yojana ⏱️ 15 मिनट पढ़ें 📅 21 सितंबर 2026

PM Internship Scheme 2026: ₹5,000 मासिक स्टाइपेंड, ₹6,000 ग्रांट, पात्रता व pminternship.mca.gov.in ऑनलाइन आवेदन गाइड

VV
विक्रमादित्य वर्मा
वरिष्ठ नीति विश्लेषक एवं ग्रामीण विकास विशेषज्ञ

विगत 9 वर्षों से भारत सरकार के पंचायती राज, कौशल विकास एवं डीबीटी कल्याण योजनाओं पर शोधपरक लेखन।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PM Internship Scheme 2026) भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) की राष्ट्रीय पहल है, जिसका लक्ष्य 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को देश की शीर्ष 500 कंपनियों में 12 महीने का ऑन-द-जॉब औद्योगिक प्रशिक्षण देना है। योजना में चयनित प्रत्येक युवा को प्रतिमाह ₹5,000 की वित्तीय सहायता (₹4,500 केंद्र सरकार डीबीटी + ₹500 कंपनी CSR) और कार्यस्थल पर रिपोर्ट करने पर ₹6,000 का एकमुश्त आकस्मिक अनुदान सीधे बैंक खाते में प्रदान किया जाता है। साथ ही ₹4 लाख का निःशुल्क संयुक्त सरकारी बीमा (PMJJBY + PMSBY) दिया जाता है। 21 से 24 वर्ष के 10वीं, 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा व सामान्य स्नातक युवा आधिकारिक पोर्टल pminternship.mca.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • 12 महीने का ऑन-द-जॉब कॉर्पोरेट प्रशिक्षण: भारत की शीर्ष 500 कंपनियों (Tata Group, Reliance, Infosys, Mahindra, L&T, Maruti, HDFC आदि) में व्यावहारिक अनुभव और राष्ट्रीय कॉर्पोरेट प्रमाण पत्र।
  • ₹5,000 प्रति माह निश्चित स्टाइपेंड: ₹4,500 केंद्र सरकार द्वारा सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में (DBT) और ₹500 संबंधित कंपनी के CSR फंड से प्रतिमाह भुगतान।
  • ₹6,000 एकमुश्त आकस्मिक अनुदान: इंटर्नशिप लोकेशन पर ज्वाइन करते ही रहने-खाने व प्रारंभिक आवागमन खर्च हेतु केंद्र सरकार द्वारा अतिरिक्त वित्तीय सहायता।
  • निःशुल्क सामाजिक सुरक्षा बीमा: योजना अवधि में प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) और सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) का ₹4 लाख का संपूर्ण संयुक्त बीमा कवर केंद्र सरकार द्वारा देय।
  • Aadhaar FaceRD व पारदर्शी मेरिट चयन: pminternship.mca.gov.in पोर्टल पर बिना किसी लिखित परीक्षा, इंटरव्यू या सिफारिश के आधार ई-केवाईसी व एआई-आधारित पारदर्शी मेरिट आवंटन।
मापदंड / विवरणआधिकारिक प्रावधान (Official Rules)सत्यापन माध्यम / पोर्टल
योजना का नामप्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (Prime Minister's Internship Scheme - PMIS 2026)कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (MCA), भारत सरकार
मासिक स्टाइपेंड₹5,000 प्रति माह (₹4,500 केंद्र सरकार DBT + ₹500 कंपनी CSR फंड)PFMS-NPCI प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT)
एकमुश्त आकस्मिक ग्रांट₹6,000 (कार्यस्थल पर रिपोर्टिंग व ज्वाइनिंग के समय)DBT सीधे बैंक खाते में
कुल वार्षिक वित्तीय पैकेज₹66,000 प्रति इंटर्न (₹60,000 स्टाइपेंड + ₹6,000 एकमुश्त अनुदान)आधार लिंक्ड बैंक खाता
प्रशिक्षण अवधि12 महीने (1 वर्ष का निरंतर ऑन-द-जॉब व्यावहारिक प्रशिक्षण)शीर्ष 500 भागीदार कंपनियां
आयु सीमा21 से 24 वर्ष (विस्तारित चरणों में 18 से 25 वर्ष के पात्र युवा)आधार कार्ड / 10वीं मार्कशीट जन्मतिथि
शैक्षणिक योग्यता10वीं, 12वीं, ITI, 3-वर्षीय डिप्लोमा, सामान्य स्नातक (BA, BSc, BCom, BCA, BBA, B.Pharma)डिजिलॉकर / शैक्षणिक प्रमाण पत्र
पारिवारिक आय सीमापरिवार की कुल वार्षिक आय ₹8,00,000 (8 लाख रुपये) से कम होना अनिवार्यआय प्रमाण पत्र / स्व-घोषणा पत्र
सरकारी बीमा कवरPMJJBY (₹2 लाख जीवन बीमा) व PMSBY (₹2 लाख दुर्घटना बीमा) पूर्णतः निःशुल्ककेंद्र सरकार द्वारा 100% प्रीमियम वहन
अधिकतम आवेदन विकल्पप्रत्येक अभ्यर्थी अधिकतम 5 इंटर्नशिप पदों / कंपनियों के लिए विकल्प चुन सकता हैpminternship.mca.gov.in डैशबोर्ड
आधिकारिक पोर्टल व हेल्पलाइनpminternship.mca.gov.in | टोल-फ्री: 1800-11-6090MCA भारत सरकार सहायता डेस्क

📑 विषय सूची (Table of Contents)

1. प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना 2026 क्या है? उद्देश्य, पृष्ठभूमि व 1 करोड़ युवाओं का विजन

पीएम इंटर्नशिप योजना 2026: टॉप 500 कंपनियों में प्रशिक्षण व ₹5000 मासिक स्टाइपेंड गाइड
चित्र: देश के युवाओं को वास्तविक औद्योगिक परिवेश में प्रायोगिक कौशल देने हेतु कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) द्वारा संचालित राष्ट्रीय पहल।

भारत में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी लाखों युवा रोजगार पाने में कठिनाई का सामना करते हैं। इसका मुख्य कारण किताबी ज्ञान और उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के बीच का विशाल अंतर (Skill Gap) है। निजी क्षेत्र की अधिकांश कंपनियां फ्रेशर्स से भी पूर्व कार्य अनुभव की अपेक्षा रखती हैं, जिसके कारण टियर-2 और टियर-3 शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली युवाओं के सामने अवसरों का अभाव रहता है। इसी संरचनात्मक समस्या के स्थायी समाधान के रूप में भारत सरकार के केंद्रीय बजट में प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (Prime Minister's Internship Scheme - PMIS 2026) की घोषणा की गई।

इस महत्वाकांक्षी योजना का संचालन कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (Ministry of Corporate Affairs - MCA) द्वारा किया जा रहा है। योजना का स्पष्ट लक्ष्य अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ (10 मिलियन) भारतीय युवाओं को देश के शीर्ष 500 कॉर्पोरेट घरानों में 12 महीने का प्रत्यक्ष व्यावहारिक औद्योगिक अनुभव प्रदान करना है। सरकार ने इसके पायलट चरण के सफल संचालन के बाद अब इसे देश के 730 से अधिक जिलों में पूर्ण रूप से लागू कर दिया है।

यह योजना पारंपरिक सरकारी वजीफे या केवल थ्योरी क्लासरूम ट्रेनिंग से बिल्कुल भिन्न है। इसमें इंटर्न सीधे कॉर्पोरेट परिवेश, आधुनिक वर्कशॉप, डिजिटल ऑपरेशंस, बैंकिंग सेवाओं और विनिर्माण इकाइयों में काम करते हुए वास्तविक व्यावसायिक समस्याओं को हल करना सीखते हैं। योजना में भाग लेने वाली कंपनियों का चयन उनके पिछले तीन वित्तीय वर्षों के औसत कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) व्यय के आधार पर किया गया है। इसका आधिकारिक पोर्टल pminternship.mca.gov.in है, जिसके माध्यम से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और डिजिटल तरीके से संचालित होती है।

विशेषता / मापदंडपारंपरिक अप्रेंटिसशिप (NATS / NAPS)प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना (PMIS 2026)
नोडल मंत्रालयकौशल विकास व शिक्षा मंत्रालयकॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (MCA), भारत सरकार
भागीदार संस्थानसरकारी संस्थान, पीएसयू व निजी इकाइयांभारत की शीर्ष 500 निजी एवं सार्वजनिक कॉर्पोरेट कंपनियां
मासिक वित्तीय सहायतानियमों के अनुसार सीमित मानदेय₹5,000 प्रति माह निश्चित (₹4500 केंद्र DBT + ₹500 CSR)
एकमुश्त आरंभिक अनुदानकोई अतिरिक्त प्रावधान नहीं₹6,000 एकमुश्त सहायता सीधे बैंक खाते में (DBT)
कौशल फोकसतकनीकी ट्रेड व ट्रेड अप्रेंटिसवास्तविक व्यावसायिक प्रबंधन, डिजिटल ऑपरेशंस, मैन्युफैक्चरिंग व सर्विस
बीमा सुरक्षासीमित या गैर-अनिवार्य₹4 लाख का पूर्ण सरकारी बीमा (PMJJBY + PMSBY) निःशुल्क
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2. स्टाइपेंड व वित्तीय संरचना: ₹5,000 मासिक + ₹6,000 एकमुश्त ग्रांट कैसे मिलेगी?

पीएम इंटर्नशिप योजना के अंतर्गत चयनित प्रत्येक लाभार्थी युवा को 1 वर्ष (12 माह) के प्रशिक्षण काल के दौरान कुल ₹66,000 की वित्तीय सुरक्षा केंद्र सरकार और भागीदार कंपनियों द्वारा प्रदान की जाती है। इस वित्तीय पैकेज का ढांचा अत्यंत सुदृढ़ और पारदर्शी है:

क. मासिक स्टाइपेंड का विभाजन (₹5,000 प्रति माह)

प्रत्येक महीने की समाप्ति पर जब कंपनी द्वारा इंटर्न की न्यूनतम उपस्थिति सत्यापित की जाती है, तो कुल ₹5,000 का भुगतान किया जाता है। इस राशि का तकनीकी विभाजन निम्न प्रकार है:

  • केंद्र सरकार का अंशदान (₹4,500 प्रति माह): यह राशि भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के आधार पेमेंट ब्रिज के जरिए सीधे अभ्यर्थी के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के रूप में भेजी जाती है।
  • कंपनी का अंशदान (₹500 प्रति माह): संबंधित कंपनी अपने सीएसआर बजट से ₹500 प्रति माह का भुगतान इंटर्न के बैंक खाते में करती है। यदि कोई कंपनी अभ्यर्थी के उत्कृष्ट कार्य से प्रसन्न होकर अपनी ओर से अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देना चाहे, तो वह अपनी आंतरिक नीति के अनुसार अतिरिक्त भुगतान कर सकती है।

ख. एकमुश्त आकस्मिक अनुदान (₹6,000 One-time Incidentals Grant)

जब किसी युवा का चयन होता है और वह कंपनी द्वारा आवंटित प्रशिक्षण स्थल, प्लांट, ब्रांच या रीजनल ऑफिस में पहली बार पहुंचकर जॉइनिंग फॉर्म भरता है, तो केंद्र सरकार उसे ₹6,000 की एकमुश्त अनुदान राशि सीधे बैंक खाते में भेजती है। इसका उद्देश्य यह है कि अभ्यर्थी को नए शहर में जाने, किराए के कमरे की व्यवस्था करने, दैनिक यात्रा या जरूरी कार्य-वस्त्र (Formal Wear) खरीदने के लिए किसी पर निर्भर न रहना पड़े। यह राशि स्टाइपेंड के अतिरिक्त होती है और इसे वापस नहीं लौटाना होता।

ग. निःशुल्क सामाजिक सुरक्षा एवं बीमा कवच

कार्यस्थल पर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्र सरकार प्रत्येक इंटर्न को निम्नलिखित दो राष्ट्रीय बीमा योजनाओं के तहत पूर्णतः निःशुल्क सुरक्षा कवर प्रदान करती है:

  • प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY): किसी भी कारण से मृत्यु होने की स्थिति में ₹2,00,000 (दो लाख रुपये) का जीवन बीमा कवर।
  • प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY): दुर्घटना में आकस्मिक मृत्यु या स्थायी पूर्ण विकलांगता की स्थिति में ₹2,00,000 का दुर्घटना बीमा कवर।

इन दोनों बीमा पॉलिसियों के वार्षिक प्रीमियम का पूरा खर्च केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाता है। अभ्यर्थी के स्टाइपेंड से एक रुपये की भी कटौती नहीं की जाती है।

महत्वपूर्ण वित्तीय शर्त: यह संपूर्ण राशि केवल उन्हीं बैंक खातों में ट्रांसफर हो सकती है जो आधार नंबर से सीडेड (Aadhaar Seeding) हैं और जिनका NPCI DBT मैपर सक्रिय है। बैंक खाते में डीबीटी मैपिंग और आधार लिंकिंग की प्रक्रिया को समझने के लिए हमारी विस्तृत PM Kisan DBT व NPCI बैंक लिंकिंग गाइड का संदर्भ अवश्य लें।
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3. पात्रता के विस्तृत मानक और 8 कड़े अपात्रता नियम (Who is Eligible vs Ineligible?)

योजना के नियमों का निर्धारण करते समय सरकार ने इस बात का विशेष ध्यान रखा है कि इसका लाभ वास्तविक जरूरतमंद और सामान्य पृष्ठभूमि के युवाओं तक पहुंचे। इसलिए पात्रता और अपात्रता (Ineligibility / Exclusion) के नियम अत्यंत स्पष्ट और कड़े बनाए गए हैं:

पात्रता के 5 अनिवार्य मानक (Eligibility Criteria)

  1. राष्ट्रीयता: आवेदक का भारत का नागरिक होना अनिवार्य है।
  2. आयु सीमा: आवेदन करने की तिथि पर अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 24 वर्ष होनी चाहिए (अद्यतन पोर्टल संशोधनों में 18 से 25 वर्ष के युवा भी विचारणीय हैं)। आयु की गणना आवेदक के 10वीं कक्षा के प्रमाणपत्र या आधार कार्ड के आधार पर की जाती है।
  3. न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता: अभ्यर्थी ने भारत के किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय से कम से कम निम्नलिखित में से कोई एक परीक्षा उत्तीर्ण की हो:
    • 10वीं कक्षा (हाईस्कूल / मैट्रिकुलेशन)
    • 12वीं कक्षा (इंटरमीडिएट / हायर सेकेंडरी)
    • औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) से 1 या 2 वर्षीय प्रमाणित ट्रेड डिप्लोमा
    • पॉलिटेक्निक से 3-वर्षीय इंजीनियरिंग या नॉन-इंजीनियरिंग डिप्लोमा
    • किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से गैर-व्यावसायिक सामान्य स्नातक (जैसे B.A, B.Sc, B.Com, B.B.A, B.C.A, B.Voc, B.Pharma आदि)
  4. रोजगार स्थिति: आवेदक आवेदन के समय किसी भी प्रकार की पूर्णकालिक (Full-time) नियमित नौकरी में कार्यरत नहीं होना चाहिए।
  5. दूरस्थ शिक्षा / ओपन यूनिवर्सिटी: जो अभ्यर्थी इग्नू (IGNOU), राज्य मुक्त विश्वविद्यालयों या पत्राचार माध्यम से पढ़ाई कर रहे हैं, वे आवेदन के लिए पूरी तरह पात्र हैं।

अपात्रता के 8 कड़े नियम (Disqualification / Exclusion Rules)

यदि कोई अभ्यर्थी निम्नलिखित 8 श्रेणियों में से किसी में भी आता है, तो उसका आवेदन पोर्टल के बैकएंड सिस्टम द्वारा स्वतः निरस्त कर दिया जाएगा:

  • 1. नियमित उच्च शिक्षा में अध्ययनरत छात्र: जो छात्र वर्तमान में किसी कॉलेज या विश्वविद्यालय में नियमित रूप से पूर्णकालिक डिग्री या डिप्लोमा कर रहे हैं (अंतिम वर्ष के वे छात्र जिन्हें अपने कॉलेज से आधिकारिक नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट/NOC प्राप्त है, को छोड़कर)।
  • 2. राष्ट्रीय उत्कृष्टता संस्थानों (Premier Institutes) के छात्र: IIT, IIM, IISER, NID, IIIT, National Law University (NLU) या अन्य केंद्रीय उत्कृष्टता संस्थानों से डिग्री प्राप्त छात्र इस योजना के लिए अपात्र हैं, क्योंकि उनके लिए पहले से ही कैंपस प्लेसमेंट की सुदृढ़ व्यवस्था होती है।
  • 3. उच्च व्यावसायिक व तकनीकी डिग्रियों वाले स्नातक: बी.टेक (B.Tech), बी.ई (B.E), एमबीबीएस (MBBS), बीडीएस (BDS), चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), कंपनी सेक्रेटरी (CS), कॉस्ट मैनेजमेंट अकाउंटेंट (CMA), एमबीए (MBA) या किसी भी विषय में मास्टर डिग्री / डॉक्टरेट (PhD) धारक अभ्यर्थी योजना से बाहर हैं।
  • 4. पूर्व शिक्षुता (Apprenticeship) प्रशिक्षण: जिन्होंने भारत सरकार के NATS (National Apprenticeship Training Scheme) या NAPS (National Apprenticeship Promotion Scheme) के अंतर्गत पहले कभी अप्रेंटिसशिप की हो।
  • 5. पारिवारिक वार्षिक आय सीमा: जिस अभ्यर्थी के परिवार की कुल वार्षिक आय किसी भी वित्तीय वर्ष में ₹8,00,000 (8 लाख रुपये) से अधिक है, वह अपात्र होगा। परिवार की परिभाषा में माता-पिता, स्वयं और अविवाहित भाई-बहन शामिल हैं।
  • 6. परिवार में सरकारी कर्मचारी: यदि अभ्यर्थी के परिवार का कोई भी सदस्य (माता, पिता या जीवनसाथी) केंद्र सरकार, राज्य सरकार, किसी नगर निगम, स्वायत्त संस्थान या किसी सरकारी उपक्रम (PSU) में नियमित या स्थायी कर्मचारी के रूप में कार्यरत है।
  • 7. सक्रिय ईपीएफओ अंशदाता: जो व्यक्ति वर्तमान में किसी भी कंपनी या संस्थान में ईपीएफ (EPF) के पंजीकृत सदस्य हैं और जिनका पीएफ कट रहा है। ईपीएफओ वेज सीलिंग व योगदान नियमों के लिए हमारी EPFO वेतन सीमा व पेंशन गाइड पढ़ें।
  • 8. गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड: वे व्यक्ति जिनके विरुद्ध किसी न्यायालय में गंभीर आपराधिक मामले लंबित हों या जो दोषी ठहराए जा चुके हों।
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4. टॉप 500 कंपनियां, प्रमुख सेक्टर्स व जॉब रोल्स: आपको कहां और कैसा काम मिलेगा?

पीएम इंटर्नशिप योजना की सबसे अनूठी विशेषता यह है कि यह ग्रामीण और सामान्य डिग्री धारक युवाओं को देश के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय और भारतीय कॉर्पोरेट घरानों के कार्य-संस्कृति (Work Culture) से सीधे जोड़ती है। योजना में शामिल 500 कंपनियां भारत के औद्योगिक विकास की रीढ़ हैं:

उद्योग / सेक्टर (Industry Sector)प्रमुख भागीदार कंपनियां (Top Companies)उपलब्ध प्रमुख जॉब रोल्स (Job Profiles)
सूचना प्रौद्योगिकी व डिजिटल सेवाएं TCS, Infosys, Wipro, Tech Mahindra, HCL Tech, Cognizant डेटा एनोटेशन, जूनियर सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, तकनीकी सपोर्ट, डेटा एंट्री, कस्टमर रिलेशन
ऑटोमोबाइल व इंजीनियरिंग विनिर्माण Maruti Suzuki, Tata Motors, Mahindra & Mahindra, Bajaj Auto, L&T, Bharat Forge क्वालिटी एश्योरेंस, असेंबली लाइन ऑपरेशंस, इन्वेंट्री मैनेजमेंट, ऑटो सीएडी सपोर्ट, मशीन मेंटेनेंस
बैंकिंग, वित्त एवं बीमा (BFSI) HDFC Bank, ICICI Bank, State Bank of India (SBI Group), Axis Bank, Bajaj Finance ब्रांच ऑपरेशंस असिस्टेंट, डिजिटल केवाईसी वेरिफिकेशन, लोन डॉक्यूमेंटेशन, बैक-ऑफिस प्रोसेसिंग
ऊर्जा, इस्पात, सीमेंट एवं खनन Reliance Industries, Tata Steel, JSW Steel, UltraTech Cement, Adani Energy लॉजिस्टिक्स को-ऑर्डिनेटर, साइट सेफ्टी सुपरविजन, मैटेरियल डिस्पैच, प्लांट ऑपरेशंस
एफएमसीजी, रिटेल एवं ई-कॉमर्स Hindustan Unilever, ITC Limited, Nestlé India, Tata Consumer Products, Delhivery वेयरहाउस ऑपरेशंस, सप्लाई चेन ट्रैकिंग, रिटेल स्टोर मैनेजमेंट, बिलिंग व मर्चेंडाइजिंग
फार्मास्युटिकल एवं हेल्थकेयर Sun Pharma, Dr. Reddy's Laboratories, Cipla, Lupin, Apollo Hospitals Group पैकेजिंग सुपरविजन, लैब असिस्टेंट, मेडिकल रिकॉर्ड्स मैनेजमेंट, सप्लाई चेन मॉनिटरिंग

इंटर्न को कंपनियों में केवल औपचारिक रूप से नहीं बैठाया जाता, बल्कि उन्हें एक समर्पित मेंटर (Mentor / Team Lead) सौंपा जाता है। मेंटर की देखरेख में इंटर्न को दैनिक व्यावसायिक प्रक्रियाओं में सक्रिय योगदान देना होता है, जिससे उनका आत्मविश्वास और व्यावसायिक कौशल उच्चतम स्तर पर पहुंचता है।

5. pminternship.mca.gov.in पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय ने इस योजना के लिए एक अत्यंत उपयोगकर्ता-अनुकूल (User-friendly) पोर्टल विकसित किया है। आवेदन की पूरी प्रक्रिया 100% निःशुल्क है। किसी भी साइबर कैफे या दलाल को पैसे देने की आवश्यकता नहीं है। यदि आप ग्रामीण क्षेत्र में हैं तो नजदीकी जन सेवा केंद्र पर जाकर भी मदद ले सकते हैं (विस्तृत जानकारी हेतु CSC डिजिटल सेवा केंद्र गाइड देखें)। पंजीकरण के चरण निम्नलिखित हैं:

चरण 1: पोर्टल पर जाना और मोबाइल नंबर प्रमाणीकरण

अपने कंप्यूटर या स्मार्टफोन के ब्राउज़र में आधिकारिक पता https://pminternship.mca.gov.in खोलें। होमपेज पर दाईं ओर दिए गए "Register as Candidate" (अभ्यर्थी पंजीकरण) बटन पर क्लिक करें। अपना 10-अंकीय मोबाइल नंबर दर्ज करें और 'Generate OTP' दबाएं। मोबाइल पर प्राप्त 6-अंकीय ओटीपी दर्ज करके आगे बढ़ें।

चरण 2: आधार सत्यापन एवं फेस ऑथेंटिकेशन (Aadhaar e-KYC)

लॉगिन के तुरंत बाद आपसे 12-अंकीय आधार नंबर मांगा जाएगा। आधार सत्यापन के दो मुख्य तरीके उपलब्ध हैं:

  • विकल्प 1 (आधार रजिस्टर्ड मोबाइल ओटीपी): यदि आपके आधार में वर्तमान मोबाइल नंबर लिंक है, तो यूआईडीएआई (UIDAI) द्वारा भेजे गए ओटीपी को दर्ज करके एक सेकंड में ई-केवाईसी पूरी करें।
  • विकल्प 2 (Aadhaar FaceRD मोबाइल ऐप): यदि ओटीपी आने में समस्या है या मोबाइल नंबर अपडेट नहीं है, तो आप अपने फोन में सरकारी 'AadhaarFaceRD' ऐप इंस्टॉल करके कैमरे के सामने चेहरा स्कैन करके फेस ऑथेंटिकेशन से तुरंत प्रमाणीकरण कर सकते हैं।

यदि आधार में नाम या जन्मतिथि गलत है, तो आवेदन से पूर्व हमारी आधार कार्ड ऑनलाइन सुधार मार्गदर्शिका का उपयोग करके उसे दुरुस्त करा लें।

चरण 3: व्यक्तिगत प्रोफ़ाइल एवं संपर्क विवरण

आधार ई-केवाईसी होते ही आपका नाम, जन्मतिथि, लिंग और स्थाई पता स्वतः स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा। इसके बाद आपको अपना सक्रिय ईमेल पता, वैवाहिक स्थिति और वर्तमान पते का विवरण भरना होगा।

चरण 4: शैक्षणिक योग्यता का अंकन (Educational Qualifications)

इस अनुभाग में अपनी समस्त शैक्षणिक योग्यताएं क्रमानुसार दर्ज करें:

  1. 10वीं बोर्ड विवरण: बोर्ड का नाम (UP Board / CBSE / State Board), रोल नंबर, उत्तीर्ण वर्ष और प्राप्त प्रतिशत।
  2. 12वीं / आईटीआई / डिप्लोमा: स्ट्रीम (Arts / Science / Commerce / ITI Trade / Engineering), संस्थान का नाम और प्राप्तांक।
  3. स्नातक विवरण (यदि लागू हो): कॉलेज का नाम, विश्वविद्यालय, डिग्री का नाम (BA / B.Com / B.Sc आदि) और फाइनल डिवीजन।

यदि आपके प्रमाण पत्र डिजिलॉकर में उपलब्ध हैं, तो पोर्टल पर दिए गए 'Fetch from DigiLocker' बटन पर क्लिक करके सीधे डिजिटल सत्यापित मार्कशीट लिंक की जा सकती है (विस्तृत जानकारी हेतु DigiLocker उपयोग गाइड और कॉलेज छात्रों के लिए APAAR ID स्टूडेंट कार्ड गाइड देखें)।

चरण 5: तकनीकी कौशल और ऑटो-रिज्यूमे जनरेशन

पोर्टल आपसे आपकी कंप्यूटर दक्षता (जैसे MS Office, Tally, Basic Coding, Data Entry, Social Media), भाषा ज्ञान (हिंदी, अंग्रेजी व स्थानीय भाषा) और पूर्व अनुभव या प्रोजेक्ट्स के बारे में पूछेगा। आपके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पोर्टल का इनबिल्ट इंजन एक पेशेवर Digital Resume स्वतः तैयार कर देता है, जिसे आप पीडीएफ में डाउनलोड भी कर सकते हैं।

चरण 6: पसंदीदा लोकेशंस एवं अधिकतम 5 अवसरों का चयन

यह सबसे महत्वपूर्ण चरण है। पोर्टल पर सर्च बार में आप अपने राज्य, गृह जिले, पिनकोड अथवा पसंदीदा कार्य क्षेत्र (जैसे ऑटोमोबाइल, आईटी, बैंकिंग) के अनुसार फिल्टर लगाकर वर्तमान में खुली इंटर्नशिप रिक्तियां देख सकते हैं। प्रत्येक रिक्ति के सामने कंपनी का नाम, कार्य स्थल, अपेक्षित योग्यता और प्रशिक्षण की प्रकृति लिखी होती है।

नियम: प्रत्येक अभ्यर्थी अपनी प्राथमिकता के अनुसार अधिकतम 5 इंटर्नशिप पदों (Max 5 Choices) के लिए आवेदन सबमिट कर सकता है। अतः अपने गृह जिले या निकटवर्ती क्षेत्रों की रिक्तियों को पहली वरीयता दें ताकि चयन होने पर आपको यात्रा या आवास में असुविधा न हो।

चरण 7: फाइनल सबमिशन और एक्नॉलेजमेंट रसीद

सभी 5 विकल्पों का चयन करने के बाद फॉर्म का पूर्वावलोकन (Preview) करें। सभी विवरणों की पुनः जांच करके 'Final Submit' पर क्लिक करें। सबमिट होते ही आपकी स्क्रीन पर 12-अंकीय Application Reference Number जनरेट होगा। इस एक्नॉलेजमेंट रसीद को सुरक्षित सेव कर लें।

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6. चयन प्रक्रिया, मेरिट निर्धारण, एआई मैचिंग और ऑफर लेटर स्वीकृति के नियम

पीएम इंटर्नशिप योजना की चयन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष और मानवीय हस्तक्षेप से मुक्त रखने के लिए कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय ने एक विशेष एआई-आधारित आवंटन एल्गोरिद्म (AI-driven Matching Algorithm) तैयार किया है। चयन प्रक्रिया के मुख्य आधार निम्नलिखित हैं:

क. चयन के चार मुख्य स्तंभ

  • 1. शैक्षणिक प्रासंगिकता व मेरिट: अभ्यर्थी द्वारा 10वीं, 12वीं या स्नातक में प्राप्त अंकों और कंपनी द्वारा मांगी गई न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता का मिलान।
  • 2. स्थानीय भौगोलिक प्राथमिकता (District Level Preference): जिस जिले में कंपनी का प्लांट या ऑफिस स्थित है, उसी जिले या उसी राज्य के स्थानीय अभ्यर्थियों को प्राथमिक वरीयता दी जाती है ताकि पलायन कम से कम हो।
  • 3. सामाजिक समावेशिता एवं सकारात्मक प्रतिनिधित्व: अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC-NCL), आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), महिला अभ्यर्थियों और दिव्यांगजन (PwD) को सरकार के सामाजिक सुरक्षा मानकों के अनुरूप संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाता है।
  • 4. वंचित पृष्ठभूमि को अधिमान: ऐसे परिवार जहां पहले से कोई व्यक्ति नियमित औपचारिक रोजगार में नहीं है, उन्हें एल्गोरिद्म द्वारा प्राथमिकता स्कोर प्रदान किया जाता है।

ख. ऑफर लेटर जारी होना और स्वीकृति की समय-सीमा

जब एआई इंजन और संबंधित कंपनी द्वारा अभ्यर्थियों की सूची को अंतिम रूप दिया जाता है, तो चयनित युवाओं को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस (SMS) और ईमेल के माध्यम से सूचना भेजी जाती है। इसके साथ ही अभ्यर्थी के पोर्टल डैशबोर्ड पर Digital Offer Letter प्रदर्शित होने लगता है।

चेतावनी / डेडलाइन नियम: ऑफर लेटर जारी होने के बाद अभ्यर्थी को निर्धारित समय सीमा (आमतौर पर 7 से 10 कार्य दिवस) के भीतर पोर्टल पर लॉगिन करके 'Accept Offer' बटन पर क्लिक करना अनिवार्य होता है। यदि निर्धारित समय में ऑफर स्वीकार नहीं किया जाता, तो वह स्वतः रद्द मान लिया जाता है और प्रतीक्षा सूची (Waiting List) के अगले अभ्यर्थी को अवसर दे दिया जाता है।

7. जरूरी दस्तावेज़, आधार FaceRD e-KYC और सामान्य गलतियों से बचाव

ऑनलाइन आवेदन भरते समय दस्तावेजों की स्पष्टता अत्यंत महत्वपूर्ण है। धुंधले या गलत दस्तावेज अपलोड करने से फॉर्म निरस्त हो सकता है। नीचे दी गई तालिका के अनुसार अपने दस्तावेज पहले से तैयार रखें:

दस्तावेज़ का नामआवश्यकता का कारणमान्य प्रारूप व विशेष निर्देश
आधार कार्डपहचान एवं ई-केवाईसी सत्यापनसक्रिय मोबाइल लिंक्ड आधार या FaceRD ऑथेंटिकेशन
10वीं की अंकतालिका (Matric Certificate)जन्मतिथि व मूल पहचान का आधिकारिक प्रमाणमूल प्रति की स्पष्ट स्कैन कॉपी / डिजिलॉकर फेच
12वीं / आईटीआई / डिप्लोमा / स्नातक मार्कशीटशैक्षणिक पात्रता का सत्यापनफाइनल ईयर/सेमेस्टर की मार्कशीट व सर्टिफिकेट
मूल निवास प्रमाण पत्र (Domicile)गृह जिले व राज्य की प्राथमिकता का लाभ लेने हेतुराज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल द्वारा जारी डिजिटल प्रमाण पत्र
पारिवारिक आय प्रमाण पत्र / स्व-घोषणा₹8 लाख से कम पारिवारिक आय सिद्ध करने हेतुसक्षम राजस्व अधिकारी (तहसीलदार/SDM) द्वारा जारी या पोर्टल फॉर्मेट
जाति प्रमाण पत्र (SC/ST/OBC-NCL)आरक्षण व सामाजिक प्रतिनिधित्व लाभ हेतुसेंट्रल या स्टेट फॉर्मेट, सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी
बैंक खाता पासबुक / कैंसिल चेक₹5,000 स्टाइपेंड व ₹6,000 ग्रांट के अंतरण हेतुखाता आधार-सीडेड व NPCI मैपर पर सक्रिय होना अनिवार्य
दिव्यांगता प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)दिव्यांग कोटे में प्राथमिकता हेतुस्वावलंबन UDID कार्ड (न्यूनतम 40% दिव्यांगता)

आवेदन करते समय इन 5 सामान्य गलतियों से बचें:

  • गलती 1: सामान्य बैंक लिंकिंग को डीबीटी सीडिंग समझ लेना: कई अभ्यर्थी सोचते हैं कि बैंक में आधार लिंक है तो पैसा आ जाएगा। ऐसा नहीं है! खाते का NPCI मैपर पर Aadhaar DBT Enabled होना जरूरी है। अपने बैंक जाकर तुरंत डीबीटी मैपिंग फॉर्म जमा करें।
  • गलती 2: आधार और 10वीं के नाम में वर्तनी (Spelling) का अंतर: यदि आधार में नाम 'RAMESH KUMAR' है और मार्कशीट में 'RAMESH CHANDRA', तो ई-केवाईसी मिसमैच हो जाएगी। आवेदन से पहले आधार में सुधार कराएं।
  • गलती 3: दूरस्थ कंपनियों का अव्यवहारिक चयन: अपने घर से 1,500 किलोमीटर दूर की कंपनी चुन लेना जहां ₹5,000 के स्टाइपेंड में रहना-खाना भी संभव न हो। हमेशा निकटवर्ती जिलों को वरीयता दें।
  • गलती 4: पुराना या बंद मोबाइल नंबर देना: चयन का एसएमएस उसी नंबर पर आएगा जो आपने पोर्टल पर पंजीकृत किया है। नंबर हमेशा सक्रिय रखें।
  • गलती 5: ऑफर लेटर देखने में देरी करना: चयन संदेश आने पर तुरंत लॉगिन करके स्वीकृति दर्ज करें, अन्यथा सीट दूसरे छात्र को आवंटित हो जाएगी।

8. इंटर्नशिप के दौरान व बाद के अवसर: अनुभव प्रमाण पत्र, पेरोल नौकरी और करियर लाभ

12 महीने की इंटर्नशिप पूरी करने के बाद अभ्यर्थी के करियर में क्या बदलाव आते हैं और इसके क्या ठोस लाभ हैं, इसे समझना आवश्यक है:

क. आधिकारिक राष्ट्रीय अनुभव प्रमाण पत्र (National Corporate Certificate)

सफलतापूर्वक 1 वर्ष का प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रत्येक इंटर्न को संबंधित शीर्ष कॉर्पोरेट कंपनी (जैसे Tata, Reliance, L&T) और भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से हस्ताक्षरित National Internship Certificate प्रदान किया जाता है। इस प्रमाण पत्र में इंटर्न द्वारा सीखे गए विशिष्ट कौशल, कार्य अवधि और मेंटर का मूल्यांकन दर्ज होता है।

ख. उसी कंपनी में नियमित पेरोल पर नियुक्ति की संभावना

यद्यपि योजना कानूनी रूप से किसी पक्की नौकरी की गारंटी नहीं देती, परंतु कॉर्पोरेट वास्तविकता यह है कि बड़ी कंपनियां नए कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने में लाखों रुपये खर्च करती हैं। जब एक इंटर्न 12 महीने तक उनकी प्रणाली में रहकर उत्कृष्ट कार्य करता है और उनकी कार्य-संस्कृति को समझ लेता है, तो नई रिक्तियां आने पर कंपनियां बाहरी उम्मीदवारों के बजाय इन्हीं प्रशिक्षित इंटर्न्स को अपने नियमित पेरोल पर अवशोषित (Absorb) करना सबसे अधिक पसंद करती हैं।

ग. पूरे कॉर्पोरेट जगत में रोजगार के अवसरों का विस्तार

यदि किसी कारणवश उसी कंपनी में सीट रिक्त न हो, तो भी देश की शीर्ष 500 कंपनियों में 1 वर्ष काम करने का अनुभव आपके रिज्यूमे को असाधारण बना देता है। जब आप किसी अन्य मध्यम या बड़ी कंपनी में इंटरव्यू के लिए जाते हैं, तो आपको एक सामान्य फ्रेशर के बजाय एक सिद्ध व प्रशिक्षित पेशेवर माना जाता है, जिससे बेहतर वेतन और उच्च पद मिलने की संभावना अत्यधिक बढ़ जाती है।

9. सामान्य प्रश्न (FAQs) और आधिकारिक समाधान

Q1: क्या पीएम इंटर्नशिप योजना में चयन के लिए कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू देना होगा?

उत्तर: नहीं। केंद्र सरकार के आधिकारिक दिशानिर्देशों के अनुसार योजना में चयन के लिए कोई राष्ट्रीय लिखित परीक्षा आयोजित नहीं की जाती है। अभ्यर्थियों का चयन pminternship.mca.gov.in पोर्टल पर दर्ज शैक्षणिक अंकों, मेरिट, स्थानीय जिला प्राथमिकता और सामाजिक प्रतिनिधित्व के आधार पर स्वचालित एआई-एल्गोरिद्म द्वारा किया जाता है। कुछ कंपनियां केवल सामान्य सत्यापन वार्तालाप कर सकती हैं।

Q2: ₹5,000 मासिक स्टाइपेंड का भुगतान महीने की किस तारीख को होगा?

उत्तर: मासिक स्टाइपेंड का भुगतान कंपनी द्वारा उपस्थिति दर्ज कराने के बाद किया जाता है। केंद्र सरकार का ₹4,500 का अंशदान सीधे पीएफएमएस-डीबीटी द्वारा महीने की तय तारीख (सामान्यतः अगले माह के प्रथम सप्ताह) में बैंक खाते में क्रेडिट होता है, और ₹500 कंपनी अपने सीएसआर खाते से अंतरित करती है।

Q3: क्या B.Tech, BE, MBA, CA या MBBS वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं?

उत्तर: नहीं। सरकार के आधिकारिक नियमों के अनुसार इंजीनियरिंग (B.Tech/BE), मेडिकल (MBBS/BDS), विधि (LLB/NLU), एमबीए या चार्टर्ड अकाउंटेंसी (CA/CMA) जैसी उच्च व्यावसायिक व तकनीकी डिग्रियों वाले छात्र इस योजना के लिए अपात्र हैं। यह योजना मुख्य रूप से 10वीं, 12वीं, आईटीआई, 3-वर्षीय डिप्लोमा और सामान्य स्नातकों (BA, BSc, BCom, BCA आदि) के सशक्तिकरण हेतु बनाई गई है।

Q4: एक अभ्यर्थी अधिकतम कितने इंटर्नशिप पदों और कंपनियों के लिए आवेदन कर सकता है?

उत्तर: pminternship.mca.gov.in पोर्टल पर प्रत्येक पात्र अभ्यर्थी अपनी शैक्षणिक योग्यता, रुचि और पसंदीदा जिलों के आधार पर अधिकतम 5 विभिन्न इंटर्नशिप अवसरों/कंपनियों के लिए अपनी प्राथमिकताएं सबमिट कर सकता है।

Q5: यदि इंटर्नशिप के दौरान मुझे कोई सरकारी नौकरी मिल जाए तो क्या मैं इसे बीच में छोड़ सकता हूँ?

उत्तर: हां, यदि आपको किसी सरकारी नौकरी में स्थायी नियुक्ति मिलती है या कोई बेहतर अवसर प्राप्त होता है, तो आप कंपनी के संबंधित मेंटर और एचआर को औपचारिक सूचना देकर सम्मानपूर्वक कार्यमुक्त (Relieve) हो सकते हैं। आपने जितने माह कार्य किया होगा, उतने माह का स्टाइपेंड आपको विधिवत प्राप्त होगा।

Q6: क्या मुझे अपने ही गृह जिले या कस्बे में इंटर्नशिप मिल सकती है?

उत्तर: हां, पोर्टल पर आवेदन करते समय आप अपने गृह जिले अथवा निकटवर्ती जिलों में उपलब्ध रिक्तियों को प्राथमिकता दे सकते हैं। भागीदारी करने वाली कंपनियों की शाखाएं, विनिर्माण इकाइयां, क्षेत्रीय कार्यालय और रिटेल आउटलेट्स भारत के 730+ जिलों में फैले हुए हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर ही इंटर्नशिप मिलने की प्रबल संभावना रहती है।

Q7: आवेदन पत्र में कोई तकनीकी समस्या आने पर आधिकारिक हेल्पलाइन कौन सी है?

उत्तर: कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय द्वारा अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-6090 उपलब्ध कराया गया है। इसके अतिरिक्त आप अपनी समस्या के विवरण व स्क्रीनशॉट के साथ आधिकारिक ईमेल pminternship@mca.gov.in पर भी संपर्क कर सकते हैं।

Q8: ₹6,000 की आकस्मिक ग्रांट कब और कैसे प्राप्त होगी?

उत्तर: ₹6,000 का एकमुश्त आकस्मिक अनुदान चयन के बाद जब आप कंपनी के कार्यस्थल पर पहुंचकर अपनी औपचारिक जॉइनिंग और रिपोर्टिंग दर्ज कराते हैं, तो कंपनी द्वारा पोर्टल पर उपस्थिति की पुष्टि होते ही केंद्र सरकार द्वारा सीधे आपके आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी द्वारा भेजा जाता है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या पीएम इंटर्नशिप योजना में चयन के लिए कोई लिखित परीक्षा या इंटरव्यू देना होगा?

A. नहीं। योजना में चयन के लिए कोई राष्ट्रीय लिखित परीक्षा नहीं होती। चयन pminternship.mca.gov.in पर शैक्षणिक अंकों, मेरिट, स्थानीय जिला प्राथमिकता और सामाजिक प्रतिनिधित्व के आधार पर स्वचालित एआई-एल्गोरिद्म द्वारा पारदर्शी रूप से किया जाता है।

Q. ₹5,000 मासिक स्टाइपेंड का भुगतान महीने की किस तारीख को होगा?

A. मासिक स्टाइपेंड का भुगतान कंपनी द्वारा उपस्थिति सत्यापन के बाद होता है। केंद्र सरकार का ₹4,500 अंशदान सीधे पीएफएमएस-डीबीटी द्वारा बैंक में क्रेडिट होता है, और ₹500 कंपनी अपने सीएसआर कोष से अंतरित करती है।

Q. क्या B.Tech, BE, MBA, CA या MBBS वाले छात्र आवेदन कर सकते हैं?

A. नहीं। इंजीनियरिंग, मेडिकल, विधि, एमबीए या सीए जैसी उच्च व्यावसायिक डिग्रियों वाले अभ्यर्थी अपात्र हैं। यह योजना मुख्य रूप से 10वीं, 12वीं, आईटीआई, 3-वर्षीय डिप्लोमा व सामान्य स्नातकों (BA, BSc, BCom) के लिए है।

Q. एक अभ्यर्थी अधिकतम कितने इंटर्नशिप पदों और कंपनियों के लिए आवेदन कर सकता है?

A. pminternship.mca.gov.in पोर्टल पर एक अभ्यर्थी अपनी शैक्षणिक योग्यता, रुचि और पसंदीदा जिलों के आधार पर अधिकतम 5 विभिन्न इंटर्नशिप अवसरों/कंपनियों के लिए अपनी प्राथमिकताएं सबमिट कर सकता है।

Q. यदि इंटर्नशिप के दौरान मुझे कोई सरकारी नौकरी मिल जाए तो क्या मैं इसे बीच में छोड़ सकता हूँ?

A. हां, स्थायी सरकारी नियुक्ति मिलने पर अभ्यर्थी कंपनी को औपचारिक सूचना देकर कार्यमुक्त हो सकता है। जितने माह कार्य किया गया होगा, उतने समय का स्टाइपेंड विधिवत प्राप्त होगा।

Q. क्या मुझे अपने ही गृह जिले या कस्बे में इंटर्नशिप मिल सकती है?

A. हां, पोर्टल पर आवेदन करते समय आप अपने गृह जिले या निकटवर्ती जिलों की रिक्तियों को प्राथमिकता दे सकते हैं। शीर्ष 500 कंपनियों के प्लांट, शाखाएं और केंद्र देश भर के 730+ जिलों में फैले हुए हैं।

Q. आवेदन पत्र में कोई तकनीकी समस्या आने पर आधिकारिक हेल्पलाइन कौन सी है?

A. कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) के राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-6090 पर संपर्क किया जा सकता है अथवा आधिकारिक ईमेल pminternship@mca.gov.in पर विवरण भेजा जा सकता है।

Q. ₹6,000 की आकस्मिक ग्रांट कब और कैसे प्राप्त होगी?

A. ₹6,000 का एकमुश्त आकस्मिक अनुदान कार्यस्थल पर पहली बार रिपोर्टिंग व जॉइनिंग दर्ज कराने के बाद केंद्र सरकार द्वारा सीधे आधार-लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी द्वारा भेजा जाता है।

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