रबी फसलों (गेहूं, सरसों, चना) की बुवाई का सीजन शुरू होते ही हर किसान को रोटावेटर, सुपर सीडर, कल्टीवेटर या लेजर लैंड लेवलर की जरूरत होती है। बाजार में इन आधुनिक मशीनों की कीमतें ₹1 लाख से लेकर ₹3 लाख तक हैं, जिसे खरीदना हर छोटे किसान के बस की बात नहीं होती। इसी बोझ को हल्का करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (SMAM) के तहत किसानों को 50% तक की छूट पर ये यंत्र उपलब्ध करा रही हैं। लेकिन ज्यादातर किसान यह नहीं जानते कि अब ब्लॉक में किसी बाबू से मिलने से काम नहीं बनता—सब्सिडी पाने का पूरा खेल ऑनलाइन टोकन और ई-लॉटरी पर आ चुका है।
💡 AEO सीधा जवाब (Quick Answer)
कृषि यंत्र सब्सिडी योजना 2026 के तहत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर 40% से 50% और कस्टम हायरिंग सेंटर पर ₹3.25 लाख से ₹5 लाख तक की सरकारी सब्सिडी दी जाती है। अब चयन 'पहले आओ-पहले पाओ' के बजाय पूरी तरह पारदर्शी 'ई-लॉटरी' प्रणाली से होता है। पोर्टल पर ऑनलाइन टोकन बुक करते समय यंत्र के अनुसार ₹2,500 से ₹5,000 की धरोहर राशि (Security Money) ऑनलाइन जमा करनी होती है। लॉटरी में नाम आने पर 30 दिनों के भीतर पंजीकृत डीलर से मशीन खरीदकर बिल अपलोड करना अनिवार्य होता है।
1. काम की बात: कृषि यंत्र सब्सिडी योजना क्या है और किन मशीनों पर कितना पैसा मिलता है?
पहले कृषि यंत्रों की सब्सिडी में भारी धांधली होती थी—टोकन खुलते ही 2 मिनट में सर्वर क्रैश हो जाता था और सारे टोकन बिचौलिए दबा लेते थे। इस भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार ने ई-लॉटरी व्यवस्था लागू कर दी है। अब टोकन बुकिंग विंडो 7 से 10 दिनों तक खुली रहती है। जितने भी किसान आवेदन करते हैं, उनके बीच कंप्यूटर रैंडम लॉटरी निकालता है जिसका सीधा प्रसारण यूट्यूब और जिला कलेक्ट्रेट में होता है।
सब्सिडी दो श्रेणियों में मिलती है:
- एकल कृषि यंत्र (Individual Implements): व्यक्तिगत किसानों के लिए रोटावेटर, रीपर, कल्टीवेटर, डिस्क हैरो, पॉवर टिलर आदि पर 40% से 50% की सब्सिडी।
- कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC / Farm Machinery Bank): किसान उत्पादक संगठनों (FPO) या किसान समूहों को एक साथ 4 से 6 बड़ी मशीनें और ट्रैक्टर खरीदने पर ₹3.25 लाख से ₹5.00 लाख तक का एकमुश्त भारी अनुदान।
2. 5-कॉलम फैक्ट्स प्रोफाइल: मुख्य यंत्र, अधिकतम सब्सिडी व टोकन सिक्योरिटी राशि
| यंत्र का नाम | अनुमानित बाजार मूल्य | सब्सिडी प्रतिशत | अधिकतम सरकारी छूट | टोकन जमानत राशि (Refundable) |
|---|---|---|---|---|
| रोटावेटर (6 से 7 फीट) | ₹1,10,000 – ₹1,35,000 | 40% से 50% | ₹45,000 – ₹55,000 | ₹2,500 ऑनलाइन जमा |
| सुपर सीडर / हैप्पी सीडर | ₹2,20,000 – ₹2,60,000 | 50% | ₹1,05,000 – ₹1,25,000 | ₹5,000 ऑनलाइन जमा |
| लेजर लैंड लेवलर | ₹3,20,000 – ₹3,80,000 | 40% से 50% | ₹1,50,000 तक | ₹5,000 ऑनलाइन जमा |
| कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) | ₹10,00,000 तक प्रोजेक्ट | 40% | ₹3,25,000 – ₹4,00,000 | ₹10,000 ऑनलाइन ड्राफ्ट/चालान |
3. पात्रता की शर्तें: कौन-से किसान आवेदन कर सकते हैं?
- किसान पंजीकरण: आवेदक किसान का राज्य के कृषि विभाग पोर्टल (जैसे यूपी में
upagriculture.com, बिहार मेंdbtagriculture.bihar.gov.in) पर किसान पंजीकरण (Farmer ID) होना अनिवार्य है। - भूमि स्वामित्व: किसान के नाम पर या पारिवारिक खतौनी में कृषि भूमि दर्ज होनी चाहिए। छोटे यंत्रों के लिए भूमि सीमा की कोई बाध्यता नहीं है, लेकिन बड़े यंत्रों के लिए किसान के पास कम से कम 2 हेक्टेयर भूमि या ट्रैक्टर का आरसी (RC) होना चाहिए।
- पुराने लाभ की समय-सीमा: किसान ने पिछले 3 वर्षों के दौरान उसी यंत्र पर सरकारी सब्सिडी न ली हो। (जैसे अगर आपने 2024 में रोटावेटर पर सब्सिडी ली थी, तो आप 2026 में रोटावेटर के लिए पात्र नहीं होंगे, लेकिन सुपर सीडर के लिए आवेदन कर सकते हैं)।
4. ऑनलाइन टोकन कैसे बुक करें? (कृषि विभाग DBT पोर्टल की पूरी प्रक्रिया)
- आधिकारिक कृषि पोर्टल पर जाएं: अपने राज्य के कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (उदा.
upagriculture.com) खोलें। - 'यंत्र पर अनुदान हेतु टोकन निकालें' लिंक चुनें: होमपेज पर एक्टिव लिंक पर क्लिक करें।
- किसान पंजीकरण संख्या दर्ज करें: अपना 12 या 14 अंकों का किसान रजिस्ट्रेशन नंबर डालें और खोजें। आपकी जमीन और बैंक विवरण स्क्रीन पर आ जाएगा।
- यंत्र का चयन करें: ड्रॉप-डाउन मेन्यू से उस यंत्र का चयन करें जिसकी आपको जरूरत है।
- जमानत धनराशि का ऑनलाइन भुगतान: पोर्टल पर नेट बैंकिंग, यूपीआई या क्रेडिट/डेबिट कार्ड से निर्धारित सिक्योरिटी फीस (₹2,500 या ₹5,000) का ऑनलाइन भुगतान करें और टोकन रसीद प्रिंट कर लें।
5. ई-लॉटरी के बाद क्या करना होता है? (खरीद, भौतिक सत्यापन व बिल अपलोड)
लॉटरी में नाम आते ही आपके मोबाइल पर एसएमएस (SMS) आता है। इसके बाद आपको यह 4 काम निर्धारित समय-सीमा में पूरे करने होते हैं:
- पंजीकृत डीलर से खरीद: कृषि विभाग के पोर्टल पर रजिस्टर्ड निर्माताओं/डीलरों की सूची में से किसी भी डीलर से यंत्र खरीदें। कच्चा या बिना जीएसटी वाला बिल मान्य नहीं होगा।
- जीएसटी बिल व चेसिस नंबर: बिल पर यंत्र का सीरियल नंबर, चेसिस नंबर और किसान का नाम बिल्कुल खतौनी और आधार जैसा होना चाहिए।
- पोर्टल पर अपलोड: 30 दिनों के भीतर पोर्टल पर बिल और चालान की स्कैन कॉपी अपलोड करें।
- भौतिक सत्यापन (Physical Verification): ब्लॉक या तहसील के कृषि रक्षा अधिकारी/प्राविधिक सहायक आपके घर या खेत पर आकर यंत्र की फोटो खींचेंगे और चेसिस नंबर का मिलान करेंगे। रिपोर्ट लगते ही 15 दिनों में सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में क्रेडिट हो जाएगी।
6. जमानत राशि फंसने या रिजेक्ट होने से कैसे बचाएं? (4 मुख्य सावधानियां)
⚠️ किसान भाई इन 4 गलतियों से बिल्कुल बचें:
1. गैर-मान्यता प्राप्त डीलर से न खरीदें: केवल उसी डीलर से खरीदें जो पोर्टल पर 'Approved Vendor' के रूप में दर्ज हो, वरना ₹1 की भी सब्सिडी नहीं मिलेगी।
2. 30 दिन की डेडलाइन न चूकें: यदि लॉटरी में नाम आने के 30 दिनों के अंदर बिल अपलोड नहीं किया गया, तो आपका टोकन अपने आप निरस्त हो जाएगा और जमा की गई ₹2,500 की जमानत राशि भी जब्त हो जाएगी।
3. बैंक खाते में एनपीसीआई मैपिंग: सब्सिडी का पैसा सीधे आधार से जुड़े खाते में आता है, इसलिए सुनिश्चित करें कि बैंक खाता सक्रिय हो।
4. यदि लॉटरी में नाम न आए: निराश न हों, लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के 15 दिनों के भीतर आपकी पूरी सिक्योरिटी मनी स्वतः आपके उसी बैंक खाते में वापस आ जाती है।
7. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्र.1: क्या किराए पर खेती करने वाले (बटाईदार) किसान भी यंत्र सब्सिडी ले सकते हैं?
उत्तर: सामान्य तौर पर सब्सिडी भू-स्वामी (Land Owner) किसान के नाम पर ही जारी होती है क्योंकि खतौनी का मिलान अनिवार्य है। बटाईदार किसान यदि कृषि समूह या एफपीओ का हिस्सा हैं, तो वे कस्टम हायरिंग सेंटर योजना के माध्यम से लाभ उठा सकते हैं।
प्र.2: क्या ट्रैक्टर पर भी सीधी 50% सब्सिडी मिलती है?
उत्तर: व्यक्तिगत किसान के लिए सामान्य ट्रैक्टर पर सब्सिडी कुछ विशेष पूर्वोत्तर या आदिवासी क्षेत्रों तक सीमित है। सामान्य राज्यों में ट्रैक्टर पर सब्सिडी 'कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC)' या 'फार्म मशीनरी बैंक' प्रोजेक्ट के तहत पूरे पैकेज के साथ दी जाती है।