समास किसे कहते हैं?

आज हम हिंदी विषय के एक महत्वपूर्ण टॉपिक या सब्जेक्ट के बारे में पढ़ने वाले जा रहे हैं  अक्सर यह परीक्षा या प्रतियोगिता परीक्षा में  पूछा जाने वाला महत्त्वपूर्ण टॉपिक होता है.।  आज हम समास के बारे में पड़ेंगे  समास किसे कहते हैं समास के प्रकार एवं उसकी परिभाषा को जानेगे तो चलिए स्टार्ट करते हैं समाज किसे कहते हैं।

समास किसे कहते हैं?

समास की परिभाषा- दो या दो से अधिक शब्दों से मिलकर बना हुआ एक नया सार्थक शब्द समास कहलाता है।

समास का अर्थ- जब दो शब्द में ले जाते हैं तो उनके बीच दिए गए शब्द विलुप्त हो जाते हैं इन शब्दों में विशेषांक कारक होते है इस प्रकार के अनेक शब्दों के लिए एक समस्त पद बन जाता है।

समास किसे कहते हैं?
समास किसे कहते हैं?

समस्त पद- जिस प्रकार संधि में दो अक्षर पास पास ले जाते हैं उसी प्रकार समास में दो शब्द पास-पास लाई जाते हैं इन शब्दों में मुख्य शब्द और गोड शब्द होते हैं इन मुख्य शब्द और गौर शब्दों में कारक संयोजक शब्द है संज्ञा सर्वनाम विशेषण भी होते हैं सीधे शब्दों में कहा जाता है कि समाज के नियमों से बना नया पद सामासिक पद कहलाता है ।

समास विग्रह क्या होता है?

समास विग्रह – समास के नियम से बने सामासिक पद के अनेक पदों को अलग-अलग करने की प्रक्रिया समास विग्रह कहलाती है इसमें अनेक पद मिले होते हैं

इसका संबंध होता है कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक अर्थ प्रकट हो यही समाज का प्रमुख लक्ष्य होता है जैसे – नीलकमल इसमें अनेक पद मिले हुए हैं इन पदों को अलग-अलग करने पर नीला है जो कमल

पद- सामान्यता शब्द को ही पद कहा जाता है लेकिन जब दो यादों से एक शब्द का निर्माण करते हैं तब जिस नियम से बने पद को उसका सका नाम दिया जाता है जैसे – संज्ञा पद क्रियापद समास पद

समास पद सामासिक पद -समाजवाद में कम से कम दो पद स्वस्थ होते हैं एक शब्द को समास पद नहीं माना जाता है क्योंकि पदों के आधार पर ही समाज में ही प्रधानता का बोध होता है सामान्य समझ में तीन पद होते हैं लेकिन अधिकतर दो पदों का प्रचलन अधिक होता है

पूर्व पद – पहला वाला पद पूर्व पद होता है अर्थात जिस पद को मिलते समय या बादशाह रचना करते हैं जैसे – प्रयोगशाला

उत्तर पद – जब समास पद  की रचना 2 पदों से मिलकर की गई है तू अंतिम पद को ही दूसरा फत कहा जाता है जैसे – प्रयोगशाला= प्रयोग के लिए साला

इसका अंतिम पद शाला होता है जबकि प्रथम पद प्रयोग होता है।

समास की विशेषताएं – समास में दो पदों का योग होता है दो पद मिलकर एक पद का रूप धारण करते हैं दो पदों की विभक्ति लोप हो जाती है पदों में कभी पहला प पद प्रधान और कभी दूसरा पद प्रधान होता

समास का अर्थ है  . रूप संपर्क करने की प्रक्रिया है अर्थात दो या दो से अधिक शब्दों को पास किया जाता है।

समास कितने प्रकार के होते हैं?

हिंदी व्याकरण में समास से 6 प्रकार के होते हैं.

तत्पुरुष समास

अव्ययीभाव समास

कर्मधारय समास

दिगु समास

द्वंद समास

बाहुबीहि समास  

अव्ययीभाव समास किसे कहते हैं-

परिभाषा- अव्ययीभाव समास वह समास होता है. इसमें प्रारंभिक शब्द हावी होता है एवं पूरा शब्द असीम या लाचार होता है अव्ययीभाव समास कहलाता है।

उदाहरण

यथाशक्ति  :- शक्ति के अनुसार

यथाकर्म  :- कर्म के अनुसार

यथा विधि :- विधि के अनुसार

यथास्थान  :- जो स्थान निश्चय है 

तत्पुरुष समास :- तत्पुरुष समास में दूसरा पद प्रधान होता है पहला पद सहायक होता है उसे तत्पुरुष समास कहते हैं ।तत्पुरुष के लिंग वचन दूसरे पद के अनुसार ही प्रयोग किए जाते हैं

तत्पुरुष के 6 दिन होते हैं.

कर्म तत्पुरुष

करण तत्पुरुष

अपादान तत्पुरुष

संबंध तत्पुरुष

अधिकरण तत्पुरुष  

तत्पुरुष समास के उदाहरण

दानवीर:-  दान देने में वीर

राजमाता :- राजा की माता 

राजपत्र  :- राजा का पत्र

राजपुत्र :- राजा का पुत्र

दिगु समास :- जिस पद में पहला पद संख्यावाची हो एवं द्वितीय पद संख्या वाचक  होगा उसे दिगु समास कहते हैं.

दिगु समास के उदाहरण

दोराहा :-  दो राहों का रास्ता 

चौराहा :- चार राहों का रास्ता

षटकोण  :- 6 कोणों का समूह

द्वंद समास :- वह समास जिसमें दोनों पद प्रधान होते हैं अर्थात दोनों पद एक बराबर होते हैं उसे द्वंद समास कहते हैं।

द्वंद समास के उदाहरण

माता पिता :- माता और पिता

भाई बहिन :- भाई और बहिन

लाभ हानि :- लाभ और हानि

गुण दोष :- गुण और दोष

बहुव्रीहि समास :- जिस समास में दोनों पद गुण होते हैं एवं अन्य पद प्रधान होते हैं उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं.  समास का विग्रह करने पर आपको बाला है जो जिसका जिसके आदि शब्द मिलते हैं.

बहुव्रीहि समास के उदाहरण

 दशानन :- 10 है जिसके सिर अर्थात रावण 

 आनंग :- जिसके अंग ना हो

 श्वेतांबर  :- श्वेत है जिसके वस्त्र

 पीतांबर :- पीले हैं जिनके वस्त्र 

कर्मधारय समास : – जिस समास में एक पद विशेषण एवं दूसरा पद विशेष से होता है उसे ही कर्मधारय समास कहते हैं. इस समाज में उपमान एवं उपमेंय का संबंध होता है ।

कर्मधारय समास के उदाहरण

पुरुषोत्तम :-  पुरुष में है जो उत्तम 

नीलकमल  :- नील हैं जिनके कमल 

महात्मा :- महान है जिनकी आत्मा

FAQ

समास विग्रह किसे कहते हैं?

समास विग्रह – समास के नियम से बने सामासिक पद के अनेक पदों को अलग-अलग करने की प्रक्रिया समास विग्रह कहलाती है इसमें अनेक पद मिले होते हैं
इसका संबंध होता है कम से कम शब्दों में अधिक से अधिक अर्थ प्रकट हो यही समाज का प्रमुख लक्ष्य होता है जैसे – नीलकमल इसमें अनेक पद मिले हुए हैं इन पदों को अलग-अलग करने पर नीला है जो कमल

हिंदी व्याकरण में समास कितने प्रकार के होते हैं?

हिंदी व्याकरण में समास 6 प्रकार के होते हैं।

बहुव्रीहि समास किसे कहते है?

बहुव्रीहि समास:- जिस समास में दोनों पद गुण होते हैं एवं अन्य पद प्रधान होते हैं उसे बहुव्रीहि समास कहते हैं.  समास का विग्रह करने पर आपको बाला है जो जिसका जिसके आदि शब्द मिलते हैं.
बहुव्रीहि समास के उदाहरण
 दशानन :- 10 है जिसके सिर अर्थात रावण 
 आनंग :- जिसके अंग ना हो

समापन

दोस्तों तो ऐसा आर्टिकल में हमने समास किसे कहते हैं एवं उसके प्रकारों के बारे में जाना अगर आपको इस आर्टिकल में कोई डाउट हो तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं। आशा करते हैं कि आपको हमारा लेख पसंद आया होगा।

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