1. PMMVY 2.0 का उद्देश्य और कुल मिलने वाले वित्तीय लाभ
भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) का प्राथमिक उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के स्वास्थ्य व पोषण स्तर में सुधार करना है। गर्भावस्था के अंतिम महीनों और प्रसव के तुरंत बाद महिलाओं को आराम मिल सके और मजदूरी के नुकसान की भरपाई हो सके, इसके लिए वित्तीय प्रोत्साहन सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजा जाता है।
संशोधित 'मिशन शक्ति' (PMMVY 2.0) के तहत इस योजना के नियमों में ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। अब न केवल पहले जीवित बच्चे के जन्म पर ₹5,000 मिलते हैं, बल्कि कन्या भ्रूण हत्या रोकने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दूसरे बच्चे के रूप में बेटी (बालिका) का जन्म होने पर ₹6,000 की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है।
2. कौन सी महिलाएं पात्र हैं और किन्हें नहीं मिलेगा लाभ?
योजना का लाभ केवल सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों की महिलाओं को मिलता है। निम्नलिखित 8 श्रेणियों में से किसी एक में आने वाली महिलाएं पूर्णतः पात्र हैं:
- जिन महिलाओं के परिवार की कुल वार्षिक आय ₹8 लाख से कम है।
- अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग की महिलाएं।
- 40% या उससे अधिक दिव्यांगता (दिव्यांग जन) वाली महिलाएं।
- बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) राशन कार्ड या अंत्योदय अन्न योजना (AAY) कार्डधारक।
- श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के ई-श्रम (e-Shram) कार्डधारक महिलाएं।
- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) जॉब कार्ड धारक (कम से कम 100 दिन का कार्य)।
- प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (आयुष्मान भारत कार्ड) लाभार्थी।
अपात्रता की शर्तें:
केंद्र सरकार, राज्य सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) या किसी भी सरकारी निकाय में नियमित रूप से सेवारत महिलाएं अथवा वे महिलाएं जो किसी अन्य कानून के तहत समान मातृत्व लाभ प्राप्त कर रही हैं, इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।
3. ऑनलाइन आवेदन हेतु 4 अनिवार्य दस्तावेज चेकलिस्ट
- माता-पिता का आधार कार्ड: गर्भवती महिला का आधार कार्ड अनिवार्य है (जिसमें उसका वर्तमान मोबाइल नंबर लिंक हो)। पति का आधार कार्ड भी पहचान हेतु संलग्न किया जाता है।
- मातृ एवं शिशु सुरक्षा कार्ड (MCP Card): निकटतम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) या आंगनवाड़ी कार्यकर्ता द्वारा जारी एमसीपी कार्ड, जिसमें अंतिम माहवारी की तारीख (LMP) और एएनसी जांच दर्ज हो।
- आधार सीडेड बैंक खाता: लाभार्थी महिला का व्यक्तिगत बैंक खाता जो एनपीसीआई (NPCI) से डीबीटी हेतु सक्रिय रूप से मैप हो (संयुक्त खाता मान्य नहीं है)।
- बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र (द्वितीय किस्त हेतु): नगर निगम या ग्राम पंचायत द्वारा जारी डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र और टीकाकरण कार्ड।
4. pmmvy.wcd.gov.in पर सिटिजन लॉगिन से फॉर्म भरने की स्टेप-बाय-स्टेप विधि
अब किसी भी महिला को फॉर्म भरने के लिए ब्लॉक दफ्तर के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। अपने मोबाइल या लैपटॉप से निम्न प्रक्रिया अपनाएं:
- आधिकारिक वेब पोर्टल pmmvy.wcd.gov.in खोलें और 'Citizen Login' पर क्लिक करें।
- अपना 10-अंकीय मोबाइल नंबर दर्ज करें और प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करें।
- डैशबोर्ड पर जाकर 'Data Entry' -> 'Beneficiary Registration' विकल्प का चयन करें।
- लाभार्थी महिला का विवरण (नाम, आधार संख्या, जन्मतिथि, पता, बैंक खाता आईएफएससी) भरें।
- एमसीपी कार्ड का रजिस्ट्रेशन नंबर, एलएमपी तारीख और पहली प्रसव पूर्व जांच (ANC Date) अंकित करें।
- संबंधित दस्तावेजों की स्पष्ट पीडीएफ या फोटो अपलोड करें और 'Submit' पर क्लिक करें।
- आवेदन आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) के पोर्टल पर स्वतः सत्यापन हेतु चला जाएगा।