यदि आपके पास या आपके परिवार में किसी के पास D.Pharm या B.Pharm की डिग्री है (या आप किसी रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट को नियुक्त कर सकते हैं), तो आप भारत सरकार की योजना के अंतर्गत अपना स्वयं का प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र मेडिकल स्टोर खोल सकते हैं। इसके लिए न्यूनतम 120 वर्गफुट की व्यावसायिक दुकान (स्वयं की या किराए की) आवश्यक होती है। सरकार केंद्र संचालक को दवाओं की बिक्री पर 20% का सीधा रिटेल मार्जिन और मासिक खरीद पर 15% की दर से अधिकतम ₹5 लाख तक का सरकारी वित्तीय प्रोत्साहन (Incentive) प्रदान करती है। महिला उद्यमियों, दिव्यांगों, एससी/एसटी और आकांक्षी जिलों के आवेदकों को फर्नीचर व कंप्यूटर हेतु ₹2 लाख की अतिरिक्त एकमुश्त प्रतिपूर्ति (Reimbursement) भी दी जाती है।
1. जन औषधि केंद्र खोलने की योजना क्या है और इसमें कितना मुनाफा है?
प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) के तहत सरकार का लक्ष्य देश के हर प्रखंड, तहसील और ग्रामीण कस्बे में जन औषधि केंद्र स्थापित करना है ताकि आम नागरिकों को सस्ती दवाएं मिल सकें और युवाओं को फार्मा स्वरोजगार का अवसर प्राप्त हो।
सामान्य मेडिकल स्टोर खोलने में ₹15 से ₹20 लाख की भारी पूंजी लगती है और कंपनियों से क्रेडिट पाना मुश्किल होता है, जबकि जन औषधि केंद्र मात्र ₹2.5 से ₹3 लाख की न्यूनतम दवा इन्वेंट्री के साथ शुरू किया जा सकता है। सरकार द्वारा सॉफ्टवेयर (POS Billing Tool) पूरी तरह मुफ्त दिया जाता है और हर महीने की बिक्री पर 20% का शुद्ध मार्जिन सीधे केंद्र संचालक का लाभ होता है। यदि कोई केंद्र महीने में ₹3 लाख की दवाइयां बेचता है, तो उसे ₹60,000 का रिटेल लाभ और ₹15,000 से ₹20,000 का अतिरिक्त सरकारी इंसेंटिव मिलता है, यानी कुल मासिक आय ₹75,000 से ₹80,000 तक आसानी से हो जाती है।
2. 5-कॉलम आवेदक श्रेणियां, पात्रता व सरकारी वित्तीय सहायता मैट्रिक्स
3. जन औषधि केंद्र खोलने के लिए आवश्यक दस्तावेज़ चेकलिस्ट
- फार्मासिस्ट का पंजीकरण प्रमाण पत्र: राज्य फार्मेसी काउंसिल (State Pharmacy Council) का वैध रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट व B.Pharm / D.Pharm डिग्री।
- पहचान व निवास प्रमाण: आवेदक का आधार कार्ड व पैन कार्ड।
- दुकान का मालिकाना हक या रेंट एग्रीमेंट: कम से कम 120 वर्गफुट की दुकान का बैनामा (सेल डीड) अथवा 3 से 5 साल का नोटरी रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट।
- दुकान का नक्शा व फोटो: दुकान का लेआउट प्लान और सामने का स्पष्ट फोटो।
- बैंक खाता व वित्तीय साक्ष्य: आवेदक का कैंसिल चेक या पिछले 6 माह का बैंक स्टेटमेंट (पर्याप्त कार्यशील पूंजी प्रमाण)।
- ड्रग लाइसेंस (आवेदन के बाद): सैद्धांतिक स्वीकृति (In-Principle Approval) मिलने के बाद राज्य औषधि नियंत्रण विभाग (Drug Department) से जारी रिटेल ड्रग लाइसेंस (Form 20 व 21)।
- आवेदन शुल्क: ₹5,000 की नॉन-रिफंडेबल सरकारी आवेदन फीस (महिला, एससी/एसटी व आकांक्षी जिलों के लिए विशेष छूट नियमानुसार)।
4. जन औषधि केंद्र ऑनलाइन आवेदन करने की 5-चरणीय SOP
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आधिकारिक PMBI पोर्टल पर जाएं:
ब्राउज़र मेंjanaushadhi.gov.inखोलें। होमपेज पर ऊपर दिए गए "Apply For Kendra" लिंक पर क्लिक करें। -
नया रजिस्ट्रेशन करें:
'New User Registration' पर क्लिक करें। अपना नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, राज्य और जिला चुनकर OTP से मोबाइल नंबर सत्यापित करें। आपकी लॉगिन आईडी और पासवर्ड स्क्रीन पर आ जाएगा। -
आवेदन पत्र (Application Form) भरें:
पोर्टल में लॉगिन करें और 4 भागों में फॉर्म भरें:- (i) Personal Details: आवेदक का विवरण व श्रेणी (Individual / Pharmacist / Women / SC-ST)।
- (ii) Proposed Location: दुकान का पूरा पता, पिनकोड, क्षेत्रफल (कम से कम 120 वर्गफुट) और मालिकाना स्थिति।
- (iii) Pharmacist Details: फार्मासिस्ट का नाम, काउंसिल रजिस्ट्रेशन नंबर और वैधता तिथि।
- (iv) Upload Documents: आधार, पैन, दुकान दस्तावेज और फार्मासिस्ट प्रमाण पत्र की PDF अपलोड करें।
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आवेदन फीस का ऑनलाइन भुगतान व सबमिशन:
₹5,000 की आवेदन फीस का ऑनलाइन भुगतान (नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, यूपीआई) करें और फॉर्म को फाइनल सबमिट करें। आपको एक Application Tracking Reference Number प्राप्त होगा। -
इन-प्रिंसिपल अप्रूवल (IPA) व ड्रग लाइसेंस प्राप्त करें:
PMBI अधिकारियों द्वारा आपके दस्तावेजों की जांच की जाएगी (समय: 10 से 15 दिन)। स्वीकृति मिलने पर पोर्टल से In-Principle Approval (IPA) Letter डाउनलोड करें। इस पत्र के आधार पर अपने जिले के ड्रग इंस्पेक्टर (Drug Inspector) के पास फॉर्म 20 व 21 ड्रग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करें। ड्रग लाइसेंस मिलने के बाद PMBI के साथ अनुबंध (Agreement) साइन करें और ₹2.5 लाख की शुरुआती दवाओं का आर्डर देकर दुकान शुरू करें।
5. सरकारी वित्तीय सहायता व इंसेंटिव कैसे और कब मिलता है?
💰 ₹5 लाख प्रोत्साहन राशि का भुगतान नियम
1. मासिक खरीद का 15%: केंद्र संचालक PMBI के सेंट्रल वेयरहाउस से हर महीने जितनी भी दवाइयां खरीदता है, उसका 15% सरकारी इंसेंटिव के रूप में सीधे उसके बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाता है।
2. अधिकतम मासिक सीमा: यह इंसेंटिव अधिकतम ₹20,000 प्रति माह तक दिया जाता है।
3. कुल अवधि: यह प्रोत्साहन तब तक मिलता रहता है जब तक कि कुल ₹5.00 लाख की राशि पूरी न हो जाए (लगभग 25 से 30 महीने)।
4. विशेष अतिरिक्त सब्सिडी: महिला/एससी/एसटी वर्ग को मिलने वाली ₹2.00 लाख की अतिरिक्त राशि दुकान का इंटीरियर और बिलिंग कंप्यूटर लगाने के बाद बिल प्रस्तुत करने पर एकमुश्त प्रतिपूर्ति की जाती है।
6. महत्वपूर्ण आधिकारिक संपर्क सूत्र व शिकायत निवारण
- PMBI कॉर्पोरेट कार्यालय: 8वां तल, वीडियोकॉन टॉवर, ब्लॉक ई-1, झंडेवालान एक्सटेंशन, नई दिल्ली - 110055
- टोल-फ्री हेल्पडेस्क:
1800 180 8080(आवेदन संबंधी सभी सवालों के लिए) - आधिकारिक पोर्टल:
janaushadhi.gov.in - ईमेल सपोर्ट:
apply@janaushadhi.gov.in/pmbi@janaushadhi.gov.in