त्वरित उत्तर (Quick Summary): भारत के सभी केंद्रीय, राज्य, रक्षा (SPARSH), रेलवे, डाक और ईपीएफओ (EPS-95) पेंशनभोगियों के लिए नवंबर 2026 का महीना जीवन प्रमाण पत्र (Jeevan Pramaan Patra) जमा करने का आधिकारिक समय है। पेंशन जारी रखने के लिए 30 नवंबर से पहले वार्षिक जीवन प्रमाणीकरण अनिवार्य है। सरकार द्वारा चलाए जा रहे 'DLC Campaign 3.0' के तहत बुजुर्गों को बैंक की कतारों में लगने की कोई जरूरत नहीं है। वे अपने एंड्रॉयड फोन में 'Aadhaar Face RD' और 'Jeevan Pramaan' ऐप डाउनलोड करके 2 मिनट में चेहरा स्कैन करके मुफ्त में प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं, या डाक विभाग के 'Postinfo' ऐप से डाकिया को घर बुलाकर मात्र ₹70 में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण करा सकते हैं।
नवंबर का महीना और पेंशनर्स की सबसे बड़ी चिंता: जीवन प्रमाण पत्र
भारत में सेवा निवृत्त होने के बाद पेंशन केवल एक आर्थिक राशि नहीं होती, बल्कि यह बुजुर्गों के बुढ़ापे का स्वाभिमान, उनकी दवाइयों का सहारा और दैनिक जीवन की स्वतंत्रता होती है। लेकिन हर साल अक्टूबर का अंत आते ही देश के करोड़ों वृद्ध पेंशनभोगियों और उनकी देखभाल करने वाले बच्चों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंच जाती हैं। वजह होती है—'वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र' (Life Certificate / Jeevan Pramaan Patra) जमा करने की अनिवार्यता।
पहले के दौर में 70, 75 या 80 साल के लाचार बुजुर्गों को ऑटो-रिक्शा या टैक्सी करके बैंक की शाखा में जाना पड़ता था। वहाँ सीढ़ियां चढ़ना, भीड़ भरी लाइन में 2-3 घंटे खड़े रहना और फिर बैंक प्रबंधक के सामने यह साबित करना कि 'मैं जीवित हूँ', किसी मानसिक और शारीरिक यातना से कम नहीं होता था। कई बार उम्र के कारण बुजुर्गों के हाथ कांपने से बैंक के रिकॉर्ड से हस्ताक्षर नहीं मिलते थे, या उंगलियों की रेखाएं घिस जाने के कारण बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर अंगूठे का निशान नहीं पकड़ पाता था। बुजुर्ग रोते हुए घर लौटते थे और अगले महीने की पेंशन रुक जाती थी।
लेकिन आज का डिजिटल भारत पूरी तरह बदल चुका है। पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) ने तकनीक का ऐसा संवेदनशील और मानवीय उपयोग किया है कि अब किसी भी बुजुर्ग को बैंक की चौखट पर जाने की जरूरत नहीं है। सरकार खुद चलकर बुजुर्गों के घर आ रही है। आइए विस्तार से समझें कि 1 नवंबर से शुरू हो रहे 'डीएलसी कैंपेन 3.0' के तहत आप घर बैठे कैसे अपना या अपने माता-पिता का जीवन प्रमाण पत्र चुटकियों में जमा कर सकते हैं।
DoPPW का देशव्यापी DLC Campaign 3.0 क्या है?
पेंशन और पेंशनभोगी कल्याण विभाग (Department of Pension and Pensioners' Welfare - DoPPW) ने 1 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक पूरे देश में 'डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) अभियान 3.0' की शुरुआत की है।
इस राष्ट्रव्यापी महा-अभियान की मुख्य विशेषताएं:
- 800 से अधिक शहरों में मेगा कैंप: देश के 800 प्रमुख शहरों और 5,000 से अधिक स्थानों (जैसे पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन कार्यालय, बैंक शाखाएं, डाकघर और आरडब्ल्यूए सोसायटी) में विशेष सहायता शिविर लगाए जा रहे हैं।
- 1.5 लाख से अधिक प्रशिक्षित डाकिए: डाक विभाग के 1.5 लाख से अधिक ग्रामीण डाक सेवक और डाकिया अपने स्मार्टफोन और बायोमेट्रिक डिवाइस लेकर घर-घर जाकर जीवन प्रमाण पत्र बना रहे हैं।
- सभी पेंशन प्रणालियों का एकीकरण: चाहे आपको केंद्र सरकार की सिविल पेंशन मिलती हो, रक्षा मंत्रालय के 'स्पर्श' (SPARSH) पोर्टल से पेंशन मिलती हो, रेलवे पेंशन हो, डाक पेंशन हो, राज्य सरकार की पेंशन हो या ईपीएफओ (EPFO EPS-95) की पेंशन हो—यह अभियान सभी के लिए समान रूप से लागू है।
- चेहरा प्रमाणीकरण (Face Authentication Technology): इसमें फिंगरप्रिंट की जरूरत ही नहीं होती; केवल मोबाइल के सामान्य कैमरे से पलकें झपकाकर 5 सेकंड में जीवित होने का प्रमाण दर्ज हो जाता है।
30 नवंबर तक प्रमाण पत्र जमा न करने पर क्या पेंशन रुक जाएगी?
पेंशन नियमों के अनुसार, भारत में पेंशन का वित्तीय वर्ष 1 दिसंबर से शुरू होकर अगले साल 30 नवंबर तक चलता है। हर पेंशनर को हर साल नवंबर के महीने में (1 नवंबर से 30 नवंबर के बीच) अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य होता है।
यदि आप 30 नवंबर तक जमा नहीं कर पाते तो क्या होगा?
- दिसंबर महीने की पेंशन होल्ड हो जाएगी: 1 दिसंबर को जब बैंक और ट्रेजरी पेंशन प्रोसेस करेंगे, तो जिन खातों में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट नहीं होगा, उनकी पेंशन अस्थाई रूप से रुक (Stop/Hold) जाएगी।
- पेंशन रद्द नहीं होती है: घबराने की जरूरत नहीं है कि पेंशन हमेशा के लिए कट जाएगी। यदि किसी कारणवश आप नवंबर में जमा नहीं कर सके और आपने 15 दिसंबर या जनवरी में जाकर जमा किया, तो आपका प्रमाण पत्र स्वीकृत होते ही अगले महीने आपकी रुकी हुई पेंशन का पूरा बकाया (Arrears) एक साथ खाते में आ जाता है।
- अनावश्यक आर्थिक परेशानी से बचें: चूंकि बुजुर्गों के दवाइयों और इलाज के नियमित खर्च होते हैं, इसलिए पेंशन एक महीने भी रुकना परिवार के लिए भारी पड़ सकता है। इसलिए 30 नवंबर की अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना नवंबर के पहले या दूसरे सप्ताह में ही यह काम पूरा कर लें।
तरीका 1: डाकिया को घर बुलाएं — IPPB की डोरस्टेप बायोमेट्रिक सेवा
यदि पेंशनभोगी बहुत बुजुर्ग हैं, बिस्तर पर हैं, अल्जाइमर या लकवे से पीड़ित हैं और फोन चलाने में असमर्थ हैं, तो उनके लिए डाक विभाग की 'डोरस्टेप डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट सर्विस' सबसे बड़ा वरदान है।
डाकिया को घर बुलाने की प्रक्रिया:
- 'Postinfo' मोबाइल ऐप से रिक्वेस्ट लगाएं: अपने फोन में डाक विभाग का 'Postinfo' ऐप डाउनलोड करें। 'Service Request' पर क्लिक करके 'Doorstep DLC' का विकल्प चुनें और अपना पता व मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- टोल-फ्री नंबर पर कॉल करें: आप सीधे इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के टोल-फ्री नंबर 155299 पर कॉल करके भी डाकिया को घर बुलाने का समय तय कर सकते हैं।
- डाकिया घर आएगा: आपका स्थानीय डाकिया अपने बायोमेट्रिक हैंडहेल्ड डिवाइस के साथ आपके घर आएगा। वह पेंशनर का आधार नंबर, पीपीओ (PPO) नंबर और बैंक खाता संख्या सिस्टम में डालेगा।
- अंगूठा या आंख (Iris) स्कैन: डाकिया बुजुर्ग के अंगूठे का निशान या पुतली स्कैन करवाएगा।
- शुल्क मात्र ₹70: सफल प्रमाणीकरण के बाद डाकिया को मात्र ₹70 (सत्तर रुपये) का आधिकारिक सेवा शुल्क नकद देना होता है। तुरंत मोबाइल पर प्रमाण आईडी (Pramaan ID) का कन्फर्मेशन SMS आ जाता है और पेंशन जारी रखने का आदेश सीधे संबंधित पेंशन बैंक को डिजिटल रूप से पहुंच जाता है।
काम की बात (Pro-Tip): डाकिया से जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए यह कतई जरूरी नहीं है कि पेंशनर का खाता पोस्ट ऑफिस में ही हो। आपका पेंशन खाता चाहे SBI, PNB, Bank of Baroda, HDFC या किसी भी बैंक में हो, डाकिया सभी बैंकों और 'SPARSH' पेंशन के लिए समान रूप से जीवन प्रमाण पत्र जारी कर सकता है।
तरीका 2: घर बैठे मोबाइल से फेस स्कैन (Face RD) करके मुफ्त जमा करें
यदि आपके घर में किसी के पास भी एक सामान्य एंड्रॉइड स्मार्टफोन और इंटरनेट कनेक्शन है, तो आप बिल्कुल मुफ्त (₹0 खर्च) में मात्र 2 मिनट में अपने ड्राइंग रूम में सोफे पर बैठकर ही चेहरा स्कैन करके डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बना सकते हैं। इसके लिए किसी बायोमेट्रिक मशीन की आवश्यकता नहीं होती।
इसके लिए केवल 2 मोबाइल ऐप्स की जरूरत होती है:
- Aadhaar FaceRD (Early Access): यह भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) का आधिकारिक बैकएंड ऐप है जो चेहरे के 3D बायोमेट्रिक फीचर्स और आंखों की पुतलियों की हलचल को लाइव पहचानता है।
- Jeevan Pramaan Face App: यह एनआईसी (NIC) और केंद्र सरकार का आधिकारिक जीवन प्रमाण ऐप है।
सावधानी (Warning Alert): चेहरा स्कैन करते समय कमरे में पर्याप्त प्राकृतिक रोशनी होनी चाहिए। पेंशनर के चेहरे पर कोई परछाई या अंधेरा न हो। चश्मा उतारकर सीधा कैमरे की तरफ देखें और जब ऐप स्क्रीन पर 'Blink your eyes' (पलकें झपकाएं) का निर्देश आए, तो 2-3 बार धीरे-धीरे पलकें झपकाएं। कई बुजुर्ग पलकें नहीं झपकाते जिससे ऐप उन्हें जीवित इंसान न मानकर फोटो समझ लेता है और स्कैन फेल हो जाता है।
80 वर्ष से अधिक उम्र के पेंशनर्स के लिए विशेष नियम व रियायतें
भारत सरकार ने 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के अति-वरिष्ठ (Super Senior Citizens) पेंशनभोगियों के लिए विशेष संवेदनशीलता दिखाते हुए नियमों में ढील दी है:
- 1 अक्टूबर से ही खुली विशेष खिड़की: सामान्य पेंशनर्स के लिए यह प्रक्रिया 1 नवंबर से शुरू होती है, लेकिन 80+ आयु वर्ग के बुजुर्गों के लिए यह पोर्टल 1 अक्टूबर से ही खोल दिया जाता है। यानी उन्हें जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के लिए पूरे दो महीने (अक्टूबर और नवंबर) का अतिरिक्त समय मिलता है।
- बैंक शाखाओं में विशेष काउंटर: यदि कोई 80+ बुजुर्ग बैंक शाखा जाता है, तो बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें सामान्य कतार में खड़ा न किया जाए और उनके लिए विशेष प्राथमिकता काउंटर या घर बैठे अधिकारी भेजकर सत्यापन कराया जाए।
ईपीएफओ (EPFO EPS-95) पेंशनर्स के लिए विशेष नियम व उमंग ऐप का विकल्प
प्राइवेट सेक्टर की कंपनियों, कारखानों और संस्थानों में काम करने के बाद सेवानिवृत्त होने वाले लाखों कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की कर्मचारी पेंशन योजना (EPS-95) के तहत मासिक पेंशन मिलती है। ईपीएफओ पेंशनर्स के लिए भी जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल कर दी गई है।
ईपीएफओ पेंशनर्स के पास सरकारी 'जीवन प्रमाण' ऐप के अलावा केंद्र सरकार के यूनिफाइड मोबाइल ऐप—'उमंग' (UMANG App) का भी बेहतरीन विकल्प मौजूद है। उमंग ऐप में 'EPFO Services' के तहत जाकर 'Life Certificate' विकल्प चुनकर आप सीधे अपने 12 अंकों के पीपीओ नंबर के जरिए फेस स्कैन करके प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं। इसके अलावा ईपीएफओ ने यह लचीलापन भी दिया है कि ईपीएस-95 पेंशनर जिस महीने में अपना प्रमाण पत्र जमा करते हैं, वह अगले पूरे 12 महीनों तक वैध रहता है। उदाहरण के लिए यदि आपने 15 नवंबर को जमा किया तो वह अगले साल 14 नवंबर तक पूरी तरह मान्य रहेगा।
केस स्टडी: 78 वर्षीय सेवानिवृत्त सूबेदार बलवंत सिंह जी ने घर बैठे कैसे जमा किया स्पर्श का जीवन प्रमाण?
हरियाणा के रोहतक जिले के एक गांव में रहने वाले 78 वर्षीय पूर्व सैनिक सूबेदार बलवंत सिंह जी का अनुभव डिजिटल बदलाव की सच्ची तस्वीर दिखाता है।
बलवंत सिंह जी घुटनों के गंभीर गठिया रोग से पीड़ित हैं और उनके लिए बैंक या जिला सैनिक कल्याण बोर्ड तक का 25 किलोमीटर का सफर करना नामुमकिन जैसा था। पिछले साल उनके बेटे ने बैंक ले जाने की कोशिश की थी जिसमें बलवंत जी को अत्यधिक शारीरिक कष्ट उठाना पड़ा था। इस बार उनके पोते ने अखबार में 'DLC Campaign 3.0' की खबर पढ़ी। पोते ने अपने सामान्य स्मार्टफोन में 'Aadhaar FaceRD' और 'Jeevan Pramaan' ऐप डाउनलोड किए। बलवंत सिंह जी को आरामकुर्सी पर बैठाया गया, उनका नया स्पर्श पीपीओ नंबर डाला गया और मोबाइल का फ्रंट कैमरा उनके चेहरे के सामने किया गया। जैसे ही बलवंत सिंह जी ने दो बार अपनी आंखें झपकाईं, फोन की स्क्रीन पर हरे रंग का सही का निशान आ गया और स्पर्श पोर्टल पर उनका डिजिटल प्रमाण पत्र तुरंत दर्ज हो गया। इस पूरी प्रक्रिया में मात्र 3 मिनट का समय लगा और बिना एक पैसा खर्च किए बुजुर्ग सैनिक के चेहरे पर सुकून और संतुष्टि भरी मुस्कान लौट आई।
जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के सभी 5 माध्यमों का तुलनात्मक चार्ट
नीचे दी गई तालिका में जीवन प्रमाण पत्र जमा करने के सभी उपलब्ध पांचों विकल्पों, उनकी लागत और विशेषताओं की पूरी तुलना दी गई है:
| प्रमाणीकरण का माध्यम | उपकरण / ऐप की आवश्यकता | सरकारी शुल्क (Cost) | किसके लिए सबसे उत्तम? | सफलता दर व सुविधा |
|---|---|---|---|---|
| स्मार्टफोन फेस स्कैन (Face RD) | Android फोन (5MP+ फ्रंट कैमरा) + 2 फ्री सरकारी ऐप | ₹0 (बिल्कुल मुफ्त) | घर पर स्मार्टफोन यूजर पेंशनर्स व उनके बच्चों के लिए | 99% सफलता दर, 2 मिनट में तुरंत प्रमाण आईडी जनरेट। |
| डाकिया डोरस्टेप सर्विस (IPPB) | डाकिया अपनी मशीन लेकर घर आता है | ₹70 (नकद रसीद सहित) | अत्यधिक वृद्ध, बीमार व बिस्तर पर लेटे पेंशनर्स हेतु | 100% बायोमेट्रिक सुविधा, किसी तकनीकी ज्ञान की जरूरत नहीं। |
| बैंक शाखा में जाकर (Physical Visit) | पेंशनर का स्वयं जाना + पासबुक व पीपीओ | ₹0 (मुफ्त) | जो बुजुर्ग बैंक जाकर टहलना और मिलना पसंद करते हैं | लंबी लाइन और भीड़ का जोखिम, उंगली न लगने की समस्या। |
| कॉमन सर्विस सेंटर (CSC VLE) | सीएससी सेंटर पर बायोमेट्रिक स्कैनर | ₹30 से ₹50 (अधिकतम) | ग्रामीण क्षेत्रों के पेंशनर्स जहाँ घर पर स्मार्टफोन न हो | नजदीकी गांव के चौराहे पर आसानी से उपलब्ध। |
| पेंशनर्स वेलफेयर एसोसिएशन कैंप | कैंप में लगे सरकारी लैपटॉप व स्कैनर | ₹0 (मुफ्त सेवा) | DoPPW के 800 शहरों के विशेष कैंप्स में आने वाले लोग | ऑन-द-स्पॉट सहायता और पेंशन विसंगतियों का समाधान। |
स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: स्मार्टफोन से चेहरा स्कैन कर जीवन प्रमाण कैसे बनाएं?
अपने मोबाइल से घर बैठे 2 मिनट में डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जनरेट करने के 5 आसान चरण:
- स्टेप 1 (चरण 1): दोनों जरूरी सरकारी ऐप्स इंस्टॉल करें: गूगल प्ले स्टोर पर जाएं। सबसे पहले 'Aadhaar FaceRD (Early Access)' इंस्टॉल करें। इसके बाद 'Jeevan Pramaan' ऐप डाउनलोड करें। दोनों ऐप्स को कैमरा और लोकेशन की अनुमति दें।
- स्टेप 2 (चरण 2): ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन (Operator Login) पूरा करें: ऐप खोलें। सबसे पहले किसी भी व्यक्ति (बेटा, बेटी या स्वयं पेंशनर) का आधार नंबर और मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी से लॉगिन करें। स्क्रीन पर कैमरा खुलेगा, अपना चेहरा स्कैन करके ऑपरेटर ऑथेंटिकेशन पूरा करें।
- स्टेप 3 (चरण 3): पेंशनभोगी का विवरण दर्ज करें: अब 'Pensioner Authentication' स्क्रीन खुलेगी। यहाँ पेंशनर का 12 अंकों का आधार नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल डालें। इसके बाद सही विवरण चुनें:
- PPO Number: अपना 12 या 14 अंकों का सही पीपीओ नंबर लिखें।
- Type of Pension: सर्विस पेंशन (Service) या पारिवारिक पेंशन (Family Pension) चुनें।
- Sanctioning Authority: केंद्र, राज्य, रेलवे, रक्षा आदि चुनें।
- Disbursing Agency: बैंक या ट्रेजरी का नाम और अपना सही पेंशन बैंक खाता संख्या दर्ज करें।
- स्टेप 4 (चरण 4): फेस स्कैन (Face Scan) करें: स्क्रीन पर सहमति बॉक्स (Consent Checkbox) पर टिक करें और 'Scan Face' पर क्लिक करें। फोन को चेहरे के सामने 1.5 फीट की दूरी पर स्थिर रखें। जब कैमरा हरे रंग का घेरा बनाए, तो दो बार धीरे-धीरे पलकें झपकाएं। ऐप तुरंत 'Image Captured Successfully' का संदेश देगा।
- स्टेप 5 (चरण 5): प्रमाण आईडी (Pramaan ID) और रसीद सुरक्षित करें: स्क्रीन पर आपका डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट और एक 10 अंकों की 'Pramaan ID' प्रदर्शित होगी। इसका स्क्रीनशॉट ले लें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भी एसएमएस आ जाएगा। इस प्रमाण आईडी से आप
jeevanpramaan.gov.inपर जाकर कभी भी अपना डिजिटल सर्टिफिकेट पीडीएफ में डाउनलोड कर सकते हैं। बैंक में कोई कागज जमा करने की जरूरत नहीं होती, सिस्टम स्वतः बैंक को सूचित कर देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (PAA FAQs)
1. क्या डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के बाद बैंक जाकर रसीद दिखानी पड़ती है?
नहीं, बिल्कुल नहीं! जब आप फेस स्कैन या डाकिया के माध्यम से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) बनाते हैं, तो वह राष्ट्रीय जीवन प्रमाण पोर्टल के केंद्रीय सर्वर से सीधे आपके पेंशन बैंक (जैसे SBI, PNB, आदि) या रक्षा पेंशन पोर्टल 'SPARSH' के डेटाबेस में ऑटोमैटिकली सिंक हो जाता है। आपको बैंक शाखा जाने या कोई भौतिक कागज जमा करने की कतई आवश्यकता नहीं है।
2. अगर फेस स्कैन में बार-बार 'Face Match Failed' एरर आए तो क्या करें?
यदि फेस स्कैन फेल हो रहा है, तो इसके तीन मुख्य कारण होते हैं: कमरे में अपर्याप्त रोशनी, चेहरे पर परछाई पड़ना या पलकें न झपकाना। बेहतर होगा कि दिन के समय खिड़की के पास बैठकर चेहरा स्कैन करें, चश्मा उतार दें, फोन को बिल्कुल चेहरे के समानांतर रखें और जब ऐप में लाल घेरा हरे रंग में बदले, तब 2-3 बार स्पष्ट रूप से पलकें झपकाएं।
3. क्या डिफेंस पेंशनर्स जो 'स्पर्श' (SPARSH) पर शिफ्ट हो चुके हैं, वे भी मोबाइल से जमा कर सकते हैं?
हाँ, 100%! रक्षा पेंशनभोगी जब ऐप में विवरण भरते हैं, तो उन्हें 'Sanctioning Authority' में 'Defence - PCDA (P) Allahabad' और 'Disbursing Agency' में 'SPARSH PCDA (Pensions) Prayagraj' का चयन करना होता है। इसके बाद अपना नया स्पर्श पीपीओ नंबर डालकर वे आसानी से फेस स्कैन कर सकते हैं और उनका स्पर्श पोर्टल तुरंत अपडेट हो जाता है।
4. अगर किसी बुजुर्ग के दोनों हाथों की उंगलियां कट गई हैं या काम नहीं करतीं, तो वे कैसे जमा करेंगे?
इसीलिए सरकार ने 'फेस ऑथेंटिकेशन' (Face RD) तकनीक शुरू की है। इसमें उंगलियों की कोई जरूरत ही नहीं होती। केवल चेहरे के बायोमेट्रिक और आंखों की पुतलियों के स्कैन से प्रमाणीकरण पूरा हो जाता है।
5. डिजिटल प्रमाण पत्र जमा हुआ या नहीं, यह ऑनलाइन कैसे चेक करें?
प्रमाण पत्र बनने के बाद आपको जो 'Pramaan ID' मिलती है, उसे लेकर आधिकारिक वेबसाइट jeevanpramaan.gov.in पर जाएं। वहाँ 'Sign In' में जाकर अपनी प्रमाण आईडी और कैप्चा डालें। आपके फोन पर ओटीपी आएगा। ओटीपी डालते ही आपके सामने आपका पूरा डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट खुलकर आ जाएगा जिस पर पेंशन विभाग की मुहर और तारीख दर्ज होगी।
6. फैमिली पेंशन (पारिवारिक पेंशन) पाने वाली विधवा माताओं के लिए क्या विशेष नियम है?
पारिवारिक पेंशन (Family Pension) पाने वाले लाभार्थियों को फॉर्म भरते समय दो सवालों के जवाब 'NO' चुनने होते हैं—'Remarried = NO' (क्या दूसरा विवाह किया है) और 'Re-employed = NO' (क्या सरकारी पुनर्नियोजन हुआ है)। इसके बाद फेस स्कैन करके वे भी अपना जीवन प्रमाण पत्र आसानी से जमा कर सकती हैं।