schemes ⏱️ 16 मिनट पढ़ें 📅 05 अक्टूबर 2026

MP सीखो कमाओ योजना: युवाओं को हर महीने ₹8,000 से ₹10,000 स्टाइपेंड, नई कंपनी लिस्ट व आवेदन

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राजेश कुमार मीना
वरिष्ठ नीति एवं युवा रोजगार विश्लेषक

विगत 8 वर्षों से मध्य प्रदेश कौशल विकास मिशन, मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (MMSKY), अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण और युवा आजीविका योजनाओं पर निरंतर शोधपरक मार्गदर्शन।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

मध्य प्रदेश सरकार की 'मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना' (MMSKY) के तहत 18 से 29 वर्ष के युवाओं को उद्योगों में व्यावहारिक ट्रेनिंग के साथ हर महीने ₹8,000 से ₹10,000 का स्टाइपेंड सीधे बैंक खाते में दिया जाता है। 12वीं पास को ₹8,000, आईटीआई पास को ₹8,500, डिप्लोमा धारकों को ₹9,000 और ग्रेजुएट/पोस्ट ग्रेजुएट को ₹10,000 प्रति माह मिलते हैं। इसका आवेदन mmsky.mp.gov.in पर समग्र आईडी से होता है।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • सीखने के साथ कमाई: ट्रेनिंग के दौरान 12वीं पास को ₹8,000, आईटीआई को ₹8,500, डिप्लोमा को ₹9,000 और ग्रेजुएट्स को ₹10,000/माह।
  • सरकार देती है 75% पैसा: कुल स्टाइपेंड का 75% हिस्सा राज्य सरकार सीधे डीबीटी से छात्र के खाते में डालती है और 25% कंपनी देती है।
  • हजारों कंपनियों में अवसर: मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, हॉस्पिटल और रिटेल सेक्टर की प्राइवेट कंपनियों में ट्रेनिंग।
  • एससीवीटी का पक्का सर्टिफिकेट: 1 साल की ट्रेनिंग पूरी होने पर राज्य कौशल विकास बोर्ड (SCVT) का अधिकृत सर्टिफिकेट मिलता है।
  • समग्र ई-केवाईसी जरूरी: पोर्टल पर आवेदन करने से पहले अपनी समग्र आईडी (Samagra ID) में आधार ई-केवाईसी होना अनिवार्य है।
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तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग (मध्य प्रदेश शासन) 2026
MMSKY सीखो कमाओ - योग्यता व स्टाइपेंड मास्टर प्रोफाइल
मापदंड / श्रेणी सरकारी / बैंक नियम आवश्यक दस्तावेज़ / पात्रता शुल्क / समय-सीमा काम की टिप
12वीं पास छात्र मासिक स्टाइपेंड ₹8,000 (सरकार ₹6,000 + कंपनी ₹2,000)। 12वीं की अंकसूची + एमपी का मूल निवास। आवेदन शुल्क: ₹0 (मुफ्त)। रिटेल और सर्विस सेक्टर के प्रतिष्ठानों में आसानी से चयन होता है।
आईटीआई (ITI) पास मासिक स्टाइपेंड ₹8,500 (सरकार ₹6,375 + कंपनी ₹2,125)। एनसीवीटी/एससीवीटी आईटीआई ट्रेड सर्टिफिकेट। 1 वर्ष की अवधि। पीथमपुर, मंडीदीप और भोपाल के ऑटोमोबाइल हब में आवेदन करें।
पॉलिटेक्निक डिप्लोमा मासिक स्टाइपेंड ₹9,000 (सरकार ₹6,750 + कंपनी ₹2,250)। 3-वर्षीय इंजीनियरिंग/टेक्निकल डिप्लोमा। माह की 5 से 10 तारीख को DBT। सिविल और इलेक्ट्रिकल कंपनियों में सुपरवाइजर स्तर की ट्रेनिंग।
ग्रेजुएट / पोस्ट ग्रेजुएट मासिक स्टाइपेंड ₹10,000 (सरकार ₹7,500 + कंपनी ₹2,500)। बीए, बीएससी, बीकॉम, बीई, एमबीए डिग्री। वार्षिक नवीनीकरण। अकाउंटिंग, सॉफ्टवेयर और डिजिटल मार्केटिंग रोल्स में प्राथमिकता।

कॉलेज या आईटीआई पूरा करने के बाद मध्य प्रदेश के लाखों युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह आती है कि बिना किसी कार्यानुभव के प्राइवेट कंपनियां नौकरी नहीं देतीं। इसी फासले को पाटने के लिए राज्य सरकार 'मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना' (MMSKY) चला रही है। इसमें युवाओं को नामांकित कंपनियों और औद्योगिक इकाइयों में सीधे काम सिखाया जाता है और साथ ही हर महीने ₹8,000 से लेकर ₹10,000 तक का सीधा स्टाइपेंड बैंक खाते में ट्रांसफर होता है।

आधिकारिक पोर्टल: मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना पोर्टल mmsky.mp.gov.in

1. सीखो-कमाओ योजना क्या है और युवाओं को नौकरी से पहले ट्रेनिंग कैसे मिलती है?

मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना (MMSKY) मध्य प्रदेश सरकार की एक अनूठी रोजगार पहल है, जिसमें बेरोजगार युवाओं को उद्योगों में ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) दी जाती है और ट्रेनिंग की अवधि के दौरान ₹8,000 से ₹10,000 तक का मासिक स्टाइपेंड दिया जाता है।

कॉलेज या आईटीआई से निकलने के बाद जब युवा किसी कंपनी में नौकरी मांगने जाता है, तो सबसे पहला सवाल यही पूछा जाता है—'क्या आपके पास कोई अनुभव है?' अनुभव न होने की वजह से ज्यादातर युवाओं को नौकरी नहीं मिलती। इसी समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने यह योजना शुरू की है।

इस योजना में आपको किसी क्लासरूम में बैठकर किताबी पढ़ाई नहीं करनी है। आपको सीधे प्रदेश की पंजीकृत फैक्ट्रियों, आईटी कंपनियों, ऑटोमोबाइल प्लांट्स, अस्पतालों और कॉर्पोरेट दफ्तरों में काम सीखने के लिए भेजा जाता है। आप सीनियर इंजीनियरों और मैनेजरों के साथ असली काम सीखते हैं और हर महीने की 5 से 10 तारीख के बीच आपके बैंक खाते में ₹8,000 से ₹10,000 का स्टाइपेंड आ जाता है। इससे आपका जेब खर्च भी निकल जाता है और 1 साल में आपके पास एक मजबूत अनुभव भी आ जाता है।

2. योग्यता अनुसार मासिक स्टाइपेंड का स्लैब (12वीं, ITI, डिप्लोमा, डिग्री)

योजना के तहत 12वीं पास को ₹8,000, आईटीआई पास को ₹8,500, डिप्लोमा धारकों को ₹9,000 और स्नातक या स्नातकोत्तर (ग्रेजुएट/पीजी) युवाओं को ₹10,000 प्रति माह स्टाइपेंड दिया जाता है।

शैक्षणिक योग्यता मासिक स्टाइपेंड सरकार का DBT हिस्सा (75%) कंपनी का हिस्सा (25%)
12वीं पास ₹8,000 / माह ₹6,000 ₹2,000
आईटीआई (ITI) उत्तीर्ण ₹8,500 / माह ₹6,375 ₹2,125
पॉलिटेक्निक डिप्लोमा ₹9,000 / माह ₹6,750 ₹2,250
ग्रेजुएट / पोस्ट ग्रेजुएट ₹10,000 / माह ₹7,500 ₹2,500

3. mmsky.mp.gov.in पोर्टल पर छात्र रजिस्ट्रेशन का 4-स्टेप प्रोसेस

आधिकारिक पोर्टल mmsky.mp.gov.in पर जाएं, 'अभ्यर्थी पंजीयन' चुनें, अपनी 9 अंकों की समग्र आईडी दर्ज करें, आधार ओटीपी से ई-केवाईसी सत्यापित करें और अपनी शैक्षणिक योग्यता व पसंद के जिले चुनकर फॉर्म सबमिट करें।

योजना में आवेदन करने के लिए किसी एजेंट को पैसे देने की ज़रूरत नहीं है। अपने मोबाइल या लैपटॉप से 10 मिनट में ऐसे रजिस्ट्रेशन करें:

  1. पोर्टल खोलें और ई-केवाईसी जांचें: सबसे पहले mmsky.mp.gov.in पोर्टल खोलें। 'अभ्यर्थी पंजीयन' (Candidate Registration) पर क्लिक करें। ध्यान रहे कि आपकी 9 अंकों की समग्र सदस्य आईडी में आपका आधार कार्ड और मोबाइल नंबर पहले से लिंक होना चाहिए। अगर लिंक नहीं है, तो पहले samagra.gov.in पर जाकर समग्र ई-केवाईसी कर लें।
  2. ओटीपी सत्यापन: अपनी समग्र आईडी डालते ही आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा। ओटीपी दर्ज करते ही आपकी फोटो, नाम, जन्मतिथि और पता स्क्रीन पर अपने आप आ जाएगा।
  3. दस्तावेज और योग्यता दर्ज करें: अब अपनी उच्चतम योग्यता चुनें (जैसे 12वीं, आईटीआई ट्रेड या बीए/बीएससी/बीटेक)। अपनी मार्कशीट का रोल नंबर डालें और पीडीएफ फाइल अपलोड करें।
  4. पासवर्ड बनाएं और कोर्स चुनें: अपना मनचाहा पासवर्ड बनाएं। इसके बाद आपको एक लिस्ट दिखेगी जिसमें अलग-अलग कोर्स और कंपनियों के नाम होंगे। आप जिस जिले में काम करना चाहते हैं (जैसे इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर) और जिस क्षेत्र में रुचि है (जैसे कंप्यूटर, मशीन ऑपरेटर, बैंकिंग), उसे चुनकर 'आवेदन सबमिट' कर दें।

4. कोर्स और इंडस्ट्री का चयन: आईटी, मैन्युफैक्चरिंग, बैंकिंग और ऑटोमोबाइल सेक्टर्स

योजना में 46 से अधिक क्षेत्रों के 700 से ज्यादा कोर्स शामिल हैं। इसमें ऑटोमोबाइल, सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स, हॉस्पिटैलिटी, एविएशन, बैंकिंग और टेलीकॉम जैसे बड़े उद्योग शामिल हैं।

कोर्स का चुनाव करते समय सिर्फ स्टाइपेंड न देखें, बल्कि यह देखें कि किस काम की बाजार में सबसे ज्यादा मांग है। उदाहरण के लिए:

  • अगर आप आईटीआई फिटर/टर्नर/इलेक्ट्रीशियन हैं: पीथमपुर (धार), मंडीदीप (भोपाल) या मालनपुर (भिंड) के ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग प्लांट्स चुनें। वहां ट्रेनिंग पूरी होते ही 80% युवाओं को उसी कंपनी में परमानेंट जॉब पर रख लिया जाता है।
  • अगर आप ग्रेजुएट या बीकॉम/बीबीए हैं: निजी बैंकों, माइक्रोफाइनेंस कंपनियों, इंश्योरेंस फर्मों और रिटेल मॉल्स में एकाउंटिंग व कस्टमर सर्विस का विकल्प चुनें।
  • अगर आप बीसीए/सीएस/आईटी से हैं: इंदौर और भोपाल के आईटी पार्क्स में सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, डेटा एंट्री और वेब डिजाइनिंग के कोर्स चुनें।

5. ट्रेनिंग पूरी होने पर राज्य कौशल विकास बोर्ड (SCVT) का आधिकारिक सर्टिफिकेट

1 वर्ष का सफल प्रशिक्षण पूरा होने पर मध्य प्रदेश राज्य कौशल विकास एवं रोजगार निर्माण बोर्ड (MPSSDEGB) द्वारा अधिकृत एससीवीटी प्रमाणपत्र दिया जाता है, जो देश-विदेश की नौकरियों में वैध अनुभव माना जाता है।

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा केवल यह नहीं है कि आपको 1 साल तक ₹10,000 मिलते हैं। असली फायदा वह सर्टिफिकेट है जो आपको ट्रेनिंग के बाद मिलता है। यह प्रमाण-पत्र राज्य सरकार के कौशल विकास बोर्ड द्वारा प्रमाणित होता है। कई कंपनियां अपने यहां ट्रेनिंग ले चुके अच्छे और अनुशासित युवाओं को 1 साल पूरा होते ही ₹15,000 से ₹25,000 की शुरुआती सैलरी पर नियमित कर्मचारी बना लेती हैं। और अगर आप किसी दूसरी कंपनी में भी इंटरव्यू देने जाएंगे, तो यह सर्टिफिकेट आपके पास 1 साल के पक्के वर्क एक्सपीरियंस के रूप में काम आएगा।

6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या दूसरे राज्यों के युवा भी MP सीखो-कमाओ योजना में आवेदन कर सकते हैं?

नहीं। इस योजना का लाभ केवल मध्य प्रदेश के मूल निवासी युवाओं को ही मिलता है। आवेदन के लिए मध्य प्रदेश की समग्र आईडी (Samagra ID) होना अनिवार्य है।

सीखो कमाओ योजना में आवेदन करने की उम्र सीमा क्या है?

आवेदक की आयु 18 से 29 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु की गणना समग्र पोर्टल पर दर्ज जन्मतिथि के आधार पर की जाती है।

स्टाइपेंड का पैसा सीधे बैंक खाते में आता है या कंपनी देती है?

स्टाइपेंड का 75% हिस्सा (जैसे ₹10,000 में से ₹7,500) राज्य सरकार सीधे आपके आधार से लिंक्ड बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेजती है, जबकि बाकी 25% (₹2,500) कंपनी द्वारा खाते में ट्रांसफर किया जाता है।

क्या कॉलेज में रेगुलर पढ़ाई करते हुए यह ट्रेनिंग ली जा सकती है?

नहीं। यह फुल-टाइम ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) है, जिसमें आपको कंपनी के तय कार्य-समय (सुबह 9 से शाम 5 या 8 घंटे की शिफ्ट) में उपस्थित रहना होता है। इसलिए जो छात्र रेगुलर कॉलेज जा रहे हैं, वे इसके पात्र नहीं हैं।

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