काम की बात (Quick Summary):
- पहले सरकारी दफ्तरों में सामान सप्लाई करने के लिए बड़े ठेकेदारों और दलालों का नेटवर्क होता था।
- अब Government e-Marketplace (GeM) ने पूरी व्यवस्था को 100% पारदर्शी और ऑनलाइन बना दिया है।
- यदि आपके पास पैन कार्ड, उद्योग आधार/उद्यम और जीएसटी है, तो आप देश के किसी भी सरकारी दफ्तर के सप्लाई ऑर्डर ले सकते हैं।
आधिकारिक पोर्टल व जरूरी लिंक:
ऑफिशियल वेबसाइट: gem.gov.in | सहायता हेल्पलाइन: 1800-419-3436 / 1800-102-3436
GeM पोर्टल क्या है और छोटे व्यापारियों के लिए कैसे काम करता है?
गवर्मेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) भारत सरकार का एक राष्ट्रीय ऑनलाइन खरीद पोर्टल है। जिस तरह आम जनता अमेज़न या फ्लिपकार्ट से सामान खरीदती है, उसी तरह भारत के सभी केंद्रीय मंत्रालय, राज्य सरकारें, नगर निगम, पुलिस विभाग, सेना और सरकारी स्कूल-अस्पताल GeM पोर्टल से सामान खरीदते हैं।
भारत सरकार के सामान्य वित्तीय नियमों (GFR Rule 149) के तहत सभी सरकारी अधिकारियों के लिए यह अनिवार्य है कि वे कार्यालय के लिए पेन, पेंसिल, कंप्यूटर, फर्नीचर से लेकर गाड़ियों तक की खरीदारी केवल GeM पोर्टल से ही करें। इससे छोटे दुकानदारों और एमएसएमई उद्यमियों के लिए पूरे देश का सरकारी बाज़ार खुल गया है।
सरकारी विभागों द्वारा खरीदारी के तीन मुख्य नियम
सरकारी विभाग GeM पोर्टल पर किस आधार पर सामान खरीदते हैं, इसे समझना हर विक्रेता के लिए आवश्यक है:
| मापदंड / श्रेणी | सरकारी नियम | आवश्यक दस्तावेज़ / पात्रता | शुल्क / समय-सीमा | काम की टिप |
|---|---|---|---|---|
| डायरेक्ट परचेज (Direct Purchase) | ₹25,000 तक बिना किसी टेंडर सीधे मनपसंद सेलर से खरीद | GeM सेलर प्रोफाइल व चालू प्रोडक्ट कैटलॉग | कोई टेंडर फीस नहीं / तुरंत ऑर्डर जनरेट | स्थानीय सरकारी दफ्तरों से संपर्क करके अपने प्रोडक्ट का लिंक भेजें। |
| L-1 कम्पैरिजन (L1 Comparison) | ₹25,000 से ₹5 लाख तक कम से कम 3 अलग-अलग निर्माताओं में न्यूनतम दर | समान स्पेसिफिकेशन वाला कैटलॉग लिस्टेड होना जरूरी | निःशुल्क ऑनलाइन प्रक्रिया / 3-5 दिन में ऑर्डर | अपने प्रोडक्ट का मूल्य प्रतिस्पर्धी रखें ताकि फिल्टर में आपकी दर सबसे कम आए। |
| ई-बिडिंग (Custom Bid / Tender) | ₹5 लाख से अधिक की खरीद पर ऑनलाइन टेंडर निकाला जाता है | उद्यम रजिस्ट्रेशन, टर्नओवर प्रमाण, अनुभव प्रमाण | MSEs को EMD में 100% छूट / 10-21 दिन का समय | बिड पार्टिसिपेशन में एमएसएमई छूट का विकल्प अनिवार्य रूप से चुनें। |
| सर्विस कॉन्ट्रैक्ट (Services) | सफाई, सुरक्षा, वाहन किराया, कैटरिंग व आईटी मैनपावर सेवाएं | सर्विस टैक्स/जीएसटी, ईएसआईसी, पीएफ रजिस्ट्रेशन (यदि लागू हो) | मासिक बिलिंग / हर महीने समय पर भुगतान | सर्विस कैटेगरी में न्यूनतम मजदूरी दर का पालन करना अनिवार्य है। |
| स्टार्टअप्स को विशेष छूट | DPIIT मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को पूर्व अनुभव में छूट | DPIIT रिकॉग्निशन सर्टिफिकेट व पैन | निःशुल्क पंजीकरण / फास्ट-ट्रैक ऑनबोर्डिंग | GeM स्टार्टअप रनवे (Start-up Runway) पर अपने इनोवेटिव प्रोडक्ट्स लिस्ट करें। |
GeM पोर्टल पर सेलर अकाउंट बनाने का पूरा तरीका
GeM पर सेलर (विक्रेता) बनने के लिए नीचे दिए गए 5 चरणों का पालन करें:
- पोर्टल पर जाएं: आधिकारिक वेबसाइट gem.gov.in खोलें और ऊपर दाईं ओर Sign Up > Seller पर क्लिक करें।
- व्यवसाय का प्रकार चुनें: आप प्रोपराइटरशिप (Proprietorship), पार्टनरशिप, प्राइवेट लिमिटेड या स्वयं सहायता समूह (SHG) में से अपना व्यवसाय प्रकार चुनें।
- आधार और पैन सत्यापन:
- आधार कार्ड नंबर डालें और मोबाइल पर आए ओटीपी से ई-केवाईसी पूरा करें।
- अपना बिजनेस पैन कार्ड नंबर और आईटीआर विवरण दर्ज करके सत्यापित करें।
- उद्यम और जीएसटी लिंकिंग: अपना MSME उद्यम रजिस्ट्रेशन नंबर डालें। इससे पोर्टल स्वतः आपके एमएसएमई स्टेटस (माइक्रो या स्मॉल) को सत्यापित कर लेगा और आपको टेंडर में छूट का लाभ मिलेगा। इसके बाद अपना सक्रिय GSTIN जोड़ें।
- बैंक खाता और प्रोफाइल पूर्णता: अपनी फर्म का चालू खाता (Current Account) विवरण जोड़ें। प्रोफाइल को 100% पूरा करने के लिए कार्यालय का पता और संपर्क विवरण भरें।
कॉशन मनी (Caution Money) और उत्पाद कैटलॉग अपलोड नियम
GeM पोर्टल पर फर्जीवाड़ा रोकने के लिए सरकार ने विक्रेताओं के लिए एक छोटी सी सुरक्षा राशि (Caution Money) जमा करना अनिवार्य किया है। यह पैसा हमेशा आपके GeM वॉलेट में सुरक्षित रहता है और रजिस्ट्रेशन रद्द करने पर वापस मिल जाता है:
- ₹1 करोड़ से कम टर्नओवर वाले विक्रेताओं के लिए: केवल ₹5,000 कॉशन मनी जमा करनी होती है।
- ₹1 करोड़ से ₹10 करोड़ टर्नओवर वालों के लिए: ₹10,000 कॉशन मनी।
- ₹10 करोड़ से अधिक टर्नओवर वालों के लिए: ₹25,000 कॉशन मनी।
कॉशन मनी जमा करने के बाद आप Catalogue > Products > Add New Offering में जाकर अपने सामान (जैसे प्रिंटर, पेपर, सैनिटाइज़र, ऑफिस चेयर आदि) की तस्वीरें, ब्रांड, मॉडल और अपनी सबसे कम दर (MRP और Selling Price) अपलोड कर सकते हैं।
टेंडर व बिड में भाग लेकर पहला ऑर्डर कैसे प्राप्त करें?
यदि आप चाहते हैं कि आपको जल्द से जल्द सरकारी आर्डर मिलना शुरू हों, तो इन 3 व्यावहारिक सुझावों का पालन करें:
- डेली बिड सर्च करें: GeM पोर्टल पर "Bids > List of Bids" में जाएं। अपने जिले या राज्य का नाम और अपने उत्पाद का नाम डालकर सर्च करें। रोजाना हजारों छोटे-बड़े टेंडर निकलते हैं।
- पार्टिसिपेट इन बिड (Participate in Bid): जिस बिड में आप सामान सप्लाई कर सकते हैं, उस पर क्लिक करें। वहां अपनी सबसे प्रतिस्पर्धी दर (Rate per unit) डालें और आवश्यक कागजात अपलोड करें।
- समय पर डिलीवरी और भुगतान: जब आपको परचेज आर्डर (Purchase Order) मिल जाए, तो समय सीमा के भीतर सरकारी विभाग को सामान पहुंचाएं और पोर्टल पर इनवॉइस जनरेट करें। विभाग द्वारा माल स्वीकार करते ही ऑनलाइन पेमेंट सीधे आपके बैंक खाते में आ जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या बिना जीएसटी (GST) नंबर के GeM पर सेलर बन सकते हैं?
यदि आपका टर्नओवर जीएसटी छूट सीमा (माल के लिए ₹40 लाख और सेवाओं के लिए ₹20 लाख) के भीतर है और आप ऐसे उत्पाद बेच रहे हैं जो जीएसटी से मुक्त हैं, तो आप जीएसटी छूट की घोषणा देकर रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। हालांकि, सभी सरकारी आर्डर पाने के लिए सक्रिय जीएसटी होना अत्यधिक अनुशंसित है।
Q2. क्या GeM पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करने की कोई सरकारी फीस है?
GeM पोर्टल पर सेलर अकाउंट बनाना पूरी तरह निशुल्क (Free) है। सरकार इसके लिए कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं लेती। आपको केवल अपनी सुरक्षा राशि (Caution Money - ₹5,000) पोर्टल वॉलेट में रखनी होती है, जो रिफंडेबल होती है।
Q3. माल सप्लाई करने के बाद सरकारी विभाग पेमेंट कितने दिनों में करता है?
GeM के कड़े नियमों के अनुसार सरकारी विभाग को माल मिलने के बाद 10 दिनों के भीतर CRAC (Consignee Receipt Acceptance Certificate) जारी करना होता है और उसके बाद भुगतान करना अनिवार्य है। यदि विभाग 10 दिन तक कोई आपत्ति दर्ज नहीं करता, तो सिस्टम में ऑटो-सीआरएसी जनरेट हो जाता है।