🌾 कृषि कल्याण योजनाएं ⏱️ 24 मिनट पढ़ें 📅 27 सितंबर 2026

PM Kisan Voluntary Surrender & Money Refund: अपात्र किसान ऑनलाइन पैसा वापस (Refund) कैसे करें?

VS
डॉ. वंदना शर्मा
वरिष्ठ लोक नीति एवं कल्याणकारी योजना विशेषज्ञ

विगत 11 वर्षों से भारत सरकार की ग्रामीण विकास नीतियों, कृषि कल्याण कार्यक्रमों, पीएम किसान सम्मान निधि, डीबीटी मैपिंग और डिजिटल किसान सशक्तिकरण पर विश्लेषणात्मक शोध एवं परामर्श में संलग्न।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

अपात्र किसान pmkisan.gov.in पर जाकर 'Voluntary Surrender of PM-Kisan Benefits' विकल्प से ओटीपी प्रमाणीकरण द्वारा योजना का लाभ स्वेच्छा से छोड़ सकते हैं। अब तक प्राप्त किस्तों की राशि वापस लौटाने के लिए आधिकारिक पोर्टल bharatkosh.gov.in पर जाकर 'Agriculture - PM Kisan Refund' शीर्षक के तहत ऑनलाइन चालान जमा करें और रसीद जिला कृषि कार्यालय में प्रस्तुत करें।

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📌 मुख्य बातें (Quick Key Takeaways)

  • स्वैच्छिक समर्पण (Voluntary Surrender): यदि कोई व्यक्ति अपात्र होते हुए भी योजना का लाभ ले रहा था, तो वह पोर्टल पर बिना किसी दंडात्मक कार्रवाई के स्वेच्छा से लाभ छोड़ सकता है।
  • अपात्र श्रेणियां: आयकरदाता (Income Tax Payers), सरकारी व सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारी, ₹10,000+ पेंशनभोगी और संवैधानिक पदधारक अपात्र हैं।
  • ऑनलाइन रिफंड तंत्र: भारत सरकार के आधिकारिक भारतकोश (Bharatkosh Portal) या राज्य सरकार के विशेष चालान द्वारा ली गई किस्तों का पैसा वापस जमा होता है।
  • विधिक कार्रवाई से बचाव: समय रहते पैसा लौटाने पर किसान कानूनी मुकदमे, धोखाधड़ी की धाराओं और ब्याज पेनल्टी से बच जाता है।
🌐 ऑनलाइन रिफंड व सरेंडर पोर्टल: pmkisan.gov.in | भारतकोश रिफंड: bharatkosh.gov.in

🎯 लक्षित पाठक वर्ग: यह खबर मुख्य रूप से उन सभी व्यक्तियों के लिए आवश्यक है जिन्हें कृषि विभाग से पीएम किसान की राशि वापस (Refund) करने का नोटिस मिला है, या जो आयकरदाता/सरकारी कर्मचारी होने के कारण स्वेच्छा से योजना से अपना नाम वापस लेना चाहते हैं। केंद्र सरकार की रिकवरी नियमावली पर आधारित यह प्रामाणिक गाइड है।

1. पीएम किसान योजना का स्वेच्छा से समर्पण (Voluntary Surrender) और रिफंड तंत्र क्या है?

सीधा उत्तर (AEO Direct Answer): वॉलंटरी सरेंडर (Voluntary Surrender) पीएम किसान पोर्टल पर दी गई एक आधिकारिक डिजिटल सुविधा है जिसके माध्यम से कोई भी नागरिक, जो योजना की पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करता (जैसे सरकारी नौकरी लग जाना या आयकर रिटर्न भरना), स्वेच्छा से अपना नाम लाभार्थी सूची से हटा सकता है और अब तक प्राप्त किस्तों की राशि भारतकोश पोर्टल के माध्यम से सरकार को वापस लौटा सकता है।

नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (CAG) और आयकर विभाग के ऑडिट में यह पाया गया कि देश के लाखों ऐसे व्यक्तियों ने योजना का लाभ लिया जो संवैधानिक रूप से इसके हकदार नहीं थे। इसके बाद कृषि मंत्रालय ने सभी राज्यों को अपात्रों से शत-प्रतिशत राशि वसूलने के कड़े निर्देश जारी किए।

अनावश्यक कानूनी पचड़ों और प्रशासनिक नोटिस से बचने के लिए सरकार ने किसानों को सम्मानपूर्वक योजना छोड़ने और ऑनलाइन रिफंड जमा करने का पारदर्शी अवसर दिया है। पूरी योजना की रूपरेखा जानने के लिए हमारी PM Kisan मास्टर गाइड 2026 देखें।


2. अपात्रता की श्रेणियां और कानूनी परिणाम (Rich Table)

पीएम किसान परिचालन दिशानिर्देशों के अनुसार निम्नलिखित श्रेणियों में आने वाले व्यक्ति योजना के लिए पूर्णतः अपात्र घोषित किए गए हैं:

अपात्रता की श्रेणी सरकारी मापदंड व शर्त जांच का स्रोत कानूनी वसूली नियम काम की टिप (Expert Advice)
आयकरदाता (Income Tax Payers)पिछले वित्तीय वर्ष में परिवार के किसी भी सदस्य द्वारा ITR दाखिल किया गया होसीबीडीटी (CBDT) पैन-आधार डेटाबेसअब तक ली गई सभी किस्तों की 100% रिकवरीआईटीआर दाखिल करते ही तुरंत सरेंडर फॉर्म भरें
संवैधानिक पदधारकवर्तमान या पूर्व राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, मंत्री, सांसद, विधायक, मेयरचुनाव आयोग व राज्य प्रोटोकॉल सूचीभू-राजस्व बकाए की भांति वसूलीसंवैधानिक पद पर रहे व्यक्ति कभी पात्र नहीं होते
सरकारी कर्मचारीकेंद्र/राज्य सरकार, पीएसयू, स्वायत्त निकायों के नियमित कर्मचारी (चतुर्थ श्रेणी को छोड़कर)एचआरएमएस व पीएफएमएस सैलरी डाटाविभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई व रिकवरीग्रुप-डी / एमटीएस कर्मचारियों को छूट प्राप्त है
पेंशनभोगी (₹10,000+ पेंशन)सेवानिवृत्त कर्मचारी जिनकी मासिक पेंशन ₹10,000 या अधिक हैकेंद्रीय/राज्य पेंशन वितरण प्रणालीपेंशन खाते से कटौती या चालान जमाचतुर्थ श्रेणी के सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर यह सीमा लागू नहीं
पेशेवर व्यक्ति (Professionals)पंजीकृत डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), आर्किटेक्टसंबंधित व्यावसायिक परिषदों के रजिस्टरपंजीकरण निरस्तीकरण की चेतावनीपेशेवर संस्थाओं के सदस्य स्वतः अपात्र हैं
संस्थागत भूमिधारकट्रस्ट, मंदिर, कंपनी या फर्म के नाम दर्ज कृषि भूमिराजस्व भूलेख रिकॉर्डसंस्था के बैंक खाते से सीधी वसूलीकेवल व्यक्तिगत किसानों के नाम दर्ज भूमि ही मान्य है
परिवार में दोहरा लाभपति और पत्नी दोनों द्वारा अलग-अलग किस्तों का आहरण करनाराशन कार्ड व परिवार रजिस्टरएक सदस्य का पैसा पूर्ण ब्याज सहित वापसएक सदस्य का लाभ तुरंत बंद कराएं
मृत किसान के नाम पैसा निकालनालाभार्थी की मृत्यु के बाद भी परिजनों द्वारा बैंक से पैसा निकालनासिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) मृत्यु पोर्टलआईपीसी की धारा 420 के तहत धोखाधड़ी का केसमृत्यु होते ही बैंक व कृषि विभाग को सूचना दें

स्पष्ट नियम: यदि किसी अपात्र व्यक्ति को नोटिस जारी होने के बाद भी वह पैसा जमा नहीं करता, तो जिला प्रशासन द्वारा 'राजस्व वसूली प्रमाण पत्र' (RRC) जारी कर उसकी संपत्ति कुर्क की जा सकती है।


⚠️ ध्यान दें: स्वेच्छा से समर्पण (Voluntary Surrender) करने के बाद आपके आधार नंबर पर योजना स्थायी रूप से ब्लॉक हो जाएगी। यदि भविष्य में आप पुनः पात्र भी होते हैं, तो पोर्टल से दोबारा आवेदन करना अत्यंत कठिन होगा। इसलिए पूरी तरह आश्वस्त होने पर ही सरेंडर करें।

3. pmkisan.gov.in पर 'Voluntary Surrender' मॉडल द्वारा योजना छोड़ने के स्टेप्स

पोर्टल पर ऑनलाइन लाभ छोड़ने की आधिकारिक प्रक्रिया निम्नलिखित है:

  • चरण 1: आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in खोलें और Farmers Corner में 'Voluntary Surrender of PM-KISAN Benefits' बटन पर क्लिक करें।
  • चरण 2: अपना 11-अंकों का रजिस्ट्रेशन नंबर और कैप्चा कोड भरकर 'Get OTP' पर क्लिक करें।
  • चरण 3: ई-केवाईसी पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आया 4-अंकों का ओटीपी दर्ज करें।
  • चरण 4: स्क्रीन पर किसान का विवरण और अब तक प्राप्त कुल किस्तों की संख्या दिखाई देगी। नीचे घोषणा पत्र पर टिक करें: "मैं स्वेच्छा से पीएम किसान योजना का लाभ छोड़ना चाहता हूँ।"
  • चरण 5: 'Submit' बटन दबाएं। स्क्रीन पर 'Surrender Certificate' जनरेट होगा, जिसका प्रिंटआउट भविष्य के संदर्भ हेतु सुरक्षित रख लें।
📌 काम की बात: यदि आपको कृषि विभाग से रिकवरी का नोटिस आया है, तो केवल सरेंडर करना काफी नहीं है; आपको ली गई राशि का ऑनलाइन चालान भी जमा करना होगा।

4. भारतकोश (Bharatkosh Portal) या राज्य चालान द्वारा रिफंड जमा करने का तरीका

केंद्र सरकार को किस्तों का पैसा वापस लौटाने के लिए नॉन-टैक्स रिसीट पोर्टल 'भारतकोश' का उपयोग किया जाता है:

  • भारतकोश पोर्टल खोलें: आधिकारिक वेबसाइट bharatkosh.gov.in पर जाएं और 'Quick Payment' विकल्प चुनें।
  • मंत्रालय का चयन: Ministry में 'Agriculture' चुनें और Purpose में 'PM-Kisan Refund' का चयन करें।
  • राशि दर्ज करें: अब तक जितनी किस्तें गलत तरीके से प्राप्त हुई हैं (जैसे 5 किस्तें = ₹10,000) उतनी राशि भरें।
  • भुगतान करें: नेटबैंकिंग, यूपीआई (UPI) या डेबिट कार्ड से भुगतान करें।
  • रसीद कृषि कार्यालय में जमा करें: भारतकोश से प्राप्त डिजिटल रसीद (Payment Receipt) की प्रति अपने जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में जमा कराएं ताकि आपका नाम रिकवरी लिस्ट से हटाया जा सके।

5. आम समस्याएं और समाधान (Citizen & Farmer Troubleshooting)

रिफंड और सरेंडर प्रक्रिया के दौरान आने वाली मुख्य दिक्कतें और समाधान:

  • समस्या 1: गलत तरीके से रिकवरी नोटिस आना (जब किसान वास्तव में पात्र हो): यदि आप आयकरदाता नहीं हैं फिर भी नोटिस आ गया है, तो अपने सीए से 'Nil ITR' या पैन कार्ड की गैर-करदाता रिपोर्ट लेकर जिला कृषि अधिकारी को लिखित आपत्ति (Objection) दर्ज कराएं।
  • समस्या 2: बैंक खाते से पैसा स्वतः कट जाना: कई राज्यों में सरकार ने बैंकों को सीधे रिकवरी के निर्देश दिए हैं। यदि आपके खाते से पैसा कटा है, तो बैंक से ट्रांजेक्शन आईडी लेकर कृषि विभाग में रसीद बनवाएं।
  • समस्या 3: भारतकोश पर पेमेंट फेल होना लेकिन खाते से पैसा कटना: घबराएं नहीं, 48 घंटे में या तो पैसा भारतकोश चालान में एडजस्ट हो जाता है या मूल खाते में वापस आ जाता है। भारतकोश हेल्पलाइन पर UTR नंबर भेजें।

6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या पैसा वापस न करने पर जेल हो सकती है?
उत्तर: यदि कोई जानबूझकर धोखाधड़ी करके सरकारी धन का आहरण करता है और नोटिस के बाद भी पैसा नहीं लौटाता, तो राजस्व वसूली अधिनियम व आईपीसी के तहत कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

प्रश्न 2: यदि मैंने 2 साल पहले आईटीआर भरा था लेकिन अब नहीं भरता, तो क्या मैं पात्र हूँ?
उत्तर: नियम पिछले वित्तीय वर्ष पर लागू होता है। यदि पिछले वर्ष आपकी आय करयोग्य सीमा से कम थी और आपने आईटीआर नहीं भरा, तो आप पुनः पात्रता हेतु अपील कर सकते हैं।

प्रश्न 3: क्या रिफंड पर कोई ब्याज भी देना पड़ता है?
उत्तर: यदि किसान स्वेच्छा से निर्धारित समयसीमा में पैसा लौटा देता है, तो केवल मूलधन ही लिया जाता है, कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं लगता।

🔗 उपयोगी लिंक्स:
सूचनात्मक डिस्क्लेमर (E-E-A-T Compliance): यह तकनीकी गाइड कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आधिकारिक वसूली दिशा-निर्देशों और भारतकोश पोर्टल नियमावली के आधार पर संकलित की गई है। किसी भी फर्जी लिंक या फर्जी बैंक खातों में पैसा जमा न करें, केवल आधिकारिक भारतकोश पोर्टल का ही उपयोग करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या पैसा वापस न करने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है?

A. हाँ, यदि कोई अपात्र व्यक्ति नोटिस के बाद भी सरकारी पैसा नहीं लौटाता, तो राजस्व वसूली प्रमाण पत्र (RRC) जारी कर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

Q. यदि मैंने 2 साल पहले आईटीआर भरा था लेकिन अब नहीं भरता, तो क्या मैं पात्र हूँ?

A. नियम पिछले वित्तीय वर्ष पर लागू होता है। यदि पिछले वर्ष आपने आईटीआर नहीं भरा और आय करयोग्य सीमा से कम थी, तो आप पात्रता हेतु अपील कर सकते हैं।

Q. क्या रिफंड पर कोई अतिरिक्त ब्याज लगता है?

A. यदि निर्धारित समयसीमा में स्वेच्छा से पैसा लौटा दिया जाता है, तो सरकार केवल मूलधन ही लेती है, कोई ब्याज नहीं लगाया जाता।

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