⚡ सीधी काम की बात (Quick Answer)
नाबालिग बच्चों (0 से 18 वर्ष) के पासपोर्ट के लिए जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) अनिवार्य दस्तावेज है। 0 से 5 वर्ष के बच्चों के बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट नहीं लिए जाते, केवल सफेद बैकग्राउंड में लाइव फोटो ली जाती है, परंतु नवजात शिशु की भी पीएसके में भौतिक उपस्थिति 100% अनिवार्य है। दोनों माता-पिता की सहमति के लिए Annexure D और एकल माता-पिता/कस्टडी के लिए Annexure C लगता है। सामान्य फीस ₹1,000 (5 वर्ष वैधता) है और यदि माता-पिता के पासपोर्ट में जीवनसाथी का नाम दर्ज है तो पुलिस वेरिफिकेशन माफ (No-PV) हो जाता है।
नाबालिग बच्चों के पासपोर्ट का कानूनी ढांचा व 2026 नियम
भारत में नाबालिग बच्चों (Minors under 18 years of age) के पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया वयस्कों से पूरी तरह भिन्न होती है। इसका कारण केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि गहरा अंतरराष्ट्रीय व कानूनी है। संयुक्त राष्ट्र बाल अधिकार कन्वेंशन (UNCRC) और *The Guardians and Wards Act, 1890* के तहत राज्य का यह दायित्व है कि किसी भी बच्चे को बिना उसके दोनों कानूनी संरक्षकों (माता और पिता) की स्पष्ट व प्रमाणित सहमति के देश की सीमा से बाहर न ले जाया जाए।
विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा वर्ष 2026 में लागू संशोधित पासपोर्ट नियमावली के अंतर्गत, बच्चों के पासपोर्ट आवेदन में पारदर्शिता बढ़ाने और अवैध मानव तस्करी या बाल हिरासत (कस्टडी) विवादों (Child Custody Disputes) को रोकने के लिए कठोर मानक स्थापित किए गए हैं। प्रत्येक नाबालिग आवेदक के लिए जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) का केंद्रीय नागरिक पंजीकरण प्रणाली (CRS पोर्टल) या संबंधित राज्य के जन्म-मृत्यु डेटाबेस से डिजिटल सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, माता-पिता की वैवाहिक स्थिति और उनकी पारस्परिक सहमति के आधार पर कानूनी शपथ पत्रों (Annexure D या Annexure C) का प्रावधान किया गया है।
इस मार्गदर्शिका में हम 0 दिन के नवजात शिशु से लेकर 17 वर्ष 11 महीने तक के किशोरों के पासपोर्ट ऑनलाइन अप्लाई करने, काउंटर हकीकत, पुलिस वेरिफिकेशन छूट के नियमों और एकल माता-पिता के कानूनी अधिकारों का शब्द-दर-शब्द विश्लेषण प्रस्तुत कर रहे हैं।
आयु वर्ग के अनुसार बायोमेट्रिक व हस्ताक्षर नियम (0-5, 5-15, 15-18 वर्ष)
पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) या पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) में बच्चों की उम्र के आधार पर तीन अलग-अलग तकनीकी प्रक्रियाएं लागू होती हैं:
- Tier 1: नवजात शिशु व 0 से 5 वर्ष तक के बच्चे (Toddlers & Infants):
- बायोमेट्रिक्स: 5 वर्ष से कम आयु के बच्चों के उंगलियों के निशान (Fingerprints) और आंखों की पुतलियों (Iris Scan) का डेटा कैप्चर नहीं किया जाता, क्योंकि इस उम्र में बायोमेट्रिक लकीरें पूरी तरह विकसित नहीं होती हैं।
- लाइव फोटोग्राफ: बच्चे को पीएसके काउंटर पर physically उपस्थित होना 100% अनिवार्य है। काउंटर A पर माता या पिता बच्चे को अपनी गोद में सफेद चादर/बैकग्राउंड के सामने बैठाकर लाइव फोटो खिंचवाते हैं। बच्चे की दोनों आंखें खुली होनी चाहिए और मुंह बंद होना चाहिए।
- हस्ताक्षर: बच्चे के बाएं हाथ के अंगूठे का निशान (Left Thumb Impression) निर्धारित बॉक्स में लिया जाता है।
- Tier 2: 5 वर्ष से 15 वर्ष तक के बच्चे (School Going Children):
- बायोमेट्रिक्स: दसों उंगलियों के डिजिटल फिंगरप्रिंट्स और दोनों आंखों के आईरिस स्कैन अनिवार्य रूप से लिए जाते हैं।
- हस्ताक्षर: यदि बच्चा अपना नाम लिखना जानता है, तो वह स्वयं अपना हस्ताक्षर करेगा। यदि बच्चा दस्तखत करने में असमर्थ है, तो बाएं हाथ का अंगूठा लगवाया जाएगा।
- वैधता: इस वर्ग में पासपोर्ट की अधिकतम वैधता केवल 5 वर्ष या बच्चे के 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक (जो भी पहले हो) दी जाती है। सरकारी फीस ₹1,000 (36 पेज) होती है।
- Tier 3: 15 वर्ष से 18 वर्ष तक के किशोर (Adolescents):
- यह आयु वर्ग सबसे महत्वपूर्ण कानूनी श्रेणी में आता है। यहाँ सरकार आवेदक को दो विकल्प देती है:
- विकल्प A (नाबालिग श्रेणी): 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक या 5 वर्ष की वैधता वाला पासपोर्ट। सरकारी फीस ₹1,000 होगी। इसमें पुलिस वेरिफिकेशन सरल होता है।
- विकल्प B (पूर्ण 10 वर्षीय व्यस्क श्रेणी): किशोर पूरे 10 वर्ष की वयस्क वैधता (Adult Validity) वाला सामान्य पासपोर्ट चुन सकता है। इसके लिए सामान्य वयस्क सरकारी शुल्क ₹1,500 देय होगा। ध्यान रहे कि यदि 10 वर्ष की वैधता चुनी जाती है, तो सामान्य व्यस्कों की भांति अनिवार्य प्री-पुलिस वेरिफिकेशन (Pre-PV) लागू होगा।
- यह आयु वर्ग सबसे महत्वपूर्ण कानूनी श्रेणी में आता है। यहाँ सरकार आवेदक को दो विकल्प देती है:
Annexure D बनाम Annexure C: माता-पिता की सहमति व कानूनी प्रारूप
नाबालिग के आवेदन में सबसे संवेदनशील पहलू माता-पिता की कानूनी सहमति का होता है। विदेश मंत्रालय ने इसके लिए दो विशिष्ट प्रोफार्मा (Annexures) निर्धारित किए हैं:
1. Annexure D (दोनों माता-पिता की संयुक्त सहमति):
जब माता और पिता दोनों जीवित हैं, साथ रह रहे हैं और दोनों बच्चे के विदेश यात्रा दस्तावेज बनवाने पर सहमत हैं, तो Annexure D भरा जाता है।
- यह एक सादे ए4 कागज पर प्रिंट किया जाने वाला स्व-घोषणा पत्र (Declaration) है। इसके लिए किसी स्टांप पेपर या नोटरी की आवश्यकता नहीं होती यदि दोनों माता-पिता पीएसके काउंटर पर स्वयं उपस्थित होकर अधिकारी के सामने दस्तखत करते हैं।
- यदि माता-पिता में से कोई एक काउंटर पर नहीं जा पा रहा है, तो अनुपस्थित माता या पिता के मूल पासपोर्ट की स्व-प्रमाणित कॉपी और Annexure D पर उनके पूर्व-हस्ताक्षर जमा करने होते हैं।
We, .................................... (Name of Father) and .................................... (Name of Mother), residing at ...................................................................., hereby solemnly affirm and declare:
1. That we are the legal parents of .................................... (Minor Child's Name) whose date of birth is ....................
2. That the particulars given in the passport application form are true and correct.
3. That we have no objection to a passport being issued to our child.
Signature of Father: .......................... Signature of Mother: ..........................
Passport/Aadhaar No: .......................... Passport/Aadhaar No: ..........................
2. Annexure C (एकल माता-पिता / कानूनी हिरासत (कस्टडी) का शपथ पत्र):
जब माता-पिता का वैवाहिक अलगाव (Divorce), तलाक का मुकदमा, या जीवनसाथी द्वारा परित्याग (Desertion) की स्थिति हो, अथवा बच्चा किसी अविवाहित मां (Unwed Mother) की संतान हो, तो Annexure C अनिवार्य होता है।
- यह कानूनी घोषणा पत्र होता है जिसे न्यूनतम ₹100 के नॉन-ज्यूडिशियल स्टांप पेपर पर नोटरी या प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा सत्यापित कराया जाता है।
- इसमें उपस्थित अभिभावक शपथपूर्वक यह बयान करता है कि दूसरे जीवनसाथी से संपर्क संभव नहीं है या न्यायालय द्वारा बच्चे की पूर्ण हिरासत (कस्टडी) (Sole Custody) उसे प्रदान की गई है, और बच्चे का पासपोर्ट बनने से किसी अदालत के आदेश का उल्लंघन नहीं हो रहा है।
माता-पिता के पासपोर्ट का महत्व: पुलिस वेरिफिकेशन छूट (No-PV) का नियम
नाबालिग बच्चों के पासपोर्ट में विदेश मंत्रालय की सबसे बड़ी सुविधा पुलिस सत्यापन के संदर्भ में मिलती है। यदि माता-पिता समझदारी से आवेदन करें तो बच्चे का पासपोर्ट बिना किसी पुलिस थाने के चक्कर काटे मात्र 3 से 5 दिनों में घर आ सकता है:
- केस A (माता-पिता दोनों के पास वैध पासपोर्ट हैं और स्पाउस नेम दर्ज है):
यदि पिता के पासपोर्ट में मां का नाम 'Spouse' के रूप में दर्ज है, और मां के पासपोर्ट में पिता का नाम दर्ज है, और दोनों का वर्तमान पता बच्चे के आवेदन पते से मेल खाता है, तो विदेश मंत्रालय पूरी तरह से पुलिस वेरिफिकेशन माफ (No-PV) कर देता है। काउंटर C पर फाइल स्वीकृत होते ही उसी दिन प्रिंटिंग क्यू में चली जाती है। - केस B (केवल एक अभिभावक के पास पासपोर्ट है):
यदि माता या पिता में से केवल एक के पास वैध पासपोर्ट है और दूसरे के पास नहीं है, तो सामान्यतः 'Post-Police Verification' होता है, अर्थात पासपोर्ट पहले प्रिंट होकर डिस्पैच हो जाता है और पुलिस सत्यापन औपचारिकता बाद में पूरी होती है। - केस C (माता-पिता दोनों के पास पासपोर्ट नहीं है):
यदि माता-पिता में से किसी का भी पासपोर्ट नहीं बना है, तो बच्चे के मामले में अनिवार्य रूप से 'Pre-Police Verification' होगा। बीट पुलिस अधिकारी घर आकर बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता के आधार कार्ड और निवास की पुष्टि करेगा। पुलिस रिपोर्ट आरपीओ में Clear आने के बाद ही पासपोर्ट मुद्रित होगा।
जरूरी दस्तावेजों की संपूर्ण चेकलिस्ट (जन्म प्रमाण पत्र व निवास प्रमाण)
नाबालिग बच्चे के पासपोर्ट के लिए पीएसके जाने से पूर्व निम्नलिखित मूल दस्तावेजों (Originals) और उनकी 2-2 स्व-प्रमाणित फोटोकॉपी का सेट तैयार करें:
- मूल जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate): जन्म एवं मृत्यु पंजीयक (नगर निगम, नगरपालिका या ग्राम पंचायत) द्वारा जारी मूल बर्थ सर्टिफिकेट। इसमें बच्चे का नाम, माता-पिता का नाम 100% सही और स्पेलिंग आधार से मेल खाती होनी चाहिए।
- आधार कार्ड (Aadhaar Card): यदि बच्चे का आधार कार्ड बन चुका है (बाल आधार या सामान्य आधार), तो उसकी मूल प्रति। (नोट: 5 वर्ष से कम उम्र में यदि आधार नहीं है, तो भी केवल जन्म प्रमाण पत्र से आवेदन संभव है)।
- माता-पिता के मूल पहचान पत्र: माता और पिता दोनों के मूल आधार कार्ड, वोटर आईडी या पासपोर्ट।
- माता-पिता का विवाह प्रमाण पत्र (यदि लागू हो): यदि माता-पिता के पासपोर्ट में एक-दूसरे का नाम दर्ज नहीं है, तो मैरिज सर्टिफिकेट ले जाना सुरक्षित रहता है।
- वर्तमान पते का प्रमाण पत्र (Proof of Address): माता या पिता में से किसी एक के नाम का पते का वैध दस्तावेज (जैसे आधार, बिजली बिल, बैंक पासबुक या रेंट एग्रीमेंट)। नाबालिग के नाम पर अलग से एड्रेस प्रूफ की आवश्यकता नहीं होती, माता-पिता का एड्रेस ही बच्चे का कानूनी पता माना जाता है।
- साइन किया हुआ Annexure D: दोनों माता-पिता के हस्ताक्षरों से युक्त घोषणा पत्र।
पोर्टल पर बच्चों का फॉर्म भरने की ऑनलाइन स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया
आधिकारिक पोर्टल passportindia.gov.in पर नाबालिग बच्चे का फॉर्म भरने की प्रमाणित विधि निम्नलिखित है:
- अभिभावक के अकाउंट से लॉगिन: माता या पिता अपने मौजूदा पासपोर्ट सेवा यूजर आईडी से लॉगिन कर सकते हैं; बच्चे के नाम पर अलग अकाउंट बनाने की कोई आवश्यकता नहीं है।
- नया आवेदन शुरू करें: 'Apply for Fresh Passport' पर क्लिक करें।
- विवरण चयन:
- Applying for: Fresh Passport (या रिन्यूअल के लिए Re-issue)।
- Type of Application: Normal (आपात स्थिति में Tatkaal चुना जा सकता है, बशर्ते माता-पिता के पास पासपोर्ट हो)।
- Type of Passport Booklet: 36 Pages।
- Validity: यदि आयु 15 से 18 वर्ष है, तो 'Up to 18 years' या '10 Years' में से एक चुनें।
- आवेदक विवरण (Applicant Details): बच्चे का पहला नाम (Given Name) और उपनाम (Surname) हूबहू जन्म प्रमाण पत्र के अनुसार भरें। क्या आवेदक किसी अन्य नाम से जाना जाता है? 'No' चुनें।
- पारिवारिक विवरण (Family Details): पिता और माता का पूरा नाम दर्ज करें। यदि अभिभावकों के पास वैध पासपोर्ट हैं, तो उनके पासपोर्ट नंबर और जारी होने का स्थान अनिवार्य रूप से दर्ज करें ताकि पुलिस वेरिफिकेशन छूट (No-PV) का लाभ मिल सके।
- समीक्षा व सबमिशन: फॉर्म का प्रिव्यू देखें। एक भी अक्षर गलत न हो। सबमिट करने के बाद ₹1,000 (या 10 वर्ष वैधता के लिए ₹1,500) का ऑनलाइन भुगतान करें और नजदीकी पीएसके में स्लॉट बुक करें।
अपॉइंटमेंट के दिन पीएसके (PSK) काउंटर वर्कफ़्लो: माता-पिता की उपस्थिति
अपॉइंटमेंट के दिन बच्चे को लेकर पीएसके में जाने पर क्या होता है? इसका चरणबद्ध विवरण समझें:
- प्रवेश द्वार (Security & Token Desk): सुरक्षाकर्मी अपॉइंटमेंट रसीद (ARN Sheet) और बच्चे के मूल जन्म प्रमाण पत्र की जांच कर टोकन नंबर जारी करता है। बच्चे और दोनों माता-पिता को अंदर जाने की अनुमति मिलती है।
- काउंटर A (बायोमेट्रिक्स व फोटो): बच्चे की लाइव तस्वीर ली जाती है। यदि बच्चा 5 वर्ष से अधिक का है तो फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन किए जाते हैं। माता-पिता के सामने स्क्रीन पर बच्चे का नाम, जन्मतिथि और पता दिखाया जाता है। संतुष्ट होने पर ओके किया जाता है।
- काउंटर B (दस्तावेज सत्यापन अधिकारी): विदेश मंत्रालय का अधिकारी बच्चे के मूल जन्म प्रमाण पत्र का भौतिक निरीक्षण करता है। अधिकारी जन्म प्रमाण पत्र पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके राज्य जन्म पोर्टल से मिलान करता है। माता-पिता के मूल पासपोर्ट व आधार की जांच की जाती है।
- काउंटर C (स्वीकृति अधिकारी - Granting Officer): अंतिम अधिकारी Annexure D पर माता-पिता के हस्ताक्षर देखता है। अधिकारी बच्चे से उसका नाम या स्कूल का नाम सामान्य रूप से पूछ सकता है (अनौपचारिक पुष्टि के लिए)। सब सही होने पर अधिकारी सिस्टम में 'Granted' स्टेटस दबाता है और आपको एग्जिट स्लिप थमा दी जाती है।
नाबालिग पासपोर्ट फीस, वैधता व सत्यापन तुलना सारणी (5-कॉलम)
नीचे दी गई 5-कॉलम तालिका में विभिन्न आयु वर्गों के नाबालिगों के लिए लागू फीस संरचना, वैधता अवधि, बायोमेट्रिक नियम और पुलिस सत्यापन की स्थिति का संपूर्ण तुलनात्मक विश्लेषण दिया गया है:
| आवेदक की आयु श्रेणी | पासपोर्ट वैधता अवधि | सामान्य सरकारी शुल्क (₹) | बायोमेट्रिक अनिवार्यता | पुलिस वेरिफिकेशन स्थिति |
|---|---|---|---|---|
| शिशु (0 से 5 वर्ष) | 5 वर्ष या 18 वर्ष तक | ₹1,000 | केवल लाइव फोटो (No Fingerprint) | माता-पिता के पासपोर्ट पर No-PV |
| बच्चे (5 से 15 वर्ष) | 5 वर्ष या 18 वर्ष तक | ₹1,000 | फोटो + 10 उंगलियां + आईरिस | माता-पिता के पासपोर्ट पर No-PV |
| किशोर (15 से 18 वर्ष - Option A) | 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक | ₹1,000 | पूर्ण बायोमेट्रिक व हस्ताक्षर | माता-पिता के आधार पर No-PV/Post-PV |
| किशोर (15 से 18 वर्ष - Option B) | पूर्ण 10 वर्ष (वयस्क वैधता) | ₹1,500 | पूर्ण बायोमेट्रिक व हस्ताक्षर | अनिवार्य वयस्क Pre-PV |
| नाबालिग तत्काल श्रेणी (Tatkaal) | 5 वर्ष या 18 वर्ष तक | ₹3,000 (₹1000+₹2000) | आयु वर्ग के अनुसार | Post-PV / No-PV (3 दिन में डिलीवरी) |
तलाकशुदा, एकल माता व विदेशी रहने वाले माता-पिता के विशेष नियम
यदि पारिवारिक स्थिति सामान्य नहीं है, तो विदेश मंत्रालय के विशेष कानूनी नियम लागू होते हैं:
- 1. माता-पिता का तलाक हो चुका हो (Divorced Parents):
जिस अभिभावक के पास सक्षम पारिवारिक न्यायालय (Family Court) द्वारा प्रदत्त कानूनी हिरासत (कस्टडी) (Legal Custody) का आदेश है, केवल वही बच्चे के पासपोर्ट हेतु आवेदन कर सकता है। आवेदन के साथ सिविल कोर्ट के कस्टडी आदेश की प्रमाणित प्रति और ₹100 के स्टांप पेपर पर Annexure C प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। - 2. अविवाहित माता (Unwed Mother):
यदि बच्चा अविवाहित मां का है और पिता का नाम रिकॉर्ड में नहीं है, तो मां को केवल अपना नाम बच्चे के जन्म प्रमाण पत्र में दर्ज कराना होता है। पिता का नाम फॉर्म में छोड़ना कानूनी रूप से अनुमत है। मां को केवल Annexure C देना होगा जिसमें यह घोषणा होगी कि वह बच्चे की एकमात्र प्राकृतिक अभिभावक है। - 3. माता या पिता में से कोई एक विदेश में कार्यरत हो:
यदि पिता (या माता) विदेश (जैसे दुबई, सऊदी अरब, कतर, लंदन आदि) में नौकरी करते हैं और पीएसके में भौतिक रूप से नहीं आ सकते, तो वे संबंधित देश के भारतीय दूतावास (Indian Embassy) में जाएंगे। वहां वे काउंसलर अधिकारी के समक्ष Annexure D पर हस्ताक्षर करेंगे। दूतावास उस पर अपनी मुहर और हस्ताक्षर करेगा। इस मूल अटेस्टेड दस्तावेज को भारत में उपस्थित जीवनसाथी पीएसके में जमा करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (PAA FAQs)
Q1: क्या 1 महीने के नवजात बच्चे को भी पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) ले जाना जरूरी है?
हाँ, भारत सरकार के पासपोर्ट नियमों के अनुसार आयु चाहे 1 दिन की हो या 17 वर्ष की, आवेदक की पीएसके काउंटर पर शारीरिक उपस्थिति 100% अनिवार्य है। काउंटर A पर वेबकैम से बच्चे की लाइव तस्वीर ली जाती है, जिसे माता या पिता अपनी गोद में लेकर खिंचवा सकते हैं।
Q2: क्या 5 साल से छोटे बच्चों के फिंगरप्रिंट और आंखों की आईरिस स्कैन होती है?
नहीं, 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों के फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन नहीं किए जाते हैं। उनका पासपोर्ट केवल लाइव डिजिटल फोटोग्राफ और माता-पिता के साइन किया हुआ सहमति पत्र के आधार पर जारी किया जाता है।
Q3: Annexure D और Annexure C में क्या कानूनी अंतर है?
Annexure D सामान्य संयुक्त घोषणा पत्र है जहाँ माता और पिता दोनों मिलकर बच्चे के पासपोर्ट हेतु लिखित सहमति देते हैं। जबकि Annexure C उस स्थिति में लगता है जहाँ एकल अभिभावक (Single Parent/Divorced/Deserted) बिना दूसरे जीवनसाथी की सहमति के बच्चे का पासपोर्ट बनवाता है, जिसमें कोर्ट कस्टडी या परित्याग की कानूनी घोषणा की जाती है।
Q4: अगर माता-पिता दोनों के पास वैध पासपोर्ट हैं तो क्या बच्चे का पुलिस वेरिफिकेशन होगा?
यदि माता-पिता दोनों के पास वैध भारतीय पासपोर्ट हैं और उन पर जीवनसाथी (Spouse Name) का नाम दर्ज है, तो बच्चे के मामले में सामान्यतः पुलिस वेरिफिकेशन पूरी तरह माफ (No-PV) कर दिया जाता है और पासपोर्ट मात्र 3 से 5 दिनों में प्रिंट होकर डिलीवर हो जाता है।
Q5: क्या 15 से 18 वर्ष के किशोर 10 साल की वैधता वाला व्यस्क पासपोर्ट ले सकते हैं?
हाँ, 15 से 18 वर्ष की आयु के नाबालिगों के पास दो विकल्प होते हैं: पहला, ₹1,000 फीस देकर 5 वर्ष या 18 वर्ष की आयु तक का पासपोर्ट लेना; दूसरा, ₹1,500 की सामान्य व्यस्क फीस देकर पूर्ण 10 वर्ष की वैधता वाला पासपोर्ट लेना। 10 वर्ष की वैधता चुनने पर व्यस्कों की तरह पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य होता है।
Q6: अगर पिता विदेश (खाड़ी देश/यूरोप) में रहते हैं तो भारत में बच्चे का पासपोर्ट कैसे बनेगा?
विदेश में रहने वाले पिता को संबंधित देश में स्थित भारतीय दूतावास (Embassy of India) या वाणिज्य दूतावास में जाकर Annexure D पर हस्ताक्षर करके अटेस्ट कराना होगा। वह अटेस्टेड मूल Annexure D भारत भेजेंगे, जिसे मां अपने मूल पासपोर्ट और बच्चे के कागजात के साथ पीएसके में जमा करेगी।
Q7: क्या बच्चे के पासपोर्ट में स्कूल आईडी कार्ड जन्म प्रमाण पत्र के रूप में मान्य है?
कदापि नहीं! भारत में नाबालिगों के पासपोर्ट के लिए केवल सक्षम प्राधिकारी (नगर निगम, नगर पालिका या ग्राम पंचायत) द्वारा जारी मूल डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate) ही जन्मतिथि और पहचान का एकमात्र कानूनी प्रमाण माना जाता है।
Q8: नाबालिग बच्चे के पासपोर्ट पर हस्ताक्षर कौन करता है?
यदि बच्चा अपना नाम लिख सकता है, तो वह आवेदन फॉर्म और पासपोर्ट के हस्ताक्षर बॉक्स में अपने हाथ से दस्तखत करेगा। यदि बच्चा बहुत छोटा है और लिख नहीं सकता, तो उसके बाएं हाथ के अंगूठे का निशान (Left Thumb Impression) लगाया जाता है। माता-पिता बच्चे के हस्ताक्षर की जगह अपने दस्तखत नहीं कर सकते।
आधिकारिक पोर्टल व क्लस्टर गाइड्स
- Passport Seva Official Portal (विदेश मंत्रालय)
- तत्काल पासपोर्ट नियम 2026: 3 दिन में नया पासपोर्ट कैसे पाएं
- पासपोर्ट जन्मतिथि सुधार 2026: नगर निगम प्रमाण पत्र व MEA सर्कुलर
- पासपोर्ट पुलिस वेरिफिकेशन: mPassport ऐप व 5 दिन में सत्यापन प्रक्रिया
- खोया या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट री-इश्यू: Annexure L व पुलिस NCR गाइड