🌾 कृषि कल्याण योजनाएं ⏱️ 25 मिनट पढ़ें 📅 27 सितंबर 2026

PM Kisan Helpdesk & Toll-Free 155261: किस्त न आने पर कृषि अधिकारी व पीजीपोर्टल पर शिकायत कैसे दर्ज करें?

VS
डॉ. वंदना शर्मा
वरिष्ठ लोक नीति एवं कल्याणकारी योजना विशेषज्ञ

विगत 11 वर्षों से भारत सरकार की ग्रामीण विकास नीतियों, कृषि कल्याण कार्यक्रमों, पीएम किसान सम्मान निधि, डीबीटी मैपिंग और डिजिटल किसान सशक्तिकरण पर विश्लेषणात्मक शोध एवं परामर्श में संलग्न।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

पीएम किसान की किस्त न आने पर किसान केंद्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 155261 या 1800-115-526 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त pmkisan.gov.in पर 'Helpdesk' विकल्प में जाकर ऑनलाइन टिकट दर्ज की जा सकती है। यदि स्थानीय स्तर पर समाधान न हो, तो सीधे केंद्र सरकार के CPGRAMS पोर्टल (pgportal.gov.in) पर कृषि मंत्रालय के नाम औपचारिक शिकायत दर्ज कर 15 दिनों में निवारण पाया जा सकता है।

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📌 मुख्य बातें (Quick Key Takeaways)

  • टोल-फ्री हेल्पलाइन 155261: किसान अपनी रुकी हुई किस्त, तकनीकी समस्या या रिजेक्शन की स्थिति जानने के लिए सीधे इस नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
  • ऑनलाइन हेल्पडेस्क टिकट: pmkisan.gov.in पर 'Helpdesk' मॉड्यूल से रजिस्ट्रेशन नंबर या आधार नंबर दर्ज कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज की जा सकती है।
  • CPGRAMS पीजीपोर्टल समाधान: जब जिला स्तर पर सुनवाई न हो, तो सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) व कृषि मंत्रालय के pgportal.gov.in पर शिकायत दर्ज की जाती है।
  • 7 से 15 दिन में निवारण: ऑनलाइन दर्ज शिकायतों का नोडल अधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर निश्चित समयसीमा में निस्तारण किया जाता है।
🌐 ऑनलाइन शिकायत पोर्टल: pmkisan.gov.in/Helpdesk | केंद्रीय पीजीपोर्टल: pgportal.gov.in | टोल-फ्री: 155261 / 1800115526

🎯 लक्षित पाठक वर्ग: यह खबर मुख्य रूप से उन सभी पीड़ित किसानों के लिए एक मजबूत हथियार है जिनकी पीएम किसान की किस्तें बिना किसी ठोस कारण के रोक दी गई हैं और तहसील या बैंक स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। केंद्र सरकार के आधिकारिक शिकायत निवारण तंत्र (Grievance Redressal System) पर आधारित यह चरणबद्ध गाइड है।

1. पीएम किसान योजना की किस्तें रुकने या तकनीकी समस्या होने पर शिकायत कहाँ दर्ज करें?

सीधा उत्तर (AEO Direct Answer): पीएम किसान से जुड़ी किसी भी समस्या के लिए किसान तीन स्तरों पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं: (1) केंद्र सरकार के टोल-फ्री नंबर 155261 या 1800-115-526 पर कॉल करके, (2) आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in के 'Helpdesk' विकल्प में ऑनलाइन क्वेरी फॉर्म भरकर, और (3) प्रशासनिक सुधार विभाग के CPGRAMS (pgportal.gov.in) पोर्टल पर सीधे कृषि मंत्रालय को औपचारिक शिकायत भेजकर।

डिजिटल इंडिया के युग में किसी भी किसान को अपनी जायज किस्त पाने के लिए अधिकारियों के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं है। भारत सरकार ने पारदर्शी जवाबदेही तय करने के लिए एक मजबूत त्रिस्तरीय शिकायत निवारण तंत्र स्थापित किया है।

जब आप ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करते हैं, तो सिस्टम एक विशिष्ट 'Grievance Registration Number' जारी करता है जिसकी सीधी निगरानी कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी करते हैं। पूरी योजना की रूपरेखा जानने के लिए हमारी PM Kisan मास्टर गाइड 2026 देखें।


2. आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर, ईमेल और सहायता डेस्क सूची (Rich Table)

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी सभी आधिकारिक संपर्क नंबरों और चैनलों का प्रामाणिक विवरण नीचे दिया गया है:

सहायता चैनल / नंबर सेवा का प्रकार उपलब्धता समय कॉल / सेवा शुल्क काम की टिप (Expert Advice)
155261 (टोल-फ्री)पीएम किसान केंद्रीय स्वचालित व आईवीआरएस हेल्पलाइन24 घंटे, सातों दिन (24x7)₹0 पूर्णतः निशुल्कआईवीआर में भाषा चुनकर सीधे ऑपरेटर से बात करें
1800-115-526 (टोल-फ्री)कृषि मंत्रालय किसान कॉल सेंटर (KCC)प्रातः 06:00 से रात्रि 10:00 बजे₹0 पूर्णतः निशुल्ककृषि तकनीकी व योजना दोनों समस्याओं का हल मिलता है
011-24300606पीएम किसान सीधी तकनीकी डेस्क (Direct Line)कार्यदिवस (सोम-शुक्र 09:30 से 06:00)सामान्य कॉल दर लागूसर्वर एरर या डाटा मिसमैच पर सीधे तकनीकी टीम से बात करें
011-23381092कृषि भवन नई दिल्ली नोडल कंट्रोल रूमकार्यदिवस प्रातः 10:00 से 05:00सामान्य कॉल दर लागूराज्य स्तरीय पेंडेंसी की उच्च स्तरीय शिकायत हेतु
pmkisan-ict@gov.inआधिकारिक ईमेल सहायता (Technical Team)24 घंटे ईमेल खुला रहता है₹0ईमेल में अपना रजिस्ट्रेशन नंबर व आधार कॉपी जरूर भेजें
pmkisan-funds@gov.inफंड ट्रांसफर व डीबीटी से संबंधित ईमेलकार्यदिवस में रिस्पॉन्स₹0बैंक रिजेक्शन और यूटीआर न आने पर ईमेल करें
pgportal.gov.inकेंद्रीय सीपीजीआरएएमएस ऑनलाइन शिकायत पोर्टल24x7 कभी भी दर्ज करें₹07 से 15 दिनों में लिखित समाधान आख्या मिलती है
जिला कृषि अधिकारी (DAO)तहसील व जिला स्तरीय व्यक्तिगत जनसुनवाईप्रत्येक कार्यदिवस प्रातः 10:00 से 12:00व्यक्तिगत उपस्थितितहसील समाधान दिवस पर लिखित आवेदन दें

विशेष सलाह: जब भी आप किसी हेल्पलाइन पर कॉल करें, तो अपना रजिस्ट्रेशन नंबर, आधार कार्ड और बैंक पासबुक अपने हाथ में रखें ताकि पूछे जाने पर तुरंत विवरण दे सकें।


⚠️ ध्यान दें: किसी भी फर्जी यूट्यूब वीडियो या व्हाट्सएप मैसेज में दिए गए मोबाइल नंबरों पर कॉल न करें। साइबर अपराधी पीएम किसान की किस्त दिलाने के नाम पर ओटीपी मांगकर बैंक खाता खाली कर देते हैं। केवल 155261 या gov.in पोर्टलों का ही उपयोग करें।

3. pmkisan.gov.in के 'Helpdesk - Query Form' द्वारा टिकट दर्ज करने के स्टेप्स

पोर्टल पर ऑनलाइन कंप्लेंट टिकट बनाने की आधिकारिक प्रक्रिया निम्नलिखित है:

  • चरण 1: वेबसाइट pmkisan.gov.in के होमपेज पर जाएं और Farmers Corner में 'Helpdesk' आइकन पर क्लिक करें।
  • चरण 2: अपना आधार नंबर या 11-अंकों का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करके 'Get Details' पर क्लिक करें।
  • चरण 3: स्क्रीन पर आपका नाम और विवरण खुल जाएगा। नीचे 'Grievance Type' में अपनी समस्या का चयन करें:
    • Installment Not Received (किस्त प्राप्त नहीं हुई)
    • Land Seeding Issue (लैंड सीडिंग समस्या)
    • Problem in eKYC (ई-केवाईसी में परेशानी)
    • Account Number / IFSC Error (बैंक विवरण त्रुटि)
  • चरण 4: 'Description' बॉक्स में 500 शब्दों में अपनी समस्या विस्तार से लिखें और सुरक्षा कैप्चा भरकर 'Submit' करें।
  • चरण 5: स्क्रीन पर एक Ticket Reference Number आएगा। इसे नोट कर लें। 'Know Query Status' विकल्प में जाकर आप कभी भी अपनी टिकट की प्रगति देख सकते हैं।
📌 काम की बात: अपनी स्थिति की सटीक जांच के लिए पहले रजिस्ट्रेशन नंबर से बेनेफिशियरी स्टेटस जांचें ताकि शिकायत में सही कारण लिख सकें।

4. CPGRAMS (PGPortal) पर सीधे कृषि मंत्रालय को शिकायत भेजकर समाधान

यदि स्थानीय कृषि अधिकारी आपकी सुनवाई नहीं कर रहे हैं, तो भारत सरकार का केंद्रीय पीजीपोर्टल सबसे शक्तिशाली माध्यम है:

  • वेबसाइट खोलें: pgportal.gov.in पर जाएं और अपने मोबाइल नंबर से निःशुल्क नागरिक खाता (Citizen Login) बनाएं।
  • Lodge Public Grievance: मुख्य मेनू में 'Lodge Public Grievance' पर क्लिक करें और मंत्रालय सूची में 'Agriculture and Farmers Welfare' का चयन करें।
  • कैटेगरी चुनें: 'PM-KISAN Scheme' का चयन करें और अपनी समस्या का विवरण लिखें।
  • दस्तावेज अपलोड करें: अपनी खतौनी, आधार और बैंक पासबुक की पीडीएफ फाइल अपलोड करें।
  • सख्त समयसीमा: केंद्र सरकार के नियमानुसार इस पोर्टल पर दर्ज शिकायत का जवाब संबंधित राज्य के संयुक्त निदेशक (कृषि) को अधिकतम 21 दिनों के भीतर देना अनिवार्य होता है।

5. आम समस्याएं और समाधान (Citizen & Farmer Troubleshooting)

शिकायत दर्ज कराते समय आने वाली परेशानियां और उनके समाधान:

  • समस्या 1: टोल-फ्री 155261 हमेशा बिजी आना: जब भी नई किस्त जारी होती है, लाखों लोग एक साथ कॉल करते हैं जिससे लाइनें व्यस्त हो जाती हैं। आप सुबह 7:00 से 9:00 बजे के बीच या शाम 6:00 बजे के बाद कॉल करें, तुरंत संपर्क होगा।
  • समस्या 2: ऑनलाइन हेल्पडेस्क पर टिकट दर्ज होने के बाद भी स्टेटस में बदलाव न होना: हेल्पडेस्क टिकट जिला कृषि अधिकारी के लॉगिन में जाती है। यदि 15 दिन में समाधान न हो, तो उसी टिकट नंबर के साथ CPGRAMS पर एस्केलेशन (Escalate) कर दें।
  • समस्या 3: कृषि अधिकारी द्वारा फाइल गुम होने का बहाना बनाना: हमेशा कार्यालय में दस्तावेज जमा करते समय डायरी नंबर (Receiving Dispatch Number) लें। बिना रसीद के कोई भी मूल दस्तावेज न छोड़ें।

6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: क्या हेल्पडेस्क पर शिकायत दर्ज करने का कोई शुल्क लगता है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। pmkisan.gov.in और pgportal.gov.in दोनों पूर्णतः निःशुल्क सरकारी शिकायत पोर्टल हैं।

प्रश्न 2: शिकायत का समाधान होने के बाद क्या मुझे फोन पर सूचना मिलती है?
उत्तर: हाँ, जब आपकी शिकायत का निस्तारण होता है, तो आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस अलर्ट आता है और पोर्टल पर एक्शन रिपोर्ट अपलोड की जाती है।

प्रश्न 3: क्या किसान सीधे कृषि मंत्री जी को पत्र भेज सकते हैं?
उत्तर: पीजीपोर्टल (CPGRAMS) के माध्यम से भेजी गई शिकायत सीधे केंद्रीय कृषि मंत्री एवं सचिव के डैशबोर्ड पर मॉनिटर होती है।

🔗 उपयोगी लिंक्स:
सूचनात्मक डिस्क्लेमर (E-E-A-T Compliance): यह जानकारी भारत सरकार के कार्मिक एवं लोक शिकायत मंत्रालय तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आधिकारिक नियमों पर आधारित है। किसान भाई किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति को पैसे न दें, सरकारी शिकायत प्रणाली 100% पारदर्शी और निशुल्क है।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या हेल्पडेस्क पर शिकायत दर्ज करने का कोई शुल्क लगता है?

A. बिल्कुल नहीं। pmkisan.gov.in और pgportal.gov.in दोनों पूर्णतः निःशुल्क सरकारी नागरिक शिकायत पोर्टल हैं।

Q. शिकायत का समाधान होने के बाद क्या मुझे फोन पर सूचना मिलती है?

A. हाँ, समाधान होने पर आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस अलर्ट भेजा जाता है और पोर्टल पर आधिकारिक आख्या अपलोड होती है।

Q. क्या किसान सीधे कृषि मंत्रालय को पत्र भेज सकते हैं?

A. पीजीपोर्टल (CPGRAMS) के माध्यम से भेजी गई शिकायत सीधे केंद्रीय कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ नोडल अधिकारियों के पास जाती है।

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