1. MoRTH और IT Act का आधिकारिक कानून: डिजिटल दस्तावेज की वैधानिकता
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम 139 और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 4 के तहत इलेक्ट्रॉनिक प्रारूप में प्रस्तुत दस्तावेजों को मूल कागजात के समतुल्य घोषित किया है। आधिकारिक स्रोत: parivahan.gov.in।
2. कौन से ऐप्स मान्य हैं और फोटो/व्हाट्सएप क्यों अमान्य हैं?
केवल DigiLocker और परिवहन विभाग का mParivahan ऐप कानूनी रूप से मान्य हैं क्योंकि ये सीधे सारथी और वाहन डेटाबेस से जुड़े होते हैं। फोन कैमरे की फोटो या व्हाट्सएप पीडीएफ मान्य नहीं है।
3. यदि लाइसेंस जब्त करना हो तो पुलिस कैसे करती है डिजिटल जब्ती?
ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ई-चालान डिवाइस में डीएल नंबर दर्ज कर डिजिटल जब्ती (Digital Seizure) करते हैं जो सीधे 'सारथी' डेटाबेस में अपडेट हो जाती है।
4. यदि ट्रैफिक पुलिस डिजिटल दस्तावेज मानने से मना करे तो क्या करें?
अधिकारी को MoRTH परिपत्र RT-11036/64/2017-MVL का संदर्भ दें और ऐप में मौजूद क्यूआर कोड को विभागीय डिवाइस से स्कैन करने का अनुरोध करें।