⚡ सीधी काम की बात (Quick Answer)
फ्लैट का भौतिक पजेशन मिलने की तारीख से लेकर पूरे 5 वर्षों तक यदि इमारत में कोई भी संरचनात्मक दोष (Structural Defect), दीवारों में सीपेज, प्लास्टर झड़ना, घटिया पाइपलाइन, या लिफ्ट-फायर सिस्टम में खराबी आती है, तो RERA की धारा 14(3) के तहत बिल्डर बिना ₹1 लिए (Free of Cost) सूचना के 30 दिनों के भीतर उसे ठीक करने के लिए कानूनन बाध्य है। इसके अतिरिक्त धारा 17 के तहत OC मिलने के 3 महीने के भीतर कॉमन एरिया की कन्वेंस डीड व आईएफएमएस फंड आरडब्ल्यूए (RWA) को सौंपना अनिवार्य है।
गृहप्रवेश के बाद का कड़वा सच: नई बिल्डिंग में सीपेज, दरारें व बिल्डर का पल्ला झाड़ना
जब कोई परिवार अपनी जिंदगी भर की पूंजी लगाकर नए फ्लैट में गृहप्रवेश करता है, तो उसके सपने आसमान छू रहे होते हैं। परंतु अक्सर पहली ही बरसात में वह सपना चकनाचूर हो जाता है। ड्राइंग रूम की महंगी फॉल्स सीलिंग से पानी टपकने लगता है, मास्टर बेडरूम की दीवारों पर सफेद पपड़ी और सीपेज (Efflorescence & Dampness) फैल जाती है, बालकनी की रेलिंग डगमगाने लगती है और बेसमेंट में पानी भरने से लिफ्ट बंद हो जाती है।
जब हताश खरीदार बिल्डर के साइट ऑफिस या मेंटेनेंस डेस्क पर शिकायत लेकर जाता है, तो वहाँ से बेहद रूखा जवाब मिलता है: "सर, हमारा 1 साल का डिफ़ॉल्ट पीरियड खत्म हो चुका है। अब यह सोसाइटी की समस्या है, आप लोग अपनी जेब से पैसे मिलाकर मरम्मत करवाइए।" बिल्डरों द्वारा बरती जाने वाली यह लापरवाही न केवल खरीदार की आर्थिक लूट है, बल्कि कमजोर निर्माण सामग्री और घटिया कंक्रीट मिश्रण के कारण इमारत के गिरने का गंभीर सुरक्षा खतरा भी पैदा करती है।
2016 से पूर्व देश में ऐसा कोई केंद्रीय कानून नहीं था जो बिल्डर को पजेशन के बाद अपनी घटिया निर्माण गुणवत्ता के लिए जवाबदेह ठहरा सके। The Real Estate (Regulation and Development) Act, 2016 की धारा 14(3) ने इस मनमानी पर पूर्ण कानूनी लगाम लगा दी है और फ्लैट मालिकों को 5 साल की अटूट कानूनी सुरक्षा दी है।
RERA धारा 14(3) की कानूनी गारंटी: 5 साल तक 100% फ्री रिपेयर का कानूनी नियम
RERA अधिनियम की धारा 14(3) भारत के किसी भी बिल्डर-बायर एग्रीमेंट की मनमानी शर्तों को दरकिनार करते हुए एक स्पष्ट और अनिवार्य (कंपलसरी) कानूनी अधिदेश (Statutory Mandate) देती है:
"In case any structural defect or any other defect in workmanship, quality or provision of services or any other obligations of the promoter as per the agreement for sale relating to such development is brought to the notice of the promoter within a period of five years by the allottee from the date of handing over possession, it shall be the duty of the promoter to rectify such defects without further charge, within thirty days, and in the event of promoter's failure to rectify such defects within such time, the aggrieved allottees shall be entitled to receive appropriate compensation in the manner as provided under this Act."
इस ऐतिहासिक कानूनी धारा के 4 मूलभूत कानूनी स्तंभ हैं जिन्हें हर फ्लैट खरीदार को याद रखना चाहिए:
- 1. 5 साल की अखंड समय-सीमा: गारंटी की अवधि चाबी मिलने (हैंडओवर पजेशन) की वास्तविक तारीख से 5 साल तक लागू होती है, न कि सुपर स्ट्रक्चर पूरा होने की तारीख से।
- 2. मुफ्त मरम्मत (Zero Cost): बिल्डर सामग्री, लेबर, केमिकल ट्रीटमेंट अथवा किसी भी नाम पर 1 रुपये का शुल्क भी खरीदार से नहीं मांग सकता।
- 3. 30 दिनों की सख्त कानूनी समय-सीमा: लिखित सूचना प्राप्त होने के 30 दिनों के भीतर दोष का स्थायी निवारण होना अनिवार्य है। केवल लेपापोती या ऊपर से पेंट पोतना कानूनी अनुपालन नहीं माना जाएगा।
- 4. विफलता पर पूर्ण हर्जाना: यदि बिल्डर 30 दिन में ठीक नहीं करता, तो फ्लैट खरीदार (बायर) को RERA से पूरा मुआवजा और स्वतंत्र एजेंसी से मरम्मत कराकर उसका बिल बिल्डर से मय ब्याज वसूलने का अधिकार है।
डिफेक्ट लायबिलिटी का दायरा: क्या-क्या खामियां 5 साल की वारंटी में cover होती हैं?
बिल्डर अक्सर यह चालाकी करते हैं कि वे केवल बीम या पिलर के टूटने को ही 'स्ट्रक्चरल डिफेक्ट' मानते हैं और बाकी सब चीजों को 'सामान्य घिसावट (Normal Wear & Tear)' बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं। कानूनी रूप से धारा 14(3) का दायरा अत्यंत व्यापक है और इसमें तीन स्पष्ट श्रेणियां शामिल हैं:
1. संरचनात्मक दोष (Structural Defects)
- आरसीसी फ्रेम, पिलर, बीम या छत के स्लैब में गहरी दरारें (Structural Cracks)।
- इमारत के कंक्रीट का कमजोर होना (Spalling of Concrete) और जंग लगे लोहे के सरियों का बाहर दिखना।
- फाउंडेशन का असमान बैठना (Differential Settlement) जिससे पूरी इमारत झुकने लगे।
- छत की वाटरप्रूफिंग फेल होने के कारण स्लैब का कमजोर होना।
2. घटिया कारीगरी व सामग्री के दोष (Workmanship & Quality Defects)
- बाथरूम, डक्ट, एक्सटर्नल दीवारों या बालकनी में अत्यधिक सीपेज व नमी।
- खिड़कियों और बालकनी के दरवाजों के फ्रेम से बारिश का पानी अंदर घुसना।
- फ्लोरिंग की टाइलों का उखड़ना, खोखली आवाज आना या अनबैलेंस्ड ढलान।
- घटिया प्लंबिंग पाइप के कारण अंडरग्राउंड पाइपलाइन का फटना व लीकेज।
- विद्युत वायरिंग में शॉर्ट सर्किट या घटिया तारों के कारण उपकरणों का फुंकना।
3. सेवाओं व कॉमन इंस्टॉलेशन में दोष (Provision of Services & Installations)
- लिफ्ट (Elevator) का बार-बार अटकना, अचानक नीचे गिरना या एआरडी (Automatic Rescue Device) का काम न करना।
- फायर फाइटिंग सिस्टम (स्प्रिंकलर, हाइड्रेंट, स्मोक डिटेक्टर) का चालू न होना।
- सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) का बदबू मारना या गंदा पानी शोधित न कर पाना।
- डीजी सेट (DG Set) जनरेटर बैकअप का लोड न उठा पाना।
30-दिवसीय कानूनी नोटिस SOP: बिल्डर को कानूनी रूप से मरम्मत के लिए बाध्य करना
यदि आपके व्यक्तिगत फ्लैट में या पूरी सोसाइटी के कॉमन एरिया में कोई निर्माण दोष सामने आता है, तो केवल मौखिक शिकायत करने या वॉट्सऐप ग्रुप में लिखने से कोई कानूनी परिणाम नहीं निकलता। कानूनी रूप से मजबूत रहने के लिए निम्नलिखित 4-चरणीय एसओपी अपनाएं:
- साक्ष्यों का डिजिटल संग्रह (Forensic Evidence Collection):
दोष वाली जगह की उच्च-गुणवत्ता वाली तस्वीरें और 360-डिग्री वीडियो बनाएं। यदि सीपेज है, तो डिजिटल नमी मापक यंत्र (Moisture Meter) से दीवार की नमी का प्रतिशत रिकॉर्ड करें। यदि दरार है, तो स्केल रखकर दरार की चौड़ाई (मिमी में) की तस्वीर लें। - कानूनी 30-दिवसीय कानूनी नोटिस प्रेषित करना:
RERA की धारा 14(3) का स्पष्ट हवाला देते हुए प्रमोटर के आधिकारिक पते पर रजिस्टर्ड डाक (Speed Post AD) और कंपनी के डायरेक्टरों को आधिकारिक ईमेल से औपचारिक नोटिस भेजें। नोटिस में स्पष्ट लिखें कि पत्र प्राप्ति के ठीक 30 दिनों के भीतर दोष का पेशेवर समाधान किया जाए। - साइट विजिट का संयुक्त पंचनामा (Joint Site Inspection Report):
जब बिल्डर का इंजीनियर साइट पर मुआयना करने आए, तो उसके साथ स्वयं खड़े रहें। मौके पर जो भी चर्चा हो, उसे एक सादे कागज पर लिखें और बिल्डर के इंजीनियर के हस्ताक्षर करवाएं। उसमें स्पष्ट लिखा होना चाहिए कि मरम्मत कब शुरू होगी और कौन सी तकनीक अपनाई जाएगी। - 30 दिन की समय-सीमा की ट्रैकिंग:
नोटिस पहुंचने की तारीख से ठीक 30 दिन का कैलेंडर नोट कर लें। यदि 30 दिन के भीतर मरम्मत संतोषजनक तरीके से पूरी नहीं होती, तो कानूनी उल्लंघन प्रमाणित हो जाता है।
बिल्डर को प्रेषित किए जाने वाले 30-दिवसीय कानूनी डिफेक्ट नोटिस का कानूनी ड्राफ्ट (Notice Draft)
यदि आपके फ्लैट या विंग में कोई निर्माण दोष है, तो स्पीड पोस्ट व आधिकारिक ईमेल द्वारा तुरंत निम्नलिखित कानूनी नोटिस प्रेषित करें:
पंजीकृत डाक / स्पीड पोस्ट पावती सहित एवं आधिकारिक ईमेल द्वारा
दिनांक: [तारीख दर्ज करें]
प्रति,
प्रबंध निदेशक / अधिकृत प्रमोटर,
मेसर्स [बिल्डर/डेवलपर कंपनी का नाम व कॉर्पोरेट पता]
विषय: RERA अधिनियम 2016 की धारा 14(3) के अंतर्गत 5-वर्षीय डिफेक्ट लायबिलिटी के तहत संरचनात्मक दोष व सीपेज की निःशुल्क मरम्मत हेतु 30-दिवसीय कानूनी सूचना।
महोदय,
1. मैं [फ्लैट खरीदार (बायर) का नाम], आपके द्वारा विकसित परियोजना [प्रोजेक्ट का नाम], ब्लॉक/टावर [नंबर], फ्लैट संख्या [नंबर] का पंजीकृत फ्लैट खरीदार (होमबायर) हूँ। उक्त फ्लैट का भौतिक कब्जा मुझे ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के उपरांत दिनांक [पजेशन की तारीख] को सौंपा गया था।
2. अवगत कराना है कि पजेशन को अभी 5 वर्ष पूरे नहीं हुए हैं और संपत्ति वर्तमान में RERA की धारा 14(3) के अंतर्गत अनिवार्य डिफेक्ट लायबिलिटी पीरियड (Defect Liability Period) के पूर्ण कानूनी सुरक्षा में है।
3. विगत कुछ सप्ताहों से मेरे फ्लैट के [कमरे का नाम/बाथरूम/बालकनी की छत] में अत्यधिक गंभीर सीपेज, प्लास्टर का चटकना एवं बीम के पास दरारें उत्पन्न हो गई हैं (फोटोग्राफिक व वीडियोग्राफिक साक्ष्य संलग्नक 'A' के रूप में संलग्न हैं)। उक्त दोष नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC 2016) के मानकों के उल्लंघन एवं घटिया निर्माण कारीगरी का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
4. अतः इस कानूनी नोटिस के माध्यम से आपको सूचित किया जाता है कि पत्र प्राप्ति की तारीख से ठीक 30 दिनों के भीतर अपने विशेषज्ञ सिविल इंजीनियरों की टीम भेजकर उक्त दोषों की संपूर्ण व स्थायी मरम्मत निःशुल्क (Free of Cost) कराना सुनिश्चित करें।
5. यदि 30 दिवस की कानूनी समय-सीमा (Limitation Period) के भीतर उक्त निर्माण दोष का निवारण नहीं किया जाता, तो मैं राज्य RERA प्राधिकरण के समक्ष धारा 14(3) एवं धारा 31 के तहत दंडात्मक कार्यवाही, मरम्मत के वास्तविक खर्च की वसूली मय ब्याज सहित एवं मानसिक प्रताड़ना के मुआवजे हेतु वाद योजित करने के लिए बाध्य होऊंगा, जिसका संपूर्ण अदालती व कानूनी व्ययभार आप पर होगा।
भवदीय,
[फ्लैट खरीदार (बायर) का नाम, हस्ताक्षर, फ्लैट नंबर व फोन नंबर]
स्वतंत्र स्ट्रक्चरल ऑडिट (Forensic Inspection) कराने की मानक प्रक्रिया
जब किसी बहुमंजिला सोसाइटी के 50 से अधिक फ्लैटों में एक साथ सीपेज या बेसमेंट के पिलरों में दरारें दिखने लगें, तो व्यक्तिगत शिकायतों के बजाय आरडब्ल्यूए (RWA) को एक स्वतंत्र स्ट्रक्चरल ऑडिट (Independent Structural Audit) कराना चाहिए:
- मान्यता प्राप्त एजेंसी का चयन: आईआईटी (IIT), एनआईटी (NIT), अथवा सीबीआरआई (CBRI Roorkee) या सरकारी पंजीकृत स्ट्रक्चरल इंजीनियरों की फोरेंसिक फर्म को नियुक्त करें।
- गैर-विनाशकारी परीक्षण (Non-Destructive Testing - NDT): ऑडिट एजेंसी रिबाउंड हैमर टेस्ट (Rebound Hammer Test), अल्ट्रासोनिक पल्स वेलोसिटी टेस्ट (UPV Test), कोर कटिंग और कंक्रीट कार्बोनेशन टेस्ट करके बिल्डिंग की वास्तविक मजबूती का पता लगाती है।
- ऑडिट रिपोर्ट की कानूनी शक्ति: यह तकनीकी रिपोर्ट RERA कोर्ट, NCDRC अथवा हाईकोर्ट में अकाट्य वैज्ञानिक साक्ष्य बनती है जिसे बिल्डर के वकील झुठला नहीं सकते।
धारा 17 कॉमन एरिया हैंडओवर: 3 माह में RWA को कन्वेंस डीड व संपत्ति ट्रांसफर
बिल्डरों की सबसे पुरानी बीमारी यह रही है कि वे फ्लैट तो बेच देते हैं, परंतु सोसाइटी के कॉमन एरिया (क्लब हाउस, पार्क, बेसमेंट पार्किंग, रूफटॉप) का कानूनी मालिकाना हक कभी आरडब्ल्यूए को ट्रांसफर नहीं करते, ताकि वे भविष्य में खुली जमीन पर नए टावर खड़े कर सकें या क्लब को बाहरी लोगों को किराए पर देकर पैसे कमा सकें।
RERA की धारा 17 ने इसका स्थायी समाधान कर दिया है:
1. सक्षम प्राधिकारी से ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) प्राप्त होने की तारीख से ठीक 3 महीने के भीतर प्रमोटर को कॉमन एरिया का पंजीकृत 'कन्वेंस डीड (Conveyance Deed)' एसोसिएशन ऑफ ऑलॉटीज (RWA) के नाम निष्पादित करना अनिवार्य है।
2. हैंडओवर के समय प्रोजेक्ट के सभी मूल स्वीकृत नक्शे (Sanctioned Plans), स्ट्रक्चरल ड्राइंग्स, फायर एनओसी, पर्यावरण क्लीयरेंस, लिफ्ट लाइसेंस, और एएमसी अनुबंध आरडब्ल्यूए को भौतिक रूप से सौंपने होंगे।
3. फ्लैट खरीदारों (बायर्स) से एकत्रित संपूर्ण IFMS (Interest Free Maintenance Security) फंड, बैंक ब्याज और ऑडिटेड बैलेंस शीट सहित RWA के खाते में आरटीजीएस करना अनिवार्य (कंपलसरी) है।
यदि बिल्डर 30 दिन में मरम्मत न कराए तो RERA में हर्जाना व आपराधिक कार्रवाई
यदि 30 दिन बीत जाने के बाद भी बिल्डर नोटिस को नजरअंदाज करता है या लीपापोती करके भाग जाता है, तो फ्लैट खरीदारों के पास निम्नलिखित 3 अचूक कानूनी रास्ते होते हैं:
- RERA धारा 31 के तहत ऑनलाइन शिकायत: राज्य रेरा पोर्टल पर 'Form M' शिकायत दर्ज करें जिसमें धारा 14(3) के उल्लंघन का आरोप लगाएं। प्रार्थना करें कि बिल्डर को पेशेवर एजेंसी से मरम्मत कराने का आदेश दिया जाए अथवा मरम्मत की प्राक्कलित लागत (Estimated Repair Cost) खरीदार के खाते में जमा कराई जाए।
- निजी एजेंसी से रिपेयर व धारा 40 से वसूली: आप किसी प्रतिष्ठित सिविल कांट्रैक्टर से कोटेशन और जीएसटी बिल लेकर स्वयं मरम्मत करवा सकते हैं। इसके बाद उस पूरे बिल को RERA में प्रस्तुत करके धारा 40 के तहत बिल्डर की संपत्ति कुर्क करवाकर ब्याज सहित वसूली करा सकते हैं।
- आपराधिक धोखाधड़ी व गैर-इरादतन हत्या का खतरा: यदि संरचनात्मक दोष इतना गंभीर है कि जान-माल का खतरा पैदा हो रहा है (जैसे गुरुग्राम के चिंटेल पैराडिसो हादसे में हुआ था), तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 106 (लापरवाही से मौत का जोखिम) और धारा 318 (धोखाधड़ी) के तहत बिल्डर के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के खिलाफ स्थानीय थाने में नामजद एफआईआर दर्ज कराएं।
दोष के प्रकार, पहचान का तरीका, कानूनी समय-सीमा (Limitation Period) व बिल्डर की जिम्मेदारी सारणी (5-कॉलम)
नीचे दी गई 5-कॉलम कानूनी तालिका में पजेशन के बाद होने वाले विभिन्न निर्माण दोषों, उनकी वैज्ञानिक पहचान, RERA धारा 14(3) के तहत समय-सीमा और समाधान दायित्व का संपूर्ण ब्योरा दिया गया है:
| दोष का प्रकार (Defect Type) | पहचान व लक्षण | कानूनी वारंटी अवधि | बिल्डर की रिपेयर समय-सीमा | विफलता पर कानूनी उपचार |
|---|---|---|---|---|
| कॉलम / बीम में संरचनात्मक दरारें | >1.5 मिमी चौड़ी तिरछी दरारें, कंक्रीट झड़ना | पजेशन से पूरे 5 वर्ष | नोटिस से 30 दिन (फ्री) | स्ट्रक्चरल ऑडिट + RERA क्षतिपूर्ति |
| दीवारों व बालकनी में भारी सीपेज | पपड़ी, फंगस, नमी मापक यंत्र में >35% नमी | पजेशन से पूरे 5 वर्ष | नोटिस से 30 दिन (फ्री) | पॉलिमर इंजेक्शन वाटरप्रूफिंग या हर्जाना |
| लिफ्ट व एआरडी सिस्टम की विफलता | बार-बार जर्क, लेवलिंग फॉल्ट, रेस्क्यू फेल | पजेशन से पूरे 5 वर्ष | तत्काल 24 से 48 घंटे | लिफ्ट इंस्पेक्टर शिकायत व RERA पेनाल्टी |
| फायर फाइटिंग सिस्टम निष्क्रिय | पंप रूम बंद, स्प्रिंकलर लाइन सूखी | पजेशन से पूरे 5 वर्ष | तत्काल 7 दिन के भीतर | फायर विभाग द्वारा OC रद्द कराना (Quashing) नोटिस |
| कॉमन एरिया कन्वेंस डीड हैंडओवर | क्लब, पार्क, बेसमेंट मालिकाना हक | OC के 3 माह के भीतर | RERA धारा 17 बाध्यता | RERA धारा 40 द्वारा जबरन डीड रजिस्ट्री |
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (PAA FAQs)
Q1: RERA के तहत स्ट्रक्चरल डिफेक्ट लायबिलिटी की समय-सीमा कब से गिनी जाती है?
RERA अधिनियम की धारा 14(3) के अनुसार 5 वर्ष की डिफेक्ट लायबिलिटी अवधि उस तारीख से शुरू होती है जिस दिन खरीदार को ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) के साथ फ्लैट का वास्तविक भौतिक पजेशन (Physical Possession) सौंपा जाता है।
Q2: क्या दीवारों में सीपेज (Seepage) और पानी का टपकना स्ट्रक्चरल डिफेक्ट माना जाता है?
हाँ, बिल्कुल! बाथरूम, बालकनी, बाहरी दीवारों या छत से होने वाला सीपेज घटिया निर्माण सामग्री और वाटरप्रूफिंग में लापरवाही का प्रमाण है। यह धारा 14(3) के तहत वर्कमेंशिप और संरचनात्मक दोष दोनों में पूरी तरह कवर होता है।
Q3: यदि फ्लैट में दरार आ जाए तो बिल्डर को ठीक करने के लिए कितने दिन का समय मिलता है?
कानूनन फ्लैट खरीदार (होमबायर) द्वारा लिखित नोटिस देने की तारीख से ठीक 30 दिनों के भीतर बिल्डर को बिना कोई पैसा लिए (Free of Cost) उस दोष को पूरी तरह ठीक करना अनिवार्य होता है।
Q4: यदि बिल्डर 30 दिन में मरम्मत न करे तो खरीदार क्या कदम उठा सकता है?
यदि बिल्डर 30 दिन में ठीक नहीं करता, तो खरीदार RERA में शिकायत करके बिल्डर से हर्जाना वसूल सकता है अथवा किसी स्वतंत्र पेशेवर से मरम्मत करवाकर उसका पूरा खर्च मय ब्याज बिल्डर से वसूल सकता है।
Q5: क्या सोसाइटी की लिफ्ट, जनरेटर और फायर फाइटिंग सिस्टम भी 5 साल की वारंटी में आते हैं?
हाँ! कॉमन सर्विसेज और इंस्टॉलेशन की गुणवत्ता में खराबी भी धारा 14(3) के अंतर्गत आती है। बिल्डर यह कहकर पल्ला नहीं झाड़ सकता कि उपकरण निर्माता की 1 साल की वारंटी खत्म हो गई; 5 साल तक दुरुस्त रखने की अंतिम कानूनी जवाबदेही बिल्डर की ही है।
Q6: ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) मिलने के कितने दिनों में बिल्डर को RWA को हैंडओवर देना होता है?
RERA की धारा 17 के अनुसार स्थानीय विकास प्राधिकरण से सक्षम ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट मिलने के 3 महीने के भीतर प्रमोटर को पूरी सोसाइटी का प्रबंधन और कॉमन एरिया का मालिकाना हक (Conveyance Deed) विधिवत पंजीकृत आरडब्ल्यूए को सौंपना अनिवार्य (कंपलसरी) है।
Q7: कन्वेंस डीड (Conveyance Deed) क्या होती है और यह RWA के लिए क्यों जरूरी है?
कन्वेंस डीड वह पंजीकृत कानूनी दस्तावेज है जिसके द्वारा जमीन और कॉमन एरिया (क्लब, पार्क, छत) का कानूनी मालिकाना हक बिल्डर से आरडब्ल्यूए को ट्रांसफर होता है। इसके बिना बिल्डर भविष्य में खुली जमीन पर अतिरिक्त टावर खड़ा करने का प्रयास कर सकता है।
Q8: क्या बिल्डर यह शर्त रख सकता है कि सोसाइटी मेंटेनेंस लेने के बाद वह 5 साल की वारंटी पूरी नहीं करेगा?
कदापि नहीं! मेंटेनेंस का दैनिक कामकाज अलग विषय है और धारा 14(3) के तहत 5 साल की कानूनी निर्माण गारंटी एक गैर-समझौतावादी (Statutory) कानूनी दायित्व है, जिससे बिल्डर किसी भी अनुबंध के जरिए बच नहीं सकता।
आधिकारिक पोर्टल व क्लस्टर गाइड्स
- UP RERA Official Portal
- MahaRERA Official Portal
- RERA प्रोजेक्ट वेरिफिकेशन चेकलिस्ट: 70% एस्क्रो व अप्रूव्ड नक्शा गाइड
- कारपेट एरिया बनाम सुपर एरिया: लोडिंग ट्रिक्स व रिफंड नियम
- बिना OC/CC मेंटेनेंस चार्ज वसूली पर सुप्रीम कोर्ट रोक नियम
- RERA ऑनलाइन शिकायत SOP: Form M, Form N व रिकवरी सर्टिफिकेट
- बिल्डर बायर एग्रीमेंट के एकतरफा क्लॉज: सुप्रीम कोर्ट गाइड