1. APAAR ID और ABC ID में क्या संबंध है?
कई छात्र और अभिभावक अपार आईडी और एबीसी आईडी को लेकर असमंजस में रहते हैं। इस तालिका से दोनों का अंतर स्पष्ट समझें:
| घटक (Entity) | APAAR ID (अपार आईडी) | ABC ID (Academic Bank of Credits) |
|---|---|---|
| प्रकृति (Nature) | छात्र की 12 अंकों की स्थायी पहचान संख्या (Life-long ID) | छात्र का डिजिटल शैक्षणिक लॉकर / क्रेडिट खाता |
| लागू दायरा | नर्सरी, प्राथमिक स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा और रिसर्च तक | मुख्य रूप से कॉलेज और विश्वविद्यालयों (Higher Education) के लिए |
| मुख्य कार्य | छात्र की व्यक्तिगत पहचान, स्कूल रिकॉर्ड व स्कॉलरशिप ट्रैकिंग | परीक्षा में प्राप्त क्रेडिट्स, ग्रेड्स और डिग्री का संचय व ट्रांसफर |
| समन्वय (Integration) | अपार आईडी बनने पर एबीसी आईडी स्वतः इसके साथ मर्ज हो जाती है | दोनों को डिजिलॉकर और नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी (NAD) से जोड़ा गया है |
📌 काम की बात: यदि आपने कॉलेज में पहले से 12 अंकों की ABC ID बना रखी है, तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार ने एबीसी प्रणाली को अपार (APAAR) में अपग्रेड कर दिया है। अब आपकी पुरानी एबीसी आईडी का सारा डेटा स्वतः आपकी अपार आईडी में लिंक हो जाएगा।
2. छात्रों के लिए अपार आईडी के 5 सबसे बड़े फायदे
- कागजी दस्तावेज़ खोने का डर खत्म: 10वीं, 12वीं की मार्कशीट, ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC), कैरेक्टर सर्टिफिकेट और डिग्री आजीवन डिजिलॉकर में सुरक्षित रहेंगी।
- सुलभ स्कूल/कॉलेज ट्रांसफर: यदि माता-पिता का किसी दूसरे शहर या राज्य में तबादला होता है, तो नए स्कूल में एडमिशन के समय केवल अपार आईडी देनी होगी; छात्र का पूरा पूर्व रिकॉर्ड तुरंत नए स्कूल के सिस्टम में आ जाएगा।
- स्कॉलरशिप और सरकारी लाभ: राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) और राज्य छात्रवृत्तियों के लिए आवेदन करते समय किसी भौतिक कागज़ात के सत्यापन की जरूरत नहीं होगी, जिससे स्कॉलरशिप का पैसा बिना देरी सीधे बैंक खाते में आएगा।
- एंट्रेंस एग्जाम में सिंगल-क्लिक फॉर्म फिलिंग: जेईई (JEE), नीट (NEET), सीयूईटी (CUET) या यूपीएससी जैसी राष्ट्रीय परीक्षाओं का फॉर्म भरते समय अपार आईडी डालते ही आपकी शैक्षणिक योग्यताएं स्वतः फेच हो जाएंगी।
- नकली डिग्रियों पर लगाम: कॉर्पोरेट कंपनियां और सरकारी विभाग नौकरी देते समय अपार आईडी से सीधे छात्र के रिकॉर्ड का डिजिटल सत्यापन (Background Verification) कर सकेंगे।
3. डिजिलॉकर से APAAR ID बनाने की आसान 5-चरणीय प्रक्रिया
छात्र खुद अपने स्मार्टफोन से यह आईडी 2 मिनट में बना सकते हैं:
┌─────────────────────────────────────────────────────────────┐
│ APAAR ID ऑनलाइन बनाने का सीधा क्रम │
├─────────────────────────────────────────────────────────────┤
│ 1. डिजिलॉकर ऐप या digilocker.gov.in पर आधार से लॉग-इन करें │
│ 2. 'Search Documents' में जाएं और 'APAAR' या 'ABC' टाइप करें │
│ 3. National Academic Depository (NAD) सेवा का चयन करें │
│ 4. अपना राज्य, संस्थान का प्रकार (School/University) चुनें │
│ 5. स्कूल UDISE कोड या कॉलेज रोल नंबर/रजिस्ट्रेशन नंबर भरें │
│ 6. 'Get Document' पर क्लिक करते ही 12 अंकों की आईडी जारी │
└─────────────────────────────────────────────────────────────┘
- सहमति पत्र (Parental Consent): 18 वर्ष से कम आयु के नाबालिग स्कूली छात्रों के मामले में स्कूल द्वारा अभिभावकों से एक सहमति फॉर्म (Parental Consent Form) भरवाया जाता है, जिसमें अभिभावक अपने बच्चे के आधार विवरण को शिक्षा मंत्रालय के साथ साझा करने की अनुमति देते हैं।
4. अपार आईडी कार्ड डाउनलोड और डिजिलॉकर में सुरक्षित रखना
आईडी जनरेट होने के बाद:
- यह आपके डिजिलॉकर के "Issued Documents" सेक्शन में एक डिजिटल क्यूआर-कोडेड कार्ड (QR Coded ID Card) के रूप में दिखाई देगी।
- कार्ड पर छात्र का नाम, जन्मतिथि, लिंग, 12 अंकों की अपार आईडी, फोटो और संस्था का नाम अंकित होता है।
- आप इस कार्ड की पीडीएफ डाउनलोड करके उसका प्रिंटआउट या पीवीसी कार्ड भी लेमिनेट करवा सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: क्या स्कूल के बच्चों के लिए अपार आईडी बनवाना अनिवार्य है?
उत्तर: हाँ, शिक्षा मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिए हैं कि सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के छात्रों की अपार आईडी प्राथमिकता के आधार पर बनाई जाए। हालांकि, इसके लिए अभिभावकों की सहमति ली जाती है।
सवाल 2: यदि आधार कार्ड में नाम या जन्मतिथि स्कूल रिकॉर्ड से अलग हो तो क्या होगा?
उत्तर: अपार आईडी आधार ई-केवाईसी पर आधारित होती है। यदि आधार और स्कूल रिकॉर्ड में नाम या जन्मतिथि का अंतर है, तो आईडी जनरेशन में "Data Mismatch" का एरर आ जाएगा। इसके लिए पहले आधार में सही विवरण अपडेट करवाएं।
सवाल 3: क्या पढ़ाई पूरी करने के बाद भी यह आईडी काम करेगी?
उत्तर: बिल्कुल। अपार आईडी एक छात्र के जीवनभर के लिए स्थायी होती है। कॉलेज पास करने के बाद नौकरी के दौरान या आगे किसी अन्य डिग्री/डिप्लोमा में प्रवेश लेते समय भी यही नंबर काम आएगा।
सवाल 4: क्या इसके लिए कोई सरकारी फीस देनी होती है?
उत्तर: नहीं। शिक्षा मंत्रालय और डिजिलॉकर द्वारा अपार आईडी और एबीसी आईडी बनाने की सेवा पूरी तरह निःशुल्क है। किसी भी स्कूल या साइबर कैफे को इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क न दें।