documents ⏱️ 5 मिनट पढ़ें 📅 16 सितंबर 2026

विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) ऑनलाइन कैसे बनवाएं? नए नियम, जरूरी दस्तावेज़, फीस और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया

अमित कुमार
अमित कुमार
वरिष्ठ विधिक एवं लोक सेवा सलाहकार

विधि स्नातक (LL.B.) और प्रशासनिक नियमों (DoPT, नागरिक अधिकार चार्टर, राजस्व संहिता) के विशेषज्ञ। विगत 8 वर्षों से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं, सिविल प्रमाण पत्रों, जाति, आय, निवास, और भूमि रिकॉर्ड प्रक्रियाओं पर प्रामाणिक तथ्य-जांच व विधिक मार्गदर्शन दे रहे हैं।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) राज्य सरकार के स्टाम्प एवं निबंधन विभाग (उप-निबंधक कार्यालय / Sub-Registrar Office) द्वारा जारी किया जाने वाला आधिकारिक वैधानिक दस्तावेज़ है, जो दो व्यक्तियों के वैवाहिक संबंध को कानूनी मान्यता प्रदान करता है। इसे राज्य के आधिकारिक IGRS पोर्टल (जैसे उत्तर प्रदेश में <code>igrsup.gov.in</code>, दिल्ली में <code>edistrict.delhigovt.nic.in</code>, बिहार में <code>serviceonline.bihar.gov.in</code>) पर ऑनलाइन आवेदन करके बनवाया जा सकता है। इसके लिए वर-वधू का आधार कार्ड, आयु प्रमाण, शादी का निमंत्रण कार्ड, शादी की संयुक्त तस्वीरें और <strong>2 से 3 गवाहों</strong> के पहचान पत्र आवश्यक होते हैं। ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में बायोमेट्रिक सत्यापन होता है और उसी दिन या 7 दिनों में डिजिटल प्रमाण पत्र जारी हो जाता है।

जानकारीविवरण
दस्तावेज़ का नामविवाह पंजीकरण प्रमाण पत्र (Marriage Registration Certificate)
जारीकर्ता प्राधिकरणउप-निबंधक (Sub-Registrar) / स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग
कानूनी अधिनियमहिन्दू विवाह अधिनियम, 1955 / विशेष विवाह अधिनियम, 1954
आवेदन का माध्यमऑनलाइन स्लॉट बुकिंग (IGRS पोर्टल) + सब-रजिस्ट्रार ऑफिस सत्यापन
आधिकारिक पोर्टलराज्य निबंधन विभाग पोर्टल (services.india.gov.in)
निर्धारित समय सीमाहिन्दू मैरिज एक्ट: 1 से 7 कार्यदिवस \स्पेशल मैरिज एक्ट: 30 दिन की नोटिस अवधि
सरकारी शुल्क₹100 से ₹250 (विवाह के 30 दिनों के भीतर) \विलंब पर ₹50 से ₹200 अतिरिक्त
प्रमाण पत्र की वैधताआजीवन (जब तक कानूनी तलाक या निरस्तीकरण न हो)
डिजिटल डाउनलोडउपलब्ध (QR कोड एवं डिजिटल हस्ताक्षर सहित / DigiLocker)

1. विवाह पंजीकरण क्यों अनिवार्य है और इसके क्या कानूनी लाभ हैं?

विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) ऑनलाइन कैसे बनवाएं? नए नियम, जरूरी दस्तावेज़, फीस और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया
चित्र: विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) ऑनलाइन कैसे बनवाएं? नए नियम, जरूरी दस्तावेज़, फीस और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया बनवाने की आधिकारिक सरकारी प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की वैधानिक गाइड।

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार भारत में सभी धर्मों के नागरिकों के लिए विवाह का पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।

मुख्य उपयोग:

  • पासपोर्ट और वीज़ा: विदेश यात्रा, पीआर (PR) या पति/पत्नी के लिए स्पाउस वीज़ा (Spouse Visa) के आवेदन में विवाह प्रमाण पत्र सबसे प्राथमिक अनिवार्य दस्तावेज़ है।
  • बैंक जॉइंट अकाउंट व लॉकर: पति-पत्नी का संयुक्त बैंक खाता खोलने और एक-दूसरे को वित्तीय नॉमिनी बनाने हेतु।
  • संपत्ति एवं उत्तराधिकार: पति या पत्नी की मृत्यु की स्थिति में पैतृक संपत्ति, बैंक बैलेंस और बीमा राशि पर कानूनी अधिकार साबित करने के लिए।
  • पारिवारिक पेंशन व ग्रेच्युटी: सरकारी या निजी क्षेत्र में पति/पत्नी को पेंशन का हकदार बनाने के लिए।
  • कानूनी सुरक्षा: घरेलू हिंसा, परित्याग या भरण-पोषण (Alimony) के दावों में वैवाहिक स्थिति का अकाट्य साक्ष्य।

2. हिन्दू विवाह अधिनियम (1955) बनाम विशेष विवाह अधिनियम (1954)

  • हिन्दू विवाह अधिनियम (Hindu Marriage Act 1955): यदि विवाह रीति-रिवाजों (सप्तपदी/सात फेरे) के साथ पहले ही संपन्न हो चुका है और दोनों पक्ष हिंदू, सिख, जैन या बौद्ध हैं, तो इसके तहत पंजीकरण होता है। इसमें सत्यापन तुरंत या 1-3 दिनों में पूरा हो जाता है।
  • विशेष विवाह अधिनियम (Special Marriage Act 1954): यदि अलग-अलग धर्म या समुदाय के दो लोग बिना किसी धार्मिक रीति-रिवाज के सिविल मैरिज (कोर्ट मैरिज) करना चाहते हैं, तो इस एक्ट के तहत आवेदन होता है। इसमें सब-रजिस्ट्रार द्वारा 30 दिनों का सार्वजनिक नोटिस जारी किया जाता है और उसके बाद विवाह संपन्न कराकर प्रमाण पत्र दिया जाता है।
विज्ञापन / SPONSORED

3. विवाह पंजीकरण हेतु पात्रता और आयु की शर्तें

  • विवाह के समय वर (Groom) की आयु न्यूनतम 21 वर्ष और वधू (Bride) की आयु न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए।
  • दोनों पक्ष मानसिक रूप से स्वस्थ और कानूनी सहमति देने में सक्षम हों।
  • विवाह के समय दोनों में से किसी का भी पहले से कोई जीवित जीवनसाथी (Spouse) न हो (विधवा/तलाकशुदा होने पर मृत्यु या तलाक की डिक्री का प्रमाण आवश्यक है)।

4. जरूरी दस्तावेज़ों की चेकलिस्ट

दस्तावेज़प्रकारविवरणअनिवार्यता
वर एवं वधू का आधार कार्डपहचान व पतादोनों का बायोमेट्रिक पहचान साक्ष्यअनिवार्य
आयु प्रमाण पत्रजन्म साक्ष्य10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्रअनिवार्य
शादी का कार्ड (Marriage Card)विवाह साक्ष्यशादी का मूल निमंत्रण पत्रअनिवार्य
विवाह की संयुक्त तस्वीरेंफोटोग्राफजयमाला या सात फेरे की 2-3 रंगीन तस्वीरेंअनिवार्य
वर-वधू की अलग-अलग पासपोर्ट फोटोफोटोग्राफप्रत्येक की 4 पासपोर्ट साइज रंगीन फोटोअनिवार्य
गवाहों के दस्तावेज़गवाह साक्ष्य2 या 3 गवाहों के आधार कार्ड व पैन कार्डअनिवार्य
शपथ पत्र (Affidavit)घोषणा पत्रवर-वधू द्वारा नोटरीकृत वैवाहिक घोषणाअनिवार्य

5. ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और स्लॉट बुकिंग की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

  1. राज्य के स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन (IGRS) पोर्टल पर जाएं: (जैसे उत्तर प्रदेश: igrsup.gov.in, दिल्ली: edistrict.delhigovt.nic.in, मध्य प्रदेश: mpigr.gov.in).
  2. 'विवाह पंजीकरण (Marriage Registration)' चुनें: 'नवीन आवेदन' पर क्लिक करके अपना रजिस्ट्रेशन करें।
  3. वर और वधू का विवरण भरें: दोनों का नाम, पिता का नाम, जन्म तिथि, धर्म, वर्तमान पता और शादी की सही तारीख दर्ज करें।
  4. गवाहों की जानकारी भरें: कम से कम 2 वयस्क गवाहों (जो शादी में उपस्थित थे, रिश्तेदार या मित्र) का नाम और आधार नंबर भरें।
  5. दस्तावेज़ अपलोड करें: शादी का कार्ड, वर-वधू का आधार, संयुक्त फोटो और शपथ पत्र की स्कैन कॉपी (PDF/JPG) अपलोड करें।
  6. सरकारी शुल्क का ऑनलाइन भुगतान: ₹100 से ₹250 का निर्धारित स्टाम्प शुल्क जमा करें।
  7. अपॉइंटमेंट स्लॉट बुक करें: अपने नजदीकी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय (SRO) का चयन करके अपनी सुविधानुसार तारीख और समय का स्लॉट बुक करें।
  8. आवेदन पावती (Acknowledgement Slip) का प्रिंट लें।

6. सब-रजिस्ट्रार ऑफिस (SRO) में क्या होता है?

  • निर्धारित तिथि और समय पर वर, वधू और दोनों गवाहों को मूल दस्तावेज़ों के साथ सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में उपस्थित होना होता है।
  • वहां अधिकारी के सामने वर, वधू और गवाहों के बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट और लाइव वेबकैम फोटो लिए जाते हैं।
  • सभी मूल कागज़ातों का मिलान करने के बाद उप-निबंधक विवाह रजिस्टर में प्रविष्टि दर्ज करता है और डिजिटल हस्ताक्षर से प्रमाण पत्र जारी कर देता है।

7. सरकारी फीस और समय सीमा

  • 30 दिन के भीतर पंजीकरण: सरकारी शुल्क मात्र ₹100 से ₹150 होता है।
  • 30 से 90 दिन की देरी: ₹50 से ₹100 का अतिरिक्त विलंब शुल्क लगता है।
  • 1 वर्ष से अधिक की देरी: जिला रजिस्ट्रार (ADM Finance) की विशेष अनुमति से ही पंजीकरण संभव होता है।
  • समय सीमा: हिन्दू मैरिज एक्ट में SRO में सत्यापन के उसी दिन या 2 से 3 कार्यदिवसों के भीतर प्रमाण पत्र प्राप्त हो जाता है।

8. डिजिटल मैरिज सर्टिफिकेट डाउनलोड और DigiLocker में जोड़ना

  • उप-निबंधक द्वारा स्वीकृति मिलते ही आपके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस प्राप्त होता है।
  • IGRS पोर्टल पर 'विवाह प्रमाण पत्र डाउनलोड/सत्यापन' में जाकर प्रमाण पत्र संख्या दर्ज करके डिजिटल सर्टिफिकेट PDF निकालें।
  • DigiLocker: ऐप में 'Marriage Certificate' सर्च करें, अपना राज्य स्टाम्प विभाग चुनें और सर्टिफिकेट नंबर डालकर फेच करें। यह हमेशा के लिए कानूनी रूप से सुरक्षित हो जाएगा।

9. प्रमाण पत्र में त्रुटि सुधार की प्रक्रिया

यदि जारी प्रमाण पत्र में नाम, पिता के नाम या जन्म तिथि में कोई त्रुटि रह गई है, तो संबंधित सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में एक सुधार प्रार्थना पत्र, शुद्धता का साक्ष्य (10वीं की मार्कशीट/आधार) और नोटरी शपथ पत्र देकर रजिस्टर में संशोधन कराया जा सकता है।

11. आधिकारिक स्रोत (Official Sources)

  • राष्ट्रीय सरकारी सेवा पोर्टल: services.india.gov.in
  • विधि और न्याय मंत्रालय भारत सरकार: lawmin.gov.in
  • डिजिटल लॉकर: digilocker.gov.in

Information Last Verified: 16 सितंबर 2026

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या शादी के कई साल बाद भी विवाह पंजीकरण कराया जा सकता है?

A. हाँ, विवाह चाहे 5 साल पहले हुआ हो या 20 साल पहले, शादी का पुराना कार्ड, संयुक्त फोटो और नोटरी शपथ पत्र लगाकर विलंब शुल्क के साथ किसी भी समय विवाह पंजीकरण कराया जा सकता है।

Q. क्या गवाहों का परिवार का सदस्य होना जरूरी है?

A. गवाह कोई भी वयस्क नागरिक हो सकता है जिसके पास वैध आधार कार्ड हो। यह वर-वधू के माता-पिता, भाई-बहन, रिश्तेदार या मित्र कोई भी हो सकते हैं, बशर्ते वे शादी में उपस्थित रहे हों।

Q. क्या शादी का कार्ड न होने पर भी विवाह पंजीकरण हो सकता है?

A. हाँ, यदि शादी का कार्ड उपलब्ध न हो, तो जिस मंदिर/संस्था में शादी हुई थी उसका प्रमाण पत्र या ₹100 के स्टांप पेपर पर शादी संपन्न होने का विस्तृत नोटरीकृत शपथ पत्र मान्य होता है।

Q. क्या विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) कैसे बनवाएं? नए नियम, जरूरी दस्तावेज़, फीस और रजिस्ट्रेशन को डिजिलॉकर (DigiLocker) में रखना कानूनी रूप से मान्य है?

A. हाँ, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आईटी नियम 2016 के नियम 9A के तहत डिजिलॉकर में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज को मूल भौतिक कागजात के बराबर 100% कानूनी मान्यता प्राप्त है।

Q. इस प्रमाण पत्र / कार्ड की आधिकारिक वैधता (Validity) कितने समय की होती है?

A. अधिकांश सरकारी पहचान और सिविल प्रमाण पत्र (जैसे आधार, जन्म, जाति, निवास) आजीवन (Lifetime) मान्य होते हैं, जबकि आय प्रमाण पत्र सामान्यतः 3 वर्ष और ईडब्ल्यूएस 1 वित्तीय वर्ष के लिए मान्य होता है।