी के पारंपरिक आभूषण बनाना ज्वैलरी शिल्पी
8 कुम्हार (Potter) मिट्टी के बर्तन, दीये, मटके और खिलौने मृदा शिल्पी
9 मूर्तिकार (Sculptor / पत्थर तराशने वाले) पत्थर की मूर्तियां व नक्काशी का काम प्रस्तर शिल्पी
10 मोची (Cobbler / Footwear Artisan) जूते-चप्पल बनाना व चमड़े की मरम्मत चर्मशिल्पी
11 राजमिस्त्री (Mason) ईंट, गारे, सीमेंट से घर व निर्माण कार्य भवन निर्माण श्रमिक
12 डलिया / चटाई / झाड़ू निर्माता बांस, बेंत व घास से घरेलू उत्पाद बनाना प्राकृतिक रेशा शिल्पी
13 गुड़िया और खिलौना निर्माता पारंपरिक भारतीय खिलौने व कठपुतलियां टॉयमेकर
14 नाई (Barber / हज्जाम) बाल काटना, शेविंग व ग्रूमिंग सेवाएं सेवा प्रदाता
15 मालाकार (Garland Maker) पूजा व आयोजनों हेतु ताजे फूलों की मालाएं पुष्प सज्जाकार
16 धोबी (Washerman) कपड़ों की धुलाई व प्रेस का काम ड्राईक्लीनिंग कारीगर
17 दर्जी (Tailor) कपड़ों की सिलाई व परिधान निर्माण वस्त्र शिल्पी
18 मछली पकड़ने का जाल निर्माता सूत व नायलॉन से फिशिंग नेट बुनना मछुआरा समुदाय

विश्वकर्मा योजना क्या है और इसका लाभ किन 18 पारंपरिक ट्रेडों को मिलता है?

यह योजना हाथों और औजारों से काम करने वाले उन गुरु-शिष्य परंपरा के कारीगरों के लिए है जो सदियों से ग्रामीण और शहरी भारत की रीढ़ रहे हैं। सरकार ने इसके तहत 18 पारंपरिक व्यवसायों को आधिकारिक रूप से अधिसूचित किया है:

क्र.सं. ट्रेड का नाम कार्य विवरण लक्षित कारीगर वर्ग
1 बढ़ई (Carpenter / सुथार) लकड़ी का फर्नीचर, दरवाजे, खिड़कियां बनाना काष्ठशिल्पी
2 नाव निर्माता (Boat Maker) मछली पकड़ने व परिवहन हेतु लकड़ी की नावें तटीय क्षेत्र कारीगर
3 कवचकार (Armourer) पारंपरिक सुरक्षा उपकरण व हथियार मरम्मत धातु कारीगर
4 लोहार (Blacksmith) लोहे के कृषि औजार, घरेलू उपकरण बनाना ग्रामीण लौहशिल्पी
5 हथौड़ा और टूलकिट निर्माता छेनी, हथौड़ा, बसूला व औजार निर्माण टूलमेकर
6 ताला बनाने वाले (Locksmith) चाबी व तालों का निर्माण व मरम्मत मेटल क्राफ्ट
7 स्वर्णकार (Goldsmith / सुनार) सोने-चांदी के पारंपरिक आभूषण बनाना ज्वैलरी शिल्पी
8 कुम्हार (Potter) मिट्टी के बर्तन, दीये, मटके और खिलौने मृदा शिल्पी
9 मूर्तिकार (Sculptor / पत्थर तराशने वाले) पत्थर की मूर्तियां व नक्काशी का काम प्रस्तर शिल्पी
10 मोची (Cobbler / Footwear Artisan) जूते-चप्पल बनाना व चमड़े की मरम्मत चर्मशिल्पी
11 राजमिस्त्री (Mason) ईंट, गारे, सीमेंट से घर व निर्माण कार्य भवन निर्माण श्रमिक
12 डलिया / चटाई / झाड़ू निर्माता बांस, बेंत व घास से घरेलू उत्पाद बनाना प्राकृतिक रेशा शिल्पी
13 गुड़िया और खिलौना निर्माता पारंपरिक भारतीय खिलौने व कठपुतलियां टॉयमेकर
14 नाई (Barber / हज्जाम) बाल काटना, शेविंग व ग्रूमिंग सेवाएं सेवा प्रदाता
15 मालाकार (Garland Maker) पूजा व आयोजनों हेतु ताजे फूलों की मालाएं पुष्प सज्जाकार
16 धोबी (Washerman) कपड़ों की धुलाई व प्रेस का काम ड्राईक्लीनिंग कारीगर
17 दर्जी (Tailor) कपड़ों की सिलाई व परिधान निर्माण वस्त्र शिल्पी
18 मछली पकड़ने का जाल निर्माता सूत व नायलॉन से फिशिंग नेट बुनना मछुआरा समुदाय

योजना के 4 सबसे बड़े फायदे: ट्रेनिंग, टूलकिट वाउचर, लोन और ब्रांडिंग सपोर्ट

पीएम विश्वकर्मा योजना केवल एक लोन स्कीम नहीं है, बल्कि यह एक संपूर्ण इकोसिस्टम है:

  1. पहचान और मान्यता (PM Vishwakarma Certificate & ID): ट्रेनिंग पूरी होने पर राष्ट्रीय स्तर पर मान्य डिजिटल सर्टिफिकेट और आईडी कार्ड मिलता है, जिससे कारीगर की साख बढ़ती है।
  2. स्किल अपग्रेडेशन और स्टाइपेंड: 5 से 7 दिन की बेसिक ट्रेनिंग और 15 दिन की एडवांस ट्रेनिंग दी जाती है। ट्रेनिंग के दौरान प्रतिदिन ₹500 का स्टाइपेंड सीधे बैंक खाते में जमा होता है।
  3. ₹15,000 का निःशुल्क टूलकिट ई-वाउचर: आधुनिक और उन्नत औजार खरीदने के लिए सरकार ₹15,000 का डिजिटल ई-वाउचर देती है।
  4. सस्ता संपार्श्विक-मुक्त लोन (Collateral-Free Credit Support): अपने काम को बढ़ाने के लिए बिना किसी संपत्ति को गिरवी रखे बेहद सस्ती 5% ब्याज दर पर बैंक लोन की सुविधा।

लोन का गणित: पहली बार ₹1 लाख और दूसरी बार ₹2 लाख (5% रियायती ब्याज दर)

पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत ऋण दो किस्तों (Tranches) में मिलता है:

  • पहला चरण (Tranche 1): ₹1,00,000 तक का लोन: यह लोन बेसिक ट्रेनिंग पूरी करने वाले कारीगरों को 18 महीने की अवधि के लिए दिया जाता है।
  • दूसरा चरण (Tranche 2): ₹2,00,000 तक का लोन: यदि पहला लोन समय पर चुका दिया जाता है और लाभार्थी डिजिटल लेन-देन को अपनाता है, तो 30 महीने की अवधि के लिए ₹2 लाख का अतिरिक्त लोन मिलता है।
  • ब्याज दर सब्सिडी: बैंकों द्वारा तय बाजार दर (लगभग 13%) में से सरकार 8% तक की सबवेंशन (छूट) वहन करती है, जिससे लाभार्थी को केवल 5% वार्षिक ब्याज देना होता है।
  • डिजिटल ट्रांजेक्शन इंसेंटिव: प्रति डिजिटल लेन-देन ₹1 का इंसेंटिव (महीने में अधिकतम 100 ट्रांजेक्शन तक ₹100 प्रतिमाह) लाभार्थी के खाते में भेजा जाता है।

सीएससी (CSC) सेंटर या ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन का तरीका

योजना में रजिस्ट्रेशन कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के साथ होता है:

स्टेज 1: मोबाइल और आधार ई-केवाईसी

आवेदक अपने नजदीकी सीएससी केंद्र पर जाकर अपने आधार और आधार से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट देकर सत्यापन कराएगा।

स्टेज 2: कारीगरी ट्रेड और पारिवारिक विवरण का चयन

18 अधिसूचित ट्रेडों में से अपना मुख्य काम चुनें और परिवार के सदस्यों का विवरण भरें।

स्टेज 3: बैंक खाता और क्रेडिट सपोर्ट की मांग

अपना सक्रिय एकल बैंक खाता (IFSC कोड सहित) दर्ज करें और बताएं कि क्या आपको ₹1 लाख का लोन चाहिए या केवल ट्रेनिंग और टूलकिट चाहिए।

स्टेज 4: तीन स्तरीय सत्यापन प्रक्रिया (Three-Tier Verification)

  • स्तर 1: ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत प्रधान/मुखिया और शहरी क्षेत्रों में यूएलबी (नगर पालिका/निगम) द्वारा सत्यापन।
  • स्तर 2: जिला कार्यान्वयन समिति (District Implementation Committee) द्वारा स्क्रीनिंग।
  • स्तर 3: राष्ट्रीय स्क्रीनिंग समिति द्वारा अंतिम अनुमोदन।

बेसिक और एडवांस स्किल ट्रेनिंग: सर्टिफिकेट और पीएम विश्वकर्मा आईडी कार्ड कैसे पाएं?

सत्यापन सफल होने के बाद, कौशल विकास मंत्रालय (MSDE) के मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण केंद्रों (PMKK/ITI) में 40 घंटे (5 से 7 दिन) का बेसिक स्किलिंग प्रोग्राम आयोजित किया जाता है। इसमें आधुनिक मशीनों के इस्तेमाल, सुरक्षा मानकों और बाजार की मांग के अनुसार काम करने की ट्रेनिंग दी जाती है। कोर्स पूरा होने पर डिजिटल पोर्टल pmvishwakarma.gov.in से प्रमाण पत्र और आईडी कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है।


₹15,000 का टूलकिट ई-वाउचर कैसे रिडीम करें? (स्वीकृत ई-कॉमर्स व वेंडर्स)

बेसिक ट्रेनिंग पूरी करते ही लाभार्थी के मोबाइल पर नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) द्वारा जनरेट किया गया ₹15,000 का e-RUPI डिजिटल वाउचर भेजा जाता है:

  • यह वाउचर केवल अधिकृत टूल्स और इक्विपमेंट वेंडर्स पर ही रिडीम हो सकता है (जैसे हार्डवेयर स्टोर्स, GeM पोर्टल या एमएसएमई-अनुमोदित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म)।
  • दुकानदार को क्यूआर कोड या एसएमएस कोड दिखाकर कारीगर अपने ट्रेड के उच्च गुणवत्ता वाले आधुनिक औजार प्राप्त करता है। इस पैसे को शराब, राशन या कैश में नहीं बदला जा सकता।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या परिवार में एक से अधिक कारीगर इसका लाभ ले सकते हैं?

A. नहीं। योजना के दिशानिर्देशों के अनुसार 'एक परिवार, एक लाभार्थी' का नियम लागू है। परिवार की परिभाषा में पति, पत्नी और अविवाहित बच्चे शामिल हैं।

Q. क्या सरकारी नौकरी वाले परिवार के सदस्य इसमें आवेदन कर सकते हैं?

A. नहीं। यदि परिवार का कोई भी सदस्य केंद्र या राज्य सरकार की सेवा में है या सरकारी पेंशन प्राप्त कर रहा है, तो वह परिवार इस योजना के लिए अपात्र होगा।

Q. लोन न चुकाने पर क्या कानूनी कार्रवाई होती है?

A. यह लोन बिना गारंटी का जरूर है लेकिन यह कोई सरकारी खैरात या माफी योग्य अनुदान नहीं है। डिफ़ॉल्ट करने पर आपका सिबिल (CIBIL) स्कोर खराब हो जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी बैंक से लोन या क्रेडिट कार्ड नहीं मिल सकेगा और बैंक रिकवरी प्रक्रिया शुरू कर सकता है।

Q. वेरिफिकेशन रिजेक्ट होने पर दोबारा अपील कहां करें?

A. यदि ग्राम पंचायत स्तर पर आपका आवेदन गलत कारणों से रिजेक्ट हो गया है, तो आप अपने जिले के जिला उद्योग केंद्र (DIC - District Industries Centre) के महाप्रबंधक (GM) से मिलकर भौतिक साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं।

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