🤖 बिजनेस & AI ⏱️ 20 मिनट पढ़ें 📅 27 सितंबर 2026

World Tourism Day 2026 & NIDHI+ Portal: डिजिटल टूरिज्म और एआई तकनीक से बदलेगी भारत की यात्रा व्यवस्था

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CA विनित अग्रवाल
वरिष्ठ टैक्स, GST एवं MSME वित्त विशेषज्ञ

चार्टर्ड अकाउंटेंट (FCA) एवं कॉर्पोरेट टैक्स कंसलटेंट। एमएसएमई इंसेंटिव्स, जीएसटी ऑडिट, डिजिटल टूरिज्म तथा फूड सेफ्टी कंप्लायंस पर पिछले 11 वर्षों से निरंतर लेखन।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

विश्व पर्यटन दिवस 2026 की मुख्य थीम 'डिजिटल एजेंडा और एआई इन टूरिज्म' है, जिसके अंतर्गत केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने अपग्रेडेड NIDHI+ पोर्टल और एआई-सक्षम इंक्रैडिबल इंडिया प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इसका उद्देश्य देश के छोटे होमस्टे और टूर गाइडों को बिना बिचौलिए के वैश्विक पहचान देना और यात्रियों को सुरक्षित, कैशलेस और एआई-संचालित यात्रा अनुभव प्रदान करना है।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • डिजिटल टूरिज्म एजेंडा: विश्व पर्यटन दिवस 2026 के अवसर पर पर्यटन मंत्रालय ने 'डिजिटल एजेंडा और एआई इन टूरिज्म' थीम के तहत NIDHI+ पोर्टल 2.0 का राष्ट्रीय विस्तार किया है।
  • NIDHI+ पर 100% फ्री रजिस्ट्रेशन: ग्रामीण व शहरी होमस्टे, क्षेत्रीय टूर गाइडों और टूर ऑपरेटर्स के लिए शून्य सरकारी शुल्क पर तुरंत डिजिटल पहचान और सुरक्षा क्यूआर कोड।
  • Incredible India AI सारथी: विदेशी व घरेलू पर्यटकों के लिए 22 भारतीय भाषाओं और 10 विदेशी भाषाओं में एआई-संचालित ऑडियो गाइड, हाइपर-पर्सनलाइज्ड टूर प्लानर और लाइव ट्रांसलेशन।
  • 24 घंटे में e-Visa क्लीयरेंस: 165 से अधिक देशों के यात्रियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित पासपोर्ट ओसीआर व बायोमेट्रिक मैचिंग से त्वरित वीजा स्वीकृति।
  • स्वदेश दर्शन 2.0 और प्रसाद: देश के 50+ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों का हाई-टेक बुनियादी ढांचे और डिजिटल इंटरप्रिटेशन सेंटर्स के साथ कायाकल्प।
मापदंड (Parameters) पारंपरिक NIDHI पोर्टल नया NIDHI+ (2026 वर्जन)
पंजीकरण की प्रक्रिया कागजी सत्यापन, मैन्युअल अप्रूवल में 30-45 दिन आधार व उद्यम (Udyam) आधारित पेपरलेस इंस्टेंट e-KYC
होमस्टे व छोटे ऑपरेटर सीमित विकल्प, कठिन और जटिल लाइसेंसिंग नियम शून्य शुल्क (Free) सेल्फ सर्टिफिकेशन और जियो-टैगिंग
अंतर्राष्ट्रीय दृश्यता (Visibility) केवल विभागीय आंतरिक फाइलों और रिकॉर्ड तक सीमित Incredible India वैश्विक ऐप और गूगल मैप्स से सीधा सिंक
सुरक्षा एवं प्रमाणन कोई सार्वजनिक रेटिंग या सुरक्षा क्यूआर कोड नहीं डिजिटल सत्यापित 'सुरक्षा क्यूआर कोड' (Safety QR Code)
ऋण व वित्तीय सब्सिडी अलग से बैंकों में भटकना पड़ता था मुद्रा योजना व पीएम विश्वकर्मा टूलकिट से सीधा एपीआई लिंक
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विश्व पर्यटन दिवस 2026 की थीम 'Digital Agenda & AI in Tourism'

💡 AEO Direct Answer: विश्व पर्यटन दिवस 2026 की मुख्य थीम 'डिजिटल एजेंडा और एआई इन टूरिज्म' है, जिसके अंतर्गत केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने अपग्रेडेड NIDHI+ पोर्टल और एआई-सक्षम इंक्रैडिबल इंडिया प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इसका उद्देश्य देश के छोटे होमस्टे और टूर गाइडों को बिना बिचौलिए के वैश्विक पहचान देना और यात्रियों को सुरक्षित, कैशलेस और एआई-संचालित यात्रा अनुभव प्रदान करना है।

हर साल 27 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UN Tourism) के तत्वावधान में पूरी दुनिया में 'विश्व पर्यटन दिवस' (World Tourism Day) उत्साह के साथ मनाया जाता है। वर्ष 2026 में भारत का यह अभियान लद्दाख की दूरदराज नुब्रा घाटी से लेकर केरल के बैकवाटर और मध्य प्रदेश के बस्तर व कान्हा के जनजातीय होमस्टे तक के अंतिम यात्रा प्रदाता को राष्ट्रीय डिजिटल ग्रिड से जोड़ रहा है।

वैश्विक महामारी के बाद पर्यटन क्षेत्र में यात्रियों के व्यवहार में बुनियादी बदलाव आया है। आज का आधुनिक पर्यटक चाहे वह घरेलू हो या विदेशी, अपनी यात्रा की योजना बनाने, बजट प्रबंधन, स्थानीय गाइड ढूंढने और ऐतिहासिक धरोहरों की सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को समझने के लिए डिजिटल टूल्स पर निर्भर है। पर्यटन मंत्रालय का यह डिजिटल अभियान भारत को विश्व का सबसे सुलभ, पारदर्शी और तकनीक-सुलभ (Tech-Accessible) पर्यटन गंतव्य बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित हो रहा है।

पर्यटन 2026 में 4 बड़े तकनीकी बदलाव:

  • स्मार्ट डेस्टिनेशन मैनेजमेंट: जीआईएस (GIS) मैपिंग और सैटेलाइट इमेजरी के जरिए प्रमुख स्मारकों में भीड़ नियंत्रण और रियल-टाइम फुटफॉल ट्रैकिंग।
  • सत्यापित सर्विस प्रोवाइडर इकोसिस्टम: बिना किसी बिचौलिए या अवैध कमीशन एजेंट के छोटे होमस्टे और टूर गाइडों का आधिकारिक सरकारी सत्यापन।
  • मल्टीलिंगुअल एआई गाइड: भाषिणी प्लेटफॉर्म के सहयोग से 22 भारतीय भाषाओं और 10 प्रमुख विदेशी भाषाओं में तत्काल ऑडियो-विजुअल ट्रांसलेशन।
  • कैशलेस और कॉन्टैक्टलेस ट्रेवल: भीम-यूपीआई (BHIM UPI), भारत बिल पे (BBPS) और नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (NCMC) का देश के सभी स्मारकों में 100% अनिवार्य एकीकरण।

इंक्रैडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म (Incredible India Portal) और NIDHI+ रजिस्ट्रेशन सिस्टम

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पर्यटन मंत्रालय द्वारा अपग्रेडेड 'Incredible India Digital Platform' और 'NIDHI+ (National Integrated Database of Hospitality Industry)' भारत के आतिथ्य सत्कार उद्योग का केंद्रीय तंत्रिका तंत्र बन चुके हैं।

NIDHI+ क्या है और यह पुराने सिस्टम से कैसे अलग है?

NIDHI (नेशनल इंटीग्रेटेड डेटाबेस ऑफ हॉस्पिटैलिटी इंडस्ट्री) की शुरुआत प्रारंभिक दौर में केवल होटलों के बुनियादी रिकॉर्ड के लिए की गई थी। लेकिन NIDHI+ (वर्जन 2.0) एक समग्र, इंटरऑपरेबल और एपीआई-संचालित डिजिटल प्लेटफॉर्म है। इसके तहत केवल बड़े कॉर्पोरेट होटल ही नहीं, बल्कि निम्नलिखित सभी सेवा प्रदाताओं का पंजीकरण अनिवार्य रूप से किया जा रहा है:

  • ग्रामीण एवं शहरी होमस्टे (Homestays & Bed-and-Breakfast Units)
  • एडवेंचर टूर ऑपरेटर्स और ट्रैकिंग एजेंसियां
  • पंजीकृत क्षेत्रीय टूरिस्ट गाइड (Regional & State Level Guides)
  • वेलनेस, आयुर्वेद और मेडिकल टूरिज्म फैसिलिटेटर्स
  • हेरिटेज होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाएं
  • इनबाउंड व डोमेस्टिक ट्रैवल एजेंट्स

पारंपरिक NIDHI बनाम नया NIDHI+ (2026 वर्जन): तुलनात्मक तालिका

मापदंड (Parameters) पारंपरिक NIDHI पोर्टल नया NIDHI+ (2026 वर्जन)
पंजीकरण की प्रक्रिया कागजी सत्यापन, मैन्युअल अप्रूवल में 30-45 दिन आधार व उद्यम (Udyam) आधारित पेपरलेस इंस्टेंट e-KYC
होमस्टे व छोटे ऑपरेटर सीमित विकल्प, कठिन और जटिल लाइसेंसिंग नियम शून्य शुल्क (Free) सेल्फ सर्टिफिकेशन और जियो-टैगिंग
अंतर्राष्ट्रीय दृश्यता (Visibility) केवल विभागीय आंतरिक फाइलों और रिकॉर्ड तक सीमित Incredible India वैश्विक ऐप और गूगल मैप्स से सीधा सिंक
सुरक्षा एवं प्रमाणन कोई सार्वजनिक रेटिंग या सुरक्षा क्यूआर कोड नहीं डिजिटल सत्यापित 'सुरक्षा क्यूआर कोड' (Safety QR Code)
ऋण व वित्तीय सब्सिडी अलग से बैंकों में भटकना पड़ता था मुद्रा योजना व पीएम विश्वकर्मा टूलकिट से सीधा एपीआई लिंक

📌 काम की बात: NIDHI+ पोर्टल पर अपनी संपत्ति या गाइड प्रोफाइल रजिस्टर करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://nidhi.nic.in/ अथवा पर्यटन मंत्रालय के पोर्टल https://tourism.gov.in/ पर जाएं। किसी भी प्रकार की तकनीकी सहायता के लिए राष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन 1363 पर 24 घंटे कॉल की जा सकती है।


e-Visa डिजिटल सेवा और विदेशी पर्यटकों के लिए AI-संचालित ट्रैवल गाइड की सुविधा

विदेशी मुद्रा अर्जन और भारत की सॉफ्ट-पावर को मजबूती देने में ई-वीजा (e-Visa) व्यवस्था सबसे बड़ा उत्प्रेरक साबित हुई है। गृह मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय के संयुक्त समन्वय से संचालित इस प्रणाली में 2026 के दौरान अभूतपूर्व तकनीकी सुधार लागू किए गए हैं।

165+ देशों के लिए e-Visa का 24-घंटे का एक्सप्रेस क्लीयरेंस

पूर्व में वीजा मंजूरी में 72 घंटे या उससे अधिक का समय लगता था। अब 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन सिस्टम' के जरिए ई-वीजा आवेदन की शुरुआती जांच स्वचालित रूप से पूरी हो जाती है:

  • पासपोर्ट डेटा OCR स्क्रूटनी: यात्री के पासपोर्ट के मशीन रीडेबल जोन (MRZ) का त्वरित अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा डेटाबेस से सत्यापन।
  • बायोमेट्रिक फोटो मैचिंग: फर्जी आवेदनों और डुप्लीकेसी की 99.8% सटीक पहचान।
  • ई-वीजा श्रेणियां: टूरिस्ट वीजा (30 दिन, 1 वर्ष, 5 वर्ष), ई-बिजनेस वीजा, ई-मेडिकल वीजा और हाल ही में घोषित 'ई-आयुष वीजा' (पारंपरिक भारतीय चिकित्सा पद्धतियों के लिए)।

'अतुल्य भारत एआई सारथी' (AI Travel Sarthi): पर्यटकों का निजी डिजिटल मार्गदर्शक

पर्यटन मंत्रालय ने डिजिटल इंडिया मिशन के तहत 'AI Sarthi' बॉट को इंक्रैडिबल इंडिया ऐप में एकीकृत किया है। यह एआई गाइड पर्यटकों को निम्नलिखित सेवाएं प्रदान करता है:

  1. हाइपर-पर्सनलाइज्ड यात्रा कार्यक्रम (Itinerary Generation): यदि कोई पर्यटक 5 दिनों के लिए राजस्थान जा रहा है और उसका बजट ₹25,000 है, तो एआई सारथी उसके बजट, रुचि (इतिहास, फोटोग्राफी, खानपान) और मौसम के अनुसार दिन-प्रतिदिन का सटीक शेड्यूल तैयार करता है।
  2. धरोहर स्थलों पर 'ऑगमेंटेड रियलिटी' (AR) वॉयस गाइड: जब पर्यटक ताजमहल, कोणार्क सूर्य मंदिर या खजुराहो के सामने अपना फोन उठाता है, तो एआई कैमरा उस स्मारक के इतिहास को 3D मॉडल और स्थानीय लोककथाओं के साथ उसकी अपनी मातृभाषा (उदा. फ्रेंच, स्पैनिश, जर्मन, जापानी, रूसी या तमिल/तेलुगु) में सुनाता है।
  3. इमरजेंसी SOS और टूरिस्ट हेल्पलाइन 1363 का लाइव एकीकरण: किसी भी आपात स्थिति या ठगी की आशंका होने पर विदेशी पर्यटक ऐप पर केवल एक बटन दबाकर स्थानीय टूरिस्ट पुलिस और एम्बुलेंस सेवा से तुरंत जीपीएस लोकेशन साझा कर सकते हैं।

स्वदेश दर्शन 2.0 और प्रसाद (PRASHAD) योजना के तहत धार्मिक व सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों का विकास

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भारत सरकार की दो प्रमुख आधारभूत पर्यटन योजनाएं—'स्वदेश दर्शन 2.0' (Swadesh Darshan 2.0) और 'प्रसाद' (PRASHAD - National Mission on Pilgrimage Rejuvenation and Spiritual, Heritage Augmentation Drive) देश के पर्यटन बुनियादी ढांचे को आधुनिक स्वरूप प्रदान कर रही हैं।

स्वदेश दर्शन 2.0: सस्टेनेबल और रिस्पॉन्सिबल टूरिज्म की नई मिसाल

स्वदेश दर्शन का पहला चरण केवल थीम-आधारित सर्किट (जैसे रामायण सर्किट, बुद्धिस्ट सर्किट, कोस्टल सर्किट) के निर्माण तक सीमित था। लेकिन स्वदेश दर्शन 2.0 का मूल मंत्र 'गंतव्य-केंद्रित विकास' (Destination-Centric Development) है:

  • पर्यावरण के अनुकूल बुनियादी ढांचा: सोलर पावर्ड स्ट्रीट लाइटिंग, इलेक्ट्रिक बस शटल सेवाएं, और स्मारकों के आसपास जीरो-वेस्ट सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट।
  • डिजिटल इंटरप्रिटेशन सेंटर्स: ऐतिहासिक स्थलों के प्रवेश द्वारों पर इंटरैक्टिव टच-स्क्रीन कियोस्क, वीआर (Virtual Reality) सिनेमा और ऑडियो-विजुअल गैलरी।
  • स्थानीय कारीगरों के लिए शिल्प ग्राम: स्थानीय हस्तशिल्प और बुनकरों को बिचौलियों से बचाकर सीधे पर्यटकों को सामान बेचने के लिए ओपन-एयर हाट का निर्माण।

प्रसाद (PRASHAD) योजना के तहत आध्यात्मिक स्थलों का कायाकल्प

तीर्थयात्रा कायाकल्प मिशन 'प्रसाद' के अंतर्गत देश के 50 से अधिक प्रमुख तीर्थ स्थलों का समग्र विकास किया गया है:

  • केदारनाथ, बद्रीनाथ और काशी विश्वनाथ कॉरिडोर: तीर्थयात्रियों के लिए सुगम दर्शन कतार प्रबंधन (Virtual Queue Management) और आधुनिक विश्राम गृह।
  • उज्जैन महाकाल लोक और ओंकारेश्वर: फ्लोटिंग जेटी, हाई-टेक सुरक्षा निगरानी केंद्र और बुजुर्गों के लिए बैटरी चालित गोल्फ कार्ट्स।
  • कामाख्या मंदिर (गुवाहाटी) और सोमनाथ (गुजरात): डिजिटल लॉकर, शुद्ध पेयजल एटीएम और प्रसाद वितरण के लिए क्यूआर-आधारित कियोस्क।

स्वदेश दर्शन 2.0 और प्रसाद योजना की मुख्य उपलब्धियां

योजना का नाम केंद्रीय बजट आवंटन विकसित प्रमुख पर्यटन स्थल स्थानीय रोजगार सृजन (अनुमानित)
स्वदेश दर्शन 2.0 ₹2,400+ करोड़ हम्पी, कुर्ग, खजुराहो, लेह, कुरुक्षेत्र, अजंता-एलोरा 15 लाख से अधिक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार
प्रसाद (PRASHAD) ₹1,850+ करोड़ काशी, सोमनाथ, पुरी जगन्नाथ, अमृतसर स्वर्ण मंदिर, कामाख्या 18 लाख से अधिक स्थानीय सूक्ष्म उद्यमी व गाइड

कौन पात्र है vs कौन पात्र नहीं है (Eligibility vs Ineligibility Matrix)

NIDHI+ पोर्टल पर पंजीकरण और पर्यटन मंत्रालय की विभिन्न वित्तीय सहायता योजनाओं के लिए पात्रता के स्पष्ट नियम निम्नलिखित हैं:

कौन पात्र है (Eligible) कौन पात्र नहीं है (Ineligible)
मान्य होमस्टे व बीएंडबी संचालक: जिनके पास आवासीय परिसर में पर्यटकों को ठहराने के लिए 1 से 6 साफ कमरे और बुनियादी सुविधाएं हैं। अवैध वाणिज्यिक लॉज: बिना किसी फायर सेफ्टी या स्थानीय अनुमति के संकरी गलियों में चल रहे असुरक्षित व्यावसायिक लॉज।
राज्य या राष्ट्रीय स्तर के टूरिस्ट गाइड: जिन्होंने पर्यटन विभाग या मान्यता प्राप्त संस्थान से गाइड प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है। अनधिकृत दलाल व बिचौलिए: बिना किसी वैध पहचान पत्र या लाइसेंस के पर्यटकों को बहलाने-फुसलाने वाले अवैध एजेंट।
पंजीकृत एमएसएमई टूर ऑपरेटर्स: जिनके पास उद्यम (Udyam) रजिस्ट्रेशन और जीएसटी नंबर मौजूद है। बिना कागजात वाली फर्जी ट्रेवल फर्में: जिनका कोई वास्तविक कार्यालय या वैध कॉर्पोरेट अस्तित्व नहीं है।
एडवेंचर टूर स्पोर्ट्स एजेंसियां: जिनके उपकरण सुरक्षा मानकों (ATOAI गाइडलाइंस) पर खरे उतरते हैं और ट्रेनर्स सर्टिफाइड हैं। बिना सुरक्षा उपकरण वाली एजेंसियां: पुराने, घिसे-पिटे उपकरणों और बिना बीमा के जोखिम भरे खेल संचालित करने वाले ऑपरेटर।
धार्मिक न्यास एवं ट्रस्ट गेस्ट हाउस: जो चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत हैं और श्रद्धालुओं को किफायती आवास देते हैं। विवादित संपत्तियां: न्यायालयों में मुकदमों में फंसी या नगर निगम द्वारा सील की गई गैर-कानूनी संपत्तियां।

⚠️ ध्यान दें: बिना NIDHI+ रजिस्ट्रेशन के किसी भी टूर ऑपरेटर, होमस्टे मालिक या गाइड को केंद्र अथवा राज्य सरकार की पर्यटन सब्सिडी, कौशल विकास सहायता और लोन योजनाओं का लाभ नहीं मिलेगा। साथ ही, आगामी वित्तीय वर्ष से अनरजिस्टर्ड इकाइयों को आधिकारिक सरकारी वेबसाइट्स पर प्रचारित नहीं किया जाएगा।


स्थानीय गाइडों और होमस्टे मालिकों के लिए NIDHI+ पर रजिस्ट्रेशन के 5 आसान चरण

यदि आप ग्रामीण या शहरी क्षेत्र में होमस्टे चलाते हैं या एक स्वतंत्र टूर गाइड हैं, तो पंजीकरण करने की पूरी गाइड नीचे दी गई है:

स्टेप 1: पोर्टल पर जाकर नई इकाई चुनें

सबसे पहले https://nidhi.nic.in/ पर जाएं और होमपेज पर दिए गए 'Register New Business Unit' विकल्प पर क्लिक करें। अपनी श्रेणी (Homestay, Tour Guide, Travel Agent) चुनें।

स्टेप 2: आधार एवं उद्यम e-KYC प्रमाणीकरण

अपने आधार नंबर और मोबाइल ओटीपी के जरिए तत्काल डिजिटल सत्यापन करें। यदि आपके पास उद्यम (Udyam) रजिस्ट्रेशन है, तो उसका नंबर दर्ज करें जिससे आपका व्यावसायिक डेटा स्वतः फेच हो जाएगा।

स्टेप 3: कमरे और सुविधाओं का विवरण दर्ज करें

आपके होमस्टे में कुल कितने कमरे उपलब्ध हैं, अटैच्ड बाथरूम, वेस्टर्न टॉयलेट, एयर कंडीशनिंग, वाई-फाई और शाकाहारी/स्थानीय भोजन की क्या व्यवस्था है, इसका पूरा विवरण टिक करें।

स्टेप 4: परिसर की तस्वीरें और लोकेशन अपलोड करें

अपने स्मार्टफ़ोन से अपने मुख्य द्वार, अतिथि शयनकक्ष और बाथरूम की 3-4 साफ तस्वीरें अपलोड करें। अपने फोन के जीपीएस की मदद से सटीक गूगल मैप्स पिन सेट करें।

स्टेप 5: डिजिटल क्यूआर कोड और सर्टिफिकेट डाउनलोड करें

आवेदन सबमिट करने के 24 से 48 घंटे के भीतर स्थानीय जिला पर्यटन अधिकारी द्वारा ऑनलाइन स्क्रूटनी पूरी की जाती है और आपकी इकाई का आधिकारिक 'NIDHI+ वेरिफाइड सर्टिफिकेट' और 'सिक्योरिटी क्यूआर कोड' जनरेट हो जाता है जिसे आप अपने प्रवेश द्वार पर चस्पा कर सकते हैं।


पर्यटन क्षेत्र में एमएसएमई उद्यमियों के लिए जीएसटी छूट और वित्तीय प्रोत्साहन (Tax & MSME Benefits)

केंद्रीय वित्त मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय ने संयुक्त रूप से देश में पर्यटन को आर्थिक विकास का मुख्य इंजन बनाने के लिए वित्तीय रियायतों की घोषणा की है:

1. ₹1,000 प्रति रात तक के होमस्टे रूम्स पर शून्य जीएसटी (0% GST)

  • ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में संचालित होमस्टे और बजट गेस्ट हाउस जिनके कमरों का दैनिक किराया ₹1,000 से कम है, उन पर किसी प्रकार का माल एवं सेवा कर (GST) नहीं लगाया जाता।
  • ₹1,000 से ₹7,500 तक के होटल कमरों पर 12% की रियायती दर लागू है, जिससे परिवारों के लिए भारत भ्रमण अधिक किफायती हो गया है।

2. मुद्रा योजना और स्टैंड-अप इंडिया के तहत आसान ऋण

  • NIDHI+ पोर्टल पर पंजीकृत होमस्टे संचालकों को अपने कमरों के नवीनीकरण, सोलर वॉटर हीटर लगाने और एयर कंडीशनर खरीदने के लिए पीएम मुद्रा योजना (PMMY) के तहत ₹10 लाख तक का कोलेटरल-फ्री लोन प्राथमिकता के आधार पर मिलता है।
  • महिला उद्यमियों और आदिवासी क्षेत्रों के गाइडों के लिए स्टैंड-अप इंडिया के तहत 25% तक की मार्जिन मनी सब्सिडी प्रदान की जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल 1: क्या गांव में चलने वाले छोटे होमस्टे को NIDHI+ पोर्टल पर पंजीकृत करने के लिए कोई सरकारी फीस देनी होती है?

उत्तर: नहीं, पर्यटन मंत्रालय के NIDHI+ पोर्टल पर होमस्टे, बेड एंड ब्रेकफास्ट और स्थानीय टूरिस्ट गाइड का पंजीकरण पूरी तरह से निःशुल्क (100% Free) है और इसमें किसी बिचौलिए की आवश्यकता नहीं है।

सवाल 2: विदेशी पर्यटकों को 'अतुल्य भारत एआई सारथी' (AI Sarthi) का उपयोग करने के लिए क्या अलग से पैसे देने पड़ते हैं?

उत्तर: बिल्कुल नहीं, AI सारथी सेवा 'Incredible India' के आधिकारिक मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल पर सभी भारतीय व विदेशी यात्रियों के लिए बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराई गई है।

सवाल 3: स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत विकसित पर्यटन स्थलों पर टिकट बुकिंग कैसे की जा सकती है?

उत्तर: सभी प्रमुख स्मारकों और हेरिटेज स्थलों पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के टिकट काउंटर और आधिकारिक वेबसाइट asi.payumoney.com या Incredible India ऐप से क्यूआर कोड स्कैन करके बिना कतार के डिजिटल टिकट लिया जा सकता है।


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❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या गांव में चलने वाले छोटे होमस्टे को NIDHI+ पोर्टल पर पंजीकृत करने के लिए कोई सरकारी फीस देनी होती है?

A. नहीं, पर्यटन मंत्रालय के NIDHI+ पोर्टल पर होमस्टे, बेड एंड ब्रेकफास्ट और स्थानीय टूरिस्ट गाइड का पंजीकरण पूरी तरह से निःशुल्क (100% Free) है और इसमें किसी बिचौलिए की आवश्यकता नहीं है।

Q. विदेशी पर्यटकों को 'अतुल्य भारत एआई सारथी' (AI Sarthi) का उपयोग करने के लिए क्या अलग से पैसे देने पड़ते हैं?

A. बिल्कुल नहीं, AI सारथी सेवा 'Incredible India' के आधिकारिक मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल पर सभी भारतीय व विदेशी यात्रियों के लिए बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराई गई है।

Q. स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत विकसित पर्यटन स्थलों पर टिकट बुकिंग कैसे की जा सकती है?

A. सभी प्रमुख स्मारकों और हेरिटेज स्थलों पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के टिकट काउंटर और आधिकारिक वेबसाइट [asi.payumoney.com](https://asi.payumoney.com/) या Incredible India ऐप से क्यूआर कोड स्कैन करके बिना कतार के डिजिटल टिकट लिया जा सकता है।

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