नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI)
आधिकारिक नियामक: npci.org.in | यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) नया सर्कुलर
NPCI यूपीआई दिशानिर्देश देखें →⚡ मुख्य बातें (Quick Summary)
- फीचर का नाम: UPI Circle - Delegated Payments (डेलीगेटेड पेमेंट्स).
- अधिकतम मासिक सीमा: ₹15,000 प्रति सेकंडरी यूजर।
- प्रति ट्रांजेक्शन सीमा: अधिकतम ₹5,000 प्रति पेमेंट।
- सदस्यों की क्षमता: एक प्राइमरी यूजर अपने खाते से अधिकतम 5 सेकंडरी मेंबर्स जोड़ सकता है।
1. यूपीआई सर्कल क्या है और यह सामान्य यूपीआई से कैसे अलग है?
काम की बात: UPI Circle एनपीसीआई का एक नया डिजिटल पेमेंट फीचर है जो एक मुख्य बैंक खाते से परिवार के अन्य सदस्यों को भुगतान करने की सीमित अनुमति देता है। इसके जरिए कॉलेज जाने वाले बच्चों या बुजुर्ग माता-पिता को अलग से पॉकेट मनी देने या नकद पैसे निकालने की जरूरत खत्म हो जाती है।
अब तक स्थिति यह थी कि यदि आपके 16 साल के बेटे को किताब खरीदनी है या स्कूल कैंटीन में पेमेंट करना है, तो या तो आपको उसे नकद देना पड़ता था, या फिर आपको अपना फोन देकर यूपीआई पिन बताना पड़ता था। पिन बताने से बैंक खाते की पूरी सुरक्षा खतरे में पड़ जाती थी, क्योंकि बच्चे गलती से बड़े ऑनलाइन गेमिंग या फ्रॉड लिंक पर पूरा खाता खाली कर सकते थे।
UPI Circle ने इस समस्या को हमेशा के लिए सुलझा दिया है। अब बेटा अपने खुद के फोन में Google Pay या BHIM ऐप डाउनलोड करेगा। आप अपने फोन से उसे अपने 'UPI Circle' में जोड़ेंगे और महीने की लिमिट (जैसे ₹3,000) तय कर देंगे। वह दुकानदार का क्यूआर कोड स्कैन करके खुद पेमेंट कर लेगा, लेकिन वह आपकी तय की गई ₹3,000 की सीमा से ₹1 भी ज्यादा खर्च नहीं कर पाएगा।
2. 5-कॉलम तुलना तालिका: फुल डेलीगेशन बनाम पार्शियल डेलीगेशन के नियम
डेलीगेशन मोड्स: एनपीसीआई ने दो अलग-अलग नियंत्रण स्तर दिए हैं। 'फुल डेलीगेशन' में सेकंडरी यूजर स्वतंत्र रूप से तय लिमिट तक भुगतान कर सकता है, जबकि 'पार्शियल डेलीगेशन' में हर भुगतान के लिए प्राइमरी यूजर के मोबाइल पर नोटिफिकेशन आता है और उसे अपना पिन डालकर मंजूरी देनी होती है।
| मापदंड / श्रेणी | सरकारी नियम | आवश्यक दस्तावेज़ / पात्रता | शुल्क / समय-सीमा | काम की टिप |
|---|---|---|---|---|
| फुल डेलीगेशन (Full Delegation) | सेकंडरी यूजर तय लिमिट के अंदर बिना किसी से पूछे तुरंत पेमेंट कर सकता है | प्राइमरी यूजर द्वारा लिमिट सेट व बायोमेट्रिक सहमति | प्रति ट्रांजेक्शन ₹5,000 | मासिक ₹15,000 | दैनिक घरेलू खर्चे करने वाले जीवनसाथी या जिम्मेदार कॉलेज छात्रों के लिए सबसे उपयुक्त। |
| पार्शियल डेलीगेशन (Partial Delegation) | सेकंडरी यूजर पेमेंट इनिशिएट करेगा, प्राइमरी यूजर अपने पिन से फाइनल पास करेगा | प्राइमरी यूजर के फोन पर लाइव पुश नोटिफिकेशन | कोई स्वतः कटौती नहीं, हर बार अप्रूवल जरूरी | छोटे बच्चों या उन सदस्यों के लिए जिन्हें हर खर्च से पहले आपकी अनुमति की आवश्यकता है। |
| अधिकतम उपयोगकर्ता सीमा | 1 प्राइमरी यूजर अधिकतम 5 सेकंडरी मेंबर्स को अपने सर्कल में जोड़ सकता है | सेकंडरी मेंबर्स का मोबाइल नंबर व यूपीआई आईडी | निःशुल्क सर्विस (कोई बैंक चार्ज नहीं) | एक सेकंडरी यूजर एक समय में केवल एक ही प्राइमरी यूजर के सर्कल से जुड़ सकता है। |
| 24 घंटे का कूलिंग पीरियड | नया सदस्य जोड़ने पर पहले 24 घंटे में सुरक्षा हेतु लिमिट सीमित रहती है | एनपीसीआई फ्रॉड प्रिवेंशन सिस्टम द्वारा स्वतः लागू | पहले दिन अधिकतम ₹5,000 खर्च सीमा | अगर किसी ने धोखे से आपका फोन लेकर खुद को जोड़ लिया, तो 24 घंटे में आप उसे तुरंत हटा सकते हैं। |
| ट्रांजेक्शन विजिबिलिटी | प्राइमरी यूजर को हर खर्च का तुरंत एसएमएस और ऐप में रीयल-टाइम अलर्ट मिलता है | बैंक स्टेटमेंट में 'UPI Circle / Secondary' कोड दिखेगा | लाइफस्टाइल ट्रैकिंग हेतु पारदर्शी | महीने के अंत में आप देख सकते हैं कि किस सदस्य ने किस दुकान पर कितना पैसा खर्च किया। |
3. Google Pay, PhonePe व BHIM में UPI Circle एक्टिव करने के स्टेप्स
सेटअप प्रक्रिया: अपने यूपीआई ऐप की प्रोफाइल में जाएं और 'UPI Circle' विकल्प पर टैप करें। 'Add Secondary User' चुनकर परिवार के सदस्य का मोबाइल नंबर या यूपीआई आईडी डालें। डेलीगेशन मोड (फुल या पार्शियल) और मासिक खर्च सीमा चुनें, फिर अपने यूपीआई पिन से पुष्टि करें।
- स्टेप 1: अपने मोबाइल में Google Pay, PhonePe या BHIM ऐप खोलें और ऊपर दाईं ओर अपनी प्रोफाइल फोटो पर टैप करें।
- स्टेप 2: नीचे स्क्रॉल करें और 'UPI Circle' या 'Delegate Payments' विकल्प चुनें।
- स्टेप 3: 'Add a Family Member' पर क्लिक करें और अपनी फोन कॉन्टैक्ट लिस्ट से उस सदस्य का नंबर चुनें जिसे जोड़ना है।
- स्टेप 4 (मोड चुनें):
- यदि आप चाहते हैं कि वह बिना आपसे पूछे खर्च कर सके, तो 'Spend with limit' (फुल डेलीगेशन) चुनें और मासिक सीमा (जैसे ₹2,000) दर्ज करें।
- यदि आप हर पेमेंट को खुद अप्रूव करना चाहते हैं, तो 'Approve every payment' (पार्शियल डेलीगेशन) चुनें।
- स्टेप 5 (प्राइमरी पिन ऑथराइजेशन): अपना यूपीआई पिन डालकर इस मैंडेट को अधिकृत करें।
- स्टेप 6 (सेकंडरी यूजर द्वारा स्वीकार करना): उस सदस्य के फोन में एक रिक्वेस्ट जाएगी। वह अपने ऐप में जाकर 'Accept' दबाएगा और अपने फोन का स्क्रीन लॉक/फिंगरप्रिंट सेट करेगा। बस, यूपीआई सर्कल तुरंत चालू हो जाएगा।
4. सुरक्षा नियम, सीमाएं (Limits) और धोखाधड़ी से बचाव के उपाय
यूपीआई सर्कल इस्तेमाल करते समय सुरक्षा के इन बुनियादी नियमों का पालन करें:
सावधानी 1: किसी अनजान व्यक्ति को सर्कल में न जोड़ें
कभी भी किसी अजनबी, ऑनलाइन टेलीग्राम दोस्त या लॉटरी/इनाम देने का दावा करने वाले के कहने पर उसे अपने यूपीआई सर्कल में न जोड़ें। केवल अपने परिवार के विश्वसनीय सदस्यों को ही शामिल करें।
सावधानी 2: एक क्लिक में रिमूव करने की सुविधा
यदि सेकंडरी यूजर का फोन खो जाता है या आपको लगता है कि वह फिजूलखर्ची कर रहा है, तो आप अपने फोन से किसी भी समय 'Remove User' या 'Pause Circle' बटन दबाकर तुरंत उसकी एक्सेस बंद कर सकते हैं।
सावधानी 3: मासिक लिमिट कभी भी बदली जा सकती है
अगर आपने शुरुआत में ₹5,000 की लिमिट तय की थी और अब परीक्षा के दिनों में केवल ₹1,000 रखनी है, तो आप अपने ऐप में जाकर कभी भी लिमिट घटा या बढ़ा सकते हैं।
5. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1: क्या सेकंडरी यूजर मेरे बैंक खाते का बैलेंस देख सकता है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। सेकंडरी यूजर को आपके बैंक खाते का कुल बैलेंस, खाता संख्या या आईएफएससी कोड कुछ भी दिखाई नहीं देता। उसे केवल वही लिमिट दिखाई देती है जो आपने उसके खर्च के लिए तय की है (जैसे 'Available Limit: ₹2,000')।
Q2: क्या सेकंडरी यूजर किसी अन्य व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर (P2P) कर सकता है?
उत्तर: एनपीसीआई के नियमों के अनुसार, यूपीआई सर्कल मुख्य रूप से मर्चेंट पेमेंट्स (P2M - दुकानदारों के क्यूआर कोड, बिल पेमेंट, ग्रॉसरी) के लिए अधिकृत है। कुछ ऐप्स में पी2पी ट्रांसफर पर सख्त प्रतिबंध या प्राइमरी अप्रूवल की शर्त होती है।
Q3: क्या इस सुविधा के लिए बैंक कोई अतिरिक्त चार्ज लेता है?
उत्तर: नहीं, यह पूरी तरह निःशुल्क है। सामान्य यूपीआई पेमेंट्स की तरह ही यूपीआई सर्कल पर भी सरकार और एनपीसीआई की ओर से कोई ट्रांजेक्शन फीस या वार्षिक चार्ज नहीं लिया जाता।
Q4: अगर सेकंडरी यूजर के फोन से गलत पेमेंट हो जाए तो क्या रिफंड मिलेगा?
उत्तर: यदि गलत मर्चेंट को पेमेंट हो गया है, तो सामान्य यूपीआई नियमों के तहत दुकानदार से या ऐप के 'Help & Dispute' सेक्शन से रिफंड रिक्वेस्ट दर्ज की जा सकती है। पैसा कटने और वापस आने की सूचना सीधे प्राइमरी यूजर के खाते में ही मिलती है।