शीतकालीन स्कूल निर्देश 2026 ⏱️ 15 मिनट 📅 2026-11-04 07:15:00

सर्दियों में स्कूलों का बदला समय 2026: सुबह 9 बजे से स्कूल, कोहरा व शीत लहर पर राज्यवार DM आदेश

अख
अखिलेश त्रिपाठी
सीनियर एजुकेशन व एडमिनिस्ट्रेटिव एनालिस्ट

GoForDigitalIndia संपादकीय टीम — सरकारी योजनाओं, भर्ती व तकनीकी विषयों के विश्लेषक।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

उत्तर भारत में बढ़ते घने कोहरे (Dense Fog) और शीत लहर (Cold Wave) को देखते हुए जिलाधिकारियों (DM) और बेसिक शिक्षा निदेशालयों ने स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव किया है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा, बिहार और राजस्थान में नर्सरी से कक्षा 8 तक के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूल अब सुबह 9:00 बजे या 9:30 बजे से खुलेंगे। इसके साथ ही स्कूल बसों के लिए पीले फॉग लैंप, 40 किमी/घंटा स्पीड गवर्नर और कोहरे में देरी पर बच्चों को लेट न लगाने के सख्त आदेश जारी किए गए हैं।

OFFICIAL CHANNEL GoForDigitalIndia WhatsApp चैनल

सरकारी योजनाओं, नई भर्तियों, एडमिट कार्ड और रिजल्ट्स के ताज़ा अपडेट्स सबसे पहले अपने WhatsApp पर पाएं।

👉 चैनल से जुड़ें (Join WhatsApp)

📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • समय में बदलाव: नर्सरी से कक्षा 8 के लिए सुबह 7:30 या 8:00 बजे का समय बदलकर सुबह 9:00 या 9:30 बजे किया गया।
  • राज्यवार कवरेज: दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, बिहार और राजस्थान में सभी बोर्ड (CBSE, ICSE, State) पर लागू।
  • कक्षा 9 से 12 का नियम: प्री-बोर्ड और प्रैक्टिकल परीक्षाओं को देखते हुए बड़ी कक्षाओं का समय सुबह 8:30 या 9:00 बजे तय।
  • स्कूल बस सुरक्षा निर्देश: बसों में येलो फॉग लाइट्स, जीपीएस ट्रैकिंग और स्पीड गवर्नर 40 किमी/घंटा अनिवार्य।
  • प्रदूषण व हाइब्रिड क्लास: दिल्ली-एनसीआर में AQI 450 पार होने पर GRAP-IV के तहत प्राथमिक कक्षाओं को ऑनलाइन चलाने की छूट।

📑 विषय सूची (Table of Contents)

विज्ञापन / SPONSORED

उत्तर और मध्य भारत में नवंबर की शुरुआत होते ही मौसम का मिजाज तेजी से बदलने लगा है। सुबह और देर शाम के समय तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा रही है और मैदानी इलाकों में घने कोहरे (Dense Fog) की चादर फैलने लगी है। भोर के समय दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम हो जाने के कारण सड़कों पर स्कूल बसों और वैनों के लिए भारी जोखिम पैदा हो गया है। इसके साथ ही सुबह की सर्द हवाओं और जहरीले स्मॉग के कारण छोटे बच्चों में सर्दी, जुकाम, निमोनिया और अस्थमा जैसी सांस की बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इन गंभीर परिस्थितियों को देखते हुए विभिन्न राज्यों के जिलाधिकारियों (District Magistrates) और बेसिक शिक्षा निदेशालयों ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए स्कूलों के समय में बड़ा बदलाव लागू कर दिया है। अब नर्सरी से कक्षा 8 तक के प्राथमिक और पूर्व-माध्यमिक स्कूलों को सुबह 9:00 बजे से पहले खोलने पर सख्त पाबंदी लगा दी गई है।

🏫 शीतकालीन स्कूल गाइडलाइंस: मुख्य बिंदु (2026)

  • नया स्कूल समय: प्राथमिक कक्षाओं के लिए सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक (कई जिलों में सुबह 9:30 बजे से)।
  • सभी बोर्ड पर लागू: सरकारी, सहायता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई और सभी कान्वेंट स्कूल आदेश के दायरे में।
  • यूनिफॉर्म में छूट: बच्चों को किसी भी रंग का गर्म इनर, जैकेट, टोपी व दस्ताने पहनने की खुली कानूनी अनुमति।
  • परिवहन सुरक्षा: स्कूल बसों में 40 किमी/घंटा स्पीड गवर्नर, पीले फॉग लैंप और जीपीएस ट्रैकिंग अनिवार्य।

1. सर्दियों में स्कूलों का समय बदलना क्यों अनिवार्य हुआ?

हर साल नवंबर से जनवरी के दौरान उत्तर भारत के वायुमंडल में 'रेडिएशन फॉग' (Radiation Fog) बनता है। जमीन का तापमान तेजी से गिरने और हवा की गति थमने के कारण धूल और धुएं के कण जमीन के करीब जम जाते हैं, जिससे स्मॉग और घना कोहरा छा जाता है।

  • सड़क हादसों की रोकथाम: सुबह 6:30 से 7:30 बजे के बीच हाईवे और मुख्य मार्गों पर कोहरे के कारण दृश्यता शून्य हो जाती है। पिछले वर्षों में सुबह जल्दी निकलने वाली स्कूल वैन और ट्रकों की टक्कर के कई दर्दनाक हादसे सामने आए हैं। सुबह 9 बजे के बाद धूप निकलने से दृश्यता 500 मीटर से अधिक हो जाती है, जिससे सफर सुरक्षित हो जाता है।
  • छोटे बच्चों का कमजोर इम्यून सिस्टम: 3 से 12 साल के बच्चों का शरीर ठंडे तापमान में अचानक जाने पर हाइपोथर्मिया और छाती के संक्रमण का जल्दी शिकार हो जाता है। सुबह 9:00 बजे का समय बच्चों को पर्याप्त धूप और गुनगुने तापमान में स्कूल पहुंचने का मौका देता है।
  • विटामिन-डी और आउटडोर एक्टिविटी: सुबह 9:30 से 10:30 बजे की खिली हुई धूप में असेंबली और प्रार्थना सभा कराने से बच्चों को प्राकृतिक विटामिन-डी मिलता है और वे ठंड से कांपने के बजाय ऊर्जावान महसूस करते हैं।

2. राज्यवार स्कूल समय सारिणी: दिल्ली, यूपी, बिहार, पंजाब व हरियाणा

विज्ञापन / SPONSORED

विभिन्न राज्य सरकारों और जिला प्रशासनों द्वारा जारी ताजा आदेशों की रूपरेखा इस प्रकार है:

राज्य / केंद्रशासित प्रदेश प्राथमिक कक्षाएं (नर्सरी से 8) वरिष्ठ कक्षाएं (9 से 12) संबद्ध शिक्षा बोर्ड प्रशासनिक आदेश का स्वरूप
उत्तर प्रदेश (UP) सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे सुबह 8:50 बजे से दोपहर 2:45 बजे यूपी बोर्ड, सीबीएसई, आईसीएसई बेसिक शिक्षा परिषद व डीएम आदेश
दिल्ली-एनसीआर (Delhi) सुबह 9:00 बजे से दोपहर 2:30 बजे सुबह 8:30 बजे से दोपहर 2:00 बजे शिक्षा निदेशालय (DoE) दिल्ली प्रदूषण व शीत लहर संयुक्त एडवाइजरी
पंजाब (Punjab) सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:20 बजे PSEB, सीबीएसई, आईसीएसई स्कूल शिक्षा विभाग का राज्यव्यापी आदेश
हरियाणा (Haryana) सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे सुबह 8:45 बजे से दोपहर 2:30 बजे HBSE, सीबीएसई निदेशालय माध्यमिक शिक्षा हरियाणा
बिहार (Bihar) सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे BSEB, सीबीएसई शिक्षा विभाग बिहार सरकार निर्देश
राजस्थान (Rajasthan) सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे RBSE, सीबीएसई शिविरा पंचांग शीतकालीन सत्र

3. प्राथमिक (नर्सरी-8) बनाम सीनियर (9-12) कक्षाओं के अलग नियम

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्राथमिक कक्षाओं और बोर्ड परीक्षा वाले छात्रों की आवश्यकताओं में अंतर होता है:

  1. नर्सरी से कक्षा 5 तक के बच्चे: इन बच्चों को किसी भी परिस्थिति में सुबह 9:00 बजे से पहले स्कूल नहीं बुलाया जा सकता। यदि किसी दिन तापमान 5 डिग्री से नीचे गिरता है या रेड अलर्ट घोषित होता है, तो डीएम सबसे पहले प्राथमिक स्कूलों में 2 से 3 दिनों का अवकाश घोषित करते हैं।
  2. कक्षा 6 से 8 तक के छात्र: इनके लिए स्कूल का समय सुबह 9:00 बजे से दोपहर 2:30 या 3:00 बजे तक तय किया गया है। सुबह की ओपन-एयर प्रार्थना सभा को छोटा करने या सीधे क्लासरूम में वार्म-अप कराने का निर्देश है।
  3. कक्षा 9 से 12 (बोर्ड परीक्षार्थी): चूंकि फरवरी-मार्च में 10वीं और 12वीं की वार्षिक बोर्ड परीक्षाएं होनी हैं, इसलिए इनके सिलेबस और साइंस प्रैक्टिकल को प्रभावित होने से बचाने के लिए समय सुबह 8:30 या 9:00 बजे से रखा गया है। इन छात्रों को धूप वाली खुली जगह पर बैठकर पढ़ाई करने की अनुमति दी जा सकती है।

4. कोहरे में स्कूल बस और वैन चालकों के लिए कड़े सुरक्षा नियम

विज्ञापन / SPONSORED

परिवहन विभाग और पुलिस ने कोहरे के मौसम में बच्चों को ले जाने वाले सभी वाहनों के लिए 'जीरो एक्सीडेंट प्रोटोकॉल' जारी किया है:

🚌 स्कूल ट्रांसपोर्ट सुरक्षा के 6 अनिवार्य नियम:

  • पीली फॉग लाइट (Yellow Fog Lamps): सभी स्कूल बसों और कैब में आगे बम्पर के नीचे शक्तिशाली पीले फॉग लैंप लगे होने अनिवार्य हैं। सफेद लाइट कोहरे में रिफ्लेक्ट होकर अंधापन पैदा करती है।
  • रेट्रो-रिफ्लेक्टिव टेप: बस के आगे सफेद, साइड में पीली और पीछे लाल रंग की उच्च गुणवत्ता वाली रेडियम रिफ्लेक्टिव टेप लगी होनी चाहिए ताकि 100 मीटर दूर से दूसरी गाड़ियों को बस दिखाई दे सके।
  • स्पीड लिमिट 40 किमी/घंटा: कोहरे के दौरान किसी भी स्कूल बस की गति 40 किमी प्रति घंटे से अधिक नहीं होनी चाहिए। ओवरटेकिंग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
  • फर्स्ट एड और हीटर: बस के अंदर खिड़कियां ठीक से बंद होनी चाहिए ताकि ठंडी हवा न लगे और प्राथमिक उपचार किट में थर्मल कंबल उपलब्ध होना चाहिए।
  • ड्राइवर का विजन टेस्ट: स्कूल प्रबंधन को अपने सभी बस चालकों का मोतियाबिंद और दृष्टि दोष परीक्षण कराना अनिवार्य है।

5. शीतलहर और स्मॉग में बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा एडवाइजरी

बाल रोग विशेषज्ञों (Pediatricians) और स्वास्थ्य मंत्रालय ने अभिभावकों के लिए महत्वपूर्ण हेल्थ टिप्स जारी किए हैं:

अभिभावकों के लिए 5 जरूरी सावधानियां:

  1. लेयरिंग तकनीक (3-Layer Clothing): बच्चों को एक भारी स्वेटर पहनाने के बजाय 3 हल्की परतें पहनाएं — पहले कॉटन का इनर, फिर गर्म थर्मोकोट और ऊपर से स्कूल का स्वेटर/जैकेट। परतों के बीच हवा फंसी रहने से शरीर अधिक गर्म रहता है।
  2. सिर, कान और पैर ढकना: शरीर की 60% गर्मी सिर, कान और पैरों के जरिए निकलती है। इसलिए बच्चों को ऊनी टोपी, मफलर और मोटे कॉटन के मोजे जरूर पहनाएं।
  3. गुनगुना पानी और गर्म नाश्ता: सुबह खाली पेट स्कूल न भेजें। हल्का गर्म दलिया, पराठा, उबला अंडा या दूध दें और स्कूल में पीने के लिए इंसुलेटेड थर्मस बोतल में हल्का गुनगुना पानी दें।
  4. N95 मास्क का उपयोग: दिल्ली-एनसीआर में कोहरे व जहरीले स्मॉग से बच्चों के फेफड़ों को सुरक्षित रखने के लिए दिल्ली-NCR AQI, बेस्ट एयर प्यूरीफायर व N95 मास्क गाइड पढ़ें। दिल्ली-एनसीआर और औद्योगिक शहरों में कोहरे के साथ प्रदूषण मिलकर जहरीला स्मॉग बनाता है। बच्चों को बस स्टॉप तक आते-जाते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 मास्क पहनाएं।
  5. विटामिन-सी और गुड़: शाम को बच्चों को गुड़, तुलसी-अदरक का काढ़ा या संतरा/आंवला दें जिससे उनकी श्वसन नली प्रदूषण के जहरीले तत्वों से सुरक्षित रहे।

6. शीतकालीन स्कूल समय 2026: मास्टर तुलनात्मक तालिका

पहलू / नियम सामान्य गर्मी/शरद कालीन समय शीतकालीन संशोधित समय 2026 नियम उल्लंघन पर कानूनी कार्रवाई अभिभावक शिकायत पोर्टल
प्राथमिक स्कूल (नर्सरी-5) सुबह 7:30 से 1:30 बजे सुबह 9:00 से दोपहर 2:30/3:00 बजे स्कूल मान्यता व एनओसी निलंबन जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA)
माध्यमिक स्कूल (6-8) सुबह 7:30 से 1:30 बजे सुबह 9:00 से दोपहर 3:00 बजे आपदा प्रबंधन एक्ट धारा 51 नोटिस डीएम जनसुनवाई / समाधान पोर्टल
सीनियर विंग (9-12) सुबह 7:30 से 1:30 बजे सुबह 8:30/9:00 से दोपहर 2:00 बजे विभागीय चेतावनी व जुर्माना जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS)
यूनिफॉर्म सख्ती पर रोक केवल स्कूल ब्रांडेड ब्लेजर मान्य किसी भी रंग का गर्म स्वेटर/जैकेट मान्य ₹25,000 तक का प्रशासनिक अर्थदंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR)
बस स्पीड व कोहरा देरी देरी पर अनुपस्थिति/अनुशासन दंड कोहरे में देरी पर नो लेट मार्क गारंटी परिवहन विभाग चालान व परमिट जब्ती ट्रैफिक पुलिस हेल्पलाइन 1095 / 112

सर्दियों के इस मौसम में बच्चों की पढ़ाई जितनी जरूरी है, उससे कहीं अधिक जरूरी उनकी सेहत और जान की हिफाजत है। यदि आपका स्कूल प्रशासन या वैन चालक डीएम के समय निर्देशों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करता है, तो तुरंत अपने जिले के शिक्षा विभाग या बाल अधिकार आयोग में आवाज उठाएं ताकि हमारे देश का भविष्य पूरी तरह सुरक्षित और स्वस्थ रह सके।

8. स्कूल बस में जीपीएस, सीसीटीवी और पैनिक बटन की कानूनी जांच

सर्दियों के मौसम में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली (CMVR) और AIS-063 स्कूल बस कोड के तहत जिला प्रशासन ने औचक निरीक्षण अभियान शुरू किया है:

स्कूल बसों के लिए फिटनेस और तकनीकी मानक:

  1. जीपीएस और पैनिक बटन (Panic Button): हर स्कूल बस और मान्यता प्राप्त वैन में भारत सरकार के AIS-140 प्रमाणित जीपीएस ट्रैकर और बच्चों की सीटों के पास आपातकालीन पैनिक बटन लगा होना अनिवार्य है, जिसका सीधा लिंक जिला पुलिस कंट्रोल रूम (डायल 112) से जुड़ा होता है।
  2. हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरे: बस के अंदर कम से कम दो कैमरे — एक ड्राइवर के केबिन की तरफ और दूसरा बच्चों के बैठने वाले हिस्से की तरफ लगे होने चाहिए। स्कूल प्रबंधन को कम से कम 60 दिनों की वीडियो रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखनी होती है।
  3. महिला अटेंडेंट की अनिवार्यता: छोटे बच्चों (कक्षा 5 तक) को ले जाने वाली हर बस में प्राथमिक उपचार में प्रशिक्षित एक महिला केयरटेकर (Aayah / Attendant) का होना अनिवार्य है।
  4. फिटनेस और पॉल्यूशन फेल होने पर जब्ती: यदि कोहरे के दौरान किसी स्कूल बस का फिटनेस सर्टिफिकेट (FC) समाप्त पाया जाता है या स्पीड गवर्नर (Speed Governor) हटा हुआ मिलता है, तो मोटर वाहन अधिनियम की धारा 192A के तहत वाहन को मौके पर ही सीज करके ₹10,000 का चालान और स्कूल प्रिंसिपल के खिलाफ नोटिस जारी किया जाता है।

9. अत्यधिक शीतलहर में स्कूल बंदी (Winter Vacations) के प्रशासनिक मानक

अक्सर अभिभावकों के मन में सवाल उठता है कि डीएम किस आधार पर स्कूलों की छुट्टी घोषित करते हैं? इसके लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) ने एक वैज्ञानिक पैमाना तय किया है:

मौसम की चेतावनी (IMD Alert) न्यूनतम तापमान / दृश्यता प्रशासनिक कदम प्राइमरी कक्षाएं (नर्सरी-5) सीनियर कक्षाएं (6-12)
येलो अलर्ट (Yellow Alert) तापमान 8°C से 10°C, कोहरा 200m स्कूल समय में बदलाव सुबह 9:00 बजे से संचालन सुबह 8:30 बजे से संचालन
ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) तापमान 5°C से 7°C, कोहरा <100m समय सुबह 9:30 बजे / ऑनलाइन क्लास नर्सरी से 5 तक पूर्ण अवकाश सुबह 10:00 बजे से सीमित कक्षाएं
रेड अलर्ट / सीवियर कोल्ड (Red Alert) तापमान <4°C, शून्य दृश्यता शीतकालीन अवकाश (Winter Break) सभी स्कूल 100% बंद कक्षा 12 तक पूर्ण अवकाश या ऑनलाइन

10. कोहरे में बच्चों की पढ़ाई, नींद और बोर्ड परीक्षा की तैयारी टिप्स

सर्दियों के दिनों में सुबह सूर्य की रोशनी देर से निकलने के कारण मानव शरीर में 'मेलाटोनिन' (Melatonin - नींद का हार्मोन) अधिक समय तक सक्रिय रहता है। बच्चों को सुबह 5 या 6 बजे जबरन नींद से जगाने पर वे दिनभर सुस्त, चिड़चिड़े और अनिद्रा का शिकार रहते हैं:

  • सर्कैडियन रिदम का सम्मान करें: सर्दियों में बच्चों को रात 9:30 से 10:00 बजे तक सुला दें ताकि सुबह 7:00 बजे तक वे 8 से 9 घंटे की प्राकृतिक नींद पूरी कर सकें। सुबह 9 बजे स्कूल होने से बच्चों को बिना किसी हड़बड़ी के तैयार होने का पूरा वक्त मिलता है।
  • धूप में बैठकर रिवीजन: दोपहर 12 से 2 बजे के बीच बोर्ड परीक्षार्थी धूप में बैठकर पढ़ाई करें। प्राकृतिक उजाला आंखों की थकान कम करता है और याददाश्त को 20% तक बढ़ाता है।
  • गर्म कमरे में कार्बन मोनोऑक्साइड से बचाव: बच्चों के स्टडी रूम में कभी भी बंद खिड़कियों के साथ अंगीठी, कोयला या साधारण हीटर जलाकर न छोड़ें। यह ऑक्सीजन खींचकर जहरीली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बना देता है जो जानलेवा हो सकती है। ऑयल-फिल्ड रेडिएटर (OFR) हीटर ही बच्चों के कमरे के लिए सबसे सुरक्षित होते हैं।

11. स्कूल यूनिफॉर्म शोषण और निजी स्कूलों की मनमानी पर कानूनी कार्रवाई

सर्दियों के आते ही कई निजी स्कूल अभिभावकों पर दबाव बनाते हैं कि वे स्कूल के निर्धारित ब्रांडेड लोगो वाले ब्लेजर (कोट) ही ₹2,500 से ₹4,000 की महंगी कीमत पर खरीदें। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस पर सख्त रोक लगाई है:

🚫 अभिभावकों के कानूनी अधिकार व शिकायत प्रक्रिया:

  • यूनिफॉर्म के नाम पर मानसिक प्रताड़ना अपराध: यदि कोई स्कूल किसी बच्चे को इसलिए प्रार्थना सभा में खड़ा करता है या क्लास से बाहर निकालता है क्योंकि उसने स्कूल ब्रांड का महंगा ब्लेजर नहीं पहना है बल्कि घर का बना या बाजार का सामान्य गर्म स्वेटर पहना है, तो यह 'किशोर न्याय अधिनियम' (Juvenile Justice Act) की धारा 75 के तहत संज्ञेय अपराध माना जाएगा।
  • अभिभावक हेल्पलाइन: यदि स्कूल प्रबंधन जबरन विशिष्ट दुकान से कपड़े खरीदने का दबाव बनाए, तो तुरंत अपने जिले के जिलाधिकारी (DM) और बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) को लिखित शिकायत दें। इसके अलावा बाल अधिकार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट ncpcr.gov.in या हेल्पलाइन 1098 (चाइल्डलाइन) पर तुरंत सूचना दें। आयोग 48 घंटों में स्कूल को कारण बताओ नोटिस जारी करता है।

12. स्कूली बच्चों के लिए विंटर इम्यूनिटी डाइट: सर्दी और फ्लू से बचाव

ठंड के मौसम में बच्चों को खांसी, जुकाम और वायरल बुखार से बचाने के लिए आयुर्वेदिक और पोषण विशेषज्ञों ने एक विशेष डाइट चार्ट तैयार किया है। बच्चों के टिफिन में तली-भुनी चीजें रखने के बजाय मौसमी फल, बादाम, अखरोट, तिल और गुड़ की पट्टी दें। रात को सोने से पहले एक गिलास हल्दी वाला गुनगुना दूध बच्चों के श्वसन तंत्र को मजबूत करता है और उनकी छाती में बलगम जमने से रोकता है।

13. गंभीर प्रदूषण (GRAP-4) और शीत लहर में ऑनलाइन क्लास का आकस्मिक प्लान

दिल्ली-एनसीआर और उत्तर भारत के औद्योगिक शहरों में जब वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 450 के पार 'गंभीर प्लस' (Severe+) श्रेणी में पहुँच जाता है, तो वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के ग्रैप-4 (GRAP Stage-IV) दिशा-निर्देश स्वतः सक्रिय हो जाते हैं। इन परिस्थितियों में जिला प्रशासन भौतिक कक्षाओं को तत्काल स्थगित करके हाइब्रिड या पूर्ण ऑनलाइन मोड (Online Classes) में संचालित करने का आदेश देता है।

स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म्स (जैसे Google Classroom, Microsoft Teams) को पूरी तरह तैयार रखें। किसी भी दिन अत्यधिक घने कोहरे या जहरीले स्मॉग के कारण स्कूल बंद होने की स्थिति में सुबह 8:00 बजे से पहले सभी अभिभावकों को अधिकृत व्हाट्सएप ग्रुप और एसएमएस पोर्टल के जरिए सूचना भेजना अनिवार्य है। इसके अलावा ऑनलाइन कक्षाओं की अवधि 35 से 40 मिनट प्रति पीरियड से अधिक नहीं होनी चाहिए और बीच में बच्चों को स्क्रीन ब्रेक देना अनिवार्य है ताकि उनकी आंखों पर डिजिटल तनाव न पड़े।

अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने बच्चों के स्कूल बैग में एक अतिरिक्त जोड़ी साफ सूखे ऊनी मोजे और एक छोटा गर्म रुमाल जरूर रखें। कई बार सुबह की ओस या पानी की छींटों से मोजे भीग जाते हैं, जिससे दिनभर क्लास में बैठे रहने पर बच्चों के पैर सुन्न हो जाते हैं। स्कूल प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे क्लासरूम की टूटी खिड़कियों को तुरंत दुरुस्त कराएं और ठंड के दिनों में बच्चों को बाहर ठंडी फर्श पर न बैठाएं।

विज्ञापन / SPONSORED

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या यह नया समय केवल सरकारी स्कूलों पर लागू है या प्राइवेट स्कूलों पर भी?

A. जिलाधिकारी (DM) और राज्य बेसिक शिक्षा विभाग का आदेश जिले की सीमा के भीतर संचालित सभी प्रकार के स्कूलों पर समान रूप से लागू होता है। इसमें सभी सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE), यूपी बोर्ड, बिहार बोर्ड और सहायता प्राप्त/अमान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूल शामिल हैं। आदेश का उल्लंघन करने वाले निजी स्कूलों की एनओसी रद्द करने और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।

Q. यदि सुबह घना कोहरा हो और स्कूल बस 30 मिनट लेट पहुंचे, तो क्या बच्चे को अनुपस्थित या लेट माना जाएगा?

A. प्रशासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि कोहरे और शून्य दृश्यता के मौसम में स्कूल बसों को धीमी गति (30 से 40 किमी/घंटा) से चलना अनिवार्य है। यदि बच्चे कोहरे के कारण 15 से 30 मिनट देरी से स्कूल पहुंचते हैं, तो स्कूल प्रबंधन उन्हें लेट मार्क नहीं कर सकता और न ही प्रार्थना सभा में खड़ा रखकर प्रताड़ित कर सकता है।

Q. क्या बोर्ड परीक्षा वाले छात्रों (कक्षा 10 और 12) के समय में भी छूट मिलेगी?

A. कक्षा 10 और 12 के प्री-बोर्ड और प्रयोगशाला प्रैक्टिकल को देखते हुए अधिकांश राज्यों में बड़ी कक्षाओं का समय सुबह 8:30 या 9:00 बजे से दोपहर 2:00 या 2:30 बजे तक रखा गया है। अत्यधिक गंभीर शीत लहर (तापमान 4°C से कम) होने पर ही बड़ी कक्षाओं में छुट्टी या ऑनलाइन क्लास का फैसला लिया जाता है।

Q. सर्दियों की आधिकारिक छुट्टियां (Winter Vacations) कब से शुरू होंगी?

A. उत्तर भारत के मैदानी राज्यों (यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, बिहार) में सामान्य शीतकालीन अवकाश 25 दिसंबर या 1 जनवरी से शुरू होकर 14 या 15 जनवरी (मकर संक्रांति) तक रहता है। अत्यधिक ठंड होने पर डीएम इसे आगे बढ़ा सकते हैं।

Q. क्या प्राइवेट स्कूल सर्दियों में बच्चों को किसी विशेष रंग का महंगा ब्लेजर पहनने के लिए बाध्य कर सकते हैं?

A. शिक्षा विभाग की स्पष्ट गाइडलाइंस के अनुसार अत्यधिक ठंड के मौसम में बच्चों का स्वास्थ्य सबसे पहली प्राथमिकता है। स्कूल प्रबंधन बच्चों को सिर्फ स्कूल यूनिफॉर्म के रंग का ही स्वेटर पहनने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। यदि बच्चा घर से किसी भी रंग की मोटी जैकेट, इनर थर्मोकोट, टोपी, मफलर या दस्ताने पहनकर आता है, तो स्कूल उसे अंदर आने से नहीं रोक सकता।

Q. यदि कोई प्राइवेट स्कूल डीएम के समय आदेश का पालन न करे तो कहाँ शिकायत करें?

A. आप अपने जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) या बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) के कार्यालय में लिखित शिकायत दे सकते हैं, या राज्य के जनसुनवाई/सीएम पोर्टल (जैसे यूपी में IGRS पोर्टल) पर डीएम आदेश की प्रति के साथ ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

⚡ अधिकृत ऑनलाइन सहायता केंद्र (CSC & Cyber Help Desk)

ऑनलाइन फॉर्म भरवाने या परामर्श (Consultation) के लिए संपर्क करें

घर बैठे WhatsApp के जरिए फॉर्म भरवाएं या हमारे नजदीकी केंद्र पर पधारें — 100% सटीक, तेज व विश्वसनीय सेवा

अरुण कम्प्यूटर एण्ड ऑनलाइन सेंटर डिजिटल सेवा केन्द्र
🏪 केंद्र क्रमांक #1

अरुण कम्प्यूटर एण्ड ऑनलाइन सेंटर

"आपके सभी ऑनलाइन एवं कम्प्यूटर कार्यों के लिए विश्वसनीय केन्द्र"

📋 प्रमुख ऑनलाइन सेवाएं:
✔ ऑनलाइन फॉर्म भरना ✔ छात्रवृत्ति व प्रवेश ✔ खसरा / खतौनी प्रिंट ✔ आधार व पैन कार्ड ✔ फोटोकॉपी व प्रिंट
👤 अरुण पटेल: +91 9691597826
👤 सत्यम पटेल: +91 9303093114
☎️ ऑफिस: 07604-796692 ⭐ तेज सेवा • उचित शुल्क
सत्यम पटेल से बात करें: कॉल (9303093114) • WhatsApp
📋 प्रमुख ऑनलाइन सेवाएं:
✔ ऑनलाइन फॉर्म व रिजल्ट ✔ खसरा नक्शा व बही ✔ कोर्ट केश आर्डर ✔ फोटोकॉपी व कलर फोटो ✔ डाक सेवा व लेमीनेशन
👤 मुकेश पटेल: +91 9990768274
👤 धरम पटेल: +91 9009261475
🏛️ सिविल कोर्ट, पटेरा रोड ⭐ सरकारी सेवा केंद्र
📞 कॉल करें 💬 WhatsApp
धरम पटेल से बात करें: कॉल (9009261475) • WhatsApp
💡 सलाह: ऑनलाइन फॉर्म भरवाने के लिए अपने आवश्यक दस्तावेज़ (10वीं/12वीं अंकसूची, आधार कार्ड, फोटो व हस्ताक्षर) WhatsApp पर भेजकर घर बैठे फॉर्म भरवा सकते हैं।

क्या यह जानकारी आपके लिए उपयोगी रही?

अपने दोस्तों, परिजनों और ग्रुप्स में इस महत्वपूर्ण जानकारी को तुरंत शेयर करें:

💬 WhatsApp पर शेयर करें 📢 चैनल जॉइन करें
💬 WhatsApp शेयर 🔔 WhatsApp चैनल जॉइन करें