🎓 ऑल-यूनिवर्सिटी CGPA व SGPA टू पर्सेंटेज कैलकुलेटर
CBSE, AKTU, VTU, Mumbai Univ व 10-पॉइंट ग्रेडिंग स्केल को प्रतिशत में बदलें
📊 सेमेस्टर-वार SGPA से संचयी CGPA निकालें (Multi-Semester Aggregator)
CGPA को पर्सेंटेज में बदलने का आधिकारिक गणित और नियम 2026
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) सहित भारत के प्रमुख विश्वविद्यालय जैसे AKTU, VTU, दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) और मुंबई विश्वविद्यालय अपनी मार्कशीट में अंकों के स्थान पर ग्रेड प्वाइंट (Grade Points) प्रदान करते हैं। जब छात्र सरकारी नौकरी (SSC, UPSC, Banking, Railway) या उच्च शिक्षा के फॉर्म भरते हैं, तो वहाँ सटीक प्रतिशत की मांग की जाती है।
यदि कोई उम्मीदवार गलत फॉर्मूले से प्रतिशत की गणना करके सरकारी फॉर्म भर देता है, तो डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) के समय उसका अभ्यर्थन निरस्त कर दिया जाता है। इसलिए अपनी मार्कशीट के पीछे छपे आधिकारिक कन्वर्जन फॉर्मूले का ही पालन करना चाहिए।
📌 CBSE का 9.5 मल्टिप्लायर ही क्यों होता है?
CBSE ने पिछले कई वर्षों के बोर्ड परीक्षा परिणामों का विश्लेषण करके यह पाया कि 91 से 100 अंक प्राप्त करने वाले छात्रों का औसत अंक लगभग 95% होता है। चूंकि 10 ग्रेड प्वाइंट का मान 95% के समतुल्य होता है, इसलिए 95 को 10 से विभाजित करने पर 9.5 का गुणक (Multiplier) निर्धारित किया गया।
प्रमुख भारतीय विश्वविद्यालयों का कन्वर्जन फॉर्मूला चार्ट
| बोर्ड / विश्वविद्यालय | कन्वर्जन फॉर्मूला | उदाहरण (8.0 CGPA) | डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन नियम |
|---|---|---|---|
| CBSE (10वीं बोर्ड) | प्रतिशत = CGPA × 9.5 | 8.0 × 9.5 = 76.00% | मार्कशीट के पीछे अंकित फॉर्मूला अनिवार्य |
| AKTU / UPTU (इंजीनियरिंग) | प्रतिशत = CGPA × 10 | 8.0 × 10 = 80.00% | 2018 के बाद के बैच पर सीधा 10 का नियम लागू |
| VTU (विश्वेश्वरैया टेक वि.वि.) | प्रतिशत = (CGPA - 0.75) × 10 | (8.0 - 0.75) × 10 = 72.50% | कन्वर्जन सर्टिफिकेट विश्वविद्यालय से प्राप्त करें |
| मुंबई विश्वविद्यालय (MU) | प्रतिशत = 7.1 × CGPA + 12 (यदि CGPA ≥ 7) | (7.1 × 8) + 12 = 68.80% | ऑर्डिनेंस सर्कुलर अनुसार गणना मान्य |
| दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) | प्रतिशत = CGPA × 9.5 | 8.0 × 9.5 = 76.00% | UGC CBCS गाइडलाइंस के तहत स्वीकृत |
SGPA और CGPA में क्या अंतर होता है?
छात्रों के मन में अक्सर SGPA (Semester Grade Point Average) और CGPA (Cumulative Grade Point Average) को लेकर भ्रम रहता है:
- SGPA: यह केवल एक विशिष्ट सेमेस्टर (जैसे 3rd Semester) के सभी विषयों में प्राप्त ग्रेड प्वाइंट्स और क्रेडिट्स का भारित औसत होता है।
- CGPA: यह पाठ्यक्रम के प्रारंभ से लेकर वर्तमान सेमेस्टर तक के सभी सेमेस्टरों के कुल अर्जित क्रेडिट्स और ग्रेड्स का समग्र संचयी औसत होता है। डिग्री पर केवल फाइनल CGPA ही अंकित होता है।