1. बिना नाम वाला जन्म प्रमाण पत्र क्यों जारी होता है और यह अधूरा क्यों है?
जब किसी अस्पताल में प्रसव होता है, तो 21 दिन के भीतर जन्म की सूचना स्थानीय निकाय को देना अनिवार्य होता है। इस समय तक नामकरण संस्कार न होने के कारण प्रमाण पत्र में 'अनाम' (Without Name) लिख दिया जाता है। लेकिन आगे चलकर आधार कार्ड बनवाने और स्कूल में दाखिले के लिए नाम वाला जन्म प्रमाण पत्र ही मान्य होता है। आधिकारिक पोर्टल: crsorgi.gov.in।
2. CRS पोर्टल (crsorgi.gov.in) पर ऑनलाइन नाम जोड़ने की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
- आधिकारिक पोर्टल crsorgi.gov.in पर जाएं या अपने नजदीकी नगर निगम/नगर पालिका के नागरिक सेवा केंद्र पर जाएं।
- जन्म पंजीकरण संख्या (Registration Number) और जन्म की तारीख दर्ज करके पुराना रिकॉर्ड खोजें।
- "Add Child Name" विकल्प चुनें और बच्चे का सही नाम हिंदी और अंग्रेजी में वर्तनी (Spelling) की जांच करके भरें।
- माता-पिता का आधार कार्ड और बिना नाम वाले मूल जन्म प्रमाण पत्र की स्कैन प्रति अपलोड करें।
- रजिस्ट्रार द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर होते ही अपडेटेड जन्म प्रमाण पत्र ऑनलाइन डाउनलोड करें।
3. 1 वर्ष बाद नाम जोड़ने हेतु आवश्यक शपथ-पत्र (Affidavit) का प्रारूप
यदि जन्म के 1 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, तो नोटरी से ₹10 के गैर-न्यायिक स्टांप पर शपथ-पत्र बनवाना पड़ता है जिसमें माता-पिता घोषणा करते हैं कि बच्चे का यह नाम सर्वसम्मति से रखा गया है और भविष्य में इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
4. स्कूल एडमिशन और पासपोर्ट के लिए नाम जुड़ा प्रमाण पत्र क्यों अनिवार्य है?
जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम के तहत अब स्कूल में प्रवेश, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता सूची और पासपोर्ट हेतु केवल डिजिटल सत्यापित जन्म प्रमाण पत्र ही प्राथमिक जन्मतिथि प्रमाण माना जाता है।