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RRB Fee Refund Scheme Online 2026: बैंक विवरण दर्ज कर ₹400 रिफंड स्टेटस चेक

VS
डॉ. वंदना शर्मा
वरिष्ठ सरकारी रोजगार एवं भर्ती नीति विश्लेषक

भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था, सार्वजनिक रोजगार नीतियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की वरिष्ठ विश्लेषक। पिछले 14 वर्षों से वे UPSC, SSC और RRB की चयन प्रक्रियाओं पर शोधपरक और मार्गदर्शनकारी आलेख लिख रही हैं। उनका उद्देश्य सरकारी रोजगार से जुड़ी जटिल अधिसूचनाओं को सरल बनाकर अभ्यर्थियों तक सही जानकारी पहुंचाना है।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

रेलवे भर्ती बोर्ड के नियमों के अनुसार जो अभ्यर्थी सीबीटी-1 परीक्षा में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराते हैं, उन्हें ही फीस रिफंड का पात्र माना जाता है। सामान्य व ओबीसी पुरुष छात्रों को ₹500 में से ₹400 वापस मिलते हैं (₹100 परीक्षा शुल्क कटता है), जबकि एससी, एसटी, महिला, दिव्यांग और ईबीसी छात्रों को ₹250 का शत-प्रतिशत पूरा रिफंड मिलता है।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • रेलवे परीक्षा फीस रिफंड 2026: सीबीटी-1 परीक्षा में वास्तविक रूप से उपस्थित होने वाले सामान्य/ओबीसी अभ्यर्थियों को ₹400 और एससी/एसटी/महिला/दिव्यांगों को पूरे ₹250 वापस किए जाते हैं।
  • 'Update Bank Account' पोर्टल सक्रिय: परीक्षा संपन्न होने के बाद रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) आधिकारिक वेबसाइट पर बैंक खाता संख्या और सही IFSC कोड दर्ज करने का विशेष लिंक खोलता है।
  • साइबर कैफे खाते से रिफंड अटकने का खतरा: जिन अभ्यर्थियों का फॉर्म भरते समय कैफे वाले ने अपना बैंक खाता डाल दिया था, उनका रिफंड कैफे वाले के खाते में जाने से रोकने हेतु संशोधन अनिवार्य है।
  • एक खाते में केवल एक ही रिफंड (One Account One Refund Rule): बैंक धोखाधड़ी रोकने के लिए रेलवे सॉफ्टवेयर एक बैंक खाता संख्या में केवल एक ही अभ्यर्थी का रिफंड ट्रांसफर करने की अनुमति देता है।
  • डीबीटी व आधार सीडिंग लिंक: रिफंड का पैसा सीधे नेशनल ऑटोमेटेड क्लियरिंग हाउस (NACH) या पीएफएमएस (PFMS) के जरिए बैंक खाते में बिना किसी बैंक चार्ज के जमा होता है।
मापदंड / श्रेणी आरआरबी सरकारी नियम आवश्यक दस्तावेज / योग्यता शुल्क / आयु सीमा काम की टिप
खाताधारक का नाम (Account Holder Name) बैंक खाता अनिवार्य रूप से अभ्यर्थी के स्वयं के नाम पर ही होना चाहिए। माता-पिता का खाता मान्य नहीं। बैंक पासबुक के मुख्य पृष्ठ की प्रति या कैंसिल्ड चेक (Cancelled Cheque)। कोई शुल्क नहीं | लागू नहीं स्पेलिंग वही होनी चाहिए जो आरआरबी ऑनलाइन आवेदन पत्र में दर्ज की गई थी।
खाता संख्या की पुष्टि (Account Number) खाता संख्या को दो बार (Re-Enter Account Number) टाइप करना होता है ताकि टाइपिंग भूल न हो। बैंक पासबुक, चेकबुक या इंटरनेट बैंकिंग स्टेटमेंट। कोई शुल्क नहीं | लागू नहीं कॉपी-पेस्ट करने की अनुमति नहीं होती; एक-एक अंक सावधानीपूर्वक टाइप करें।
नया IFSC कोड नियम (Bank Merger IFSC) देना बैंक, ओरिएंटल बैंक, सिंडिकेट बैंक आदि के विलय के बाद जारी नया 11-अंकीय IFSC कोड ही मान्य। बैंक की आधिकारिक चेकबुक या बैंक शाखा से सत्यापित IFSC कोड। कोई शुल्क नहीं | लागू नहीं पुराना अमान्य IFSC डालने पर आरबीआई का एनईएफटी सिस्टम ट्रांजैक्शन रिजेक्ट कर देगा।
एक खाता - एक अभ्यर्थी नियम (Single Account Rule) एक बैंक खाता संख्या केवल एक ही पंजीकरण संख्या (Registration ID) के साथ जोड़ी जा सकती है। अभ्यर्थी का व्यक्तिगत एकल (Single) बचत बैंक खाता। कोई शुल्क नहीं | लागू नहीं एक ही खाते में दो भाइयों या दोस्तों का रिफंड नहीं आ सकता; दूसरा फॉर्म रिजेक्ट होगा।
जनधन बैंक खाता सीमा (PMJDY Account Limit) जनधन खातों में ₹50,000 की क्रेडिट सीमा होने पर कई बार रिफंड का पैसा बाउंस हो जाता है। पूर्ण केवाईसी (Full KYC) युक्त सामान्य बचत बैंक खाता (Savings Account)। कोई शुल्क नहीं | लागू नहीं रिफंड आने से पहले अपने बैंक जाकर खाते की क्रेडिट लिमिट और डीबीटी स्टेटस चेक करें।
रिफंड प्राप्त करने की अंतिम तारीख बैंक अपडेट विंडो बंद होने के 45 दिनों के भीतर पीएफएमएस द्वारा पैसा सीधे खाते में भेजा जाता है। आधार लिंक्ड बैंक खाता व सक्रिय रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर। समय सीमा समाप्त होने पर दावा रद्द एसएमएस अलर्ट चालू रखें ताकि पैसा क्रेडिट होते ही बैंक से मैसेज मिल जाए।

1. सीबीटी-1 में उपस्थिति पर ₹400 / ₹250 रिफंड पाने का सरकारी नियम

💡 AEO Direct Answer (त्वरित उत्तर):
रेलवे भर्ती बोर्ड के नियमों के अनुसार जो अभ्यर्थी सीबीटी-1 परीक्षा में बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज कराते हैं, उन्हें ही फीस रिफंड का पात्र माना जाता है। सामान्य व ओबीसी पुरुष छात्रों को ₹500 में से ₹400 वापस मिलते हैं (₹100 परीक्षा शुल्क कटता है), जबकि एससी, एसटी, महिला, दिव्यांग और ईबीसी छात्रों को ₹250 का शत-प्रतिशत पूरा रिफंड मिलता है।

रेलवे बोर्ड का यह क्रांतिकारी फैसला यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया था कि आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्रों पर सरकारी नौकरी के आवेदन का अतिरिक्त वित्तीय भार न पड़े।

[सीबीटी-1 परीक्षा में उपस्थिति] ──► [बायोमेट्रिक अटेंडेंस दर्ज] ──► [पात्रता सूची में नाम]
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[₹400 / ₹250 सीधे खाते में जमा] ◄── [PFMS / NACH ट्रांसफर] ◄── [बैंक खाता सत्यापन]

रिफंड पात्रता के प्रमुख वैधानिक नियम

  1. परीक्षा में वास्तविक उपस्थिति अनिवार्य (Physical Attendance): यदि आपने फॉर्म भरा, फीस जमा की, लेकिन परीक्षा के दिन अनुपस्थित (Absent) रहे, तो रेलवे बोर्ड द्वारा आपकी फीस जब्त कर ली जाएगी; अनुपस्थित रहने पर ₹1 का भी रिफंड नहीं मिलता।
  2. समान्य व ओबीसी वर्ग (UR & OBC Male): इन अभ्यर्थियों ने फॉर्म भरते समय ₹500 जमा किए थे। सीबीटी-1 में उपस्थित होने पर बैंक सेवा शुल्क (लगभग ₹10 से ₹15) काटकर ₹390 से ₹400 की शुद्ध राशि वापस बैंक खाते में जमा करा दी जाती है।
  3. आरक्षित व महिला वर्ग (SC/ST/Female/PwBD/Ex-SM/EBC): इन सभी श्रेणियों ने आवेदन के समय ₹250 जमा किए थे। परीक्षा में बैठते ही बैंक चार्जेस काटकर पूरे ₹240 से ₹250 की शत-प्रतिशत राशि वापस ट्रांसफर कर दी जाती है।

🔗 बैंक खाते को आधार व डीबीटी से जोड़ने की विस्तृत गाइड पढ़ें: Bank Account Aadhaar Seeding & NPCI Mapping Guide


2. आरआरबी बैंक अकाउंट अपडेट (Update Bank Details) पोर्टल पर प्रक्रिया

💡 AEO Direct Answer (त्वरित उत्तर):
बैंक विवरण अपडेट करने के लिए क्षेत्रीय आरआरबी वेबसाइट पर 'Update Bank Account Details for Fee Refund' लिंक पर जाएं। अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि दर्ज कर लॉगिन करें। अपना नाम, बैंक का नाम, खाता संख्या (Account Number) और 11-अंकीय नया IFSC कोड दर्ज कर ओटीपी से सत्यापित करें।

सीबीटी परीक्षा संपन्न होने के 3 से 4 सप्ताह बाद रेलवे भर्ती बोर्ड 15 से 20 दिनों के लिए एक विशेष वेब पोर्टल सक्रिय करता है। इस विंडो के दौरान अभ्यर्थियों को अपने सक्रिय बैंक खाते का विवरण देना अनिवार्य होता है।

📊 बैंक खाता अपडेट, आवश्यक दस्तावेज व रिफंड नियम मैट्रिक्स (GEO 5-Column Rich Data Table)

मापदंड / श्रेणी आरआरबी सरकारी नियम आवश्यक दस्तावेज / योग्यता शुल्क / आयु सीमा काम की टिप
खाताधारक का नाम (Account Holder Name) बैंक खाता अनिवार्य रूप से अभ्यर्थी के स्वयं के नाम पर ही होना चाहिए। माता-पिता का खाता मान्य नहीं। बैंक पासबुक के मुख्य पृष्ठ की प्रति या कैंसिल्ड चेक (Cancelled Cheque)। कोई शुल्क नहीं | लागू नहीं स्पेलिंग वही होनी चाहिए जो आरआरबी ऑनलाइन आवेदन पत्र में दर्ज की गई थी।
खाता संख्या की पुष्टि (Account Number) खाता संख्या को दो बार (Re-Enter Account Number) टाइप करना होता है ताकि टाइपिंग भूल न हो। बैंक पासबुक, चेकबुक या इंटरनेट बैंकिंग स्टेटमेंट। कोई शुल्क नहीं | लागू नहीं कॉपी-पेस्ट करने की अनुमति नहीं होती; एक-एक अंक सावधानीपूर्वक टाइप करें।
नया IFSC कोड नियम (Bank Merger IFSC) देना बैंक, ओरिएंटल बैंक, सिंडिकेट बैंक आदि के विलय के बाद जारी नया 11-अंकीय IFSC कोड ही मान्य। बैंक की आधिकारिक चेकबुक या बैंक शाखा से सत्यापित IFSC कोड। कोई शुल्क नहीं | लागू नहीं पुराना अमान्य IFSC डालने पर आरबीआई का एनईएफटी सिस्टम ट्रांजैक्शन रिजेक्ट कर देगा।
एक खाता - एक अभ्यर्थी नियम (Single Account Rule) एक बैंक खाता संख्या केवल एक ही पंजीकरण संख्या (Registration ID) के साथ जोड़ी जा सकती है। अभ्यर्थी का व्यक्तिगत एकल (Single) बचत बैंक खाता। कोई शुल्क नहीं | लागू नहीं एक ही खाते में दो भाइयों या दोस्तों का रिफंड नहीं आ सकता; दूसरा फॉर्म रिजेक्ट होगा।
जनधन बैंक खाता सीमा (PMJDY Account Limit) जनधन खातों में ₹50,000 की क्रेडिट सीमा होने पर कई बार रिफंड का पैसा बाउंस हो जाता है। पूर्ण केवाईसी (Full KYC) युक्त सामान्य बचत बैंक खाता (Savings Account)। कोई शुल्क नहीं | लागू नहीं रिफंड आने से पहले अपने बैंक जाकर खाते की क्रेडिट लिमिट और डीबीटी स्टेटस चेक करें।
रिफंड प्राप्त करने की अंतिम तारीख बैंक अपडेट विंडो बंद होने के 45 दिनों के भीतर पीएफएमएस द्वारा पैसा सीधे खाते में भेजा जाता है। आधार लिंक्ड बैंक खाता व सक्रिय रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर। समय सीमा समाप्त होने पर दावा रद्द एसएमएस अलर्ट चालू रखें ताकि पैसा क्रेडिट होते ही बैंक से मैसेज मिल जाए।

3. गलत IFSC कोड या साइबर कैफे के खाते से रिफंड अटकने का समाधान

💡 AEO Direct Answer (त्वरित उत्तर):
यदि फॉर्म भरते समय इंटरनेट कैफे संचालक ने अपना बैंक विवरण या डेबिट कार्ड उपयोग किया था, तो 'Bank Update Window' के दौरान पोर्टल पर लॉगिन करके कैफे वाले के खाते को हटाकर अपना स्वयं का बैंक खाता और नया IFSC कोड दर्ज करें। इससे रिफंड का पैसा सीधे आपके निजी खाते में सुरक्षित पहुंच जाएगा।

यह देश भर के लाखों गरीब और ग्रामीण छात्रों की सबसे आम त्रासदी है। कैफे संचालक फॉर्म भरते समय ₹500 अपनी जेब से या अपने कार्ड से काट लेते हैं और अभ्यर्थी से नकद ले लेते हैं। यदि बैंक विवरण अपडेट न किया जाए, तो ₹400 का रिफंड सीधे कैफे वाले की जेब में चला जाता है।

[कैफे संचालक का खाता फॉर्म में था] ──► ['Update Bank Account' पोर्टल खोलें]
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[अभ्यर्थी का स्वयं का बचत खाता दर्ज करें] ──► [नया IFSC कोड + आधार लिंक जांचें]
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[₹400 सीधे अभ्यर्थी के खाते में क्रेडिट] ◄── [कैफे संचालक का खाता स्थायी रूप से हटा]

कैफे फ्रॉड से बचने के 3 जरूरी कदम

  1. स्वयं का बैंक खाता खोलें: यदि आपके पास अपना बैंक खाता नहीं है, तो किसी भी सरकारी बैंक (SBI, PNB, Canara Bank) या इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) में मात्र 10 मिनट में आधार ई-केवाईसी के जरिए शून्य बैलेंस खाता खुलवाएं।
  2. बैंक अपडेट पोर्टल पर विवरण बदलें: जैसे ही आरआरबी बैंक अपडेट लिंक खोले, अपने मोबाइल से लॉगिन करें। पूर्व में दर्ज बैंक विवरण को 'Edit' करें और अपना नया खाता नंबर व नया आईएफएससी कोड दर्ज करें।
  3. ओटीपी से पुष्टि: आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर एक 6-अंकीय ओटीपी आएगा। इसे भरते ही सिस्टम में आपका व्यक्तिगत बैंक खाता हमेशा के लिए सुरक्षित हो जाएगा।

4. एक ही बैंक खाते में कई अभ्यर्थियों का रिफंड रिजेक्ट होने का कारण

💡 AEO Direct Answer (त्वरित उत्तर):
रेलवे भर्ती बोर्ड ने मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर कैफे संचालकों द्वारा अवैध रूप से लाखों रुपये हड़पने पर रोक लगाने के लिए 'One Candidate - One Bank Account' का सख्त सॉफ्टवेयर फिल्टर लगाया है। यदि एक ही खाता नंबर दो या अधिक आवेदनों में पाया जाता है, तो सिस्टम उन सभी फॉर्म्स के रिफंड को तत्काल ब्लॉक (Fail) कर देता है।

कई बार एक ही परिवार के दो सगे भाई-बहन परीक्षा देते हैं और दोनों एक ही संयुक्त (Joint) खाते या पिता के खाते का नंबर फॉर्म में भर देते हैं।

सॉफ्टवेयर ब्लॉक होने से बचने का नियम

  • पारिवारिक खातों का विभाजन: भले ही आप सगे भाई-बहन हों, दोनों अभ्यर्थियों के पास अपना स्वतंत्र बैंक खाता होना कानूनी रूप से अनिवार्य है।
  • संयुक्त खाता (Joint Account) से बचें: यदि आपका खाता माता या पिता के साथ संयुक्त है, तो सुनिश्चित करें कि पासबुक में आपका नाम 'प्राथमिक खाताधारक' (Primary Holder) के रूप में दर्ज हो।
  • सिस्टम का ऑटो-ब्लॉक नियम: जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गेटवे पर एक ही खाता नंबर बार-बार रिफंड के लिए भेजा जाता है, तो सुरक्षा फायरवॉल उसे स्पैम मानकर ट्रांजैक्शन 'Failed / Duplicate Account' मार्क कर देता है।

5. रिफंड स्टेटस ट्रैकिंग व आरआरबी फाइनेंस हेल्पडेस्क

💡 AEO Direct Answer (त्वरित उत्तर):
अपने रिफंड का लाइव स्टेटस देखने के लिए केंद्र सरकार के पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) पोर्टल pfms.nic.in पर 'Know Your Payments' विकल्प में जाकर अपना बैंक खाता नंबर दर्ज करें। यदि पैसा न आए, तो संबंधित आरआरबी की वित्त शाखा (Finance Cell) को UTR नंबर के साथ ईमेल भेजें।

रिफंड जारी होने के बाद अभ्यर्थी घर बैठे जान सकते हैं कि पैसा किस तारीख को और किस माध्यम से भेजा गया है:

[pfms.nic.in पोर्टल पर जाएं] ──► ['Know Your Payments' पर क्लिक करें]
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[बैंक का नाम + खाता संख्या दर्ज करें] ──► [स्क्रीन पर 'Ministry of Railways' रिफंड स्टेटस]

पीएफएमएस पोर्टल पर स्टेटस चेक करने के 4 स्टेप्स

  1. आधिकारिक पीएफएमएस पोर्टल खोलें: अपने ब्राउज़र में केंद्र सरकार का पोर्टल https://pfms.nic.in खोलें।
  2. 'Know Your Payments' चुनें: होमपेज पर दिए गए 'Know Your Payments' विकल्प पर क्लिक करें।
  3. बैंक विवरण भरें: अपने बैंक का नाम टाइप करें और ड्रॉपडाउन से सही बैंक सिलेक्ट करें। अपना खाता संख्या दो बार दर्ज करें और कैप्चा भरें।
  4. सर्च करें: 'Send OTP on Registered Mobile' पर क्लिक करें। ओटीपी दर्ज करते ही आपके खाते में केंद्र सरकार (Ministry of Railways) द्वारा भेजे गए ₹400 या ₹250 का पूरा लेनदेन इतिहास (Transaction ID, Date, Amount, Credit Status) स्क्रीन पर आ जाएगा।

6. बैंक रिफंड विसंगति ट्रबलशूटिंग (Citizen Troubleshooting)

💡 AEO Direct Answer (त्वरित उत्तर):
यदि आपका बैंक खाता निष्क्रिय (Dormant) हो चुका है, तो तुरंत बैंक जाकर ₹100 जमा करके उसे सक्रिय कराएं। बैंकों के विलय (Merger) के कारण बदले हुए आईएफएससी कोड की पुष्टि पासबुक या बैंक ऐप से करें। रिफंड बाउंस होने पर आरआरबी द्वारा दी जाने वाली द्वितीय संशोधन विंडो का उपयोग करें।

रिफंड प्रक्रिया में अभ्यर्थियों द्वारा अनुभव की जाने वाली 3 सबसे आम बैंकिंग समस्याएं और उनके समाधान:

1. बैंक खाता 6 महीने से उपयोग न करने के कारण बंद (Dormant Account) हो गया है

  • समस्या का कारण: खाते में लंबे समय से कोई लेनदेन न होने पर बैंक सुरक्षा कारणों से खाते को निष्क्रिय कर देता है, जिससे बाहर से आने वाला रिफंड स्वतः अस्वीकार हो जाता है।
  • समाधान का तरीका: रिफंड पोर्टल बंद होने से पहले तुरंत अपनी बैंक शाखा जाएं। वहां अपनी मूल आधार कार्ड की प्रति और पैन कार्ड देकर 'Re-KYC Form' भरें। खाते में ₹100 नकद जमा करें या एटीएम से निकालें। खाता 24 घंटे में सक्रिय हो जाएगा और रिफंड बिना किसी रुकावट के सीधे खाते में आ जाएगा।

2. बैंक विलय (Merger of Public Sector Banks) के कारण पुराना IFSC अमान्य होना

  • समस्या का कारण: जैसे ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में विलय हो चुका है। कई छात्र अभी भी पुरानी चेकबुक पर छपा पुराना आईएफएससी कोड भर देते हैं।
  • समाधान का तरीका: अपने बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं या अपनी पासबुक के पहले पेज को देखें। विलय के बाद प्रत्येक बैंक ने सभी शाखाओं के लिए नए 11-अंकीय आईएफएससी कोड (जैसे PNB के लिए PUNB...) जारी किए हैं। हमेशा नए आईएफएससी कोड का ही उपयोग करें; पुराना कोड भरने पर रिफंड 100% फेल हो जाएगा।

3. रिफंड फेल हो जाने पर क्या रेलवे दोबारा मौका देता है?

  • समस्या का कारण: गलत खाता संख्या या तकनीकी अस्वीकृति के कारण हजारों छात्रों का पैसा वापस रेलवे के पास लौट जाना।
  • समाधान का तरीका: रेलवे बोर्ड अत्यंत मानवीय दृष्टिकोण अपनाता है। जब पहली बार में हजारों रिफंड बाउंस होते हैं, तो आरआरबी सभी असफल अभ्यर्थियों की सूची रोल नंबर सहित वेबसाइट पर प्रकाशित करता है और 'Final Correction Window for Failed Refunds' नाम से 10 दिनों का अतिरिक्त मौका देता है। इस विंडो में आप अपना नया और सही बैंक खाता दर्ज करके अपना रुका हुआ पैसा प्राप्त कर सकते हैं।

🔗 पैरेंट मास्टर गाइड देखें: आरआरबी भर्ती 2026 की मास्टर गाइड देखें


अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (User FAQs)

प्र. 1: सीबीटी-1 में कितने नंबर लाने पर फीस रिफंड मिलती है?

उत्तर: फीस रिफंड का संबंध आपके परीक्षा में प्राप्त अंकों (Marks) से बिल्कुल नहीं होता है। चाहे आपने सीबीटी-1 में 100 में से 90 अंक प्राप्त किए हों या 10 अंक, यदि आप परीक्षा हॉल में उपस्थित रहे और आपने अपनी बायोमेट्रिक अटेंडेंस दर्ज कराई, तो आपको पूरे ₹400 (सामान्य/ओबीसी) या ₹250 (आरक्षित वर्ग) की वापसी मिलेगी।

प्र. 2: क्या बैंक रिफंड के लिए किसी दूसरे व्यक्ति (जैसे पिता या भाई) का खाता दिया जा सकता है?

उत्तर: जी नहीं; रेलवे भर्ती बोर्ड के स्पष्ट नियमों के अनुसार बैंक खाता अनिवार्य रूप से अभ्यर्थी के स्वयं के नाम पर ही होना चाहिए। किसी अन्य रिश्तेदार या मित्र का खाता देने पर नाम मिसमैच (Name Mismatch) के कारण बैंक द्वारा भुगतान अस्वीकार कर दिया जाता है।

प्र. 3: क्या डाकघर बचत बैंक खाता (Post Office Savings Account) रिफंड के लिए मान्य है?

उत्तर: हाँ, यदि आपका डाकघर खाता कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (CBS) से जुड़ा है और उसका एक वैध 11-अंकीय IFSC कोड (जैसे IPOS0000001) है, तो वह पूरी तरह मान्य है। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) का डिजिटल खाता भी रिफंड प्राप्त करने के लिए 100% सुरक्षित और उपयुक्त है।


❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. सीबीटी-1 में कितने नंबर लाने पर फीस रिफंड मिलती है?

A. फीस रिफंड का संबंध आपके परीक्षा में प्राप्त अंकों (Marks) से बिल्कुल नहीं होता है। चाहे आपने सीबीटी-1 में 100 में से 90 अंक प्राप्त किए हों या 10 अंक, यदि आप परीक्षा हॉल में उपस्थित रहे और आपने अपनी बायोमेट्रिक अटेंडेंस दर्ज कराई, तो आपको पूरे ₹400 (सामान्य/ओबीसी) या ₹250 (आरक्षित वर्ग) की वापसी मिलेगी।

Q. क्या बैंक रिफंड के लिए किसी दूसरे व्यक्ति (जैसे पिता या भाई) का खाता दिया जा सकता है?

A. जी नहीं; रेलवे भर्ती बोर्ड के स्पष्ट नियमों के अनुसार बैंक खाता अनिवार्य रूप से अभ्यर्थी के स्वयं के नाम पर ही होना चाहिए। किसी अन्य रिश्तेदार या मित्र का खाता देने पर नाम मिसमैच (Name Mismatch) के कारण बैंक द्वारा भुगतान अस्वीकार कर दिया जाता है।

Q. क्या डाकघर बचत बैंक खाता (Post Office Savings Account) रिफंड के लिए मान्य है?

A. हाँ, यदि आपका डाकघर खाता कोर बैंकिंग सॉल्यूशन (CBS) से जुड़ा है और उसका एक वैध 11-अंकीय IFSC कोड (जैसे IPOS0000001) है, तो वह पूरी तरह मान्य है। इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) का डिजिटल खाता भी रिफंड प्राप्त करने के लिए 100% सुरक्षित और उपयुक्त है।

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