yojana ⏱️ 10 मिनट पढ़ें 📅 16 सितंबर 2026

PM Matru Vandana Yojana 2026: गर्भवती महिलाओं को ₹6,000 की सहायता, pmmvy.wcd.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन व नया नियम

NJ
नेहा जोशी
डिजिटल ई-गवर्नेंस एवं महिला कल्याण विश्लेषक

विगत 8 वर्षों से भारत सरकार की सामाजिक सुरक्षा, महिला सशक्तिकरण और डीबीटी आधारित कल्याणकारी योजनाओं पर विश्लेषणात्मक शोध।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY 2.0) के अंतर्गत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को पोषण सहायता और मजदूरी के नुकसान की भरपाई हेतु नकद वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। पहले जीवित बच्चे के जन्म पर दो किस्तों में कुल ₹5,000 (गर्भधारण पंजीकरण व प्रसव पूर्व जांच पर ₹3,000 और बच्चे के जन्म व प्रथम चक्र टीकाकरण पर ₹2,000) दिए जाते हैं। दूसरे बच्चे के रूप में बालिका (बेटी) का जन्म होने पर एकमुश्त ₹6,000 की विशेष प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। पात्र महिलाएं आधिकारिक पोर्टल pmmvy.wcd.gov.in पर सीधे आधार और एमसीपी कार्ड के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • पहले बच्चे के जन्म पर दो किस्तों में कुल ₹5,000 तथा दूसरे बच्चे के रूप में बेटी जन्म पर ₹6,000 की सीधी डीबीटी सहायता।
  • आधिकारिक नागरिक पोर्टल pmmvy.wcd.gov.in पर घर बैठे निःशुल्क ऑनलाइन आवेदन की सुविधा।
  • मां और बच्चे के स्वास्थ्य व टीकाकरण हेतु निकटतम आंगनवाड़ी या स्वास्थ्य केंद्र से जारी एमसीपी (MCP) कार्ड अनिवार्य।
  • सरकारी नियमित सेवा में कार्यरत महिलाओं को छोड़कर असंगठित क्षेत्र, मनरेगा, ई-श्रम व बीपीएल राशन कार्डधारक महिलाएं पात्र।
किस्त / चरण (Installment)वित्तीय सहायता राशिअनिवार्य शर्त व दस्तावेजआवेदन की अंतिम समय-सीमा
प्रथम किस्त (पहला बच्चा)₹3,000गर्भधारण का प्रारंभिक पंजीकरण + कम से कम 1 प्रसव पूर्व जांच (ANC)एलएमपी तारीख से 570 दिन के भीतर
द्वितीय किस्त (पहला बच्चा)₹2,000बच्चे के जन्म का पंजीकरण + प्रथम चक्र के सभी अनिवार्य टीके (BCG, OPV, DPT)बच्चे की आयु 1 वर्ष पूर्ण होने से पूर्व
विशेष किस्त (दूसरी संतान - केवल बेटी)₹6,000 (एकमुश्त)बालिका का जन्म प्रमाण पत्र + आवश्यक प्राथमिक टीकाकरण पूर्णबेटी के जन्म के 270 दिनों के भीतर
जननी सुरक्षा योजना (JSY) अतिरिक्त₹1,000 से ₹1,400शासकीय अथवा मान्यता प्राप्त अस्पताल में संस्थागत प्रसवडिस्चार्ज के समय अस्पताल स्तर पर
आधिकारिक पोर्टल व हेल्पलाइनpmmvy.wcd.gov.inहेल्पलाइन नंबर: 1098 / 14408महिला एवं बाल विकास मंत्रालय

1. PMMVY 2.0 का उद्देश्य और कुल मिलने वाले वित्तीय लाभ

PM Matru Vandana Yojana 2026: भारतीय मां और नवजात शिशु
चित्र: सुरक्षित मातृत्व और कुपोषण मुक्त भारत के संकल्प को साकार करती प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना।

भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) का प्राथमिक उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य व पोषण स्तर में सुधार करना है। गर्भावस्था के अंतिम महीनों और प्रसव के तुरंत बाद महिलाओं को आराम मिल सके और मजदूरी के नुकसान की भरपाई हो सके, इसके लिए वित्तीय प्रोत्साहन सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है।

संशोधित 'मिशन शक्ति' (PMMVY 2.0) के तहत इस योजना के नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। अब न केवल पहले जीवित बच्चे के जन्म पर ₹5,000 मिलते हैं, बल्कि कन्या भ्रूण हत्या रोकने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दूसरे बच्चे के रूप में बेटी (बालिका) का जन्म होने पर ₹6,000 की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है।

2. कौन सी महिलाएं पात्र हैं और किन्हें नहीं मिलेगा लाभ?

योजना का लाभ केवल सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों की महिलाओं को मिलता है। निम्नलिखित 8 श्रेणियों में से किसी एक में आने वाली महिलाएं पूर्णतः पात्र हैं:

  • जिन महिलाओं के परिवार की कुल वार्षिक आय ₹8 लाख से कम है।
  • अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग की महिलाएं।
  • 40% या उससे अधिक दिव्यांगता (दिव्यांग जन) वाली महिलाएं।
  • बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) राशन कार्ड या अंत्योदय अन्न योजना (AAY) कार्डधारक।
  • श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के ई-श्रम (e-Shram) कार्डधारक महिलाएं।
  • महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) जॉब कार्ड धारक (कम से कम 100 दिन का कार्य)।
  • प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत कार्ड) लाभार्थी।

अपात्रता की शर्तें:

केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) या किसी भी सरकारी निकाय में नियमित रूप से सेवारत महिलाएं अथवा वे महिलाएं जो किसी अन्य कानून के तहत समान मातृत्व लाभ प्राप्त कर रही हैं, इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

3. ऑनलाइन आवेदन हेतु 4 अनिवार्य दस्तावेज चेकलिस्ट

  1. माता-पिता का आधार कार्ड: गर्भवती महिला का आधार कार्ड अनिवार्य है (जिसमें उसका वर्तमान मोबाइल नंबर लिंक हो)। पति का आधार कार्ड भी पहचान हेतु संलग्न किया जाता है।
  2. मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड (MCP Card): निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा जारी एमसीपी कार्ड, जिसमें अंतिम माहवारी की तारीख (LMP) और एएनसी जांच दर्ज हो।
  3. आधार सीडेड बैंक खाता: लाभार्थी महिला का व्यक्तिगत बैंक खाता जो एनपीसीआई (NPCI) से डीबीटी हेतु सक्रिय रूप से मैप हो (संयुक्त खाता मान्य नहीं है)।
  4. बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (द्वितीय किस्त हेतु): नगर निगम या ग्राम पंचायत द्वारा जारी डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र और टीकाकरण कार्ड।

4. pmmvy.wcd.gov.in पर सिटिजन लॉगिन से फॉर्म भरने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि

अब किसी भी महिला को फॉर्म भरने के लिए ब्लॉक दफ्तर के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। अपने मोबाइल या लैपटॉप से निम्न प्रक्रिया अपनाएं:

  1. आधिकारिक वेब पोर्टल pmmvy.wcd.gov.in खोलें और 'Citizen Login' पर क्लिक करें।
  2. अपना 10-अंकीय मोबाइल नंबर दर्ज करें और प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करें।
  3. डैशबोर्ड पर जाकर 'Data Entry' -> 'Beneficiary Registration' विकल्प का चयन करें।
  4. लाभार्थी महिला का विवरण (नाम, आधार संख्या, जन्मतिथि, पता, बैंक खाता आईएफएससी) भरें।
  5. एमसीपी कार्ड का रजिस्ट्रेशन नंबर, एलएमपी तारीख और पहली प्रसव पूर्व जांच (ANC Date) अंकित करें।
  6. संबंधित दस्तावेजों की स्पष्ट पीडीएफ या फोटो अपलोड करें और 'Submit' पर क्लिक करें।
  7. आवेदन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) के पोर्टल पर स्वतः सत्यापन हेतु चला जाएगा।

5. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या गर्भावस्था के कितने दिनों के भीतर PMMVY में आवेदन करना जरूरी है?

A. पहली किस्त के लिए महिला की अंतिम माहवारी की तारीख (LMP Date) से 570 दिनों के भीतर आवेदन दर्ज कराना अनिवार्य है। निर्धारित समय के बाद आवेदन स्वीकार नहीं होता।

Q. यदि महिला के पास व्यक्तिगत बैंक खाता नहीं है तो क्या पति के खाते में पैसे आ सकते हैं?

A. बिल्कुल नहीं। डीबीटी नियमों के अनुसार वित्तीय सहायता केवल गर्भवती महिला के व्यक्तिगत एकल बैंक खाते में ही हस्तांतरित की जाती है। पति या संयुक्त खाता मान्य नहीं है।

Q. दूसरी संतान यदि लड़का होता है तो क्या PMMVY 2.0 का लाभ मिलेगा?

A. नहीं। योजना के संशोधित नियमों के अनुसार दूसरे बच्चे के मामले में ₹6,000 की सहायता केवल तभी देय होती है जब जन्म लेने वाली संतान बालिका (बेटी) हो।

Q. आवेदन का स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करें?

A. pmmvy.wcd.gov.in पर सिटिजन लॉगिन करें और 'Track Beneficiary Status' विकल्प में जाकर अपना आधार नंबर या आवेदन संख्या दर्ज करके लाइव स्वीकृति स्थिति देख सकते हैं।

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