business ⏱️ 18 मिनट पढ़ें 📅 02 अक्टूबर 2026

1 अक्टूबर 2026 से लागू हुए बड़े नियम: NRI प्रॉपर्टी खरीद पर TAN खत्म, नया Form 141, कमर्शियल LPG दरें और वित्तीय बदलाव

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CA विनित अग्रवाल
वरिष्ठ वित्तीय सलाहकार एवं टेक पॉलिसी विश्लेषक

चार्टर्ड एकाउंटेंट एवं टेक-फाइनेंस विश्लेषक। एमएसएमई सरकारी टेंडर्स, डीप-टेक इन्वेस्टमेंट, सेमीकंडक्टर पॉलिसी और कॉरपोरेट डिजिटल ऑटोमेशन के जाने-माने विशेषज्ञ।

त्वरित उत्तर (Quick Answer)

1 अक्टूबर 2026 से सीबीडीटी (CBDT) ने एनआरआई (NRI) से अचल संपत्ति खरीदने वाले भारतीय खरीदारों के लिए टैक्स डिडक्शन अकाउंट नंबर (TAN) लेने की अनिवार्य शर्त खत्म कर दी है। अब खरीदार अपने सामान्य पैन (PAN) के जरिए टीडीएस काटकर नए चालान-सह-विवरण 'Form 141 (Schedule E)' पर ऑनलाइन जमा कर सकते हैं। हालांकि, टीडीएस काटने की कानूनी बाध्यता पहले की तरह ही लागू रहेगी।

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मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • सीबीडीटी की ऐतिहासिक अधिसूचना: अनिवासी भारतीयों (NRI) से अचल संपत्ति खरीदने पर अब अलग से TAN (Tax Deduction Account Number) लेना जरूरी नहीं।
  • नया चालान-सह-विवरण फॉर्म: अब सामान्य पैन (PAN) के माध्यम से नए 'Form 141' के 'Schedule E' द्वारा टीडीएस चालान जमा होगा।
  • धारा 195 बनाम धारा 194-IA: निवासी विक्रेता पर 1% (₹50 लाख से ऊपर) लगता है, जबकि एनआरआई पर इंडेक्सेशन/प्रॉफिट के आधार पर धारा 195 के तहत टीडीएस दर तय होती है।
  • लोअर डिडक्शन सर्टिफिकेट (LDC): धारा 197 के तहत एनआरआई विक्रेता द्वारा प्राप्त लोअर टैक्स सर्टिफिकेट को Form 141 में सीधे कोट किया जा सकेगा।
  • कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर (19 kg) की नई कीमतें: तेल विपणन कंपनियों ने 1 अक्टूबर 2026 से नए संशोधित रेट्स जारी किए, जिसका असर होटल और कैटरिंग पर पड़ेगा।
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) - वित्तीय नियम 2026
NRI प्रॉपर्टी खरीद टीडीएस व वित्तीय बदलाव - त्वरित मार्गदर्शिका
मापदंड / विषय 1 अक्टूबर 2026 से पहले का नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू नया नियम संबद्ध फॉर्म / पोर्टल नागरिकों के लिए काम की सलाह
खरीदार का पहचान नंबर TAN (Tax Deduction Account Number) लेना कानूनी रूप से अनिवार्य था। केवल PAN (स्थायी खाता संख्या) पर्याप्त है; अलग से TAN की कोई आवश्यकता नहीं। e-Filing Portal (incometax.gov.in) यदि आपने पहले कभी TAN नहीं लिया था, तो अब ₹500-₹1500 की कंसल्टेंसी और फॉर्म 49B की झंझट खत्म हो गई।
टीडीएस चालान फॉर्म चालान ITNS 281 भरकर हर तिमाही Form 27Q का विस्तृत रिटर्न दाखिल करना पड़ता था। नया एकीकृत चालान-सह-विवरण Form 141 (Schedule E) ऑनलाइन भरा जाएगा। Form 141 (Schedule E) भुगतान के 30 दिनों के भीतर चालान-सह-स्टेटमेंट पोर्टल पर सीधे सबमिट करें।
टीडीएस सर्टिफिकेट TRACES पोर्टल से अलग लॉगिन बनाकर Form 16A डाउनलोड करना पड़ता था। Form 141 प्रोसेस होते ही स्वतः Form 132 / 16A डिजिटल सर्टिफिकेट उपलब्ध होगा। TRACES / e-Filing डिजिटल हस्ताक्षरित सर्टिफिकेट एनआरआई विक्रेता को समय पर सौंपें ताकि वह रिफंड क्लेम कर सके।
टीडीएस कटौती दर (धारा 195) दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (LTCG) पर 12.5% या 20% + सरचार्ज और सेस (बिना LDC के कुल मूल्य पर)। कटौती दर में कोई बदलाव नहीं; दर वही रहेगी, केवल प्रक्रियात्मक अनुपालन सरल हुआ है। धारा 195 एवं धारा 197 (LDC) विक्रेता को हमेशा धारा 197 के तहत असेसिंग ऑफिसर से लोअर टैक्स डिडक्शन सर्टिफिकेट लेने को कहें।
कमर्शियल LPG सिलेंडर सितंबर 2026 की निर्धारित दरें लागू थीं। 19 किलोग्राम कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में संशोधन (महानगरों के अनुसार प्रभावी)। IOCL / BPCL / HPCL रेस्टोरेंट, ढाबा और मिठाई निर्माता नई दरों के अनुसार बिलिंग अपडेट करें। घरेलू 14.2 kg सिलेंडर में बदलाव नहीं।
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यह गाइड किनके लिए उपयोगी है: देश के वे सभी घर खरीदार जो विदेश में रहने वाले एनआरआई (NRI/PIO) से संपत्ति खरीद रहे हैं, रियल एस्टेट कंसल्टेंट्स, चार्टर्ड एकाउंटेंट्स, छोटे कारोबारी और रेस्टोरेंट संचालक जो कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की संशोधित दरों का सटीक ब्योरा चाहते हैं।

1. 1 अक्टूबर 2026 का सबसे बड़ा बदलाव: क्या बदला और क्या पहले जैसा रहेगा?

कर कानूनों में जब भी कोई संशोधन होता है, तो सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि बदलाव किस स्तर पर हुआ है—प्रक्रियात्मक (Procedural) या दर-संबंधी (Rate-related):

  • क्या बदल गया: खरीदार के लिए TAN लेने की बाध्यता समाप्त हो गई है। चालान ITNS 281 और बाद में तिमाही रिटर्न Form 27Q भरने का डबल सिस्टम खत्म हो गया है। इसके स्थान पर एकल चालान-सह-विवरण Form 141 (Schedule E) आ गया है।
  • क्या पहले जैसा रहेगा: टीडीएस काटने की कानूनी जिम्मेदारी अभी भी खरीदार की ही है। धारा 195 के तहत लागू टीडीएस दरें पहले की तरह ही लागू रहेंगी। यदि विक्रेता एनआरआई है, तो खरीदार को पूरी बिक्री राशि या लोअर टैक्स सर्टिफिकेट में निर्धारित पूंजीगत लाभ पर टीडीएस काटना ही होगा।

2. एनआरआई से प्रॉपर्टी खरीद पर टीडीएस: TAN हटाने का आम खरीदार को क्या फायदा होगा?

भारतीय मध्यमवर्गीय खरीदार जब जीवन में एक बार मकान खरीदता है और विक्रेता एनआरआई निकलता है, तो खरीदार को अनचाहे कानूनी चक्करों का सामना करना पड़ता था। TAN नंबर लेने के लिए NSDL/UTIITSL पर Form 49B भरना पड़ता था, डिजिटल सिग्नेचर या आधार ओटीपी से ई-वेरिफाई करना होता था और इसके बाद हर साल शून्य (Nil) टीडीएस रिटर्न न भरने पर इनकम टैक्स विभाग के नोटिस का डर बना रहता था।

1 अक्टूबर 2026 से लागू हुए इस नए नियम से आम नागरिकों को 4 प्रत्यक्ष लाभ मिलेंगे:

  1. अनावश्यक खर्चे की बचत: TAN बनवाने और Form 27Q की तिमाही फाइलिंग के लिए टैक्स वकीलों या सीए को ₹3,000 से ₹10,000 तक अतिरिक्त फीस देनी पड़ती थी, जो अब शून्य हो गई है।
  2. समय की भारी बचत: TAN अलॉट होने में 7 से 15 दिन लगते थे, जिससे रजिस्ट्री का काम रुक जाता था। अब खरीदार तत्काल अपने पैन से लॉगिन करके चालान जनरेट कर सकता है।
  3. भविष्य के नोटिस से मुक्ति: प्रॉपर्टी खरीदने के बाद लोग अक्सर TAN को सरेंडर करना भूल जाते थे, जिससे आगे चलकर नॉन-फाइलिंग के डिफॉल्ट नोटिस आते थे। अब पैन आधारित ट्रांजैक्शन होने से यह समस्या जड़ से खत्म हो गई है।
  4. सिंगल विंडो TRACES इंटीग्रेशन: Form 141 भरने के बाद टीडीएस सर्टिफिकेट सीधे इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल से डाउनलोड हो जाएगा।
तुलनात्मक बिंदु 30 सितंबर 2026 तक का नियम 1 अक्टूबर 2026 से नया नियम
आवश्यक पहचान खरीदार के पास अनिवार्य TAN होना चाहिए था केवल सामान्य पैन (PAN) ही पर्याप्त है
चालान का माध्यम ITNS 281 चालान (TAN मोड) Form 141 - Schedule E (PAN मोड)
तिमाही रिटर्न दायित्व Form 27Q फाइल करना अनिवार्य था अलग से कोई तिमाही रिटर्न नहीं; चालान ही स्टेटमेंट है
सर्टिफिकेट प्रारूप Form 16A (TRACES TAN पोर्टल से) Form 132 / डिजिटल सर्टिफिकेट (सीधे डाउनलोड)

3. नया Form 141 और Schedule E क्या है? इनकम टैक्स पोर्टल पर फाइलिंग का प्रोसेस

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने ई-फाइलिंग 2.0 पोर्टल पर नए फॉर्म 'Form 141' को लाइव कर दिया है। यदि आप किसी एनआरआई से संपत्ति खरीद रहे हैं, तो स्टेप-बाय-स्टेप इस प्रकार फाइल करें:

ई-फाइलिंग पोर्टल पर Form 141 (Schedule E) भरने के 4 सरल चरण:

स्टेप 1: ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉगिन कर e-Pay Tax में जाएं
आधिकारिक इनकम टैक्स पोर्टल (incometax.gov.in) पर खरीदार अपने पैन और पासवर्ड से लॉगिन करे। शीर्ष मेनू में 'e-File' -> 'e-Pay Tax' विकल्प पर क्लिक करें और 'New Payment' चुनें।

स्टेप 2: Form 141 (Schedule E - Non-Resident Property) का चयन
उपलब्ध टाइल्स में से 'TDS on Sale of Property by Non-Resident (Form 141 - Schedule E)' पर क्लिक करें। यहां खरीदार का पैन स्वतः आ जाएगा। इसके बाद एनआरआई विक्रेता का पैन, उसका विदेशी व भारतीय पता, और ईमेल दर्ज करें।

स्टेप 3: प्रॉपर्टी का मूल्य और लागू टीडीएस दर दर्ज करें
प्रॉपर्टी का पूरा विवरण (खसरा/फ्लैट संख्या, म्युनिसिपल वार्ड, रजिस्ट्री डेट) दर्ज करें। कुल बिक्री प्रतिफल (Total Sale Consideration) भरें। यदि एनआरआई विक्रेता ने धारा 197 के तहत Lower Deduction Certificate (LDC) लिया है, तो उस सर्टिफिकेट का यूनिक नंबर और दिनांक दर्ज करें। सिस्टम स्वतः सही टीडीएस राशि की गणना कर देगा।

स्टेप 4: ऑनलाइन भुगतान और डिजिटल पावती डाउनलोड
नेट बैंकिंग, यूपीआई (UPI), डेबिट कार्ड या आरटीजीएस/नेफ्ट (RTGS/NEFT) के जरिए टीडीएस की राशि का तत्काल भुगतान करें। भुगतान सफल होते ही CRN और BSR कोड युक्त चालान डाउनलोड हो जाएगा। यही रसीद सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में रजिस्ट्री के समय प्रस्तुत की जा सकती है।

4. क्या टीडीएस की दर कम हुई है? (धारा 195 और लोअर टीडीएस सर्टिफिकेट की हकीकत)

अक्सर लोग भ्रमित हो जाते हैं कि क्या TAN हटने से टैक्स की दर भी कम हो गई है? इसका स्पष्ट उत्तर है—नहीं। भारतीय निवासी विक्रेता से ₹50 लाख से अधिक की संपत्ति खरीदने पर धारा 194-IA के तहत केवल 1% टीडीएस कटता है। लेकिन यदि विक्रेता एनआरआई है, तो कानूनन धारा 195 लागू होती है:

  • दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ (Long Term Capital Gain - 2 वर्ष से अधिक होल्डिंग): यदि संपत्ति 2 वर्ष से अधिक पुरानी है, तो नए बजट प्रावधानों के अनुसार 12.5% (अथवा पुराने नियमों में 20%) प्लस लागू सरचार्ज और 4% सेस काटकर टीडीएस काटना होता है।
  • अल्पकालिक पूंजीगत लाभ (Short Term Capital Gain): स्लैब दरों (अधिकतम 30% + सरचार्ज + सेस) पर टीडीएस कटता है।
  • महत्वपूर्ण नागरिक टिप (Lower TDS Certificate): यदि कोई खरीदार सीधे कुल बिक्री राशि पर 20% या 12.5% काट लेता है, तो एनआरआई विक्रेता का लाखों रुपया टैक्स में ब्लॉक हो जाता है। इसलिए एनआरआई विक्रेता को सलाह दें कि वह सेल एग्रीमेंट होते ही इनकम टैक्स पोर्टल पर Form 13 भरकर असेसिंग ऑफिसर से धारा 197 का 'लोअर डिडक्शन सर्टिफिकेट' ले ले। यदि सर्टिफिकेट में 3% या 5% लिखा है, तो खरीदार कानूनी रूप से केवल वही दर काटेगा।

5. 19 किलोग्राम कमर्शियल गैस सिलेंडर के नए रेट्स: रेस्टोरेंट और छोटे व्यापार पर असर

महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियों (IOCL, BPCL, HPCL) द्वारा एलपीजी गैस सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा की जाती है। 1 अक्टूबर 2026 से देश के प्रमुख महानगरों में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर के रेट्स में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल और गैस बेंचमार्क के आधार पर बदलाव किया गया है:

  • घरेलू उपभोक्ताओं को राहत: 14.2 किलोग्राम वाले सामान्य घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों (Domestic LPG) और पीएम उज्ज्वला योजना लाभार्थियों के सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
  • कमर्शियल उपभोक्ताओं पर प्रभाव: नई संशोधित दरें होटल, हलवाई, बेकरी, फूड कोर्ट्स और इंडस्ट्रियल यूनिट्स पर तुरंत प्रभाव से लागू हो गई हैं। व्यापारियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने मासिक बजट और लागत गणना में इस संशोधन को शामिल करें।

6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या सामान्य भारतीय निवासी से प्रॉपर्टी खरीदने पर भी Form 141 भरना होगा?

नहीं। यदि विक्रेता भारत का सामान्य निवासी (Resident Indian) है, तो धारा 194-IA के तहत पहले की तरह ही Form 26QB भरा जाएगा (यदि प्रॉपर्टी की कीमत ₹50 लाख या उससे अधिक है)। Form 141 केवल तभी भरा जाएगा जब संपत्ति बेचने वाला व्यक्ति अनिवासी भारतीय (NRI) हो।

Q2. अगर एनआरआई विक्रेता के पास भारत का पैन कार्ड नहीं है, तो टीडीएस किस दर से कटेगा?

आयकर अधिनियम की धारा 206AA के अनुसार, यदि विक्रेता वैध पैन कार्ड प्रस्तुत नहीं करता है, तो खरीदार को अधिकतम 20% की न्यूनतम दर या लागू सामान्य दर (जो भी अधिक हो) से टीडीएस काटना अनिवार्य होगा। इसलिए बिना पैन कार्ड के एनआरआई से प्रॉपर्टी की डील फाइनल न करें।

Q3. फॉर्म 141 और टीडीएस जमा करने की समय-सीमा क्या होती है?

जिस महीने में टीडीएस काटा गया है या विक्रेता को भुगतान किया गया है, उस महीने के समाप्त होने के 30 दिनों के भीतर Form 141 के साथ टीडीएस की राशि सरकारी खाते में जमा करनी होती है। देरी करने पर प्रति माह 1.5% का ब्याज और धारा 234E के तहत ₹200 प्रतिदिन की लेट फीस लग सकती है।

Q4. क्या पहले से लिए हुए TAN को सरेंडर करने के लिए कोई अलग अर्जी देनी होगी?

यदि आपने पहले किसी पुरानी प्रॉपर्टी डील के लिए TAN लिया था और अब उसका कोई व्यावसायिक उपयोग नहीं है, तो आप इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर 'Surrender of TAN' विकल्प के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं ताकि आगे कोई डिफ़ॉल्ट नोटिस जारी न हो।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या सामान्य भारतीय निवासी से प्रॉपर्टी खरीदने पर भी Form 141 भरना होगा?

A. नहीं। यदि विक्रेता भारत का सामान्य निवासी है, तो धारा 194-IA के तहत Form 26QB ही भरा जाएगा। Form 141 केवल तभी लागू होता है जब संपत्ति का विक्रेता अनिवासी भारतीय (NRI) हो।

Q. अगर एनआरआई विक्रेता के पास भारत का पैन कार्ड नहीं है, तो टीडीएस किस दर से कटेगा?

A. धारा 206AA के तहत यदि विक्रेता के पास पैन नहीं है, तो खरीदार को 20% की उच्च दर से टीडीएस काटना होगा। इसलिए डील से पहले एनआरआई का पैन सुनिश्चित करें।

Q. फॉर्म 141 और टीडीएस जमा करने की अंतिम तिथि क्या होती है?

A. जिस माह में टीडीएस काटा गया है, उस माह की समाप्ति के 30 दिनों के भीतर Form 141 ऑनलाइन भरकर टीडीएस जमा करना अनिवार्य है।

Q. क्या पहले से लिए हुए TAN को सरेंडर करना जरूरी है?

A. यदि TAN का कोई अन्य उपयोग (जैसे व्यापार या कर्मचारियों के वेतन का टीडीएस) नहीं है, तो भविष्य के नोटिस से बचने हेतु उसे आयकर पोर्टल पर सरेंडर कर देना उत्तम है।

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