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जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) ऑनलाइन कैसे बनवाएं? SC, ST, OBC के नियम, दस्तावेज़ और सेंट्रल फॉर्मेट

अमित कुमार
अमित कुमार
वरिष्ठ विधिक एवं लोक सेवा सलाहकार

विधि स्नातक (LL.B.) और प्रशासनिक नियमों (DoPT, नागरिक अधिकार चार्टर, राजस्व संहिता) के विशेषज्ञ। विगत 8 वर्षों से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं, सिविल प्रमाण पत्रों, जाति, आय, निवास, और भूमि रिकॉर्ड प्रक्रियाओं पर प्रामाणिक तथ्य-जांच व विधिक मार्गदर्शन दे रहे हैं।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) राज्य सरकार के राजस्व विभाग द्वारा जारी वह वैधानिक प्रमाण पत्र है जो यह प्रमाणित करता है कि आवेदक भारत के संविधान के तहत अधिसूचित अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), या अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) से संबंधित है। इसे अपने राज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल (जैसे UP <code>edistrict.up.gov.in</code>, बिहार <code>serviceonline.bihar.gov.in</code>) से ऑनलाइन मात्र <strong>₹15 से ₹30</strong> में बनवाया जा सकता है। इसके लिए आधार कार्ड, स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र, परिवार के किसी सदस्य का पुराना जाति प्रमाण पत्र या खतौनी और फोटो आवश्यक होते हैं। SC और ST वर्ग का जाति प्रमाण पत्र <strong>आजीवन (Lifetime)</strong> मान्य होता है, जबकि OBC वर्ग के लिए नॉन-क्रीमी लेयर प्रमाण पत्र की अलग आवश्यकता होती है।

जानकारीविवरण
दस्तावेज़ का नामजाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate / Jati Praman Patra)
जारीकर्ता प्राधिकरणतहसीलदार / उप-जिला मजिस्ट्रेट (SDM) / राजस्व अधिकारी
संवैधानिक प्रावधानअनुच्छेद 341 (SC), अनुच्छेद 342 (ST), और केंद्रीय/राज्य OBC सूचियां
आवेदन का माध्यमऑनलाइन (e-District / RTPS) एवं ऑफलाइन (तहसील / CSC)
आधिकारिक पोर्टलराज्य ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल्स एवं National Government Services
निर्धारित समय सीमा10 से 15 कार्यदिवस
सरकारी शुल्क₹15 से ₹30 (पोर्टल सिटिज़न लॉगिन)
प्रमाण पत्र की वैधताSC/ST: आजीवन (Lifetime) \OBC: नॉन-क्रीमी लेयर 1 से 3 वर्ष
डिजिटल डाउनलोडउपलब्ध (QR कोड एवं डिजिटल हस्ताक्षर सहित / DigiLocker)

1. जाति प्रमाण पत्र क्या है और यह क्यों आवश्यक है?

जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) ऑनलाइन कैसे बनवाएं? SC, ST, OBC के नियम, दस्तावेज़ और सेंट्रल फॉर्मेट
चित्र: जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) ऑनलाइन कैसे बनवाएं? SC, ST, OBC के नियम, दस्तावेज़ और सेंट्रल फॉर्मेट बनवाने की आधिकारिक सरकारी प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की वैधानिक गाइड।

जाति प्रमाण पत्र किसी नागरिक के उस विशिष्ट सामाजिक वर्ग का प्रमाण है जिसके लिए भारतीय संविधान और सरकार द्वारा विशेष सकारात्मक कल्याणकारी उपाय किए गए हैं।

  • सरकारी नौकरियों में लाभ: यूपीएससी (UPSC), एसएससी (SSC), रेलवे, बैंकिंग और राज्य लोक सेवा आयोगों में पदों पर आरक्षण और आयु सीमा में छूट पाने हेतु।
  • शिक्षा में आरक्षण: आईआईटी, एनआईटी, एम्स और केंद्रीय/राज्य विश्वविद्यालयों में दाखिले हेतु कट-ऑफ में रियायत।
  • छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति: समाज कल्याण विभाग द्वारा दी जाने वाली पोस्ट-मैट्रिक और प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए अनिवार्य।
  • सरकारी योजनाएं: आरक्षित वर्ग के लिए स्वरोजगार ऋण, आवास सब्सिडी और मुफ्त कोचिंग योजनाओं का लाभ।

2. राज्य स्तरीय बनाम केंद्रीय जाति प्रमाण पत्र में अंतर

अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्र इस अंतर को नहीं समझ पाते और उनका फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है:

  • राज्य स्तरीय जाति प्रमाण पत्र (State Format): यह आपके गृह राज्य की सरकारी नौकरियों (जैसे राज्य पुलिस, शिक्षक भर्ती, पटवारी) और राज्य विश्वविद्यालयों में आरक्षण के लिए मान्य होता है। इसमें राज्य सरकार की गजट अधिसूचना का हवाला होता है।
  • केंद्रीय जाति प्रमाण पत्र (Central Format): यह केंद्र सरकार की नौकरियों (जैसे SSC, Railways, Defense, Central Armed Police Forces) और केंद्रीय संस्थानों (IIT, IIM, AIIMS, DU) के लिए अनिवार्य होता है। इसमें 'Government of India' का फॉर्मेट होता है और संसद द्वारा अधिसूचित केंद्रीय सूची का संदर्भ होता है।
  • सलाह: हमेशा पहले राज्य का जाति प्रमाण पत्र बनवाएं, उसके आधार पर तहसील से उसी संदर्भ संख्या पर सेंट्रल फॉर्मेट वाला प्रमाण पत्र आसानी से जारी हो जाता है।
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3. विवाहित महिलाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण नियम

सर्वोच्च न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णयों के अनुसार, "आरक्षण का अधिकार जन्म से मिलता है, विवाह से नहीं।"

  • किसी भी महिला की जाति उसके पिता की जाति से निर्धारित होती है, पति की जाति से नहीं।
  • अतः विवाहित महिला का जाति प्रमाण पत्र हमेशा उसके पिता के नाम, पिता के स्थायी पते और पिता के जाति साक्ष्य के आधार पर ही उसके मायके की तहसील/राज्य से जारी होना चाहिए।
  • यदि प्रमाण पत्र में पति का नाम और ससुराल का पता लिख दिया जाए, तो वह सरकारी नौकरी के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) में पूरी तरह अमान्य कर दिया जाता है।

4. जरूरी दस्तावेज़ों की सूची

दस्तावेज़विवरणमूल/कॉपीअनिवार्यता
आवेदक का आधार कार्डपहचान एवं पता प्रमाणस्व-प्रमाणित फोटोकॉपीअनिवार्य
पारिवारिक जाति साक्ष्यपिता/भाई/चाचा का पूर्व में जारी जाति प्रमाण पत्रफोटोकॉपीअत्यंत महत्वपूर्ण
राजस्व खतौनी / पुरानी जमाबंदीवर्ष 1950/1967 से पूर्व का पैतृक भूमि या निवास रिकॉर्डफोटोकॉपीSC/ST हेतु अनुशंसित
स्व-प्रमाणित घोषणा पत्रपोर्टल से डाउनलोड किया हुआ हस्ताक्षरित फॉर्ममूल कॉपीअनिवार्य
पासपोर्ट साइज रंगीन फोटोप्रमाण पत्र पर मुद्रण हेतुडिजिटल कॉपी (<50KB)अनिवार्य
प्रधान / सभासद प्रमाण पत्रग्रामीण/शहरी क्षेत्र में जाति और निवास का स्थानीय सत्यापनहस्ताक्षरित पत्रसहायक साक्ष्य

5. ऑनलाइन आवेदन करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

  1. ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल खोलें: अपने राज्य के आधिकारिक ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल (जैसे उत्तर प्रदेश: edistrict.up.gov.in, मध्य प्रदेश: mpedistrict.gov.in, बिहार: serviceonline.bihar.gov.in) पर जाएं।
  2. सिटिजन लॉगिन: अपनी यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें (नए उपयोगकर्ता 'Citizen Registration' से खाता बनाएं)।
  3. 'जाति प्रमाण पत्र' चुनें: सेवाओं की सूची में अपनी श्रेणी चुनें (जैसे: जाति प्रमाण पत्र - अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग)।
  4. आवेदन फॉर्म भरें:
  • ग्रामीण अथवा नगरीय क्षेत्र का चयन करें।
  • प्रार्थी का नाम, पिता का नाम (अविवाहित व विवाहित दोनों के लिए पिता का नाम आवश्यक), और माता का नाम लिखें।
  • जाति और उप-जाति (Sub-caste) का सटीक चयन सूची से करें।
  • स्थायी पता दर्ज करें।
  1. दस्तावेज़ अपलोड करें: फोटो, स्व-प्रमाणित घोषणा पत्र, आधार कार्ड और परिवार का पुराना जाति प्रमाण पत्र अपलोड करें।
  2. ऑनलाइन फीस भुगतान: ₹15 का शुल्क UPI, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग से जमा करें।
  3. रसीद सुरक्षित करें: भुगतान के बाद प्राप्त आवेदन संख्या (Application Number) को नोट कर लें।

6. ऑफलाइन / तहसील में आवेदन का तरीका

ऑफलाइन बनवाने के लिए तहसील कार्यालय के राजस्व काउंटर या ब्लॉक स्थित जन सुविधा केंद्र (CSC) पर जाएं। जाति प्रमाण पत्र का फॉर्म-1 भरें, सभी दस्तावेज़ों की स्व-प्रमाणित प्रतियां संलग्न करें और निर्धारित ₹30 शुल्क देकर पावती रसीद प्राप्त करें।

7. राजस्व विभाग की फील्ड वेरिफिकेशन प्रक्रिया

ऑनलाइन फॉर्म सबमिट होते ही यह संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल (पटवारी) को अग्रसारित हो जाता है। लेखपाल गांव/मोहल्ले में जाकर आवेदक की पारिवारिक वंशावली (Genealogy) और स्थानीय जाति रिकॉर्ड की जांच करता है। संतुष्ट होने पर वह अपनी संस्तुति कानूनगो और तहसीलदार को भेजता है, जिसके बाद डिजिटल सिग्नेचर से सर्टिफिकेट जारी हो जाता है।

8. आवेदन की स्थिति (Status) ट्रैक कैसे करें?

  • ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के होमपेज पर 'आवेदन की स्थिति' लिंक पर क्लिक करें।
  • अपनी आवेदन संख्या डालें और स्थिति देखें।
  • यदि लेखपाल ने कोई आपत्ति (Objection) लगाई है (जैसे पुराना साक्ष्य अधूरा), तो वह भी स्थिति में स्पष्ट दिखाई देती है।

9. डिजिटल जाति प्रमाण पत्र डाउनलोड और DigiLocker में सुरक्षित करना

  • आवेदन स्वीकृत होते ही सिटिज़न पोर्टल के 'निस्तारित आवेदन' सेक्शन से डिजिटल हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र PDF डाउनलोड करें।
  • DigiLocker: DigiLocker ऐप खोलें $\rightarrow$ 'Caste Certificate' सर्च करें $\rightarrow$ अपना राज्य राजस्व विभाग चुनें $\rightarrow$ एप्लीकेशन नंबर दर्ज करके फेच करें। यह हमेशा के लिए डिजिटल लॉकर में सेव हो जाएगा।

10. वैधता और नवीनीकरण के नियम

  • SC और ST प्रमाण पत्र: एक बार जारी होने के बाद आजीवन (Lifetime) वैध रहता है। इसे दोबारा बनवाने की आवश्यकता नहीं होती।
  • OBC क्रीमीलेयर / नॉन-क्रीमीलेयर (OBC-NCL): आरक्षण केवल नॉन-क्रीमीलेयर (वार्षिक पारिवारिक आय ₹8 लाख से कम) को मिलता है। चूंकि आय हर तीन साल में बदल सकती है, अतः ओबीसी प्रमाण पत्र की वैधता सामान्यतः 3 वित्तीय वर्षों की होती है, जिसके बाद नया आय सत्यापन देकर इसे नवीनीकृत कराना होता है।

11. आवेदन निरस्त होने पर क्या करें? (Appeal Process)

यदि लेखपाल ने बिना ठोस कारण के आपकी जाति को असत्यापित मानकर आवेदन निरस्त कर दिया है:

  • पोर्टल से निरस्तीकरण आदेश की प्रति निकालें।
  • 30 दिनों के भीतर अपने जिले के उप-जिला मजिस्ट्रेट (SDM कोर्ट) के समक्ष अपील दाखिल करें।
  • पैतृक खतौनी या पुराने स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) जिसमें पूर्वजों की जाति अंकित हो, प्रस्तुत करें। एसडीएम के आदेश पर प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।

13. आधिकारिक स्रोत (Official Sources)

  • सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय: socialjustice.gov.in
  • राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC): ncbc.nic.in
  • राष्ट्रीय सरकारी सेवा पोर्टल: services.india.gov.in

Information Last Verified: 16 सितंबर 2026

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. यदि परिवार में किसी का भी पुराना जाति प्रमाण पत्र न हो, तो क्या करें?

A. ऐसी स्थिति में परिवार की पुरानी भूमि खतौनी (1950 से पूर्व की), परिवार रजिस्टर की नकल, स्कूल की पुरानी टीसी या स्थानीय ग्राम प्रधान/पार्षद द्वारा जारी वंशावली सत्यापन पत्र लगाकर लेखपाल से फील्ड जांच कराई जाती है।

Q. क्या धर्म परिवर्तन करने पर जाति प्रमाण पत्र मान्य रहता है?

A. संविधान के अनुसार हिंदू, सिख और बौद्ध धर्म के अनुयायियों को ही अनुसूचित जाति (SC) का दर्जा प्राप्त है। यदि कोई व्यक्ति अन्य धर्म अपनाता है, तो SC आरक्षण का लाभ समाप्त हो जाता है, यद्यपि अनुसूचित जनजाति (ST) के मामले में धर्म परिवर्तन से जनजाति का दर्जा समाप्त नहीं होता।

Q. सेंट्रल फॉर्मेट का ओबीसी प्रमाण पत्र कैसे बनता है?

A. जब आपका राज्य स्तरीय ओबीसी प्रमाण पत्र बन जाए, तो उसी के आधार पर तहसील में जाकर 'Government of India Format' के प्रोफार्मा पर तहसीलदार/एसडीएम से प्रतिहस्ताक्षर (Counter Signature) करा लिया जाता है।

Q. क्या जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate) कैसे बनवाएं? SC, ST, OBC के नियम, दस्तावेज़ और सेंट्रल फॉर्मेट को डिजिलॉकर (DigiLocker) में रखना कानूनी रूप से मान्य है?

A. हाँ, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आईटी नियम 2016 के नियम 9A के तहत डिजिलॉकर में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज को मूल भौतिक कागजात के बराबर 100% कानूनी मान्यता प्राप्त है।

Q. इस प्रमाण पत्र / कार्ड की आधिकारिक वैधता (Validity) कितने समय की होती है?

A. अधिकांश सरकारी पहचान और सिविल प्रमाण पत्र (जैसे आधार, जन्म, जाति, निवास) आजीवन (Lifetime) मान्य होते हैं, जबकि आय प्रमाण पत्र सामान्यतः 3 वर्ष और ईडब्ल्यूएस 1 वित्तीय वर्ष के लिए मान्य होता है।