⚡ सीधी काम की बात (Quick Answer)
इमिग्रेशन एक्ट 1983 के अनुसार ECR (Emigration Check Required) पासपोर्ट उन नागरिकों को मिलता है जिनके पास न्यूनतम 10वीं पास की अंकसूची नहीं होती। ECR धारकों को 18 अधिसूचित देशों (मुख्यतः यूएई, सऊदी, कतर, ओमान आदि) में वर्क वीजा पर जाने से पहले e-Migrate पोर्टल द्वारा Protector of Emigrants (POE) से क्लीयरेंस लेना अनिवार्य होता है। 10वीं पास अंकसूची, 3 साल का ITR या 50 वर्ष की आयु पूरी होने पर इसे ₹1,500 फीस देकर सीधे Non-ECR में बदला जा सकता है।
ECR और Non-ECR पासपोर्ट में क्या बुनियादी अंतर है?
जब आप भारत सरकार के पासपोर्ट सेवा पोर्टल पर नया पासपोर्ट बनवाते हैं या पुराने पासपोर्ट का नवीनीकरण (Re-issue) कराते हैं, तो फॉर्म में एक बेहद महत्वपूर्ण विकल्प आता है: "Are you eligible for Non-ECR category?"। भारत के लाखों नागरिक, विशेषकर पहली बार विदेश जाने वाले मजदूर, ड्राइवर, प्लंबर और कम पढ़े-लिखे युवा इस एक विकल्प का मतलब नहीं समझ पाते और अनजाने में गलत विकल्प चुन लेते हैं। बाद में जब वे खाड़ी देशों (Gulf Countries) में नौकरी के लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचते हैं, तो इमिग्रेशन काउंटर पर उन्हें रोक लिया जाता है और फ्लाइट छूट जाती है।
सरल शब्दों में समझें:
- ECR (Emigration Check Required): यदि आवेदक ने 10वीं कक्षा (High School / Matriculation) पास नहीं की है, या आवेदन करते समय 10वीं की वैध अंकसूची प्रस्तुत नहीं की है, तो सरकार उसके पासपोर्ट पर 'ECR' का ठप्पा लगाती है। इसका अर्थ यह है कि यदि यह व्यक्ति खाड़ी के 18 देशों में मजदूरी या नौकरी के लिए जाएगा, तो भारत सरकार पहले यह जांचेगी कि जिस कंपनी में वह जा रहा है, वह असली है या फर्जी, और उसे तय न्यूनतम वेतन व चिकित्सा बीमा मिल रहा है या नहीं।
- Non-ECR (Emigration Check Not Required - पुराना नाम ECNR): यदि आवेदक न्यूनतम 10वीं पास है, या आयकर दाता है, या सरकार द्वारा तय 14 विशिष्ट श्रेणियों में आता है, तो उसका पासपोर्ट 'Non-ECR' बनता है। ऐसे पासपोर्ट धारक दुनिया के किसी भी देश में, किसी भी वीज़ा पर (चाहे वर्क वीज़ा हो, टूरिस्ट हो या बिजनेस वीज़ा) बिना किसी पूर्व सरकारी अनुमति या उत्प्रवास जांच के सीधे यात्रा कर सकते हैं।
भारतीय उत्प्रवास अधिनियम 1983 (The Emigration Act) व कामगार सुरक्षा
भारत में ECR व्यवस्था का कानूनी आधार The Emigration Act, 1983 (1983 का अधिनियम संख्या 31) की धारा 22 में निहित है। 1970 और 80 के दशक में जब गल्फ बूम (Gulf Oil Boom) शुरू हुआ, तो भारत से लाखों अकुशल और अर्ध-कुशल कामगार खाड़ी देशों में जाने लगे। उस दौर में बेईमान भर्ती एजेंटों (Recruiting Agents) ने फर्जी कंपनियों के नाम पर लाखों लोगों को टूरिस्ट वीजा पर सऊदी अरब, कुवैत और दुबई भेज दिया, जहाँ पहुँचकर उनके पासपोर्ट छीन लिए गए और उन्हें बंधुआ मजदूरों की तरह रखा गया।
इस गंभीर मानवीय संकट और शोषण को रोकने के लिए संसद ने उत्प्रवास कानून बनाया। सरकार ने देश भर में **Protector of Emigrants (POE)** कार्यालय स्थापित किए (जैसे दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोच्चि, चंडीगढ़, हैदराबाद आदि)। कानून का उद्देश्य नागरिक की विदेश यात्रा पर प्रतिबंध लगाना नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी कमजोर या कम पढ़े-लिखे भारतीय नागरिक को विदेशी धरती पर ले जाकर लावारिस न छोड़ा जाए। POE कार्यालय केवल तभी क्लीयरेंस देता है जब विदेशी नियोक्ता द्वारा साइन किया हुआ रोजगार अनुबंध (Employment Contract) प्रमाणित हो और कामगार के लिए अनिवार्य जीवन बीमा मौजूद हो।
18 अधिसूचित देशों (ECR Countries) की आधिकारिक सूची 2026
विदेश मंत्रालय के उत्प्रवास प्रभाग (OE Division) ने दुनिया के केवल 18 देशों को ECR व्यवस्था के अंतर्गत अधिसूचित किया हुआ है। यदि आपके पास ECR पासपोर्ट है और आपको इन 18 देशों में से किसी भी देश में वर्क परमिट (Employment Visa / Work Permit) पर जाना है, तो आपको भारत छोड़ने से पहले सरकारी क्लीयरेंस लेना 100% अनिवार्य होगा:
- संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates - UAE): दुबई, अबू धाबी, शारजाह, अजमान आदि।
- सऊदी अरब (Kingdom of Saudi Arabia - KSA): रियाद, जेद्दा, दम्माम आदि।
- कतर (State of Qatar): दोहा आदि।
- ओमान (Sultanate of Oman): मस्कट आदि।
- कुवैत (State of Kuwait)
- बहरीन (Kingdom of Bahrain)
- मलेशिया (Malaysia)
- थाईलैंड (Thailand)
- इराक (Republic of Iraq)
- जॉर्डन (Hashemite Kingdom of Jordan)
- लेबनान (Lebanese Republic)
- लीबिया (State of Libya)
- यमन (Republic of Yemen)
- सूडान (Republic of the Sudan)
- दक्षिण सूडान (Republic of South Sudan)
- सीरिया (Syrian Arab Republic)
- अफगानिस्तान (Islamic Emirate of Afghanistan)
- इंडोनेशिया (Republic of Indonesia)
महत्वपूर्ण तथ्य: यदि आप इन 18 देशों के अलावा दुनिया के किसी अन्य देश (जैसे अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, जर्मनी, सिंगापुर, रूस, जापान, या दक्षिण अफ्रीका) में वर्क वीजा पर जा रहे हैं, तो चाहे आपका पासपोर्ट ECR हो, आपको किसी भी प्रकार के Emigration Clearance की आवश्यकता नहीं होती!
गोल्डन नियम: क्या टूरिस्ट व विजिट वीजा पर भी ECR क्लीयरेंस चाहिए?
यह इंटरनेट पर फैला सबसे बड़ा भ्रम है। लाखों ECR पासपोर्ट धारक यह सोचते हैं कि वे दुबई, बैंकॉक या मलेशिया घूमने या अपने परिवार से मिलने नहीं जा सकते।
भारत सरकार का 100% स्पष्ट कानूनी नियम:
यदि आप उपरोक्त 18 देशों में किसी भी प्रकार के गैर-रोजगार वीज़ा (Non-Employment Visa) पर जा रहे हैं—जैसे:
- पर्यटक वीजा (Tourist Visa)
- पारिवारिक मिलन या विजिट वीजा (Family Visit Visa)
- व्यावसायिक बैठक वीज़ा (Business Meeting Visa)
- चिकित्सा उपचार वीज़ा (Medical Visa)
- उच्च शिक्षा वीज़ा (Student Visa)
तो चाहे आपके पासपोर्ट पर ECR का ठप्पा लगा हो, आपको शून्य क्लीयरेंस (No Clearance Required) चाहिए! आप बिना किसी सरकारी दफ्तर गए, सीधे अपनी कन्फर्म वापसी फ्लाइट टिकट (Return Ticket), वैध वीज़ा, और होटल बुकिंग दिखाकर एयरपोर्ट के इमिग्रेशन काउंटर से उड़ान भर सकते हैं। इमिग्रेशन ब्यूरो का कोई भी अधिकारी किसी वैध पर्यटक को केवल इसलिए नहीं रोक सकता कि उसका पासपोर्ट ECR है।
Non-ECR पासपोर्ट के लिए पात्र 14 नागरिक श्रेणियां
विदेश मंत्रालय की पासपोर्ट नियमावली 1980 के तहत यदि कोई आवेदक नीचे दी गई 14 श्रेणियों में से किसी भी एक श्रेणी की शर्त पूरी करता है, तो वह 100% Non-ECR पासपोर्ट पाने का कानूनी हकदार है:
- 10वीं पास नागरिक: किसी भी मान्यता प्राप्त केंद्रीय बोर्ड (CBSE, ICSE) या राज्य शिक्षा बोर्ड (UP Board, Bihar Board, MP Board, आदि) अथवा ओपन स्कूल (NIOS) से 10वीं कक्षा पास करने का मूल प्रमाण पत्र।
- उच्च शिक्षा डिग्री धारक: 12वीं पास, स्नातक (BA, B.Sc, B.Com), परास्नातक, बीटेक, एमबीबीएस, एलएलबी, सीए या पीएचडी डिग्री धारक।
- इनकम टैक्स पेयर्स (Taxpayers): वे सभी नागरिक जो पिछले कम से कम 3 लगातार वर्षों से आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल कर रहे हैं और उनके पास असेसमेंट ऑर्डर या ITR-V की पावती रसीदें हैं। इनके पति/पत्नी और 18 वर्ष से कम के बच्चों को भी स्वतः Non-ECR मिलता है।
- 50 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिक: जो नागरिक 50 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, उनसे 10वीं की अंकसूची नहीं मांगी जाती; केवल जन्म प्रमाण पत्र या पैन कार्ड के आधार पर Non-ECR मिलता है।
- 18 वर्ष से कम आयु के सभी नाबालिग: 18 वर्ष का होने तक सभी बच्चों को स्वतः Non-ECR दर्जा मिलता है।
- 3 वर्ष तक विदेश में रह चुके व्यक्ति: जो नागरिक वैध वर्क परमिट या रेजिडेंट वीजा पर लगातार या कुल मिलाकर 3 वर्ष विदेश में बिताया हुआ कर चुके हों।
- मान्यता प्राप्त तकनीकी डिप्लोमा धारक: राज्य या केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE/BTE) से 2 या 3 वर्षीय पॉलिटेक्निक डिप्लोमा धारक।
- नर्सिंग डिग्री व डिप्लोमा धारक: भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान से नर्सिंग योग्यता रखने वाले पेशेवर।
- सरकारी कर्मचारी: केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्वायत्त निकायों, और सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) के सभी नियमित कर्मचारी, उनके जीवनसाथी और आश्रित बच्चे।
- सशस्त्र बल व रक्षा कर्मी: थल सेना, नौसेना, वायु सेना और अर्धसैनिक बलों के सेवारत व सेवानिवृत्त कर्मी।
- समुद्री नाविक (Seamen): जो सतत निर्वहन प्रमाणपत्र (CDC) धारक हैं या समुद्री कैडेट हैं।
- स्थायी विदेशी आव्रजन वीज़ा धारक: जिनके पास अमेरिका का ग्रीन कार्ड, ब्रिटेन, कनाडा या ऑस्ट्रेलिया का पीआर (Permanent Residency) वीज़ा हो।
- वकील (Advocate), डॉक्टर व चार्टर्ड अकाउंटेंट्स: संबंधित पेशेवर परिषदों (बार काउंसिल, एनएमसी, आईसीएआई) में पंजीकृत सदस्य।
- राजनयिक व आधिकारिक पासपोर्ट धारक: भारत सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधि।
ECR बनाम Non-ECR संपूर्ण तुलनात्मक सारणी (5-कॉलम)
नीचे दी गई 5-कॉलम तालिका में दोनों श्रेणियों की कानूनी स्थिति, शैक्षणिक अनिवार्यता, और यात्रा अधिकारों का पूर्ण तुलनात्मक विश्लेषण दिया गया है:
| मापदंड व श्रेणी | न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता | 18 देशों में वर्क वीजा नियम | टूरिस्ट वीजा पर प्रस्थान | सरकारी री-इश्यू फीस (₹) |
|---|---|---|---|---|
| ECR (Check Required) | 10वीं से कम (अशिक्षित या 8वीं पास) | e-Migrate से POE क्लीयरेंस अनिवार्य | स्वतंत्र यात्रा (क्लीयरेंस मुक्त) | ₹1,500 (36 पेज) |
| Non-ECR (10th Pass) | 10वीं पास (Matriculation) | किसी क्लीयरेंस की आवश्यकता नहीं | स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय यात्रा | ₹1,500 (36 पेज) |
| Non-ECR (3-Yr ITR) | कोई शैक्षणिक बाध्यता नहीं (टैक्सपेयर) | किसी क्लीयरेंस की आवश्यकता नहीं | स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय यात्रा | ₹1,500 (36 पेज) |
| Non-ECR (वरिष्ठ 50+) | कोई शैक्षणिक बाध्यता नहीं (उम्र 50+) | किसी क्लीयरेंस की आवश्यकता नहीं | स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय यात्रा | ₹1,500 (36 पेज) |
| Non-ECR (नाबालिग <18) | कोई शैक्षणिक बाध्यता नहीं (नाबालिग) | 18 वर्ष तक स्वतः Non-ECR | स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय यात्रा | ₹1,000 (36 पेज) |
ECR पासपोर्ट को Non-ECR में बदलने की स्टेप-बाय-स्टेप ऑनलाइन SOP
यदि आपका पुराना पासपोर्ट ECR बना हुआ था और अब आपने 10वीं पास कर ली है या आप 50 वर्ष के हो चुके हैं अथवा 3 साल से ITR भर रहे हैं, तो आप घर बैठे इसे Non-ECR में बदलवा सकते हैं। इसके लिए नया पासपोर्ट आवेदन नहीं होता, बल्कि **'Re-issue of Passport'** का फॉर्म भरना पड़ता है:
- लॉगिन करें: आधिकारिक पोर्टल
passportindia.gov.inपर अपने आईडी-पासवर्ड से लॉगिन करें। - आवेदन का प्रकार चुनें: डैशबोर्ड पर 'Apply for Fresh Passport / Re-issue of Passport' पर क्लिक करें।
- री-इश्यू का कारण दर्ज करें: 'Re-issue' का चयन करें और विकल्पों में 'Change in Existing Personal Particulars' पर टिक करें। इसके सब-मेनू में 'Non-ECR Status' के चेकबॉक्स को सेलेक्ट करें।
- पात्रता दस्तावेज चुनें: फॉर्म में 'Are you eligible for Non-ECR category?' में Yes चुनें और ड्रॉपडाउन से अपना साक्ष्य चुनें (जैसे 'Matriculation or Higher Educational Pass Certificate' या 'Income Tax Assessment Order').
- ऑनलाइन शुल्क भुगतान: 36 पेज बुकलेट के लिए ₹1,500 की सामान्य सरकारी फीस का ऑनलाइन भुगतान करें और अपने नजदीकी पीएसके या डाकघर पीएसके में स्लॉट बुक करें।
- पीएसके काउंटर पर मूल प्रमाण पत्र दिखाएं: अपॉइंटमेंट के दिन अपने पुराने पासपोर्ट की मूल प्रति और 10वीं की मूल अंकसूची व पासिंग सर्टिफिकेट काउंटर B के अधिकारी को दिखाएं।
- सत्यापन व नया पासपोर्ट: अधिकारी आपके 10वीं सर्टिफिकेट की जांच कर स्टेटस को Non-ECR में अप्रूव कर देगा। सामान्य पुलिस सत्यापन के बाद 7 से 10 दिनों में नया Non-ECR पासपोर्ट आपके पते पर स्पीड पोस्ट से प्राप्त हो जाएगा।
e-Migrate पोर्टल व प्रवासी भारतीय बीमा योजना (PBBY) क्लीयरेंस
यदि कोई नागरिक 10वीं पास नहीं है और उसके पास ECR पासपोर्ट ही है, तथा उसे सऊदी अरब, यूएई या कुवैत में मजदूरी, कारपेंटर, मेशन या हेल्पर के वर्क वीजा पर जाना है, तो वह कानूनी रूप से कैसे जाएगा? इसका आधिकारिक समाधान केंद्र सरकार का e-Migrate पोर्टल (emigrate.gov.in) है:
1. अधिकृत भर्ती एजेंसी (Registered Recruiting Agent - RA):
कामगार को केवल विदेश मंत्रालय द्वारा मान्यता प्राप्त और लाइसेंस्ड आरए (RA) के माध्यम से ही गल्फ का वर्क वीजा लेना चाहिए। अवैध दलालों (Sub-agents) से वीजा लेना सख्त मना है।
2. डिजिटल रोजगार अनुबंध (Electronic Employment Contract):
विदेशी कंपनी e-Migrate पोर्टल पर कामगार का जॉब ऑफर लेटर और कॉन्ट्रैक्ट अपलोड करती है जिसमें मूल वेतन, रहने की सुविधा, भोजन और ओवर-टाइम की दरें भारत सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन (Minimum Referral Wage - MRW) के अनुसार दर्ज होती हैं।
3. अनिवार्य प्रवासी भारतीय बीमा योजना (PBBY):
कामगार का किसी भी भारतीय सरकारी या निजी साधारण बीमा कंपनी से ₹10 लाख का प्रवासी भारतीय बीमा कराना अनिवार्य होता है। इसका प्रीमियम 2 वर्ष के लिए मात्र ₹275 से ₹375 होता है। यदि विदेश में कामगार की दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी विकलांगता हो जाती है, तो उसके परिवार को ₹10 लाख की एकमुश्त वित्तीय सहायता और भारत आने का हवाई टिकट मिलता है।
4. POE डिजिटल अप्रूवल:
कागजात सही होने पर संबंधित क्षेत्र का Protector of Emigrants ऑनलाइन ही पासपोर्ट पर डिजिटल क्लीयरेंस जारी कर देता है। इसके बाद एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन कंप्यूटर में आपका नाम अपने आप 'Cleared' दिखता है और कोई अधिकारी आपको नहीं रोक सकता।
एयरपोर्ट पर ऑफलोडिंग (Offloading) व फर्जी एजेंटों से बचाव के टिप्स
भारत के हवाई अड्डों पर रोजाना दर्जनों कामगारों को ऑफलोड (विमान में चढ़ने से रोक देना) कर दिया जाता है। इसका सबसे बड़ा कारण यह होता है कि ग्रामीण दलाल अनपढ़ कामगारों को यह कहकर धोखा देते हैं कि "हम तुम्हारा 1 महीने का दुबई विजिट वीजा लगवा देते हैं, वहां पहुँचकर कंपनी इसे वर्क परमिट में बदल देगी।"
जब इमिग्रेशन काउंटर पर बैठा ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (BOI) का अधिकारी ECR पासपोर्ट धारक से पूछताछ करता है और उसे पता चलता है कि युवक के पास न तो रिटर्न टिकट के पैसे हैं, न होटल की बुकिंग है, और वह असल में नौकरी की तलाश में जा रहा है—तो अधिकारी तुरंत उसे 'Suspected Illegal Emigration' के तहत रोक देता है।
कामगारों के लिए 3 सुरक्षा नियम:
- कभी भी विजिट या टूरिस्ट वीज़ा पर विदेश में नौकरी करने न जाएं। यह कानूनन अपराध है और पकड़े जाने पर संबंधित देश की पुलिस जेल में डाल सकती है।
- यदि पासपोर्ट ECR है, तो हमेशा आधिकारिक 'Employment Visa' पर ही जाएं और अपने एजेंट से e-Migrate क्लीयरेंस की पावती मांगें।
- यदि आपने 10वीं पास कर ली है, तो विदेश जाने की तारीख से कम से कम 2 महीने पहले अपने पासपोर्ट को Non-ECR में कन्वर्ट करा लें ताकि एयरपोर्ट पर किसी की दया पर निर्भर न रहना पड़े।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (People Also Ask FAQs)
1. मुझे कैसे पता चलेगा कि मेरा पासपोर्ट ECR है या Non-ECR?
अपने पासपोर्ट का अंतिम पृष्ठ (पेज 36) खोलें। यदि उस पर कुछ नहीं छपा है, तो आपका पासपोर्ट Non-ECR है। यदि उस पर Emigration Check Required की मुहर या नोटेशन छपी है, तो वह ECR पासपोर्ट है।
2. क्या ECR पासपोर्ट धारक दुबई या थाईलैंड घूमने जा सकते हैं?
हाँ, टूरिस्ट, विजिट या मेडिकल वीजा पर 18 देशों सहित पूरी दुनिया में यात्रा करने के लिए ECR धारकों को किसी भी सरकारी क्लीयरेंस की आवश्यकता नहीं होती।
3. क्या 10वीं फेल व्यक्ति को Non-ECR पासपोर्ट मिल सकता है?
हाँ, यदि आवेदक पिछले 3 वर्षों से लगातार इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भर रहा हो, या उसकी आयु 50 वर्ष से अधिक हो, या उसने कम से कम 3 वर्ष विदेश में बिताए हों।
4. क्या ओपन स्कूल (NIOS) की 10वीं मार्कशीट Non-ECR के लिए मान्य है?
हाँ, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) या किसी भी राज्य सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त ओपन स्कूल बोर्ड की 10वीं अंकसूची 100% मान्य है।
5. e-Migrate क्लीयरेंस न होने पर एयरपोर्ट इमिग्रेशन पर क्या होता है?
इमिग्रेशन ब्यूरो के अधिकारी संबंधित कामगार को फ्लाइट बोर्ड करने से रोक (Offload) देते हैं और बिना वैध POE क्लीयरेंस के प्रस्थान की अनुमति नहीं मिलती।
6. क्या ECR स्टेटस बदलने के लिए दोबारा पुलिस वेरिफिकेशन होता है?
हाँ, पासपोर्ट री-इश्यू के तहत नया पासपोर्ट जारी होता है, इसलिए सामान्य पुलिस सत्यापन प्रक्रिया पूरी की जाती है।
7. क्या 18 साल से कम उम्र के बच्चों का पासपोर्ट ECR होता है?
नहीं, भारत सरकार के नियमों के अनुसार 18 वर्ष से कम आयु के सभी नाबालिग बच्चों को स्वतः Non-ECR दर्जा मिलता है।
8. प्रवासी भारतीय बीमा योजना (PBBY) क्या है और यह क्यों जरूरी है?
यह ₹10 लाख का अनिवार्य दुर्घटना व चिकित्सा बीमा कवर है, जो खाड़ी देशों में काम करने जाने वाले ECR कामगारों के लिए e-Migrate क्लीयरेंस के दौरान आवश्यक होता है।
आधिकारिक पोर्टल व क्लस्टर गाइड्स
विदेश यात्रा और पासपोर्ट से संबंधित हमारी इन आधिकारिक गाइड्स को अवश्य पढ़ें:
- तत्काल पासपोर्ट 2026: 3 दिन में पासपोर्ट पाने के नियम, फीस व 13 दस्तावेज
- mPassport Police App 2026 से 5 दिन में पुलिस वेरिफिकेशन व Adverse रिपोर्ट समाधान
- नाबालिग बच्चों का पासपोर्ट कैसे बनवाएं: Annexure D व C सहमति नियम
- Police Clearance Certificate (PCC) ऑनलाइन अप्लाई व विदेशी वीजा नियम
- पासपोर्ट स्टेटस ट्रैकिंग व स्पीड पोस्ट से पासपोर्ट अटकने पर रिकवरी SOP
आधिकारिक उत्प्रवास पोर्टल: emigrate.gov.in | पासपोर्ट सेवा पोर्टल: passportindia.gov.in