⚡ सीधी काम की बात (Quick Answer)
विदेश मंत्रालय के 2026 के नए नियमों के तहत तत्काल पासपोर्ट मात्र 1 से 3 कार्यदिवसों में जारी कर दिया जाता है और इसमें पहले पुलिस सत्यापन की जरूरत नहीं होती। अब क्लास-1 राजपत्रित अधिकारी के हस्ताक्षर वाले Annexure F की बाध्यता समाप्त हो चुकी है; 18 वर्ष से ऊपर के नागरिक 13 निर्धारित दस्तावेजों में से कोई 3 पहचान प्रमाण (जैसे आधार, पैन व वोटर आईडी) और ₹2,000 अतिरिक्त तत्काल शुल्क देकर सीधे आवेदन कर सकते हैं।
तत्काल पासपोर्ट योजना क्या है और सामान्य से कैसे अलग है?
यदि आपको किसी आकस्मिक कार्य, नौकरी के ऑफर लेटर, विदेशी यूनिवर्सिटी में दाखिले की अंतिम तारीख या पारिवारिक आपात स्थिति के चलते तुरंत विदेश यात्रा करनी है और सामान्य पासपोर्ट स्लॉट में 30 से 50 दिनों की लंबी प्रतीक्षा दिख रही है, तो विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) की 'Tatkaal Scheme' आपके लिए सबसे तेज और कानूनी रास्ता है। सामान्य पासपोर्ट आवेदन और तत्काल पासपोर्ट आवेदन के बीच मुख्य अंतर सरकारी फाइल की प्रोसेसिंग प्राथमिकता और पुलिस जांच के समय का होता है।
सामान्य पासपोर्ट प्रक्रिया में जब आप पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) या डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) में अपने बायोमेट्रिक्स और दस्तावेज जमा करते हैं, तो आपकी फाइल पहले आपके स्थानीय पुलिस थाने को भेजी जाती है। जब स्थानीय बीट कांस्टेबल आपके घर आकर भौतिक सत्यापन करता है और अपनी रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक (SP Office) के माध्यम से आरपीओ को 'Clear' भेजता है, उसके बाद ही पासपोर्ट प्रिंटिंग मशीन में जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम 15 से 25 कार्यदिवस का समय सामान्य रूप से लग जाता है।
इसके विपरीत, तत्काल पासपोर्ट में सरकार नागरिक के 3 पुख्ता पहचान दस्तावेजों के आधार पर यह मानती है कि आवेदक की पहचान प्रमाणित है। परिणामस्वरूप, पासपोर्ट सेवा केंद्र में काउंटर-सी के अधिकारी द्वारा 'Granted' का ठप्पा लगते ही फाइल सीधे नासिक स्थित इंडिया सिक्योरिटी प्रेस के प्रिंटिंग क्यू में चली जाती है। 24 से 72 घंटों के भीतर पासपोर्ट छपकर स्पीड पोस्ट के हवाले कर दिया जाता है। पुलिस जांच पासपोर्ट आपके हाथ में आने के बाद (Post-Police Verification) आराम से होती रहती है।
पासपोर्ट अधिनियम 1967 व पोस्ट-पुलिस वेरिफिकेशन का कानूनी नियम
भारतीय पासपोर्ट का नियमन The Passports Act, 1967 (1967 का अधिनियम संख्या 15) और Passports Rules, 1980 के तहत किया जाता है। अधिनियम की धारा 5 के तहत केंद्र सरकार को यह शक्ति प्राप्त है कि वह विशेष परिस्थितियों और अतिरिक्त शुल्क के आधार पर त्वरित पासपोर्ट जारी करने की नियमावली तय करे।
तत्काल योजना का पूरा ढांचा Post-Police Verification (पश्चात पुलिस सत्यापन) के कानूनी सिद्धांत पर टिका हुआ है। इसका अर्थ यह है कि राज्य आपके त्वरित यात्रा के अधिकार का सम्मान करते हुए आपको यात्रा दस्तावेज पहले सौंप देता है, लेकिन नागरिक पर यह कानूनी जिम्मेदारी बना रहता है कि वह बाद में होने वाली पुलिस जांच में पूरी तरह सहयोग करे। यदि बाद में पुलिस जांच में यह पाया जाता है कि आवेदक ने अपना पता गलत दिया था, या उसके खिलाफ किसी न्यायालय में गैर-जमानती वारंट (NBW) या आपराधिक मुकदमा (FIR) दर्ज था जिसे उसने आवेदन फॉर्म में छिपाया था, तो पासपोर्ट अधिनियम की धारा 12(1)(b) के तहत पासपोर्ट को तत्काल प्रभाव से जब्त (Impound) या रद्द (Revoke) कर दिया जाता है और ₹5,000 तक का जुर्माना व 2 साल तक के कारावास का कानूनी प्रावधान लागू होता है।
13 स्वीकार्य दस्तावेजों की आधिकारिक सूची (List of 13 Documents)
तत्काल पासपोर्ट बनवाने के लिए 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के प्रत्येक व्यस्क आवेदक को विदेश मंत्रालय द्वारा निर्धारित **13 आधिकारिक दस्तावेजों की सूची में से किन्हीं 3 मूल दस्तावेजों** को प्रस्तुत करना अनिवार्य होता है। इनमें से किसी भी दस्तावेज में आपके नाम, पिता के नाम और जन्मतिथि की स्पेलिंग में कोई अंतर नहीं होना चाहिए।
- आधार कार्ड या ई-आधार (Aadhaar Card): यूआईडीएआई (UIDAI) द्वारा जारी मूल आधार पत्र या पोर्टल से डाउनलोड किया गया ई-आधार, जिस पर डिजिटल हस्ताक्षर का हरा सही का निशान (Valid Digital Signature) अंकित हो। बाजार में मिलने वाले सामान्य प्लास्टिक लैमिनेटेड कटआउट कार्ड कई पीएसके केंद्रों पर अस्वीकार कर दिए जाते हैं, इसलिए हमेशा पूरा ए-4 साइज का ई-आधार प्रिंट लेकर जाएं।
- मतदाता फोटो पहचान पत्र (EPIC - Voter ID Card): भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी मूल वोटर कार्ड। यदि आपके पास नया क्यूआर कोड वाला ई-एपिक है, तो उसका रंगीन प्रिंट भी मान्य होता है।
- स्थायी खाता संख्या (PAN Card): आयकर विभाग द्वारा एनएसडीएल (Protean) या यूटीआईआईटीएसएल के माध्यम से जारी मूल लैमिनेटेड पैन कार्ड।
- ड्राइविंग लाइसेंस (Driving Licence): संबंधित राज्य के क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) द्वारा जारी वैध स्मार्ट कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस। ध्यान रहे कि लर्नर लाइसेंस तत्काल पासपोर्ट में मान्य नहीं होता।
- बैंक या डाकघर पासबुक (Bank / Post Office Passbook):** किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक (जैसे SBI, PNB, Bank of Baroda), प्रमुख निजी अनुसूचित बैंक (HDFC, ICICI, Axis), या क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB) की पासबुक। पासबुक पर आवेदक की रंगीन फोटो होनी चाहिए और उस फोटो पर बैंक शाखा प्रबंधक के हस्ताक्षर और गोल मुहर (Bank Stamp) लगी होनी चाहिए, साथ ही पिछले 3 महीनों के लेनदेन दर्ज होने चाहिए।
- मान्यता प्राप्त संस्थान का छात्र पहचान पत्र (Student Photo ID): केंद्र या राज्य सरकार से मान्यता प्राप्त स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय द्वारा चालू शैक्षणिक सत्र के लिए जारी वैध फोटोयुक्त आईडी कार्ड।
- मूल जन्म प्रमाण पत्र (Birth Certificate): जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 के अंतर्गत नगर निगम, नगरपालिका, या ग्राम पंचायत के रजिस्ट्रार द्वारा जारी डिजिटल या हस्तलिखित मूल प्रमाण पत्र।
- राशन कार्ड (Ration Card): राज्य सरकार के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जारी अद्यतन राशन कार्ड, जिसमें आवेदक का नाम परिवार के सदस्य के रूप में दर्ज हो।
- अंतिम जारी पासपोर्ट (Last Issued Passport): यह दस्तावेज केवल उन नागरिकों पर लागू होता है जो अपने पुराने पासपोर्ट का नवीनीकरण (Re-issue) तत्काल कोटे में करा रहे हैं।
- जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC Certificate): सक्षम राजस्व अधिकारी (तहसीलदार या उप-जिलाधिकारी/SDM) द्वारा जारी डिजिटल सत्यापित जाति प्रमाण पत्र।
- शस्त्र लाइसेंस (Arms License): शस्त्र अधिनियम 1959 के तहत जिला मजिस्ट्रेट/कलेक्टर द्वारा जारी वैध गन लाइसेंस।
- पेंशन दस्तावेज (Pension Payment Order - PPO): भूतपूर्व सैनिकों की डिस्चार्ज बुक, पेंशन पेमेंट ऑर्डर, या सरकारी सेवानिवृत्त कर्मचारियों को जारी पेंशन बुक।
- सर्विस फोटो पहचान पत्र (Service ID Card): केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs), या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों द्वारा अपने नियमित कर्मचारियों को जारी फोटो पहचान पत्र।
नाबालिग बच्चों (Minors Under 18) के लिए विशेष छूट: यदि आवेदक की उम्र 18 वर्ष से कम है, तो उसे 13 दस्तावेजों की आवश्यकता नहीं होती। नाबालिगों के लिए उपर्युक्त सूची के क्रम संख्या 1 से 6 में से केवल 2 दस्तावेज प्रस्तुत करना ही कानूनन पर्याप्त होता है।
Annexure F का सच: क्या गजेटेड अफसर के साइन अभी भी जरूरी हैं?
पासपोर्ट दफ्तरों के बाहर घूमने वाले दलाल और एजेंट अक्सर सीधे-सादे नागरिकों को यह कहकर डराते हैं कि "तत्काल पासपोर्ट के लिए आपको किसी डिप्टी सेक्रेटरी, आईएएस, या आईपीएस अफसर से Annexure F पर साइन कराना होगा, जिसके बिना फॉर्म खारिज हो जाएगा।" इसके नाम पर वे ₹3,000 से ₹10,000 तक की अवैध वसूली कर लेते हैं।
जमीनी हकीकत और विदेश मंत्रालय का आधिकारिक नियम यह है कि तत्काल पासपोर्ट के लिए क्लास-1 राजपत्रित अधिकारी के हस्ताक्षर वाला Annexure-F (Verification Certificate) पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। यदि आपके पास ऊपर बताए गए 13 दस्तावेजों में से कोई भी 3 वैध दस्तावेज मौजूद हैं, तो आपको किसी भी सरकारी अफसर, सांसद, विधायक या नोटरी के पास जाने की 1% भी आवश्यकता नहीं है।
इसके स्थान पर पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर फॉर्म भरते समय केवल एक साधारण "Undertaking for Tatkaal Scheme" जनरेट होती है। यह एक सादा स्व-घोषणा पत्र होता है जिसमें आपको केवल यह प्रमाणित करना होता है कि आप भारत के नागरिक हैं, आपके पास तत्काल पासपोर्ट पाने के लिए 3 वैध दस्तावेज हैं, और आपके ऊपर कोई आपराधिक मामला विचाराधीन नहीं है। इस पर आवेदक को स्वयं हस्ताक्षर करने होते हैं।
सरकारी फीस संरचना व स्लॉट खुलने का समय (11:00 AM Hack)
तत्काल पासपोर्ट के लिए आवेदन करते समय आपको सामान्य पासपोर्ट शुल्क के अतिरिक्त ₹2,000 का अतिरिक्त सरकारी तत्काल प्रभार (Tatkal Surcharge) देना होता है। यह भुगतान पूरी तरह ऑनलाइन होता है जिसे आप एसबीआई ई-पे, इंटरनेट बैंकिंग, यूपीआई (UPI) या क्रेडिट/डेबिट कार्ड के माध्यम से जमा करते हैं।
तत्काल पासपोर्ट में सबसे बड़ी चुनौती स्लॉट हासिल करने की होती है। अधिकांश क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों (RPO) में सामान्य कोटे के स्लॉट तो 15 दिन आगे तक के मिल जाते हैं, लेकिन तत्काल कोटे के स्लॉट प्रतिदिन की निश्चित संख्या (50 से 100 स्लॉट प्रति पीएसके) में ही खोले जाते हैं।
तत्काल स्लॉट बुक करने का प्रमाणित 5-स्टेप फॉर्मूला:
- समय का ध्यान रखें: सभी क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालयों में अगले कार्यदिवस के लिए तत्काल अपॉइंटमेंट स्लॉट ठीक सुबह 11:00 बजे (कुछ आरपीओ जैसे मुंबई/अहमदाबाद में दोपहर 12:00 बजे या 1:00 बजे) लाइव होते हैं।
- लॉगिन 5 मिनट पहले करें: सुबह 10:55 बजे ही अपने कंप्यूटर पर
passportindia.gov.inपर लॉगिन कर लें। आखिरी पलों में कैप्चा कोड भरने में समय बर्बाद न करें। - पेमेंट पहले से क्लियर रखें: कभी भी स्लॉट बुकिंग के समय पेमेंट गेटवे पर न जाएं। अपना फॉर्म पहले ही भरकर 'Pay and Schedule Appointment' के चरण तक पहुंचकर पेमेंट कर लें ताकि सिस्टम में आपका ARN पेमेंट-वेरिफाइड रहे।
- ठीक 11:00:02 पर क्लिक करें: जैसे ही आपके कंप्यूटर की घड़ी में 11 बजें, तुरंत अपने चुने हुए पीएसके केंद्र के ड्रॉपडाउन पर क्लिक करें।
- तुरंत अपॉइंटमेंट स्लिप प्रिंट करें: स्लॉट कंफर्म होते ही स्क्रीन पर दिखने वाले 'Print Application Receipt' पर क्लिक करें जिसमें आपका बैच नंबर और रिपोर्टिंग टाइम (जैसे 09:15 AM) लिखा होता है।
तुलनात्मक फीस व डिलीवरी समय-सीमा सारणी
नीचे दी गई 5-कॉलम तालिका में सामान्य और तत्काल पासपोर्ट के सभी श्रेणियों के सरकारी खर्च, बुकलेट के आकार, और डिलीवरी की समय-सीमा का संपूर्ण आधिकारिक ब्योरा दिया गया है:
| पासपोर्ट श्रेणी व आयु वर्ग | बुकलेट पृष्ठ संख्या | सामान्य मूल फीस | अतिरिक्त तत्काल शुल्क | कुल देय राशि व समय-सीमा |
|---|---|---|---|---|
| फ्रेश / री-इश्यू (व्यस्क 18+) | 36 पेज (स्टैंडर्ड) | ₹1,500 | ₹2,000 | ₹3,500 (1 से 3 कार्यदिवस) |
| फ्रेश / री-इश्यू जंबो बुकलेट | 60 पेज (फ्रीक्वेंट फ्लायर्स) | ₹2,000 | ₹2,000 | ₹4,000 (1 से 3 कार्यदिवस) |
| नाबालिग बच्चे (उम्र 18 से कम) | 36 पेज (5 वर्ष वैधता) | ₹1,000 | ₹2,000 | ₹3,000 (1 से 3 कार्यदिवस) |
| फटा या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट री-इश्यू | 36 पेज | ₹3,000 | ₹2,000 | ₹5,000 (अनुमोदन अधीन) |
| खोया हुआ पासपोर्ट (Lost Passport) | 36 पेज | ₹3,000 | तत्काल प्रतिबंधित | केवल RPO विशेष अनुमति |
पीएसके काउंटर A, B और C का लाइव वर्कफ़्लो व ग्राउंड रियलिटी
जब आप निर्धारित समय पर पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) पहुंचते हैं, तो गेट पर सुरक्षा गार्ड आपके फोन में एसएमएस या प्रिंटेड रसीद देखकर भीतर जाने देता है। इसके बाद आपका सामना 3 अलग-अलग काउंटरों से होता है:
1. टोकन काउंटर (Security & Document Screening Desk):
यहाँ टीसीएस का स्टाफ आपके 3 मूल दस्तावेजों की प्राथमिक जांच करता है। यदि आपके पास 3 दस्तावेज पूरे नहीं हैं, तो आपको भीतर नहीं जाने दिया जाएगा और टोकन नहीं मिलेगा। इसलिए घर से निकलने से पहले आधार, पैन, वोटर आईडी या बैंक पासबुक की मूल प्रतियां और उनकी 2-2 स्व-प्रमाणित (Self-Attested) फोटोकॉपी अलग फाइल में रख लें।
2. काउंटर 'A' (तकनीकी डेटा संग्रह - TCS Counter):
टोकन नंबर स्क्रीन पर आते ही आप काउंटर A पर जाते हैं। यहाँ आपकी लाइव डिजिटल फोटो खींची जाती है (आपको चश्मा उतारना होगा और दोनों कान साफ दिखने चाहिए)। इसके बाद दसों उंगलियों के बायोमेट्रिक स्कैन लिए जाते हैं। काउंटर ऑपरेटर स्क्रीन को आपकी तरफ घुमाएगा। **ग्राउंड टिप:** अपने नाम, पिता के नाम, माता के नाम, जन्मतिथि और पते की एक-एक स्पेलिंग को 3 बार चेक करें। एक बार यहाँ से आगे फाइल बढ़ गई तो सुधार कराना बेहद जटिल हो जाता है।
3. काउंटर 'B' (सरकारी सत्यापन अधिकारी - Verifying Officer Desk):
यह विदेश मंत्रालय का स्थायी सरकारी अधिकारी होता है। यह अधिकारी आपके तीनों मूल दस्तावेजों की बारीकी से जांच करता है और डिजीलॉकर सिस्टम से सरकारी डेटाबेस में आपके आधार व पैन का लाइव मिलान करता है। यदि कोई दस्तावेज संदिग्ध लगता है, तो यह अधिकारी आपसे अतिरिक्त प्रमाण मांग सकता है।
4. काउंटर 'C' (स्वीकृति अधिकारी - Granting Officer Desk):
यह अंतिम और सर्वोच्च काउंटर है। यदि काउंटर C का अधिकारी आपके दस्तावेजों से 100% संतुष्ट होता है, तो वह सिस्टम में "Granted under Tatkaal" पर क्लिक करता है। इसके तुरंत बाद आपको एक एग्जिट स्लिप (Exit Slip) मिलती है। यदि एग्जिट स्लिप पर 'Status: Granted' लिखा है, तो इसका अर्थ है कि आपका पासपोर्ट स्वीकृत हो चुका है और अगले 48 घंटों में प्रिंट होकर डिस्पैच हो जाएगा।
किन नागरिकों को तत्काल पासपोर्ट की अनुमति नहीं मिलती?
पासपोर्ट नियमावली के परिशिष्ट अनुसार निम्नलिखित श्रेणियों के नागरिक तत्काल कोटे में पासपोर्ट के लिए पात्र नहीं हैं और उन्हें केवल सामान्य प्रक्रिया (Normal Route) से ही आवेदन करना होगा:
- आपराधिक मुकदमों वाले नागरिक: जिन व्यक्तियों के खिलाफ किसी भी भारतीय अदालत में कोई आपराधिक मामला लंबित है, या जिन्हें पिछले 5 वर्षों में किसी अपराध के लिए 2 वर्ष या उससे अधिक की सजा हुई हो।
- विदेशी निर्वासन वाले नागरिक: जिन्हें किसी दूसरे देश से भारत सरकार के खर्चे पर आपातकालीन प्रमाण पत्र (Emergency Certificate) देकर भारत डिपोर्ट किया गया हो।
- बड़े नाम परिवर्तन वाले मामले: जिन नागरिकों ने अपना पहला नाम पूरी तरह बदल लिया हो (Major Name Change) और जिसके लिए समाचार पत्रों में विज्ञापन और सरकारी गजट अधिसूचना की आवश्यकता होती है।
- खोए हुए पासपोर्ट के अधिकांश मामले: यदि आपका पासपोर्ट चोरी हो गया है या खो गया है, तो सामान्यतः सुरक्षा कारणों से तत्काल में दोबारा पासपोर्ट जारी नहीं किया जाता जब तक कि क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी (RPO) स्वयं संतुष्ट होकर विशेष अनुमति न दे।
- नागालैंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ संवेदनशील क्षेत्र: गृह मंत्रालय के सुरक्षा निर्देशों के अनुसार कुछ विशिष्ट सीमावर्ती क्षेत्रों के निवासियों के लिए पूर्व पुलिस सत्यापन अनिवार्य होता है।
तत्काल रिजेक्शन, स्लॉट री-शेड्यूल व दलालों से बचाव के टिप्स
यदि पीएसके काउंटर पर किसी कारणवश आपके 3 दस्तावेजों में से 1 दस्तावेज खारिज हो जाता है, तो घबराएं नहीं। अधिकारी आपकी फाइल को निरस्त (Reject) नहीं करता, बल्कि उसे 'Hold' पर डाल देता है। आपको 30 दिनों का समय दिया जाता है जिसके दौरान आप बिना कोई नया शुल्क दिए सही दस्तावेज लेकर दोबारा उसी पीएसके में जा सकते हैं। यदि आप 3 दस्तावेज पूरे नहीं कर पाते, तो अधिकारी आपके आवेदन को सामान्य श्रेणी (Normal Application) में बदल देता है, जहाँ केवल 1 या 2 दस्तावेजों के आधार पर पुलिस वेरिफिकेशन होकर पासपोर्ट बन जाता है (हालाँकि अतिरिक्त ₹2,000 का तत्काल शुल्क वापस नहीं मिलता)।
दलालों से 100% सावधान रहें: पासपोर्ट सेवा केंद्रों के बाहर घूमने वाले किसी भी एजेंट को ₹1 भी न दें। पासपोर्ट बनवाने की पूरी प्रणाली पारदर्शी, ऑनलाइन और बायोमेट्रिक है। कोई भी बाहरी व्यक्ति आपके आवेदन को जल्दी स्वीकृत नहीं करा सकता। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अनावश्यक अड़चन पैदा करे, तो पीएसके के लोक शिकायत अधिकारी (Public Grievance Officer - PGO) से सीधे संपर्क करें या विदेश मंत्रालय की हेल्पलाइन 1800-258-1800 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People Also Ask FAQs)
1. क्या तत्काल पासपोर्ट के लिए पुलिस घर आकर जांच करती है?
हाँ, लेकिन पासपोर्ट जारी होने और घर डिलीवर होने के बाद (Post-Police Verification)। स्पीड पोस्ट से पासपोर्ट मिलने के 7 से 15 दिनों के भीतर स्थानीय बीट कांस्टेबल सामान्य सत्यापन के लिए घर आता है।
2. अगर तत्काल स्लॉट न मिले तो क्या करें?
प्रत्येक कार्यदिवस ठीक सुबह 11:00 बजे (और कुछ आरपीओ में 12:00 बजे) अगले दिन के लिए तत्काल स्लॉट खोले जाते हैं। हाई-स्पीड इंटरनेट और पहले से भरे फॉर्म के साथ ठीक 11:00:02 पर स्लॉट बुक करें।
3. क्या तत्काल आवेदन रिजेक्ट होने पर अतिरिक्त ₹2,000 वापस मिलते हैं?
नहीं, पासपोर्ट सेवा नियमों के अनुसार सरकारी आवेदन और तत्काल प्रोसेसिंग शुल्क नॉन-रिफंडेबल होता है; हालाँकि आवेदन को सामान्य श्रेणी में बदलने की अनुमति मिल जाती है।
4. क्या तत्काल पासपोर्ट के लिए 10वीं की मार्कशीट देना अनिवार्य है?
यदि आप Non-ECR (इमिग्रेशन चेक नॉट रिक्वायर्ड) पासपोर्ट चाहते हैं तो 10वीं की मार्कशीट अनिवार्य है, अन्यथा पासपोर्ट ECR श्रेणी में जारी होगा।
5. क्या किराएदार तत्काल पासपोर्ट बनवा सकते हैं?
हाँ, यदि किराएदार के पास 1 वर्ष पुराना रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट और बैंक पासबुक/आधार में वही पता दर्ज है।
6. क्या आधार कार्ड की ई-कॉपी तत्काल में मान्य है?
हाँ, लेकिन वह यूआईडीएआई पोर्टल से डाउनलोड की गई फुल ई-आधार शीट होनी चाहिए जिस पर डिजिटल सिग्नेचर का हरा टिक मार्क हो।
7. तत्काल पासपोर्ट स्पीड पोस्ट से कितने दिन में घर पहुंचता है?
सफल पीएसके अपॉइंटमेंट और ग्रांटिंग के बाद अगले 24 से 72 घंटों में पासपोर्ट डिस्पैच कर दिया जाता है और मेट्रो शहरों में 2 से 3 दिनों में डिलीवर हो जाता है।
8. क्या एक साल में तत्काल अपॉइंटमेंट की तारीख बदली जा सकती है?
हाँ, भारत सरकार के नियमों के अनुसार आप 1 वर्ष की फीस वैधता अवधि के भीतर अधिकतम 3 बार अपॉइंटमेंट री-शेड्यूल कर सकते हैं।
आधिकारिक पोर्टल व क्लस्टर गाइड्स
पासपोर्ट संबंधी अन्य महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के लिए हमारे इन प्रमाणित गाइड्स को अवश्य पढ़ें:
- mPassport Police App 2026 से 5 दिन में पुलिस वेरिफिकेशन व Adverse रिपोर्ट समाधान
- ECR vs Non-ECR पासपोर्ट नियम: 18 गल्फ देश व 10वीं मार्कशीट से स्टेटस बदलने की SOP
- नाबालिग बच्चों का पासपोर्ट कैसे बनवाएं: Annexure D व C सहमति नियम
- पासपोर्ट स्टेटस ट्रैकिंग व स्पीड पोस्ट से पासपोर्ट अटकने पर रिकवरी SOP
- Police Clearance Certificate (PCC) ऑनलाइन अप्लाई व विदेशी वीजा नियम
आधिकारिक पासपोर्ट सेवा पोर्टल: passportindia.gov.in | राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन: 1800-258-1800 (सुबह 8:00 AM से रात 10:00 PM तक)।