1. EWS प्रमाण पत्र क्या है और इसका संवैधानिक प्रावधान क्या है?
केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2019 में 103वें संविधान संशोधन के माध्यम से उन सामान्य वर्ग (अनारक्षित श्रेणी) के नागरिकों के लिए 10% आरक्षण का प्रावधान किया गया, जो SC, ST या OBC आरक्षण के दायरे में नहीं आते।
- लाभ: यूपीएससी (UPSC), एसएससी (SSC), बैंक, रेलवे, रक्षा सेनाओं और नीट (NEET), जेईई (JEE), आईआईएम (IIM) जैसे उच्च शिक्षण संस्थानों में सामान्य वर्ग के कट-ऑफ से काफी कम अंकों पर चयन का अवसर मिलता है।
2. EWS पात्रता मानदंड: आय और संपत्ति की 4 सख्त शर्तें
EWS आरक्षण का लाभ केवल उन्हीं उम्मीदवारों को मिलता है जो निम्नलिखित चारों शर्तों को एक साथ पूरा करते हैं:
- पारिवारिक वार्षिक आय: परिवार की सभी स्रोतों (वेतन, कृषि, व्यवसाय, पेंशन आदि) से कुल सकल वार्षिक आय ₹8,00,000 (आठ लाख रुपये) से कम होनी चाहिए (आवेदन के वर्ष से ठीक पहले के वित्तीय वर्ष की आय गिनी जाती है)।
- कृषि भूमि की सीमा: परिवार के पास कुल मिलाकर 5 एकड़ या उससे अधिक कृषि भूमि नहीं होनी चाहिए।
- आवासीय फ्लैट: परिवार के पास 1000 वर्ग फीट या उससे अधिक का आवासीय फ्लैट (Residential Flat) नहीं होना चाहिए।
- आवासीय भूखंड (Residential Plot):
- अधिसूचित नगर पालिकाओं (Notified Municipalities) में 100 वर्ग गज (900 वर्ग फीट) या उससे अधिक का प्लॉट नहीं होना चाहिए।
- गैर-अधिसूचित ग्रामीण/कस्बाई क्षेत्रों में 200 वर्ग गज (1800 वर्ग फीट) या उससे अधिक का प्लॉट नहीं होना चाहिए।
यदि किसी परिवार के पास विभिन्न स्थानों पर संपत्तियां हैं, तो पात्रता जांचते समय उन सभी संपत्तियों का क्षेत्रफल आपस में जोड़ा (Club) जाएगा।
3. परिवार (Family) की परिभाषा में कौन-कौन शामिल होता है?
डीओपीटी (DoPT) की गाइडलाइंस के अनुसार EWS के लिए परिवार में निम्नलिखित सदस्य शामिल होते हैं:
- स्वयं आवेदक (उम्मीदवार)।
- आवेदक के माता और पिता।
- आवेदक के 18 वर्ष से कम आयु के सभी भाई और बहन।
- आवेदक के पति या पत्नी (विवाहित होने पर)।
- आवेदक के 18 वर्ष से कम आयु के बच्चे।
(नोट: 18 वर्ष से अधिक आयु के भाई-बहन की आय EWS परिवार आय में नहीं जोड़ी जाती।)
4. जरूरी दस्तावेज़ों की सूची
| दस्तावेज़ | प्रकार | विवरण | मूल/कॉपी |
|---|---|---|---|
| आधार कार्ड | पहचान व पता | आवेदक और माता-पिता का आधार | फोटोकॉपी |
| पैन कार्ड | वित्तीय रिकॉर्ड | आवेदक व कमाने वाले सदस्यों का पैन | फोटोकॉपी |
| आय प्रमाण पत्र / ITR | आय साक्ष्य | 3 साल का ITR या तहसीलदार द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र | अनिवार्य |
| भूमि एवं संपत्ति रिकॉर्ड | संपत्ति साक्ष्य | खतौनी, मकान की रजिस्ट्री या नगर पालिका हाउस टैक्स रसीद | अनिवार्य |
| बैंक खाता विवरण (Bank Statement) | वित्तीय साक्ष्य | पिछले 6 माह का बैंक स्टेटमेंट | फोटोकॉपी |
| स्व-प्रमाणित शपथ पत्र (Affidavit) | शपथ पत्र | ₹10 या ₹100 के स्टांप पर नोटरीकृत संपत्ति घोषणा | मूल कॉपी |
| पासपोर्ट साइज फोटो | फोटोग्राफ | आवेदक का रंगीन फोटो | 2 प्रतियां |
5. ऑनलाइन आवेदन करने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
- राज्य ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल खोलें: (जैसे उत्तर प्रदेश
edistrict.up.gov.in, बिहारserviceonline.bihar.gov.in). - लॉगिन करें: सिटिज़न लॉगिन द्वारा डैशबोर्ड में प्रवेश करें।
- 'EWS प्रमाण पत्र' का चयन करें: राजस्व प्रमाण पत्र सेवाओं में 'ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग)' चुनें।
- फॉर्म भरें:
- आवेदक का नाम, पिता/पति का नाम, जाति (सामान्य वर्ग की उपजाति जैसे ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य आदि).
- परिवार के सभी सदस्यों का विवरण और उनकी वार्षिक आय दर्ज करें।
- परिवार के स्वामित्व वाली भूमि और मकान का विवरण स्पष्ट भरें।
- दस्तावेज़ अपलोड करें: आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, खतौनी/रजिस्ट्री और नोटरी शपथ पत्र की PDF अपलोड करें।
- सरकारी फीस जमा करें: ₹15 से ₹30 का शुल्क ऑनलाइन पे करें।
- रसीद प्रिंट करें: आवेदन संदर्भ संख्या नोट करें।
6. ऑफलाइन / तहसील में फॉर्म भरने की प्रक्रिया
अधिकांश राज्यों में EWS ऑफलाइन माध्यम से अधिक त्वरित रूप से बनता है:
- तहसील से EWS आवेदन का प्रोफार्मा (Form Annexure-A) प्राप्त करें।
- फॉर्म भरकर उसके साथ सभी दस्तावेज़ और ₹10 का नोटरी शपथ पत्र संलग्न करें।
- अपने क्षेत्र के लेखपाल (पटवारी) से मिलकर अपनी भूमि व आय का स्थलीय सत्यापन कराएं।
- लेखपाल की आख्या के बाद पत्रावली कानूनगो होते हुए तहसीलदार/एसडीएम कार्यालय में जमा होगी, जहां से डिजिटल हस्ताक्षर युक्त EWS प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है।
7. EWS प्रमाण पत्र की वैधता और वित्तीय वर्ष का नियम
- EWS प्रमाण पत्र हमेशा एक वित्तीय वर्ष (1 अप्रैल से 31 मार्च) के लिए ही मान्य होता है।
- उदाहरण के लिए, यदि प्रमाण पत्र सितंबर 2026 में जारी हुआ है, तो इसकी वैधता केवल 31 मार्च 2027 तक रहेगी। 1 अप्रैल 2027 को सरकारी नौकरियों के लिए नया प्रमाण पत्र बनवाना अनिवार्य होगा।
- केंद्र सरकार की भर्तियों में विज्ञापन वर्ष से पूर्व वित्तीय वर्ष की आय (Preceding Financial Year) का प्रमाण पत्र मांगा जाता है।
8. स्टेट फॉर्मेट बनाम सेंट्रल फॉर्मेट (State vs Central EWS)
- सेंट्रल EWS: केंद्र सरकार के DoPT के आधिकारिक प्रारूप में जारी होता है (Government of India format). यह UPSC, SSC, Railways और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में मान्य है।
- स्टेट EWS: राज्य सरकार की नौकरियों हेतु राज्य के प्रारूप में जारी होता है। कुछ राज्यों में भूमि के मापदंडों में मामूली छूट दी गई है।
9. आवेदन रिजेक्ट होने के प्रमुख कारण
- संपत्ति का विवरण छुपाना या गलत आय घोषणा करना।
- परिवार के सभी सदस्यों की सम्मिलित आय ₹8 लाख से अधिक निकलना।
- नोटरी शपथ पत्र में निर्धारित कानूनी भाषा का न होना।
- नगर पालिका सीमा के भीतर 100 वर्ग गज से बड़ा प्लॉट होना।
11. आधिकारिक सरकारी स्रोत (Official Sources)
- कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT): dopt.gov.in
- सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय: socialjustice.gov.in
- राष्ट्रीय सरकारी सेवा पोर्टल: services.india.gov.in
Information Last Verified: 16 सितंबर 2026