documents ⏱️ 5 मिनट पढ़ें 📅 16 सितंबर 2026

डिजीलॉकर (DigiLocker) क्या है और इसका उपयोग कैसे करें? IT Act नियम 9A, सरकारी दस्तावेज़ डाउनलोड और कानूनी मान्यता

अमित कुमार
अमित कुमार
वरिष्ठ विधिक एवं लोक सेवा सलाहकार

विधि स्नातक (LL.B.) और प्रशासनिक नियमों (DoPT, नागरिक अधिकार चार्टर, राजस्व संहिता) के विशेषज्ञ। विगत 8 वर्षों से ई-डिस्ट्रिक्ट सेवाओं, सिविल प्रमाण पत्रों, जाति, आय, निवास, और भूमि रिकॉर्ड प्रक्रियाओं पर प्रामाणिक तथ्य-जांच व विधिक मार्गदर्शन दे रहे हैं।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

डिजीलॉकर (DigiLocker) भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा 'डिजिटल इंडिया' मिशन के तहत प्रत्येक नागरिक को प्रदान की गई एक सुरक्षित क्लाउड आधारित राष्ट्रीय रिपॉजिटरी है। <strong>सूचना प्रौद्योगिकी नियम 2016 के नियम 9A</strong> के तहत डिजीलॉकर के 'Issued Documents' सेक्शन में सीधे जारीकर्ता विभागों से फेच किए गए डिजिटल दस्तावेज़ मूल भौतिक कागज़ात (Original Physical Documents) के <strong>100% कानूनी समकक्ष</strong> होते हैं। इसमें नागरिक अपने आधार, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, गाड़ी की आरसी (RC), 10वीं/12वीं की मार्कशीट और आय/जाति प्रमाण पत्र को मोबाइल में कानूनी रूप से सुरक्षित रख सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ, एयरपोर्ट सुरक्षा और सरकारी नौकरी सत्यापन में इसे अस्वीकार नहीं किया जा सकता।

जानकारीविवरण
प्लेटफ़ॉर्म का नामडिजीलॉकर (DigiLocker — National Digital Wallet)
संचालक मंत्रालयइलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)
कानूनी प्रावधानसूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) नियम, 2016 का नियम 9A
स्टोरेज क्षमताअसीमित जारी दस्तावेज़ + 1GB मुफ्त पर्सनल क्लाउड ड्राइव
पहुंच का माध्यमएंड्रॉइड/iOS मोबाइल ऐप एवं वेब पोर्टल (digilocker.gov.in)
शुल्क₹0 (प्रत्येक भारतीय नागरिक के लिए पूर्णतः निःशुल्क)
सुरक्षा मानक256-बिट एसएसएल एन्क्रिप्शन, आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, 6-अंकीय पिन
संबद्ध संगठन3,000+ केंद्र/राज्य सरकारी विभाग, शिक्षा बोर्ड और बैंक

1. डिजीलॉकर क्या है?

डिजीलॉकर (DigiLocker) क्या है और इसका उपयोग कैसे करें? IT Act नियम 9A, सरकारी दस्तावेज़ डाउनलोड और कानूनी मान्यता
चित्र: डिजीलॉकर (DigiLocker) क्या है और इसका उपयोग कैसे करें? IT Act नियम 9A, सरकारी दस्तावेज़ डाउनलोड और कानूनी मान्यता बनवाने की आधिकारिक सरकारी प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की वैधानिक गाइड।

डिजीलॉकर भारत सरकार की एक ऐसी प्रमुख डिजिटल सेवा है जो देश को 'कागज़ रहित शासन (Paperless Governance)' की ओर ले जाती है। यह नागरिक के आधार नंबर से जुड़ा एक व्यक्तिगत डिजिटल लॉकर है, जिसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, सीबीएसई, राज्य शिक्षा बोर्डों और आयकर विभाग द्वारा जारी किए गए प्रमाण पत्र सीधे डिजिटल प्रारूप में सुरक्षित रहते हैं।

2. IT Act नियम 9A: डिजीलॉकर की कानूनी वैधता

अक्सर नागरिकों के मन में यह संशय रहता है कि क्या पुलिस या कोई सरकारी अधिकारी डिजीलॉकर के कागज़ात मानने से इनकार कर सकता है?

  • राजपत्र अधिसूचना: सूचना प्रौद्योगिकी (डिजिटल लॉकर सुविधाएं प्रदान करने वाले मध्यवर्ती संस्थाओं द्वारा सूचना का परिरक्षण और प्रतिधारण) नियम, 2016 के नियम 9A में स्पष्ट लिखा है:
"डिजीलॉकर प्रणाली में जारीकर्ता प्राधिकरणों द्वारा सीधे जारी किए गए इलेक्ट्रॉनिक अभिलेखों को मूल भौतिक दस्तावेज़ों के समान ही माना जाएगा।"
  • इसका अर्थ है कि यदि आपके पास डिजीलॉकर में ड्राइविंग लाइसेंस या 10वीं की मार्कशीट है, तो किसी भी अधिकारी को उसे स्वीकार करना ही होगा; ऐसा न करना कानून का उल्लंघन है।
विज्ञापन / SPONSORED

3. जारी दस्तावेज़ (Issued) बनाम अपलोड दस्तावेज़ (Uploaded)

यह अंतर समझना अत्यंत आवश्यक है:

  • Issued Documents (कानूनी रूप से 100% मान्य): जब आप डिजीलॉकर में अपना रोल नंबर या लाइसेंस नंबर डालते हैं और सॉफ्टवेयर सीधे संबंधित विभाग (जैसे सीबीएसई या परिवहन मंत्रालय) के सर्वर से डिजिटल हस्ताक्षर वाला प्रमाण पत्र फेच करता है। इस पर हरा सही का निशान (Green Tick) होता है और यह मूल कागज़ के बराबर मान्य है।
  • Uploaded Documents (केवल आपकी निजी स्टोरेज): यदि आप अपने फोन से किसी कागज़ की फोटो या स्कैन PDF अपने डिजीलॉकर में 'Upload' करते हैं, तो वह केवल 1GB स्टोरेज बैकअप है। वह कानूनी रूप से मूल दस्तावेज़ के बराबर मान्य नहीं होता।

4. डिजीलॉकर पर नया खाता कैसे बनाएं?

  1. ऐप डाउनलोड करें या पोर्टल खोलें: गूगल प्ले स्टोर या ऐपल ऐप स्टोर से 'DigiLocker' डाउनलोड करें, या https://www.digilocker.gov.in/ पर जाएं।
  2. 'Sign Up' पर क्लिक करें।
  3. आधार अनुसार विवरण भरें: अपना पूरा नाम (जैसा आधार में है), जन्म तिथि, लिंग और सक्रिय मोबाइल नंबर दर्ज करें।
  4. 6-अंकीय सुरक्षा पिन (Security PIN) बनाएं: अपनी पसंद का कोई 6 अंकों का गुप्त पिन चुनें (जैसे 123456 की जगह कोई सुरक्षित संख्या)।
  5. ईमेल और आधार नंबर दर्ज करें: अपना 12-अंकीय आधार नंबर भरें और 'Submit' करें।
  6. आधार ओटीपी सत्यापन: आपके आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का ओटीपी आएगा। उसे दर्ज करते ही आपका डिजीलॉकर खाता सक्रिय हो जाएगा!

5. महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज़ फेच करने की प्रक्रिया

  • आधार कार्ड (Aadhaar): लॉगिन करते ही होमपेज पर आधार कार्ड स्वतः दिखने लगता है।
  • पैन कार्ड (PAN Card): 'Income Tax Department' सर्च करें $\rightarrow$ 'PAN Verification Record' चुनें $\rightarrow$ अपना पैन नंबर और पैन पर लिखा नाम दर्ज करें $\rightarrow$ 'Get Document' पर क्लिक करें।
  • ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License): 'Ministry of Road Transport and Highways' चुनें $\rightarrow$ ड्राइविंग लाइसेंस नंबर डालें $\rightarrow$ तुरंत डिजिटल डीएल फेच हो जाएगा।
  • वाहन की आरसी (Vehicle RC): वाहन पंजीकरण संख्या और चेसिस नंबर के अंतिम 5 अंक डालकर आरसी सेव करें।
  • 10वीं/12वीं की मार्कशीट: अपने संबंधित बोर्ड (CBSE / UP Board / CISCE) का चयन करें $\rightarrow$ परीक्षा का वर्ष और रोल नंबर डालें $\rightarrow$ डिजिटल हस्ताक्षरित मार्कशीट तुरंत डाउनलोड हो जाएगी।

6. ट्रैफिक पुलिस और एयरपोर्ट सुरक्षा जांच में डिजीलॉकर

  • ट्रैफिक पुलिस: सड़क पर चेकिंग के दौरान डिजीलॉकर में ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, और इंश्योरेंस दिखाना केंद्रीय मोटर वाहन नियम 139 के तहत पूर्णतः वैध है। पुलिस आपका फोन जब्त नहीं कर सकती और न ही भौतिक कागज़ात की मांग कर सकती है।
  • एयरपोर्ट प्रवेश (Airport Entry): देश के सभी हवाई अड्डों पर सीआईएसएफ (CISF) सुरक्षा जांच के दौरान डिजीलॉकर का डिजिटल आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस पहचान पत्र के रूप में 100% स्वीकार्य है।

7. 1GB फ्री पर्सनल क्लाउड ड्राइव (DigiLocker Drive)

नागरिकों को अपनी अन्य महत्वपूर्ण निजी फाइलों (जैसे मेडिकल पर्चियां, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक पासबुक या वसीयत) को सुरक्षित रखने के लिए 1GB का मुफ्त सुरक्षित क्लाउड स्पेस मिलता है, जिसे पासवर्ड और बायोमेट्रिक लॉक से सुरक्षित रखा जा सकता है।

8. सुरक्षा एवं प्राइवेसी

  • डिजीलॉकर भारत सरकार के राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) के क्लाउड इन्फ्रास्ट्रक्चर पर संचालित होता है।
  • इसमें बैंक स्तर का 256-बिट एसएसएल एन्क्रिप्शन होता है।
  • आपका डेटा आपकी अनुमति (OTP या PIN) के बिना किसी भी तीसरे पक्ष के साथ साझा नहीं किया जाता।

9. 6-अंकीय सिक्योरिटी पिन भूल जाने पर रीसेट कैसे करें?

यदि आप अपना पिन भूल गए हैं, तो लॉगिन स्क्रीन पर 'Forgot Security PIN' पर क्लिक करें $\rightarrow$ अपना आधार नंबर और जन्म तिथि डालें $\rightarrow$ आधार से जुड़े मोबाइल पर आए ओटीपी को सत्यापित करके तुरंत नया 6-अंकीय पिन बना लें।

11. आधिकारिक स्रोत (Official Sources)

  • आधिकारिक डिजीलॉकर पोर्टल: digilocker.gov.in
  • इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY): meity.gov.in
  • डिजिटल इंडिया राष्ट्रीय कार्यक्रम: digitalindia.gov.in

Information Last Verified: 16 सितंबर 2026

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या डिजीलॉकर में रखे दस्तावेज़ का प्रिंट आउट निकाल सकते हैं?

A. हाँ, डिजीलॉकर से डाउनलोड किए गए किसी भी दस्तावेज़ पर एक आधिकारिक क्यूआर कोड और डिजिटल हस्ताक्षर (Digital Signature of Issuer) होता है। इसका रंगीन या ब्लैक-एंड-व्हाइट प्रिंट आउट किसी भी सरकारी कार्य में पूरी तरह मान्य है।

Q. क्या एक मोबाइल नंबर से परिवार के कई डिजीलॉकर खाते बन सकते हैं?

A. डिजीलॉकर व्यक्तिगत आधार नंबर से जुड़ा होता है। अतः परिवार के प्रत्येक सदस्य (जिसका अलग आधार है) का अपना स्वतंत्र डिजीलॉकर खाता होना चाहिए। हालांकि, रजिस्ट्रेशन के समय एक ही पारिवारिक मोबाइल नंबर का उपयोग ओटीपी के लिए किया जा सकता है।

Q. क्या सरकारी नौकरी के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) में डिजीलॉकर मान्य है?

A. कर्मचारी चयन आयोग (SSC), यूपीएससी और रेलवे भर्ती बोर्ड अब डिजीलॉकर इंटीग्रेशन को मान्यता दे रहे हैं। फिर भी अंतिम नियुक्ति के समय संस्थान क्रॉस-वेरिफिकेशन के लिए मूल भौतिक कागजात देखने की मांग कर सकते हैं, लेकिन ऑनलाइन फॉर्म और प्रारंभिक जांच में डिजीलॉकर पूरी तरह मान्य है।

Q. क्या डिजीलॉकर (DigiLocker) और इसका उपयोग कैसे करें? IT Act नियम 9A, सरकारी दस्तावेज़ डाउनलोड और कानूनी मान्यता को डिजिलॉकर (DigiLocker) में रखना कानूनी रूप से मान्य है?

A. हाँ, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 और आईटी नियम 2016 के नियम 9A के तहत डिजिलॉकर में उपलब्ध डिजिटल दस्तावेज को मूल भौतिक कागजात के बराबर 100% कानूनी मान्यता प्राप्त है।

Q. इस प्रमाण पत्र / कार्ड की आधिकारिक वैधता (Validity) कितने समय की होती है?

A. अधिकांश सरकारी पहचान और सिविल प्रमाण पत्र (जैसे आधार, जन्म, जाति, निवास) आजीवन (Lifetime) मान्य होते हैं, जबकि आय प्रमाण पत्र सामान्यतः 3 वर्ष और ईडब्ल्यूएस 1 वित्तीय वर्ष के लिए मान्य होता है।