business ⏱️ 15 मिनट 📅 7 अक्टूबर 2026

Drone Pilot Certificate 2026: DGCA से ड्रोन पायलट लाइसेंस कैसे पाएं, ट्रेनिंग सेंटर लिस्ट, सरकारी फीस व डिजिटल स्काई नियम

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इंजीनियर आलोक बाजपेयी
वरिष्ठ एविएशन व ड्रोन तकनीक सलाहकार

नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ड्रोन नियमावली, डिजिटल स्काई एयरस्पेस मैपिंग, आरपीटीओ पायलट ट्रेनिंग व एग्रीकल्चरल ड्रोन ऑपरेशंस पर 11 वर्षों का व्यावहारिक अनुभव।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

भारत में 250 ग्राम से भारी किसी भी व्यावसायिक या कृषि ड्रोन को उड़ाने के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा जारी रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC) लेना अनिवार्य है। इसके लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष, 10वीं कक्षा उत्तीर्ण और वैध भारतीय पासपोर्ट या सरकारी पहचान पत्र होना आवश्यक है। DGCA अधिकृत ट्रेनिंग स्कूल (RPTO) से 5 दिनों का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद डिजिटल स्काई पोर्टल पर 10 वर्ष की वैधता वाला आधिकारिक ड्रोन पायलट लाइसेंस जारी होता है।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • ड्रोन नियम 2021 के उदारीकरण के बाद अब पायलट लाइसेंस की जगह डिजिटल स्काई से जारी रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC) ही मान्य है।
  • नैनो ड्रोन (250 ग्राम से कम) को बिना किसी लाइसेंस या सरकारी अनुमति के केवल मनोरंजन व व्यक्तिगत फोटोग्राफी हेतु उड़ाया जा सकता है।
  • माइक्रो (250 ग्राम से 2 किलो) और स्मॉल (2 किलो से 25 किलो) कमर्शियल व एग्रीकल्चर ड्रोन के लिए अधिकृत RPTO से ट्रेनिंग अनिवार्य है।
  • डिजिटल स्काई एयरस्पेस मैप के अनुसार ग्रीन जोन में 400 फीट तक ड्रोन उड़ाने के लिए किसी पूर्व अनुमति की आवश्यकता नहीं होती।
  • कृषि क्षेत्र में नैनो यूरिया व कीटनाशक छिड़काव (Kisan Drone), भूमि सर्वेक्षण (स्वामित्व योजना) और माइनिंग में ड्रोन पायलटों की भारी मांग है।

📑 विषय सूची (Table of Contents)

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किसके लिए काम की है यह संपूर्ण गाइड:

उन सभी युवाओं, छात्रों, फोटोग्राफरों, किसानों, ग्रामीण उद्यमियों और स्टार्टअप्स के लिए जो आधुनिक ड्रोन तकनीक सीखकर एक अधिकृत कमर्शियल ड्रोन पायलट बनना चाहते हैं और कृषि, मैपिंग, वीडियोग्राफी या लॉजिस्टिक्स में सुरक्षित कानूनी करियर बनाना चाहते हैं।

काम की बात (Quick Summary):

  • अब ड्रोन पायलट बनने के लिए किसी जटिल एविएशन पायलट की तरह लाखों रुपये खर्च करने या महीनों इंतजार करने की जरूरत नहीं है।
  • नागर विमानन मंत्रालय (Ministry of Civil Aviation) के उदार ड्रोन नियमों के तहत अब मात्र 5 दिनों की हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग के बाद सरकारी सर्टिफिकेट मिल जाता है।
  • अधिकृत ट्रेनिंग स्कूल (RPTO) से पास होने के बाद आपका सर्टिफिकेट सीधे नागरिक उड्डयन महानिदेशालय के DigitalSky Portal पर डिजिटल रूप से अपलोड हो जाता है जो 10 वर्ष तक पूरे भारत में मान्य रहता है।
  • कृषि में खाद छिड़काव, शादी-इवेंट शूट, भूमि पैमाइश और सोलर प्लांट इंस्पेक्शन में प्रमाणित ड्रोन पायलटों को ₹40,000 से ₹1,20,000 प्रति माह तक का काम मिल रहा है।

आधिकारिक पोर्टल, डायरेक्ट लिंक व हेल्पडेस्क:

डिजिटल स्काई ऑफिशियल पोर्टल: digitalsky.dgca.gov.in | डीजीसीए मुख्य वेबसाइट: dgca.gov.in | हेल्पलाइन ईमेल: digitalsky-helpdesk@gov.in | सहायता नंबर: 011-24622495 (कार्यालय समय)

भारत में ड्रोन उड़ाने के कानूनी नियम और विभिन्न श्रेणियों का वर्गीकरण

भारत सरकार ने देश को वैश्विक ड्रोन हब बनाने के उद्देश्य से ड्रोन नियम 2021 (Drone Rules 2021) को अधिसूचित किया था, जिसके बाद से ड्रोन उड़ाने की प्रक्रिया बहुत सरल और पारदर्शी हो गई है। पहले ड्रोन उड़ाने के लिए रक्षा मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्थानीय पुलिस और एयरपोर्ट अथॉरिटी से अलग-अलग दर्जनों एनओसी (NOC) लेनी पड़ती थीं। अब वह पूरी जटिल व्यवस्था समाप्त कर दी गई है और सारा काम सिंगल विंडो डिजिटल स्काई प्लेटफॉर्म पर आ गया है।

कानून के अनुसार, भारत में हवा में उड़ने वाली किसी भी मानवरहित हवाई प्रणाली (UAS / Drone) को उसके अधिकतम टेक-ऑफ वजन (Maximum Take-off Weight - All-up weight including payload) के आधार पर पांच स्पष्ट श्रेणियों में विभाजित किया गया है। हर श्रेणी के लिए रजिस्ट्रेशन और पायलट अनुमति के नियम अलग हैं।

यदि कोई नागरिक केवल अपने घर की छत पर या पार्क में 250 ग्राम से कम का छोटा खिलौना ड्रोन (जैसे DJI Mini सीरीज बिना अतिरिक्त पेलोड के) उड़ाना चाहता है, तो उसे किसी पायलट लाइसेंस या परमिट की आवश्यकता नहीं होती। परंतु यदि उस ड्रोन का उपयोग किसी शादी की फोटोग्राफी, यूट्यूब वीडियो, खेत में दवा छिड़काव या सरकारी सर्वे के लिए किया जा रहा है और वजन 250 ग्राम से अधिक है, तो डीजीसीए का रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC) होना कानूनी रूप से सख्त अनिवार्य है।

ड्रोन श्रेणियां, वजन सीमा, अनुमति व पायलट लाइसेंस की आवश्यकता

नीचे दी गई अधिकृत 5-कॉलम तालिका में भारत सरकार के नागर विमानन मंत्रालय द्वारा निर्धारित पांचों श्रेणियों के तकनीकी व कानूनी मापदंडों का पूरा विवरण दिया गया है:

मापदंड / श्रेणी सरकारी वजन सीमा व नियम पायलट सर्टिफिकेट व UIN नियम सरकारी शुल्क व वैधता काम की व्यावहारिक टिप
1. नैनो ड्रोन (Nano Drone) वजन 250 ग्राम या उससे कम। केवल गैर-व्यावसायिक व व्यक्तिगत उपयोग। पायलट सर्टिफिकेट की कोई जरूरत नहीं। UIN नंबर भी अनिवार्य नहीं। शून्य सरकारी फीस / जीवनभर मान्य शौकिया उड़ान के लिए बेस्ट है, लेकिन इसे एयरपोर्ट या सैन्य छावनी के पास उड़ाना प्रतिबंधित है।
2. माइक्रो ड्रोन (Micro Drone) वजन 250 ग्राम से अधिक लेकिन 2 किलोग्राम तक। शादी व इवेंट वीडियोग्राफी। व्यावसायिक उपयोग पर RPC अनिवार्य। डिजिटल स्काई से UIN नंबर लेना जरूरी। UIN फीस ₹100 / सर्टिफिकेट 10 वर्ष मान्य फोटोग्राफरों को पुलिस की पूछताछ से बचने के लिए माइक्रो कैटेगरी का RPC जरूर बनवा लेना चाहिए।
3. स्मॉल ड्रोन (Small Drone) वजन 2 किलोग्राम से अधिक लेकिन 25 किलोग्राम तक। कृषि छिड़काव व सर्वे। DGCA स्मॉल कैटेगरी RPC अनिवार्य। UIN व जीपीएस लॉगिंग आवश्यक। ट्रेनिंग फीस ₹35,000 - ₹55,000 / UIN ₹100 किसान ड्रोन (10 से 16 लीटर टैंक) इसी श्रेणी में आते हैं। रोजगार का सबसे बड़ा अवसर यहीं है।
4. मीडियम ड्रोन (Medium Drone) वजन 25 किलोग्राम से अधिक लेकिन 150 किलोग्राम तक। भारी कार्गो व लॉजिस्टिक्स। मीडियम कैटेगरी RPC, विशेष मेडिकल व एयरवर्थिनेस प्रमाण पत्र अनिवार्य। ट्रेनिंग फीस ₹65,000 - ₹1,00,000 पहाड़ी क्षेत्रों में दवाइयों की डिलीवरी और बड़े इंडस्ट्रियल पेलोड के लिए इसका उपयोग होता है।
5. लार्ज ड्रोन (Large Drone) वजन 150 किलोग्राम से अधिक। एयर टैक्सी व सैन्य स्तर की उड़ानें। विशेष सैन्य/डीजीसीए परमिट, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) क्लीयरेंस। प्रकरण के अनुसार विशेष मूल्यांकन वर्तमान में यह श्रेणी मुख्य रूप से डिफेंस, एयरोस्पेस रिसर्च और स्पेशल कॉरिडोर के अधीन है।

ड्रोन पायलट बनने के लिए आवश्यक योग्यताएं, आयु सीमा व दस्तावेज

डीजीसीए के नियमों के तहत रिमोट पायलट ट्रेनिंग संस्थान (RPTO) में दाखिला लेने और सर्टिफिकेट प्राप्त करने के लिए आवेदक को निम्नलिखित अनिवार्य शर्तों को पूरा करना होता है:

  1. न्यूनतम आयु सीमा (Age Limit): आवेदन के दिन उम्मीदवार की आयु कम से कम 18 वर्ष पूरी होनी चाहिए और अधिकतम आयु 65 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  2. शैक्षणिक योग्यता (Educational Qualification): उम्मीदवार ने किसी मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड (जैसे सीबीएसई, आईसीएसई या राज्य बोर्ड) से कम से कम 10वीं कक्षा (High School) उत्तीर्ण की हो।
  3. पहचान व पते का प्रमाण (Identity Proof): आवेदक के पास एक वैध भारतीय पासपोर्ट (Indian Passport) होना अत्यधिक अनुशंसित है। यदि पासपोर्ट नहीं है, तो कई स्कूल आधार कार्ड और वोटर आईडी के साथ पुलिस सत्यापन के आधार पर भी प्रवेश देते हैं। हालांकि विदेश मंत्रालय व डीजीसीए रिकॉर्ड में पासपोर्ट को प्राथमिक माना जाता है।
  4. शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य प्रमाण पत्र (Medical Fitness): उम्मीदवार का शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना अनिवार्य है। इसके लिए किसी सरकारी अस्पताल या एमबीबीएस डॉक्टर (MBBS Doctor) द्वारा जारी सामान्य मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट की आवश्यकता होती है, जिसमें आंखों की दृष्टि (Color Blindness न होना) और सामान्य संतुलन की जांच शामिल होती है।

RPTO ट्रेनिंग स्कूल में 5 दिनों का प्रशिक्षण: थ्योरी, सिमुलेटर व फ्लाइंग

डीजीसीए द्वारा अधिकृत रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (RPTO) में कुल 5 कार्य दिवसों (लगभग 30 से 35 घंटे) का सघन प्रशिक्षण पाठ्यक्रम होता है। यह ट्रेनिंग किस प्रकार संचालित होती है, उसका दिनवार ब्यौरा इस प्रकार है:

  • दिन 1 (ग्राउंड क्लास व थ्योरी): ड्रोन कानून, एयर रेगुलेशन, मौसम विज्ञान (हवा की गति व बारिश का प्रभाव), एयर ट्रैफिक के मूल सिद्धांत, फ्लाइट प्लानिंग और आपातकालीन सुरक्षा प्रोटोकॉल (Fail-Safe, Return to Home - RTH) पढ़ाए जाते हैं।
  • दिन 2 (सिमुलेटर ट्रेनिंग - Simulator Practice): छात्र को कंप्यूटर लैब में हाई-टेक फ्लाइट सिमुलेटर स्क्रीन पर बैठाया जाता है। वास्तविक रिमोट कंट्रोलर हाथ में देकर वर्चुअल वातावरण में टेक-ऑफ, लैंडिंग, दिशा बदलना, तेज हवा में स्थिरता और जीपीएस सिग्नल खोने पर ड्रोन संभालना सिखाया जाता है। सिमुलेटर पर कम से कम 5 से 7 घंटे की उड़ान पूरी करनी होती है।
  • दिन 3 (ग्राउंड असेंबली व हैंड्स-ऑन फ्लाइंग): वास्तविक ड्रोन का ढांचा (Quadcopter/Hexacopter), ब्रशलेस मोटर, ईएससी (ESC), फ्लाइट कंट्रोलर (Pixhawk/Ardupilot), लिथियम-पॉलीमर (LiPo) बैटरी की सुरक्षा और प्रोपेलर बैलेंसिंग सिखाई जाती है। इसके बाद प्रशिक्षक (Instructor) की निगरानी में वास्तविक मैदान में पहली उड़ान कराई जाती है।
  • दिन 4 (एडवांस फ्लाइंग मेनूवर्स): मैदान में विभिन्न आकृतियों जैसे '8' का घेरा बनाना, आयताकार उड़ान, एक निश्चित ऊंचाई पर स्थिर रखना (Hovering) और जीपीएस बंद करके मैनुअल मोड में ड्रोन नियंत्रित करने का सघन अभ्यास कराया जाता है।
  • दिन 5 (थ्योरी व प्रैक्टिकल परीक्षा): अंतिम दिन डीजीसीए के निर्धारित नियमों के अनुसार बहुविकल्पीय लिखित परीक्षा (MCQ Written Test) और परीक्षक के सामने लाइव फ्लाइंग टेस्ट (Skill Test) होता है। परीक्षा पास करने वाले छात्र को उसी दिन आरपीटीओ की ओर से कोर्स कंप्लीशन सर्टिफिकेट जारी कर दिया जाता है।

डिजिटल स्काई पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और सर्टिफिकेट पाने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद भारत सरकार के डिजिटल स्काई पोर्टल से आधिकारिक रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC) प्राप्त करने के 5 स्पष्ट चरण नीचे दिए गए हैं:

  1. मान्यता प्राप्त RPTO का चयन करें: सबसे पहले digitalsky.dgca.gov.in पर जाएं और "Approved RPTO List" देखें। भारत भर में लगभग 100 से अधिक सरकारी व निजी मान्यता प्राप्त स्कूल (जैसे इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी, ड्रोन डेस्टिनेशन, गरुड़ एयरोस्पेस, आईओटेकवर्ल्ड, विभिन्न राज्य कौशल विश्वविद्यालय आदि) सक्रिय हैं। अपनी पसंद के स्कूल में सीट बुक करें।
  2. ट्रेनिंग पूरी करें और एग्जाम पास करें: निर्धारित तिथि पर ट्रेनिंग सेंटर पहुंचकर 5 दिनों का प्रशिक्षण पूरा करें और 5वें दिन की परीक्षा में कम से कम 70% अंक प्राप्त करके स्किल टेस्ट पास करें।
  3. RPTO द्वारा डिजिटल स्काई पर डेटा अपलोड: जैसे ही आप परीक्षा पास करते हैं, आपका ट्रेनिंग स्कूल आपके आधार, पासपोर्ट, थ्योरी मार्क्स और फ्लाइंग लॉग का पूरा विवरण डीजीसीए के DigitalSky Central Server पर डिजिटल रूप से अपलोड करता है।
  4. डिजिटल स्काई पर लॉगिन व सत्यापन: छात्र को अपने पंजीकृत ईमेल और आधार नंबर से डिजिटल स्काई पोर्टल पर "Pilot Login" करना होता है। प्रोफाइल खोलते ही वहां आपके स्कूल द्वारा अनुमोदित कोर्स की प्रविष्टि दिखाई देती है।
  5. यूनिक रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC) डाउनलोड: विवरण की पुष्टि करते ही स्क्रीन पर डिजिटल हस्ताक्षरित Remote Pilot Certificate (RPC) जनरेट हो जाता है। इसमें आपका पासपोर्ट फोटो, 16 अंकों का यूनिक सर्टिफिकेट नंबर, श्रेणी (Micro/Small) और 10 वर्ष की एक्सपायरी डेट दर्ज होती है। इसे रंगीन प्रिंट करवाकर लेमिनेट करवा लें।

डिजिटल स्काई एयरस्पेस मैप: ग्रीन, येलो और रेड जोन में उड़ान के सख्त नियम

ड्रोन पायलट बनने के बाद आप कहीं भी मनमाने तरीके से ड्रोन नहीं उड़ा सकते। भारत सरकार ने देश के पूरे नक्शे को तीन रंगों के एयरस्पेस जोन में बांटा हुआ है जिसे उड़ान भरने से पहले डिजिटल स्काई ऐप पर लाइव देखना अनिवार्य है:

1. ग्रीन जोन (Green Zone - खुली अनुमति):

यह वह क्षेत्र है जो किसी हवाई अड्डे के परिचालन क्षेत्र से कम से कम 12 किलोमीटर दूर है। ग्रीन जोन में जमीन से 400 फीट (लगभग 120 मीटर) की ऊंचाई तक ड्रोन उड़ाने के लिए किसी भी सरकारी एजेंसी, पुलिस या एटीसी से कोई पूर्व अनुमति (Flight Permission) लेने की जरूरत नहीं होती।

2. येलो जोन (Yellow Zone - नियंत्रित अनुमति):

किसी सक्रिय हवाई अड्डे की परिधि से 8 से 12 किलोमीटर के बीच का दायरा या ग्रीन जोन में 400 फीट से ऊपर का हवाई क्षेत्र येलो जोन कहलाता है। इस क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने के लिए उड़ान से कम से कम 24 घंटे पहले डिजिटल स्काई पोर्टल पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (Air Traffic Control - ATC) से ऑनलाइन क्लीयरेंस लेना अनिवार्य होता है।

3. रेड जोन (Red Zone - सख्त नो-फ्लाई जोन):

अंतरराष्ट्रीय सीमा रेखा (Border) के 25 किलोमीटर के भीतर का क्षेत्र, हवाई अड्डे के रनवे से 5 किलोमीटर का दायरा, सैन्य छावनियां, संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, परमाणु प्रतिष्ठान और वीआईपी सुरक्षा क्षेत्र रेड जोन में आते हैं। यहां केवल केंद्र सरकार और रक्षा मंत्रालय की विशेष लिखित अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का ड्रोन उड़ाना पूर्णतः प्रतिबंधित और गैर-जमानती अपराध है।

ड्रोन पायलट के प्रमुख रोजगार क्षेत्र, सरकारी योजनाएं व मासिक कमाई

सर्टिफिकेट मिलने के बाद एक कुशल ड्रोन पायलट किन क्षेत्रों में काम कर सकता है और बाजार में कमाई के क्या अवसर हैं, इसका यथार्थवादी ब्यौरा नीचे दी गई तालिका में देखें:

उद्योग / कार्य क्षेत्र काम का स्वरूप व सरकारी पहल आवश्यक कौशल व ड्रोन प्रकार अनुमानित मासिक आय / दर काम की व्यावहारिक सलाह
कृषि क्षेत्र (Agriculture Spraying) नैनो यूरिया, डीएपी व कीटनाशक छिड़काव (Kisan Drone व नमो ड्रोन दीदी स्कीम) 10-16 लीटर एग्रीकल्चरल हेक्साकॉप्टर संचालन, नोजल कैलिब्रेशन ₹400 से ₹600 प्रति एकड़ / ₹40,000 - ₹75,000 प्रति माह ग्रामीण क्षेत्रों में इफको और किसान सेवा केंद्रों से टाई-अप करके नियमित सीजनल काम मिलता है।
भूमि सर्वेक्षण व मैपिंग (Survey & GIS) पंचायती राज की 'स्वामित्व योजना', हाईवे निर्माण व रेलवे ट्रैक मैपिंग हाई-रेज़ोल्यूशन RGB कैमरा, RTK बेस स्टेशन व फोटोग्रामेट्री सॉफ्टवेयर ₹50,000 से ₹90,000 प्रति माह (प्राइवेट कंसल्टेंसी में) फ्लाइंग के साथ Pix4D या Agisoft सॉफ्टवेयर का डेटा प्रोसेसिंग सीखना करियर को 2 गुना आगे ले जाता है।
इवेंट व सिनेमैटोग्राफी (Filmmaking) शादी, प्री-वेडिंग शूट, कमर्शियल विज्ञापन व वेब सीरीज वीडियोग्राफी सिनेमैटिक स्मूथ फ्लाइंग, 4K/6K कैमरा गिंबल व मैन्युअल एक्स्पोज़र कंट्रोल ₹8,000 से ₹25,000 प्रति दिन (प्रति शूट दर) क्रिएटिव कैमरा एंगल और गोल्डन आवर लाइट का सही इस्तेमाल करने वाले पायलटों की सबसे ऊंची मांग है।
इंडस्ट्रियल इंस्पेक्शन (Infrastructure) सोलर पैनल थर्मोग्राफी, विंड टर्बाइन, तेल पाइपलाइन व हाई-टेंशन बिजली लाइन थर्मल इन्फ्रारेड (FLIR) कैमरा संचालन व फॉल्ट डिटेक्शन रिपोर्टिंग ₹70,000 से ₹1,30,000 प्रति माह रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों और पावर ग्रिड में स्थायी टेक्निकल पायलट की भर्तियां नियमित निकलती हैं।
RPTO सर्टिफाइड इंस्ट्रक्टर (Trainer) मान्यता प्राप्त एविएशन स्कूलों में नए छात्रों को ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग देना कम से कम 50 घंटे की लॉग बुक उड़ान व डीजीसीए ट्रेन-द-ट्रेनर (ToT) कोर्स ₹60,000 से ₹1,10,000 प्रति माह (फिक्स वेतन) पायलट बनने के 6 महीने बाद इंस्ट्रक्टर कोर्स करके एविएशन ट्रेनिंग एकेडमी में सुरक्षित जॉब मिलती है।

बिना लाइसेंस ड्रोन उड़ाने पर कानूनी धाराएं, जुर्माना व आम नागरिक समाधान

यदि कोई व्यक्ति बिना वैध रिमोट पायलट सर्टिफिकेट या प्रतिबंधित क्षेत्र में लापरवाही से ड्रोन उड़ाता है, तो कानून में सख्त दंडात्मक प्रावधान किए गए हैं:

1. बिना UIN या बिना RPC के कमर्शियल ड्रोन उड़ाने पर कानूनी परिणाम:

ड्रोन नियम 2021 के नियम 49 के तहत अनधिकृत रूप से ड्रोन संचालित करने पर ₹1,00,000 तक का प्रशासनिक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अतिरिक्त यदि उड़ान से किसी हवाई जहाज, हेलीकॉप्टर या सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा उत्पन्न होता है, तो भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं और विमान अधिनियम 1934 के तहत उपकरण जब्त कर आपराधिक मुकदमा दर्ज किया जा सकता है।

2. यदि डिजिटल स्काई ऐप पर आपका सर्टिफिकेट डाउनलोड नहीं हो रहा है तो क्या करें?

परीक्षा पास करने के बाद यदि 48 घंटे में प्रोफाइल में सर्टिफिकेट न दिखे, तो सबसे पहले अपने RPTO के परीक्षा समन्वयक से संपर्क करें और पुष्टि करें कि उन्होंने 'Batch Completion Sheet' डीजीसीए पोर्टल पर लॉक की है या नहीं। यदि स्कूल की ओर से सबमिट हो चुका है, तो अपने आधार से जुड़े नाम व जन्म तिथि की वर्तनी की जांच करें। किसी विसंगति की स्थिति में अपने रोल नंबर के साथ digitalsky-helpdesk@gov.in पर ईमेल भेजें।

अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1. ड्रोन पायलट ट्रेनिंग की कुल फीस कितनी होती है और क्या सरकार कोई सब्सिडी देती है?

माइक्रो और स्मॉल कैटेगरी के ड्रोन पायलट कोर्स की औसत फीस निजी व सरकारी स्कूलों में ₹30,000 से ₹55,000 के बीच होती है। केंद्र सरकार की विभिन्न कौशल विकास योजनाओं और राज्यों (जैसे मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और तेलंगाना) के कौशल विकास मिशनों के तहत अनुसूचित जाति, जनजाति और ग्रामीण युवाओं को कई बैचों में 50% से 100% तक निशुल्क प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

Q2. क्या 10 वर्ष बाद रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC) का रिन्यूअल कराना पड़ता है?

जी हाँ। डीजीसीए नियमों के अनुसार जारी होने की तारीख से आरपीसी की वैधता 10 वर्ष होती है। 10 वर्ष पूरे होने पर पायलट को एक छोटा सा रिफ्रेशर कोर्स और मेडिकल फिटनेस दोबारा जमा करके डिजिटल स्काई पोर्टल से ऑनलाइन मामूली फीस देकर अगले 10 वर्षों के लिए सर्टिफिकेट रिन्यू कराना होता है।

Q3. क्या विदेशी ड्रोन (जैसे DJI Mavic या Mini) भारत में उड़ाने की कानूनी अनुमति है?

भारत सरकार ने विदेशी ड्रोनों के व्यावसायिक आयात (Commercial Import) पर सुरक्षा कारणों से प्रतिबंध लगा रखा है, केवल आरएंडडी और रक्षा हेतु छूट है। हालांकि जो विदेशी ड्रोन भारत में पहले से वैध रूप से मौजूद हैं और जिनका डिजिटल स्काई पर UIN नंबर जनरेट हो चुका है, उन्हें वैध पायलट सर्टिफिकेट के साथ नियम संगत उड़ाया जा सकता है। नए खरीदारों को 'Make in India' डीजीसीए टाइप-सर्टिफाइड ड्रोन खरीदने की सलाह दी जाती है।

Q4. क्या महिलाएं भी ड्रोन पायलट बन सकती हैं और इसके लिए कोई विशेष योजना है?

बिल्कुल, महिलाएं बड़ी संख्या में ड्रोन पायलट बन रही हैं। भारत सरकार की फ्लैगशिप "नमो ड्रोन दीदी" (Namo Drone Didi) योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी 15,000 ग्रामीण महिलाओं को 100% निशुल्क ड्रोन पायलट ट्रेनिंग, ड्रोन किट और ₹15,000 मासिक सहायता दी जा रही है ताकि वे अपने गांवों में आधुनिक कृषि सेवाओं का नेतृत्व कर सकें।

Q5. शादी या आउटडोर शूट के दौरान स्थानीय पुलिस परेशान करे तो क्या दिखाना चाहिए?

यदि आप ग्रीन जोन में 400 फीट से नीचे 2 किलोग्राम तक का ड्रोन उड़ा रहे हैं, तो किसी पुलिस थाने से अनुमति लेने का कोई कानूनी नियम नहीं है। फिर भी किसी गलतफहमी से बचने के लिए अपने पास 3 चीजें हमेशा रखें: (1) डिजिटल स्काई से जारी अपना मूल Remote Pilot Certificate, (2) ड्रोन का UIN सर्टिफिकेट, और (3) डिजिटल स्काई ऐप खोलकर स्क्रीन पर उस लोकेशन का 'Green Zone' स्टेटस दिखाएं। यह तीनों दस्तावेज दिखाने के बाद कोई भी अधिकारी आपको परेशान नहीं कर सकता।

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