1. NMMS स्कॉलरशिप क्या है और छात्रों को कितना पैसा मिलता है?
भारत में आर्थिक तंगी के कारण अक्सर कक्षा 8वीं के बाद गरीब परिवारों के बच्चे स्कूल छोड़ (Drop-out) देते हैं। इस समस्या के स्थाई समाधान हेतु भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय (स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग) द्वारा वर्ष 2008 में राष्ट्रीय साधन-सह-योग्यता छात्रवृत्ति योजना (National Means-cum-Merit Scholarship Scheme - NMMSS) प्रारंभ की गई थी।
इस योजना के अंतर्गत प्रतिवर्ष पूरे देश से 1 लाख मेधावी छात्र-छात्राओं का चयन किया जाता है। चयनित छात्रों को कक्षा 9वीं से लेकर कक्षा 12वीं तक 4 वर्षों तक लगातार ₹12,000 प्रति वर्ष (₹1,000 प्रति माह) की छात्रवृत्ति सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है, जिससे कुल मिलाकर एक छात्र को ₹48,000 की वित्तीय सहायता मिलती है।
2. कौन पात्र है और कौन नहीं? (Eligibility vs Non-Eligibility)
छात्रों और अभिभावकों को आवेदन करने से पहले पात्रता की सभी शर्तों को बारीकी से समझना चाहिए:
पात्र छात्र (Who is Eligible):
- वे छात्र जो वर्तमान में किसी राजकीय, स्थानीय निकाय (नगर निगम, जिला पंचायत) अथवा सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल में कक्षा 8वीं के नियमित छात्र हैं।
- छात्र ने कक्षा 7वीं की वार्षिक परीक्षा में कम से कम 55% अंक (अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्रों हेतु 50%) प्राप्त किए हों।
- माता-पिता की सभी वैध स्रोतों से कुल वार्षिक पारिवारिक आय ₹3.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
अपात्र छात्र (Who is NOT Eligible):
- जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV), केंद्रीय विद्यालय (KVS) और सैनिक स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र इस योजना के पात्र नहीं हैं, क्योंकि वहां भोजन, आवास और शिक्षा सरकार द्वारा पहले से निःशुल्क दी जाती है।
- निजी गैर-मान्यता प्राप्त या निजी मान्यता प्राप्त पब्लिक कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र।
- राज्य सरकार द्वारा संचालित आवासीय छात्रावास विद्यालयों में रहने वाले छात्र जहां बोर्डिंग और लॉजिंग फ्री है।
3. चयन परीक्षा पैटर्न: MAT और SAT की तैयारी कैसे करें?
प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश द्वारा एनएमएमएस छात्रवृत्ति हेतु एक विशेष चयन परीक्षा आयोजित की जाती है। इस परीक्षा में दो प्रमुख पेपर होते हैं:
- मानसिक क्षमता परीक्षण (Mental Ability Test - MAT): इसमें 90 बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs) होते हैं जो रीजनिंग, कोडिंग-डिकोडिंग, पैटर्न पहचान, वर्गीकरण और संख्या श्रृंखला पर आधारित होते हैं। समय: 90 मिनट।
- शैक्षिक योग्यता परीक्षण (Scholastic Aptitude Test - SAT): इसमें 90 बहुविकल्पीय प्रश्न होते हैं जो कक्षा 7वीं और 8वीं के विज्ञान (35 प्रश्न), सामाजिक विज्ञान (35 प्रश्न) और गणित (20 प्रश्न) पाठ्यक्रम पर आधारित होते हैं। समय: 90 मिनट।
परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए सामान्य व ओबीसी वर्ग के छात्रों को दोनों पेपरों में कुल मिलाकर कम से कम 40% अंक तथा एससी/एसटी वर्ग के छात्रों को 32% अंक प्राप्त करना अनिवार्य होता है, जिसके बाद मेरिट सूची तैयार की जाती है।
4. नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) पर OTR रजिस्ट्रेशन और डीबीटी नियम
राज्य स्तरीय परीक्षा में मेरिट सूची में स्थान पाने के बाद छात्र को छात्रवृत्ति प्राप्त करने हेतु भारत सरकार के National Scholarship Portal (scholarships.gov.in) पर पंजीकरण कराना अनिवार्य है:
- छात्र के पास स्वयं के नाम का आधार कार्ड होना चाहिए। एनएसपी पोर्टल पर 'One Time Registration' (OTR) बायोमेट्रिक या आधार फेस आरडी के माध्यम से पूर्ण करें।
- छात्र का अपना एकल बैंक खाता होना चाहिए जो आधार से जुड़ा (NPCI Seeded) हो। किसी भी स्थिति में माता-पिता का खाता मान्य नहीं होता।
- कक्षा 9वीं में छात्रवृत्ति मिलने के बाद कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं में छात्रवृत्ति जारी रखने के लिए प्रतिवर्ष 55% अंकों के साथ कक्षा उत्तीर्ण कर पोर्टल पर 'रिन्यूअल' (Renewal) आवेदन करना अनिवार्य होता है।