यह खबर सीधे तौर पर उपयोगी है: देश के उन सभी किसान परिवारों के लिए जिनकी पिछली किस्तें रुक गई हैं, जिनका स्टेटस 'Rft Signed by State' या 'FTO Not Generated' पर अटका है, या जो बिना किसी दलाल के घर बैठे अपने मोबाइल से स्टेटस सुधारना चाहते हैं।
1. पीएम किसान सम्मान निधि का नया अपडेट: किन किसानों को नहीं मिलेगा पैसा?
सरकार ने पीएम किसान के पोर्टल को पूरी तरह डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टेट लैंड रिकॉर्ड्स से एकीकृत कर दिया है। अब केंद्र सरकार से किस्त जारी होने से पहले ऑटोमैटिक सिस्टम तीन चीजों की जांच करता है:
- 1. ई-केवाईसी (e-KYC): यदि किसान ने फेस ऑथेंटिकेशन या ओटीपी से ई-केवाईसी नहीं कराई है, तो सिस्टम मान लेता है कि खाता निष्क्रिय है।
- 2. लैंड सीडिंग (Land Seeding): किसान के नाम पर जमीन की खतौनी राज्य के भूलेख पोर्टल पर एक्टिव रूप से सत्यापित होनी चाहिए। वरासत दर्ज न होने या संयुक्त खाते में हिस्सेदारी स्पष्ट न होने पर यह 'NO' हो जाता है।
- 3. आधार-सीडेड डीबीटी बैंक खाता: पैसा बैंक खाता संख्या पर नहीं, बल्कि आधार नंबर (ABPS) के जरिए भेजा जाता है। यदि बैंक में आधार लिंक है लेकिन NPCI मैपर पर डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) सक्रिय नहीं है, तो पैसा बाउंस हो जाता है।
2. 'Know Your Status' पोर्टल पर अपना स्टेटस कैसे देखें? (30 सेकंड का प्रोसेस)
अपने घर बैठे मोबाइल से स्टेटस जांचने के लिए किसी सीएससी केंद्र जाने की जरूरत नहीं है:
- अपने मोबाइल ब्राउज़र में आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in खोलें।
- होमपेज पर 'Farmers Corner' सेक्शन में जाएं और 'Know Your Status' बटन पर क्लिक करें।
- अपना पीएम किसान Registration Number और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज करें। (यदि रजिस्ट्रेशन नंबर याद नहीं है, तो ऊपर 'Know Your Registration Number' पर क्लिक कर अपने मोबाइल या आधार नंबर से तुरंत निकालें)।
- 'Get Data' पर क्लिक करें। आपकी स्क्रीन पर व्यक्तिगत विवरण, पात्रता स्थिति (Eligibility Status) और पिछली किस्तों का पूरा ब्योरा आ जाएगा।
- यहां 'Eligibility Status' वाले टैब पर विशेष ध्यान दें। यदि वहां तीनों विकल्पों (Land Seeding, e-KYC, Aadhaar Bank Account Seeding) के सामने हरा टिक और 'YES' लिखा है, तो निश्चिंत रहें—आपकी किस्त सीधे बैंक खाते में आएगी। यदि किसी एक में भी लाल रंग से 'NO' लिखा है, तो नीचे दिए गए समाधान पर तुरंत अमल करें।
3. समस्या 1: Land Seeding 'NO' दिखने पर पटवारी/तहसील से कैसे ठीक कराएं?
किसानों को सबसे अधिक परेशानी लैंड सीडिंग को लेकर आती है। कई बार किसान के पास वैध जमीन होती है, लेकिन पोर्टल पर 'NO' प्रदर्शित होता है। इसे ठीक कराने का प्रामाणिक सरकारी तरीका निम्नलिखित है:
- आवश्यक दस्तावेज तैयार करें: अपनी जमीन की नवीनतम खतौनी (तहसील या जनसेवा केंद्र से प्रमाणित कंप्यूटरीकृत नकल), आधार कार्ड की फोटोकॉपी, पीएम किसान स्टेटस का प्रिंटआउट और बैंक पासबुक की प्रतिलिपि।
- हल्का पटवारी / लेखपाल से संपर्क: अपने गांव के हल्का लेखपाल (पटवारी) से मिलें और अपनी खतौनी पर उनकी सत्यापन रिपोर्ट (हस्ताक्षर व मुहर) लगवाएं कि यह जमीन आपके नाम पर सक्रिय रूप से दर्ज है।
- तहसील नोडल अधिकारी के पास जमा करना: सत्यापित कागजात तहसील में नियुक्त पीएम किसान नोडल अधिकारी या उप कृषि निदेशक (AD Agriculture) कार्यालय में जमा करें।
- पोर्टल पर अपलोड: तहसील ऑपरेटर आपके भूलेख रिकॉर्ड को राज्य के एग्री-स्टैक/भूलेख पोर्टल से मैच करके पीएम किसान पोर्टल पर 'Yes' मार्क कर देगा। इस प्रक्रिया में 7 से 15 दिन का समय लगता है।
4. समस्या 2: e-KYC अधूरी होना - 'PM Kisan GOI' ऐप से बिना ओटीपी चेहरा स्कैन कर ई-केवाईसी
यदि आपके आधार कार्ड में मोबाइल नंबर लिंक नहीं है या लिंक मोबाइल बंद हो चुका है, तो भी आपको परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। भारत सरकार ने चेहरे की पहचान तकनीक (Face Authentication) शुरू की है:
मोबाइल कैमरे से फेस ई-केवाईसी करने का 2 मिनट का तरीका:
1. गूगल प्ले स्टोर से दो आधिकारिक ऐप्स डाउनलोड करें: 'PM Kisan GOI' और यूआईडीएआई का 'Aadhaar FaceRD' ऐप।
2. पीएम किसान ऐप खोलें और किसान के आधार नंबर व रजिस्ट्रेशन नंबर से लॉगिन करें।
3. 'e-KYC by Face Authentication' विकल्प पर क्लिक करें।
4. मोबाइल का फ्रंट कैमरा खुलेगा। किसान को अच्छी रोशनी में सामने खड़ा करें और कैमरे में देखने को कहें। ऐप आंखें झपकाने (Blink) का निर्देश देगा।
5. चेहरा स्कैन होते ही स्क्रीन पर 'e-KYC Completed Successfully' का मैसेज आ जाएगा और पोर्टल पर स्टेटस तुरंत 'YES' में बदल जाएगा।
5. समस्या 3: आधार बैंक सीडिंग 'NO' होना - बैंक जाकर डीबीटी इनेबल्ड फॉर्म कैसे भरें?
कई किसान सोचते हैं कि उनके खाते में आधार कार्ड लिंक है तो पैसा आ जाएगा। लेकिन बैंक में सामान्य 'आधार लिंकिंग' और सरकारी योजनाओं के लिए 'NPCI DBT Seeding' दोनों अलग-अलग चीजें हैं:
- बैंक शाखा जाकर समाधान: अपनी संबंधित बैंक शाखा में जाएं और काउंटर पर कहें कि मुझे 'NPCI Aadhaar Mapping / DBT Enable' कराना है। वहां एक पेज का मैंडेट फॉर्म भरें और अपनी बायोमेट्रिक अंगूठा लगाकर सीडिंग कराएं।
- सबसे तेज 24 घंटे का समाधान (डाकघर खाता): यदि आपकी बैंक शाखा का सर्वर धीमा है या कर्मचारी सहयोग नहीं कर रहे हैं, तो अपने नजदीकी डाकघर (Post Office) जाएं या डाकिया को घर बुलाएं। India Post Payments Bank (IPPB) में मात्र ₹100 से नया खाता खुलवाएं और डाकिया से कहें कि इसे 'डीबीटी इनेबल्ड' खाता बनाएं। डाकघर का खाता 2 घंटे में खुल जाता है और 24 घंटे के भीतर केंद्र सरकार के डीबीटी सिस्टम में स्वतः प्राथमिक खाता बन जाता है।
6. नया किसान रजिस्ट्रेशन: क्या नए आवेदन अभी स्वीकृत हो रहे हैं?
हाँ, जो किसान अभी तक योजना से वंचित हैं या जिनके नाम पर हाल ही में जमीन दर्ज हुई है, वे pmkisan.gov.in पर 'New Farmer Registration' पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए जमीन का खसरा-खतौनी, आधार कार्ड और राशन कार्ड नंबर अनिवार्य है। आवेदन सबमिट होने के बाद पहले पटवारी, फिर जिला कृषि अधिकारी और अंत में राज्य नोडल एजेंसी द्वारा सत्यापन किया जाता है। सत्यापन पूर्ण होते ही किसान का नाम लाभार्थी सूची में जुड़ जाता है।
7. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या पति और पत्नी दोनों को एक साथ पीएम किसान का पैसा मिल सकता है?
नहीं। पीएम किसान योजना के नियमों के अनुसार 'परिवार' की परिभाषा में पति, पत्नी और अवयस्क बच्चे शामिल हैं। एक परिवार में केवल एक ही सदस्य (जिसके नाम पर कृषि भूमि है) को योजना का लाभ मिल सकता है। यदि दोनों आवेदन करते हैं, तो एक का आवेदन अपात्र मानकर निरस्त कर दिया जाएगा और रिकवरी भी हो सकती है।
Q2. जमीन नाम होने के कितने महीने बाद पीएम किसान में नाम जुड़ता है?
यदि आपने जमीन खरीदी है या वरासत से जमीन आपके नाम आई है, तो सरकारी कट-ऑफ तिथि (1 फरवरी 2019) के नियमों के अधीन होना चाहिए। वरासत के मामलों में जमीन नाम दर्ज होने और खतौनी में नाम चढ़ते ही आप तत्काल ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सत्यापन प्रक्रिया में सामान्यतः 30 से 45 दिन लगते हैं।
Q3. अगर मेरी 2 या 3 पुरानी किस्तें नहीं आई हैं तो क्या सुधार के बाद एक साथ ₹6,000 मिलेंगे?
हाँ। यदि आप वास्तविक रूप से पात्र किसान हैं और तकनीकी कारणों (जैसे आधार सीडिंग या लैंड सीडिंग पेंडिंग) से किस्तें रुकी थीं, तो जैसे ही आपका स्टेटस 'YES' होगा, आगामी किस्त जारी होने पर पिछली रुकी हुई सभी किस्तें एकमुश्त आपके बैंक खाते में क्रेडिट कर दी जाती हैं।
Q4. पीएम किसान हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके शिकायत कैसे दर्ज कराएं?
किसान भारत सरकार के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 155261 या 1800-115-526 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा पोर्टल पर 'Helpdesk - Know Query Status' विकल्प पर जाकर अपनी समस्या ऑनलाइन दर्ज कर शिकायत संख्या प्राप्त कर सकते हैं।