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Skill Master: GeM Portal पर सेलर रजिस्ट्रेशन और सरकारी ऑर्डर पाने की संपूर्ण प्रैक्टिकल गाइड

RM
राजेश कुमार मीना
नीति, ग्रामीण विकास & डिजिटल पेमेंट विशेषज्ञ

विगत 8 वर्षों से केंद्र व राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), ग्रामीण विकास एवं डिजिटल भुगतान प्रणालियों पर निरंतर शोधपरक विश्लेषण।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM - gem.gov.in) केंद्र और राज्य सरकारों, मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए आधिकारिक राष्ट्रीय पोर्टल है। कोई भी छोटा दुकानदार, निर्माता या सर्विस प्रोवाइडर आधार, पैन और बैंक खाते के जरिए GeM पर मुफ्त में सेलर अकाउंट बनाकर सीधे सरकारी विभागों को बिना किसी बिचौलिए के अपना माल बेच सकता है।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM - gem.gov.in) केंद्र और राज्य सरकारों, मंत्रालयों और सार्वजनिक उपक्रमों द्वारा वस्तुओं और सेवाओं की खरीद के लिए आधिकारिक राष्ट्रीय...
खरीद का प्रकार खरीद मूल्य सीमा विक्रेता चयन का आधार सरकारी विभाग की प्रक्रिया डिलीवरी समयसीमा
डायरेक्ट परचेज (Direct Purchase) ₹25,000 तक गुणवत्ता व उचित मूल्य बिना टेंडर किसी भी लिस्टेड सेलर को सीधा ऑर्डर 10 से 15 दिन
L-1 कम्पेरिजन (L-1 Purchase) ₹25,000 से ₹5,00,000 सबसे कम बोली लगाने वाला (Lowest 1) कम से कम 3 अलग-अलग निर्माताओं का ऑनलाइन कम्पेरिजन 15 से 30 दिन
ई-बिडिंग / रिवर्स ऑक्शन (Bids/RA) ₹5,00,000 से ऊपर ओपन ऑनलाइन टेंडर बिडिंग पोर्टल पर टेंडर पब्लिश होता है, सभी सेलर बोली लगाते हैं टेंडर शर्त अनुसार

GeM क्या है और यह छोटे व्यापारियों की किस्मत कैसे बदल रहा है?

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय द्वारा संचालित gem.gov.in भारत सरकार का आधिकारिक ई-कॉमर्स पोर्टल है, जैसे Amazon या Flipkart आम ग्राहकों के लिए है। अंतर सिर्फ इतना है कि यहां खरीदार (Buyer) केवल सरकारी अधिकारी होते हैं और विक्रेता (Seller) देश का कोई भी नागरिक या पंजीकृत व्यापार हो सकता है।

  • बिचौलियों का पूरी तरह खात्मा: सीधे सरकार को बिलिंग और सीधे आपके बैंक खाते में भुगतान।
  • पब्लिक प्रोक्योरमेंट पॉलिसी: केंद्रीय नियमों के तहत हर सरकारी विभाग के लिए अपनी कुल खरीद का न्यूनतम 25% हिस्सा सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSME) से खरीदना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

GeM पर कौन बेच सकता है?

  • छोटे खुदरा व थोक दुकानदार (Retailers & Wholesalers): स्टेशनरी, प्रिंटर कार्ट्रिज, पंखे, लाइट, सफाई का सामान।
  • मूल निर्माता (OEMs - Original Equipment Manufacturers): फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, कपड़े, मेडिकल उपकरण।
  • सर्विस प्रोवाइडर्स (सेवा प्रदाता): मैनपावर हायरिंग, सुरक्षा गार्ड, वाहन रेंटल, आईटी सॉफ्टवेयर सपोर्ट, हाउसकीपिंग।
  • स्टार्टअप्स और महिला उद्यमी: विशेष छूट और 'Womaniya on GeM' पहल के तहत प्राथमिकता।

सेलर रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी 5 चीज़ें

रजिस्ट्रेशन शुरू करने से पहले ये पांच दस्तावेज अपने पास डिजिटल रूप में रखें:

  1. आधार कार्ड: प्रोप्राइटर/अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता का आधार कार्ड, जिसमें एक्टिव मोबाइल नंबर लिंक हो।
  2. पैन कार्ड (PAN Card): व्यक्तिगत पैन (प्रोपराइटरशिप के लिए) या कंपनी/फर्म का पैन।
  3. उद्यम रजिस्ट्रेशन (Udyam Registration): एमएसएमई मंत्रालय का फ्री उद्यम सर्टिफिकेट (टेंडर फीस में छूट पाने हेतु)।
  4. जीएसटी नंबर (GSTIN): यदि आपके राज्य में जीएसटी लागू है या टर्नओवर सीमा पार है।
  5. सक्रिय बैंक खाता: बैंक का नाम, खाता संख्या और IFSC कोड (कैंसल चेक या पासबुक)।

gem.gov.in पर स्टेप-बाय-स्टेप सेलर अकाउंट बनाने का तरीका

पोर्टल पर सेलर बनने की पूरी प्रक्रिया निःशुल्क है:

[gem.gov.in खोलें] ➔ [Sign Up > Seller] ➔ [Business Type चुनें] ➔ [Aadhaar & PAN लाइव ई-वेरिफिकेशन] ➔ [Caution Money जमा करें] ➔ [100% प्रोफाइल कंप्लीशन]

स्टेप 1: संगठन का प्रकार चुनना

पोर्टल के टॉप मेनू में 'Sign Up > Seller' पर क्लिक करें। अपने व्यवसाय का प्रकार चुनें:

  • Proprietorship (एकल स्वामित्व)
  • Partnership Firm (साझेदारी)
  • Private Limited Company
  • Trust / Society

स्टेप 2: आधार और पैन का लाइव ई-सत्यापन

अधिकृत व्यक्ति का आधार नंबर दर्ज करें। आधार लिंक्ड मोबाइल पर आए ओटीपी से ई-साइन पूरा करें। इसके बाद पैन नंबर और जन्मतिथि/स्थापना तिथि दर्ज कर आयकर विभाग के डेटाबेस से मिलान कराएं।

स्टेप 3: बैंक विवरण और सुरक्षा जमा (Caution Money Deposit) नियम

अपना बैंक खाता जोड़ें। GeM के नियमों के अनुसार फर्जी बिडिंग रोकने के लिए प्रत्येक नए सेलर को अपने टर्नओवर के अनुसार पोर्टल के वर्चुअल बैंक खाते में एक बार कॉशन मनी (Caution Money Deposit) जमा करनी होती है।

स्टेप 4: विक्रेता प्रोफाइल को 100% पूरा करना

अपना पंजीकृत व्यावसायिक पता, टैक्स असेसमेंट विवरण और उद्यम नंबर दर्ज करें। जब तक प्रोफाइल स्कोर 100% नहीं होता, तब तक आप प्रोडक्ट लिस्ट नहीं कर सकते।


GeM पोर्टल पर प्रोडक्ट और सर्विस लिस्टिंग (कैटलॉग क्रिएशन) कैसे करें?

रजिस्ट्रेशन के बाद अपनी दुकान का सामान डिस्प्ले करें:

  1. कैटलॉग पेयरिंग (Catalogue Pairing): यदि आपका प्रोडक्ट पहले से GeM पर मौजूद किसी ब्रांडेड मॉडल जैसा है (जैसे HP Laser Printer 1020), तो आप केवल सर्च करके अपनी कीमत (Offer Price) और स्टॉक क्वांटिटी डालकर 1 मिनट में लाइव हो सकते हैं।
  2. नया प्रोडक्ट अपलोड (New Listing): यदि आप अपना खुद का उत्पाद या ब्रांड बेचते हैं, तो उत्पाद की 3 स्पष्ट तस्वीरें, तकनीकी स्पेसिफिकेशन (Specifications) और आईएसआई/बीआईएस सर्टिफिकेट अपलोड करें। GeM की टेक्निकल टीम 48 घंटे में इसे अप्रूव कर देती है।

सरकारी विभाग ऑर्डर कैसे देते हैं?

सरकारी खरीद नियमों (GFR 2017) के तहत खरीद के तीन मुख्य तरीके हैं:

खरीद का प्रकार खरीद मूल्य सीमा विक्रेता चयन का आधार सरकारी विभाग की प्रक्रिया डिलीवरी समयसीमा
डायरेक्ट परचेज (Direct Purchase) ₹25,000 तक गुणवत्ता व उचित मूल्य बिना टेंडर किसी भी लिस्टेड सेलर को सीधा ऑर्डर 10 से 15 दिन
L-1 कम्पेरिजन (L-1 Purchase) ₹25,000 से ₹5,00,000 सबसे कम बोली लगाने वाला (Lowest 1) कम से कम 3 अलग-अलग निर्माताओं का ऑनलाइन कम्पेरिजन 15 से 30 दिन
ई-बिडिंग / रिवर्स ऑक्शन (Bids/RA) ₹5,00,000 से ऊपर ओपन ऑनलाइन टेंडर बिडिंग पोर्टल पर टेंडर पब्लिश होता है, सभी सेलर बोली लगाते हैं टेंडर शर्त अनुसार

भुगतान का नियम: सामान डिलीवर होने के बाद बैंक खाते में पैसा कब आता है? (CRAC नियम)

GeM पर व्यापारियों के लिए सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है CRAC (Consignee Receipt and Acceptance Certificate) नियम:

  1. जब आप सरकारी विभाग को सामान भेजते हैं, तो सरकारी अधिकारी को प्राप्ति के 10 दिनों के भीतर पोर्टल पर डिजिटल पावती (CRAC) जारी करनी होती है।
  2. CRAC जारी होने के 10 कार्यदिवसों के भीतर संबंधित सरकारी ट्रेजरी/पीएफएमएस (PFMS) द्वारा सीधे आपके बैंक खाते में 100% ऑनलाइन पेमेंट ट्रांसफर करना कानूनी रूप से बाध्यकारी है।
  3. यदि विभाग बिना उचित कारण भुगतान में 10 दिन से अधिक देरी करता है, तो GeM पोर्टल अधिकारी पर 1% प्रतिमाह का ब्याज जुर्माना लगा सकता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या बिना जीएसटी नंबर के GeM पर सेलर बना जा सकता है?

A. यदि आपका वार्षिक टर्नओवर जीएसटी की अनिवार्य सीमा (₹40 लाख गुड्स के लिए या ₹20 लाख सेवाओं के लिए) से कम है, तो आप 'GST Exempted Seller' के रूप में बिना जीएसटी नंबर के केवल पैन और उद्यम रजिस्ट्रेशन के आधार पर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

Q. कॉशन मनी (Caution Money) कितनी जमा करनी होती है और क्या यह रिफंडेबल है?

A. - ₹1 करोड़ से कम टर्नओवर वाले सेलर्स के लिए: **₹5,000** - ₹1 करोड़ से ₹10 करोड़ टर्नओवर वालों के लिए: **₹10,000** - ₹10 करोड़ से अधिक टर्नओवर वालों के लिए: **₹25,000** यह राशि एक ब्याज-मुक्त सुरक्षा जमा है। यदि आप भविष्य में कभी भी GeM पर अपना सेलर अकाउंट बंद करते हैं, तो यह पूरी राशि आपके बैंक खाते में वापस (Refundable) आ जाती है।

Q. एमएसएमई (MSME) और महिला उद्यमियों को GeM पर क्या विशेष छूट मिलती है?

A. उद्यम पंजीकृत एमएसएमई को सरकारी टेंडरों में **EMD (Earnest Money Deposit / बयाना राशि)** और टेंडर डॉक्यूमेंट फीस से 100% छूट मिलती है। इसके अलावा, L-1 से 15% तक ऊंची बोली लगाने पर भी 25% ऑर्डर एमएसएमई को मैचिंग प्राइस पर दिया जाता है।

Q. अगर कोई सरकारी विभाग समय पर भुगतान न करे तो कहां शिकायत करें?

A. GeM पोर्टल के डैशबोर्ड में जाकर **'Incident Management'** पर क्लिक करें और संबंधित विभाग के खिलाफ 'Payment Delay' का औपचारिक नोटिस फाइल करें। इसके अलावा आप एमएसएमई समाधान (MSME Samadhaan) पोर्टल पर भी ऑनलाइन विवाद दर्ज कर सकते हैं।

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