1. UDID कार्ड क्या है और यह पुराने प्रमाण पत्र से बेहतर क्यों है?
पहले दिव्यांगजनों को हर जिले, राज्य या विभाग में अलग-अलग मेडिकल सर्टिफिकेट लेकर भटकना पड़ता था। केंद्र सरकार ने इस समस्या को समाप्त करने के लिए 'वन नेशन, वन डिसेबिलिटी कार्ड' के रूप में UDID (Unique Disability ID) प्रोजेक्ट शुरू किया है।
- राष्ट्रीय मान्यता: यह स्मार्ट कार्ड पूरे भारत के सभी अस्पतालों, परिवहन विभागों और मंत्रालयों में समान रूप से मान्य है।
- डिजिटल क्यूआर कोड: कार्ड पर चिप और क्यूआर कोड होता है, जिसे स्कैन करते ही दिव्यांगजन की पूरी मेडिकल हिस्ट्री ऑनलाइन खुल जाती है।
2. RPwD अधिनियम 2016 के तहत 21 मान्यता प्राप्त दिव्यांगताएं
दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत श्रेणियों को 7 से बढ़ाकर 21 कर दिया गया है:
- अंधापन (Blindness)
- कम दृष्टि (Low Vision)
- कुष्ठ रोग मुक्त (Leprosy Cured)
- बहरापन/श्रवण बाधित (Hearing Impairment)
- लोकोमोटर डिसेबिलिटी (चलने-फिरने में असमर्थता)
- बौनापन (Dwarfism)
- बौद्धिक अक्षमता (Intellectual Disability)
- मानसिक बीमारी (Mental Illness)
- ऑटिज्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (Autism)
- सेरेब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy)
- मस्कुलर डिस्ट्रॉफी (Muscular Dystrophy)
- क्रॉनिक न्यूरोलॉजिकल स्थितियां (Chronic Neurological Conditions)
- स्पेसिफिक लर्निंग डिसेबिलिटी (Dyslexia आदि)
- मल्टीपल स्केलेरोसिस (Multiple Sclerosis)
- भाषण और भाषा विकलांगता (Speech & Language Disability)
- थैलेसीमिया (Thalassemia)
- हीमोफीलिया (Hemophilia)
- सिकल सेल रोग (Sickle Cell Disease)
- बहु-विकलांगता (Multiple Disabilities)
- एसिड अटैक पीड़ित (Acid Attack Victims)
- पार्किंसंस रोग (Parkinson's Disease)
3. 40% बेंचमार्क दिव्यांगता का क्या अर्थ है?
किसी भी सरकारी योजना, छात्रवृत्ति, नौकरी में आरक्षण या मुफ्त उपकरण पाने के लिए मेडिकल बोर्ड द्वारा न्यूनतम 40% दिव्यांगता (Benchmark Disability) प्रमाणित होना कानूनी रूप से अनिवार्य है। 40% से कम दिव्यांगता होने पर पहचान पत्र तो बन सकता है, लेकिन कानूनी आरक्षण का लाभ नहीं मिलता।
4. UDID कार्ड धारक को मिलने वाले प्रमुख सरकारी लाभ
- रेलवे रियायत (Railway Concession): भारतीय रेलवे में दिव्यांगजन और उनके एक सहायक (Escort) को ट्रेन टिकट में 50% से 75% तक की भारी छूट।
- दिव्यांग पेंशन: राज्य सरकारों द्वारा प्रति माह ₹1,000 से ₹3,000 तक की प्रत्यक्ष मासिक पेंशन।
- सरकारी नौकरियों में आरक्षण: केंद्र व राज्य सरकार की सभी भर्तियों में 4% क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण और अधिकतम आयु में 10 वर्ष की छूट।
- उच्च शिक्षा में कोटा: सभी सरकारी कॉलेजों व विश्वविद्यालयों में न्यूनतम 5% आरक्षित सीटें।
- मुफ्त सहायक उपकरण (ADIP योजना): एलिम्को (ALIMCO) द्वारा मुफ्त ट्राइसाइकिल, मोटराइज्ड व्हीलचेयर, हियरिंग एड और कृत्रिम अंग।
- आयकर छूट: आयकर अधिनियम की धारा 80U के तहत ₹75,000 से ₹1,25,000 तक की टैक्स छूट।
5. जरूरी दस्तावेज़ों की चेकलिस्ट
| दस्तावेज़ | प्रकार | विवरण | अनिवार्यता |
|---|---|---|---|
| आवेदक का आधार कार्ड | पहचान व पता | बायोमेट्रिक पहचान सत्यापन | अनिवार्य |
| दिव्यांगता दर्शाने वाली फोटो | फोटोग्राफ | शरीर के प्रभावित अंग को स्पष्ट दर्शाती रंगीन फोटो | अनिवार्य |
| पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो | फोटोग्राफ | कार्ड पर मुद्रण हेतु साफ पासपोर्ट फोटो | अनिवार्य |
| हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान | हस्ताक्षर | सादे कागज पर हस्ताक्षर/अंगूठा स्कैन | अनिवार्य |
| पुराना मेडिकल सर्टिफिकेट (यदि हो) | पूर्व साक्ष्य | जिला अस्पताल द्वारा पहले जारी किया गया पर्चा | वैकल्पिक |
6. स्वावलंबन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
- आधिकारिक पोर्टल पर जाएं:
https://www.swavlambancard.gov.in/खोलें। - 'Apply for Disability Certificate & UDID Card' पर क्लिक करें।
- व्यक्तिगत विवरण भरें:
- आवेदक का नाम (हिंदी व अंग्रेजी में), पिता/माता का नाम, जन्म तिथि, लिंग और मोबाइल नंबर।
- पहचान प्रमाण के रूप में आधार नंबर दर्ज करें।
- पता विवरण भरें: वर्तमान और स्थायी पता, पिन कोड और गृह जनपद का चयन करें (उसी जनपद का जिला अस्पताल असेसमेंट के लिए अलॉट होगा)।
- दिव्यांगता विवरण भरें:
- अपनी दिव्यांगता का प्रकार चुनें (21 श्रेणियों में से)।
- दिव्यांगता जन्म से है या दुर्घटना के बाद, यह विवरण दर्ज करें।
- दस्तावेज़ और फोटो अपलोड करें:
- पासपोर्ट फोटो (<100KB), दिव्यांगता दर्शाने वाली फोटो, हस्ताक्षर/अंगूठा और आधार कार्ड अपलोड करें।
- सबमिट करें और रसीद लें: फॉर्म सबमिट होते ही एक UDID Enrolment Number (18-अंकीय) जनरेट होगा। इस पावती रसीद का प्रिंट निकाल लें।
7. जिला अस्पताल (CMO मेडिकल बोर्ड) द्वारा असेसमेंट
- ऑनलाइन आवेदन के बाद पोर्टल पर आपको जिला अस्पताल (District Hospital) में मेडिकल बोर्ड के समक्ष उपस्थित होने की तारीख व समय का एसएमएस मिलता है।
- निर्धारित दिन अपने सभी मूल कागज़ात, पुरानी मेडिकल रिपोर्ट्स और एनरोलमेंट रसीद लेकर जिला अस्पताल के दिव्यांग बोर्ड काउंटर पर जाएं।
- डॉक्टरों का विशेषज्ञ पैनल (हड्डी रोग विशेषज्ञ, ईएनटी, नेत्र रोग या मनोचिकित्सक) आपकी जांच करेगा और दिव्यांगता का सटीक प्रतिशत तय करेगा।
- मेडिकल बोर्ड अपनी रिपोर्ट सीधे पोर्टल पर डिजिटल रूप से अपलोड कर देता है।
8. आवेदन की स्थिति (Status) ट्रैक कैसे करें?
- स्वावलंबन पोर्टल पर 'Track Your Application Status' पर जाएं।
- अपना 18-अंकीय Enrolment Number या आधार नंबर डालें।
- स्थिति दिखेगी: Application Submitted, Medical Board Assessment Completed, या UDID Card Generated.
9. e-UDID कार्ड डाउनलोड और फिजिकल कार्ड की डिलीवरी
- e-UDID कार्ड डाउनलोड: स्वीकृत होते ही पोर्टल से डिजिटल हस्ताक्षरित दिव्यांग प्रमाण पत्र और e-UDID कार्ड रंगीन PDF में तुरंत डाउनलोड किया जा सकता है।
- फिजिकल प्लास्टिक कार्ड: केंद्र सरकार द्वारा लेमिनेटेड क्यूआर-कोड युक्त प्लास्टिक स्मार्ट UDID कार्ड डाक विभाग (India Post) द्वारा निःशुल्क सीधे आपके घर के पते पर डिलीवर कर दिया जाता है।
- DigiLocker: डिजीलॉकर ऐप में 'Department of Empowerment of Persons with Disabilities' सर्च करके अपना UDID नंबर डालकर इसे डिजिटल लॉकर में सुरक्षित रख सकते हैं।
10. अस्थायी दिव्यांगता का नवीनीकरण (Renewal)
- स्थायी दिव्यांगता: जिनका अंग विच्छेद हो चुका है या स्थायी क्षति है, उनका कार्ड 'आजीवन (Permanent)' बनता है।
- अस्थायी दिव्यांगता (Temporary): बच्चों में विकासशील विकार या उपचार योग्य बीमारियों में 1 से 5 वर्ष की वैधता का कार्ड बनता है। वैधता समाप्त होने से 3 माह पूर्व स्वावलंबन पोर्टल पर 'Apply for UDID Renewal' में जाकर दोबारा मेडिकल बोर्ड से जांच कराकर कार्ड रिन्यू कराना होता है।
12. आधिकारिक सरकारी स्रोत (Official Sources)
- स्वावलंबन राष्ट्रीय दिव्यांगता पोर्टल: swavlambancard.gov.in
- दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD): disabilityaffairs.gov.in
- राष्ट्रीय सरकारी सेवा पोर्टल: services.india.gov.in
Information Last Verified: 16 सितंबर 2026