🚦 ट्रैफिक चालान व जुर्माना कैलकुलेटर (Motor Vehicle Act 2026)
हेलमेट, रेड लाइट, ओवरस्पीडिंग व पॉल्यूशन जुर्माने की आधिकारिक राशि व छूट जानें
मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2026: चालान व जुर्माने के नए नियम
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा लागू मोटर वाहन अधिनियम के तहत यातायात नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माने का प्रावधान है। वर्तमान में देश भर के प्रमुख शहरों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर AI आधारित ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरे और स्पीड गन सक्रिय हैं, जिससे बिना पुलिसकर्मी के हस्तक्षेप के सीधे मोबाइल पर ई-चालान (e-Challan) एसएमएस आ जाता है।
⚠️ 90 दिन के अंदर चालान न भरने पर क्या होगा?
यदि जारी किए गए ई-चालान का भुगतान 90 दिनों के भीतर नहीं किया जाता है, तो वाहन को परिवहन सेवा पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट (Blacklist) कर दिया जाता है। इसके पश्चात वाहन का फिटनेस रिन्युअल, बीमा रिन्युअल और पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं बन पाता तथा मामला वर्चुअल कोर्ट (Virtual Court) में भेज दिया जाता है।
यातायात उल्लंघन व धारा-वार जुर्माना सूची 2026
| उल्लंघन (Offence) | MV Act धारा | जुर्माना राशि | अतिरिक्त दंडात्मक कार्रवाई |
|---|---|---|---|
| बिना हेलमेट दोपहिया चलाना | धारा 194D | ₹1,000 | 3 माह के लिए ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड |
| बिना सीट बेल्ट कार चलाना | धारा 194B | ₹1,000 | ड्राइवर व सह-यात्री दोनों पर लागू |
| बिना प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUCC) | धारा 190(2) | ₹10,000 | वाहन सीज अथवा 3 माह तक कारावास |
| बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस | धारा 181 | ₹5,000 | वाहन मालिक पर भी धारा 180 के तहत ₹5,000 |
| शराब पीकर ड्राइविंग (Drunk Drive) | धारा 185 | ₹10,000 (प्रथम बार) | 6 माह तक जेल, दोबारा पर ₹15,000 + 2 वर्ष जेल |
| नाबालिग द्वारा ड्राइविंग | धारा 199A | ₹25,000 | माता-पिता को 3 वर्ष जेल + 1 वर्ष RC रद्द |
लोक अदालत में ट्रैफिक चालान कैसे माफ या कम कराएं?
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) द्वारा प्रत्येक तीन माह में राष्ट्रीय लोक अदालत (National Lok Adalat) का आयोजन किया जाता है। यदि आपके वाहन पर भारी राशि के कंपाउंडेबल चालान लंबित हैं, तो आप निम्नलिखित प्रक्रिया से छूट प्राप्त कर सकते हैं:
- राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की वेबसाइट पर जाकर लोक अदालत की तारीख देखें।
- ई-चालान पोर्टल से चालान का प्रिंट निकालें और टोकन रजिस्ट्रेशन कराएं।
- लोक अदालत बेंच के समक्ष न्यायाधीश के समक्ष चालान पेश करें, जहाँ अक्सर 50% से 70% तक की छूट के साथ चालान का अंतिम निस्तारण हो जाता है।