🌾 कृषि कल्याण योजनाएं ⏱️ 23 मिनट पढ़ें 📅 27 सितंबर 2026

PM Kisan Village-Wise Beneficiary List 2026: अपने गांव की नई पीएम किसान लाभार्थी सूची में नाम कैसे देखें?

VS
डॉ. वंदना शर्मा
वरिष्ठ लोक नीति एवं कल्याणकारी योजना विशेषज्ञ

विगत 11 वर्षों से भारत सरकार की ग्रामीण विकास नीतियों, कृषि कल्याण कार्यक्रमों, पीएम किसान सम्मान निधि, डीबीटी मैपिंग और डिजिटल किसान सशक्तिकरण पर विश्लेषणात्मक शोध एवं परामर्श में संलग्न।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

पीएम किसान की ग्रामवार लाभार्थी सूची देखने के लिए pmkisan.gov.in पर जाएं और 'Beneficiary List' विकल्प चुनें। अपना राज्य, जिला, उप-जिला (तहसील), ब्लॉक और गांव चुनकर 'Get Report' पर क्लिक करें। स्क्रीन पर आपके पूरे गांव के पात्र किसानों की सूची खुल जाएगी। यदि सूची से नाम कट गया है, तो पटवारी से मिलकर खतौनी और ई-केवाईसी का पुनः सत्यापन कराएं।

OFFICIAL CHANNEL GoForDigitalIndia WhatsApp चैनल

सरकारी योजनाओं, नई भर्तियों, एडमिट कार्ड और रिजल्ट्स के ताज़ा अपडेट्स सबसे पहले अपने WhatsApp पर पाएं।

👉 चैनल से जुड़ें (Join WhatsApp)

📌 मुख्य बातें (Quick Key Takeaways)

  • ग्रामवार सार्वजनिक सूची: pmkisan.gov.in पर राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव चुनकर अपने गांव के सभी पात्र किसानों की नई सूची देखी जा सकती है।
  • पारदर्शिता व सोशल ऑडिट: गांव के लोग यह देख सकते हैं कि गांव में किन-किन किसानों को लाभ मिल रहा है और किनके नाम काटे गए हैं।
  • नाम कटने के मुख्य कारण: आयकरदाता होना, गलत खतौनी देना, e-KYC न कराना या परिवार में दोहरे आवेदन के कारण सूची से नाम बाहर किया जाता है।
  • नाम दोबारा जुड़वाने का तरीका: यदि पात्र होने के बावजूद नाम कट गया है, तो खतौनी और हलफनामा लेकर ब्लॉक कृषि अधिकारी के पास अपील की जा सकती है।
🌐 ग्रामवार लाभार्थी सूची पोर्टल: pmkisan.gov.in/BeneficiaryList | हेल्पलाइन: 155261 / 1800115526

🎯 लक्षित पाठक वर्ग: यह खबर मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र के किसानों, ग्राम प्रधानों, पंचायत सहायकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के लिए आवश्यक है जो अपने गांव की पीएम किसान लाभार्थी सूची (Village-Wise Beneficiary List 2026) में अपना या ग्रामीणों का नाम चेक करना चाहते हैं। पारदर्शी सामाजिक अंकेक्षण (Social Audit) पर आधारित यह विस्तृत मार्गदर्शिका है।

1. पीएम किसान योजना की ग्रामवार (Village-Wise) बेनेफिशियरी लिस्ट देखना क्यों आवश्यक है?

सीधा उत्तर (AEO Direct Answer): ग्रामवार बेनेफिशियरी लिस्ट देखना इसलिए जरूरी है क्योंकि इससे यह सत्यापित होता है कि आगामी किस्त के लिए आपका नाम गांव की अंतिम स्वीकृत सूची में शामिल है या किसी सत्यापन त्रुटि के कारण आपका नाम बाहर तो नहीं कर दिया गया। यह सूची सार्वजनिक होती है और बिना किसी पासवर्ड या ओटीपी के सीधे देखी जा सकती है।

ग्राम स्तर पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भारत सरकार ने प्रत्येक राजस्व ग्राम की अद्यतन सूची को सार्वजनिक पोर्टल पर उपलब्ध कराया है। हर 4 महीने में नई किस्त जारी होने से पहले ग्राम पंचायतों में सोशल ऑडिट कराया जाता है, जिसमें अपात्र लोगों के नाम हटाए जाते हैं और नए पात्र किसानों के नाम जोड़े जाते हैं।

यदि आपका नाम इस सूची में मौजूद है, तो इसका अर्थ है कि प्रशासनिक स्तर पर आपकी पात्रता 100% स्वीकृत है और किस्त जारी होते ही सीधे आपके खाते में पहुंचेगी। विस्तृत योजना के लिए हमारी मुख्य PM Kisan Samman Nidhi 2026 मास्टर गाइड पढ़ें।


2. राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव चुनकर ऑनलाइन सूची निकालने के स्टेप्स

अपने गांव की सूची देखने की प्रक्रिया अत्यंत सरल है और इसे किसी भी स्मार्टफोन पर नीचे दी गई तालिका के मानकों के आधार पर देखा जा सकता है:

मापदंड / चयन स्तर सरकारी नियम व विकल्प आवश्यक जानकारी शुल्क / समय काम की टिप (Expert Advice)
स्तर 1: राज्य का चयन (State)भारत के सभी 28 राज्य व 8 केंद्र शासित प्रदेशआवेदक का गृह राज्य₹0 निशुल्कड्रॉपडाउन मेनू से अपना सही राज्य चुनें
स्तर 2: जिले का चयन (District)संबंधित राज्य के सभी राजस्व जिलेजिले का आधिकारिक नामतुरंत लोडनया जिला बना हो तो पुराना मूल जिला भी चेक करें
स्तर 3: उप-जिला (Sub-District / तहसील)राजस्व तहसील या अनुमंडल स्तरतहसील का नामतुरंत लोडखतौनी पर दर्ज अपनी मूल तहसील चुनें
स्तर 4: विकास खंड (Block)ब्लॉक / पंचायत समिति स्तरब्लॉक का नामतुरंत लोडतहसील और ब्लॉक अलग-अलग होने पर ध्यान दें
स्तर 5: राजस्व ग्राम (Village)सेंसस कोड सहित राजस्व गांव की सूचीगांव का आधिकारिक नाम (मौजा)तुरंत लोडमजरे का नाम न खोजें, मूल राजस्व गांव का नाम चुनें
रिपोर्ट प्रदर्शन (Get Report)अल्फाबेटिकल ऑर्डर (A to Z) में सूची जनरेट होती हैस्क्रीन रिपोर्ट1 सेकंड मेंएक पेज पर 50 नाम होते हैं, अगले पेज पर क्लिक करें
सूची में प्रदर्शित डेटाकिसान का नाम, पिता का नाम और जेंडरसार्वजनिक डेटागोपनीयता सुरक्षितआधार और बैंक नंबर सुरक्षा कारणों से छिपे रहते हैं
प्रिंट / डाउनलोड विकल्पपीडीएफ के रूप में सेव करने की सुविधाब्राउज़र प्रिंट (Ctrl+P)₹0पंचायत भवन के नोटिस बोर्ड पर लगाने हेतु उपयोगी

स्टेप्स: pmkisan.gov.in पर जाएं ➔ Farmers Corner में 'Beneficiary List' पर क्लिक करें ➔ अपना State, District, Sub-District, Block और Village चुनें ➔ 'Get Report' बटन पर क्लिक करें। आपके गांव के सभी पात्र किसानों की पूरी सूची स्क्रीन पर खुल जाएगी।


⚠️ ध्यान दें: यदि गांव की सूची में आपका नाम पहले था लेकिन अब गायब है, तो इसका मतलब है कि आपको अपात्र घोषित किया गया है या आपका ई-केवाईसी/लैंड सीडिंग समयसीमा में पूरा नहीं हुआ। घबराएं नहीं, इसे ब्लॉक स्तर पर सत्यापित कराकर पुनः जोड़ा जा सकता है।

3. लिस्ट में नाम न होने या नाम कट जाने के मुख्य प्रशासनिक कारण

जांच और ऑडिट के दौरान किन कारणों से किसानों के नाम सूची से हटा दिए जाते हैं:

  • आयकरदाता (Income Tax Payers): यदि परिवार का कोई सदस्य आयकर रिटर्न भरता है, तो डेटा ऑटोमेटिक इनकम टैक्स विभाग से मैच होकर नाम तुरंत सूची से बाहर हो जाता है।
  • सरकारी सेवा या पेंशन: केंद्र या राज्य सरकार के कर्मचारी, संवैधानिक पदधारक या ₹10,000 से अधिक मासिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त कर्मचारी योजना के लिए अपात्र हैं।
  • e-KYC न कराना: बार-बार अलर्ट के बावजूद निर्धारित अंतिम तिथि तक आधार ई-केवाईसी न कराने वाले लाभार्थियों के नाम अस्थायी रूप से हटा दिए जाते हैं।
  • फर्जी खतौनी या एक ही जमीन पर कई दावे: यदि खतौनी में फर्जीवाड़ा पाया जाता है या एक ही परिवार के कई सदस्यों ने अलग-अलग आवेदन किया होता है।
📌 काम की बात: अपना व्यक्तिगत स्टेटस और कारण जानने के लिए रजिस्ट्रेशन नंबर से स्टेटस जांचें।

4. गांव के कृषि सलाहकार या पटवारी से मिलकर लिस्ट में नाम दोबारा जुड़वाने की प्रक्रिया

यदि आप एक वास्तविक पात्र किसान हैं और आपका नाम कट गया है, तो पुनः नाम दर्ज कराने के चरणबद्ध नियम:

  • दस्तावेज तैयार करें: अपनी नवीनतम कंप्यूटरीकृत खतौनी नकल, आधार कार्ड की छायाप्रति, बैंक पासबुक और स्वयं घोषणा पत्र (Affidavit) तैयार करें।
  • लेखपाल/पटवारी सत्यापन: अपने क्षेत्र के लेखपाल से खतौनी पर अपनी भूमि और जोत का भौतिक सत्यापन करवाएं।
  • ब्लॉक कृषि अधिकारी के पास फाइल जमा: विकास खंड के सहायक विकास अधिकारी (कृषि - ADO Ag) या उप कृषि निदेशक (DAO) कार्यालय में फाइल जमा करें।
  • पोर्टल पर री-एक्टिवेशन: जिला नोडल अधिकारी द्वारा पोर्टल पर 'Re-consider Eligibility' विकल्प से डाटा अप्रूव करते ही अगली सूची में आपका नाम पुनः शामिल हो जाएगा।

5. आम समस्याएं और समाधान (Citizen & Farmer Troubleshooting)

ग्राम सूची देखते समय आने वाली परेशानियां और उनके समाधान:

  • समस्या 1: गांव का नाम ड्रॉपडाउन में न दिखना: कई बार नए परिसीमन या राजस्व गांव और ग्राम पंचायत का नाम अलग होने के कारण ऐसा होता है। अपनी खतौनी में दर्ज मूल 'मौजा' का नाम चुनें, ग्राम पंचायत का नाम नहीं।
  • समस्या 2: सर्वर टाइमआउट या 'No Records Found': अत्यधिक ट्रैफिक होने पर ऐसा संदेश आ सकता है। पेज को रिफ्रेश करें या कुछ समय बाद पुनः प्रयास करें।
  • समस्या 3: सूची में नाम है लेकिन बैंक में पैसा नहीं आया: यदि लिस्ट में नाम है लेकिन किस्त नहीं आई, तो इसका मतलब है कि बैंक खाते में डीबीटी (NPCI) मैपिंग इनएक्टिव है। बैंक जाकर तुरंत आधार सीडिंग कराएं।

6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

प्रश्न 1: ग्रामवार सूची देखने के लिए क्या कोई फीस लगती है?
उत्तर: बिल्कुल नहीं। यह भारत सरकार के पोर्टल पर 100% निशुल्क सार्वजनिक सेवा है।

प्रश्न 2: गांव की लिस्ट में नाम होने का क्या यह मतलब है कि किस्त जरूर आएगी?
उत्तर: हाँ, सूची में नाम होना इस बात का प्रमाण है कि आप प्रशासनिक रूप से पात्र हैं। केवल आपका बैंक खाता आधार से डीबीटी एक्टिव होना चाहिए।

प्रश्न 3: क्या सीएससी सेंटर से पूरी गांव की लिस्ट का प्रिंटआउट मिल सकता है?
उत्तर: हाँ, कोई भी सीएससी वीएलई पोर्टल से आपके गांव की लिस्ट डाउनलोड करके प्रिंट निकाल कर दे सकता है।

🔗 उपयोगी लिंक्स:
सूचनात्मक डिस्क्लेमर (E-E-A-T Compliance): यह जानकारी भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in के ग्रामवार डेटा मॉड्यूल के आधार पर तैयार की गई है। किसी भी सहायता हेतु हमेशा टोल-फ्री 155261 अथवा आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. ग्रामवार सूची देखने के लिए क्या कोई फीस लगती है?

A. बिल्कुल नहीं। यह भारत सरकार के पोर्टल पर 100% निशुल्क सार्वजनिक सेवा है जिसे कोई भी देख सकता है।

Q. गांव की लिस्ट में नाम होने का क्या यह मतलब है कि किस्त जरूर आएगी?

A. हाँ, सूची में नाम होना इस बात का प्रमाण है कि आप पात्र हैं। केवल आपका बैंक खाता आधार से डीबीटी एक्टिव होना चाहिए।

Q. क्या सीएससी सेंटर से पूरी गांव की लिस्ट का प्रिंटआउट मिल सकता है?

A. हाँ, कोई भी सीएससी वीएलई पोर्टल से आपके गांव की लिस्ट डाउनलोड करके प्रिंट निकाल कर दे सकता है।

क्या यह जानकारी आपके लिए उपयोगी रही?

अपने दोस्तों, परिजनों और ग्रुप्स में इस महत्वपूर्ण जानकारी को तुरंत शेयर करें:

💬 WhatsApp पर शेयर करें 📢 चैनल जॉइन करें
💬 WhatsApp शेयर 🔔 WhatsApp चैनल जॉइन करें