📌 अग्निवीर सेवा विस्तार व स्थायी कैडर नीति 2026: मुख्य बिंदु व तुरंत सारांश (Key Takeaways)
- कैबिनेट समीक्षा 2026: रक्षा मंत्रालय की उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के आधार पर अग्निपथ योजना में महत्वपूर्ण संरचनात्मक सुधार।
- स्थायी अवशोषण कोटा (Retention Quota): 4 वर्ष की प्रारंभिक सेवा के बाद 25% अग्निवीरों को नियमित कैडर (Permanent Cadre) में सीधे समाहित किया जाएगा।
- 2-वर्षीय तकनीकी सेवा विस्तार (Stage 2 Extension): तकनीकी, सिग्नल्स, एविएशन, आर्टिलरी और नौसेना इंजीनियरिंग शाखाओं में अतिरिक्त 2 वर्ष (4+2 = कुल 6 वर्ष) की सेवा का विकल्प।
- विस्तारित अवधि में वेतन: 5वें वर्ष में ₹43,500/माह और 6वें वर्ष में ₹47,500/माह (लागू जोखिम व फील्ड भत्तों सहित)।
- सेवा निधि पैकेज (Seva Nidhi): 4 वर्ष पर ₹11.71 लाख और 6 वर्ष की पूर्ण सेवा पर ब्याज सहित ₹16.50+ लाख का आयकर-मुक्त फंड।
- सीएपीएफ व पुलिस आरक्षण: बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ, एसएसबी और राज्य पुलिस बलों में 10% से 15% का क्षैतिज आरक्षण व शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) में छूट।
भारतीय सशस्त्र बलों (थल सेना, नौसेना और वायु सेना) में युवाओं की भर्ती के लिए वर्ष 2022 में शुरू की गई महत्वाकांक्षी 'अग्निपथ योजना' के पहले बैच की 4-वर्षीय सेवा पूर्ण होने के करीब पहुंचने के साथ ही केंद्र सरकार ने इसके व्यापक मूल्यांकन के बाद ऐतिहासिक नीतिगत संशोधनों को अंतिम रूप दे दिया है। रक्षा मंत्रालय द्वारा गठित संयुक्त सैन्य समिति (Joint Military Committee) और सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) के विचार-विमर्श के आधार पर, 'अग्निवीर 2-वर्ष सेवा विस्तार व स्थायी कैडर अवशोषण नीति 2026' को मंजूरी दी गई है।
इस ऐतिहासिक सुधार का प्राथमिक उद्देश्य सेना की परिचालन तत्परता (Operational Readiness) को अक्षुण्ण बनाए रखना, उन्नत हथियार प्रणालियों के संचालन में प्रशिक्षित सैनिकों के तकनीकी अनुभव का पूर्ण उपयोग करना और राष्ट्र की सेवा में तत्पर युवाओं के भविष्य को दीर्घकालिक सुरक्षा प्रदान करना है। नए नियमों के तहत न केवल स्थायी नियमित कैडर में समावेशन की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और योग्यता-आधारित बनाया गया है, बल्कि तकनीकी व विशेषज्ञ विंग के अग्निवीरों को अतिरिक्त 2 वर्ष तक सेवा विस्तार देने का सुदृढ़ प्रावधान किया गया है। इस विस्तृत विश्लेषण में हम नए नियमों, वेतनमान वृद्धि, सेवा निधि गणना, शारीरिक मूल्यांकन मानकों और सीएपीएफ आरक्षण की संपूर्ण जानकारी साझा कर रहे हैं।
1. अग्निपथ नीति सुधार 2026 की पृष्ठभूमि और सैन्य आवश्यकता
अग्निपथ योजना के लागू होने के बाद तीनों सेनाओं ने जमीनी स्तर पर विभिन्न रेजिमेंट्स, वॉरशिप्स और एयरफोर्स स्क्वाड्रन्स में अग्निवीरों के प्रदर्शन का गहन डेटा एकत्र किया। रक्षा विशेषज्ञों और सैन्य कमांडरों का स्पष्ट निष्कर्ष था कि हालांकि 4 वर्षों में एक युवा सैनिक बुनियादी अनुशासन और राइफल युद्ध में पारंगत हो जाता है, परंतु आधुनिक मिसाइल प्रणालियों, राडार, बख्तरबंद वाहनों, पनडुब्बी प्रणालियों और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (EW) जैसे तकनीकी क्षेत्रों में दक्षता हासिल करने में 3 से 4 वर्ष का समय लगता है।
यदि 4 वर्ष की सेवा के तुरंत बाद 75% प्रशिक्षित जवानों को सेवामुक्त कर दिया जाए, तो सेना को तकनीकी रूप से दक्ष ऑपरेटरों की कमी का सामना करना पड़ सकता था। इसी रणनीतिक आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सरकार ने दो-चरणीय व्यवस्था (Two-Tier Model) लागू की है, जिसमें मेरिट-आधारित 25% स्थायी अवशोषण के अतिरिक्त महत्वपूर्ण कोर और स्पेशलाइज्ड ट्रेड्स के जवानों को 2 वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार देकर समग्र अवशोषण क्षमता को प्रभावी रूप से 40% से 50% तक बढ़ाने का मार्ग प्रशस्त किया गया है।
2. वर्ष 1 से वर्ष 6 तक वेतन संरचना व सेवा निधि (5-कॉलम तुलनात्मक तालिका)
नए वित्तीय नियमों के अनुसार अग्निवीरों के मासिक पैकेज, इन-हैंड सैलरी, कॉर्पस फंड अंशदान और सेवा विस्तार के अवसरों का वर्ष-वार ब्यौरा नीचे दी गई 5-कॉलम तालिका में स्पष्ट किया गया है:
| सेवा वर्ष (Service Year) | मासिक परिलब्धियां (Customized Package) | इन-हैंड वेतन (70% In-Hand) | सेवा निधि अंशदान (30% + Govt Match) | कैडर स्थिति व विस्तार संभावना |
|---|---|---|---|---|
| प्रथम वर्ष (Year 1) | ₹30,000 / माह | ₹21,000 | ₹9,000 + ₹9,000 = ₹18,000 | बुनियादी सैन्य प्रशिक्षण व यूनिट इंडक्शन |
| द्वितीय वर्ष (Year 2) | ₹33,000 / माह | ₹23,100 | ₹9,900 + ₹9,900 = ₹19,800 | एडवांस्ड वेपन व फील्ड ऑपरेशन ट्रेनिंग |
| तृतीय वर्ष (Year 3) | ₹36,500 / माह | ₹25,550 | ₹10,950 + ₹10,950 = ₹21,900 | स्पेशलाइज्ड ट्रेड सर्टिफिकेशन व वार्षिक ACR |
| चतुर्थ वर्ष (Year 4 - Decision Year) | ₹40,000 / माह | ₹28,000 | ₹12,000 + ₹12,000 = ₹24,000 | 25% सीधा स्थायी कैडर | सेवा निधि: ₹11.71 लाख |
| पंचम वर्ष (Year 5 - Extended) | ₹43,500 / माह | ₹30,450 | ₹13,050 + ₹13,050 = ₹26,100 | तकनीकी विस्तार (Stage 2) + लागू हार्डशिप भत्ते |
| षष्ठ वर्ष (Year 6 - Final Extension) | ₹47,500 / माह | ₹33,250 | ₹14,250 + ₹14,250 = ₹28,500 | द्वितीय चरण स्थायी अवशोषण या ₹16.50+ लाख फंड |
3. दो-चरणीय अवशोषण तंत्र: स्टेज 1 (25%) और स्टेज 2 (2-वर्षीय विस्तार)
अग्निवीरों के नियमित सैन्य कैडर में समावेशन के लिए एक पारदर्शी और सख्त मेरिट-आधारित दो-चरणीय व्यवस्था स्थापित की गई है:
स्टेज 1: 4 वर्ष पूर्ण होने पर 25% स्थायी नियमित कैडर (Direct Regular Cadre)
4 वर्ष की सेवा पूरी होने पर प्रत्येक बैच के 100% अग्निवीरों का एक संयुक्त मेरिट रोस्टर तैयार किया जाता है। शीर्ष 25% अग्निवीरों को भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के स्थायी कैडर (Non-Commissioned Officers - NCOs / PBOR) में सीधे शामिल कर लिया जाता है। स्थायी होने वाले सैनिकों को नियमित सैनिकों की तरह 15 वर्ष की अतिरिक्त न्यूनतम सेवा, पेंशन, ग्रेच्युटी, कैंटीन (CSD), और पूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ECHS) के सभी लाभ प्राप्त होते हैं।
स्टेज 2: 2-वर्षीय विशेषज्ञ सेवा विस्तार (Specialist Extension up to 6 Years)
शेष 75% अग्निवीरों में से उन जवानों को, जो तकनीकी कोर (जैसे कोर ऑफ सिग्नल्स, EME, एविएशन, आर्टिलरी गनर, एयर डिफेंस, नेवल मरीन इंजीनियरिंग, सोनार ऑपरेटर आदि) में सेवारत हैं, उनकी उत्कृष्ट वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR) और यूनिट कमांडिंग ऑफिसर की सिफारिश पर 2 वर्ष के सेवा विस्तार की पेशकश की जाती है। इस 2 वर्ष की अवधि (5वें और 6वें वर्ष) में उन्हें अपग्रेडेड वेतन (₹43,500 से ₹47,500) मिलता है और 6 वर्ष पूरे होने पर उनके लिए स्थायी कैडर में अवशोषण का एक दूसरा अवसर (Secondary Absorption Window) खोला जाता है।
4. प्रदर्शन मूल्यांकन के 5 प्रमुख मानदंड (Evaluation Metrics)
स्थायी कैडर में चयन पूरी तरह ऑब्जेक्टिव और कम्प्यूटरीकृत मेरिट स्कोर पर आधारित होता है। इसमें किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत पक्षपात को रोकने के लिए पांच स्पष्ट मापदंड निर्धारित किए गए हैं:
- 1. वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट (ACR - 35% भारांक): यूनिट कमांडिंग ऑफिसर और कंपनी कमांडर द्वारा दिए गए सैन्य अनुशासन, नेतृत्व, कर्तव्यनिष्ठा और सामरिक समझ के अंक।
- 2. शारीरिक दक्षता व युद्ध क्षमता परीक्षण (BPET/PPT - 25% भारांक): 5 किलोमीटर दौड़, 60 मीटर स्प्रिंट, बीम (चिन-अप्स), 9-फीट डिच जंपिंग और बैटल फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट में प्राप्त ग्रेड ('Ex' या 'Excellent' अनिवार्य)।
- 3. फायरिंग व हथियार हैंडलिंग दक्षता (Marksman Skills - 15% भारांक): INSAS, AK-203, Sig Sauer 716 और एलएमजी से विभिन्न दूरियों (100 मी, 200 मी, 300 मी) पर लक्ष्य भेदन की सटीकता।
- 4. ट्रेड व तकनीकी दक्षता परीक्षा (Trade Test - 15% भारांक): सैन्य उपकरणों के रखरखाव, संचार प्रणालियों के संचालन और युद्धक्षेत्रीय तकनीकी समस्याओं के समाधान का व्यावहारिक परीक्षण।
- 5. अनुशासनात्मक रिकॉर्ड (Discipline Record - 10% भारांक): संपूर्ण सेवा के दौरान सेना अधिनियम (Army Act) के तहत शून्य रेड इंक एंट्री (Zero Red Ink Entry) होना अनिवार्य है। किसी भी गंभीर अनुशासनात्मक उल्लंघन पर स्वतः अयोग्यता होती है।
5. सीएपीएफ, राज्य पुलिस व सार्वजनिक उपक्रमों में 10-15% आरक्षण नीति
केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) और विभिन्न राज्य सरकारों ने सेवा पूरी कर बाहर आने वाले अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए ऐतिहासिक वैधानिक व्यवस्था की है:
- केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) में 10% सीधा आरक्षण: सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF), भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) और सशस्त्र सीमा बल (SSB) के कांस्टेबल/जीडी और सब-इंस्पेक्टर पदों पर 10% सीटें पूर्व-अग्निवीरों के लिए आरक्षित हैं।
- आयु सीमा में 3 से 5 वर्ष की छूट: पहले बैच के अग्निवीरों को निर्धारित ऊपरी आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट और आगामी बैचों को 3 वर्ष की स्थायी छूट दी गई है।
- शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से पूर्ण छूट: चूंकि अग्निवीर पहले से ही भारतीय सेना के कठोर शारीरिक प्रशिक्षण से गुजर चुके होते हैं, इसलिए उन्हें सीएपीएफ भर्ती में पीईटी (दौड़ और फिजिकल टेस्ट) से पूरी तरह छूट दी गई है। उन्हें केवल लिखित परीक्षा और मेडिकल पास करना होता है।
- राज्य पुलिस व आईआरबी में प्राथमिकता: उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और ओडिशा सहित कई राज्यों ने अपनी प्रांतीय सशस्त्र पुलिस (PAC/IRB) और जेल वार्डन भर्ती में अग्निवीरों के लिए 10% से 15% का विशेष कोटा अधिसूचित किया है।
6. सेवा निधि, बीमा कवरेज और सामाजिक सुरक्षा लाभ
अग्निवीरों के वित्तीय भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार ने संपूर्ण सेवा काल के दौरान एक सुदृढ़ वित्तीय कवच तैयार किया है:
- आयकर-मुक्त सेवा निधि पैकेज: 4 वर्ष की सेवा पूरी होने पर अग्निवीर के मासिक अंशदान (30%) और सरकार के बराबर अंशदान पर संचित चक्रवृद्धि ब्याज के साथ ₹11.71 लाख की एकमुश्त राशि दी जाती है। 6 वर्ष का तकनीकी विस्तार पूरा करने वालों को यह राशि ₹16.50 लाख से अधिक मिलती है। यह पूरी राशि आयकर अधिनियम के तहत 100% टैक्स-फ्री होती है।
- ₹48 लाख का गैर-अंशदायी जीवन बीमा: सेवा के दौरान प्रत्येक अग्निवीर को ₹48 लाख का निःशुल्क जीवन बीमा कवर प्रदान किया जाता है। इसके लिए सैनिक के वेतन से कोई प्रीमियम नहीं काटा जाता।
- सर्वोच्च बलिदान पर अनुग्रह राशि (Ex-gratia Payment): ड्यूटी के दौरान वीरगति प्राप्त होने पर परिवार को ₹44 लाख की अतिरिक्त अनुग्रह राशि, सेवा निधि की पूरी राशि (सरकार के अंशदान सहित), और बची हुई 4 वर्ष की संपूर्ण शेष सेवा का वेतन परिजनों को एकमुश्त दिया जाता है (कुल वित्तीय सहायता लगभग ₹1 करोड़ से अधिक)।
- दिव्यांगता मुआवजा (Disability Compensation): सैन्य सेवा के कारण 100% दिव्यांगता होने पर ₹44 लाख, 75% दिव्यांगता पर ₹25 लाख, और 50% दिव्यांगता पर ₹15 लाख का एकमुश्त वित्तीय मुआवजा दिया जाता है।
7. पूर्व-अग्निवीर कौशल प्रमाणपत्र और उच्च शिक्षा क्रेडिट ब्रिजिंग
सशस्त्र बलों से सेवामुक्त होने वाले जवानों को नागरिक समाज में कॉर्पोरेट और तकनीकी नौकरियों में सर्वोच्च प्राथमिकता दिलाने के लिए शिक्षा मंत्रालय और राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं:
- अग्निवीर कौशल प्रमाणपत्र (Agniveer Skill Certificate): सेवा समाप्ति पर तीनों सेनाओं के प्रमुखों द्वारा हस्ताक्षरित राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (NSQF) स्तर-4 से स्तर-6 का तकनीकी कौशल प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।
- इग्नू (IGNOU) 3-वर्षीय विशेष स्नातक डिग्री: 10+2 पास अग्निवीरों को सेवा के दौरान प्राप्त इन-सर्विस टेक्निकल ट्रेनिंग के 50% क्रेडिट्स दिए जाते हैं। शेष 50% क्रेडिट ऑनलाइन अध्ययन के माध्यम से पूरे करके वे सेना से निकलते ही बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA), बी.कॉम या बी.एससी की मान्यता प्राप्त डिग्री प्राप्त कर लेते हैं।
- बैंक ऋण में प्राथमिकता व 'मुद्रा' लोन छूट: अपना स्वयं का उद्यम, सिक्योरिटी एजेंसी, लॉजिस्टिक्स या तकनीकी स्टार्टअप शुरू करने के इच्छुक पूर्व-अग्निवीरों को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों द्वारा रियायती ब्याज दरों पर प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र ऋण (Priority Sector Lending) दिया जाता है।
8. तीनों सेनाओं (आर्मी, नेवी, एयरफोर्स) में स्पेशलाइज्ड ट्रेड्स और तकनीकी भूमिकाएं
अग्निपथ योजना के तहत तीनों सैन्य अंगों में अग्निवीरों को विभिन्न सामरिक और तकनीकी जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं, जिनका विवरण इस प्रकार है:
- भारतीय थल सेना (Indian Army):
- इन्फैंट्री जनरल ड्यूटी (GD): अग्रिम सीमा चौकियों पर गश्त, आतंकवाद-रोधी अभियान और प्रत्यक्ष युद्ध संचालन।
- आर्टिलरी व एयर डिफेंस: बोफोर्स, धनुष तोप, पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर और आकाश मिसाइल सिस्टम का संचालन।
- कोर ऑफ सिग्नल्स: सामरिक सैटेलाइट संचार, एन्क्रिप्टेड वायरलेस नेटवर्क और युद्धक्षेत्रीय डेटा लिंक का प्रबंधन।
- कोर ऑफ EME (इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल इंजीनियर्स): टी-90 भीष्म, टी-72 टैंकों, बीएमपी-2 बख्तरबंद वाहनों और नाइट-विजन उपकरणों की मरम्मत।
- भारतीय नौसेना (Indian Navy):
- अग्निवीर एसएसआर (SSR): फ्रंटलाइन फ्रिगेट्स, डिस्ट्रॉयर्स और विमानवाहक पोत (आईएनएस विक्रांत व विक्रमादित्य) पर सोनार, राडार, मिसाइल फायर कंट्रोल और मरीन प्रोपल्शन का संचालन।
- अग्निवीर एमआर (MR): लॉजिस्टिक्स, शिपबोर्ड शेफ और आपूर्ति प्रबंधन की जिम्मेदारियां।
- भारतीय वायु सेना (Indian Air Force):
- अग्निवीर वायु (तकनीकी शाखा): सुखोई-30 एमकेआई, राफेल, तेजस और मिराज-2000 लड़ाकू विमानों के एयरफ्रेम, एवियोनिक्स, रडार और एयरो-इंजन का रखरखाव।
- अग्निवीर वायु (गैर-तकनीकी शाखा): एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) सहायता, मौसम विज्ञान, मेडिकल असिस्टेंट और ग्राउंड ऑपरेशंस।
9. मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन व यूनिट स्तर पर रेजिमेंटल मेंटरशिप
कठिन सैन्य जीवन और 4 वर्ष बाद करियर के अनिश्चितता संबंधी तनाव को कम करने के लिए रक्षा मंत्रालय ने तीनों सेनाओं में एक विशेष 'रेजिमेंटल मेंटरशिप मॉडल' लागू किया है:
- सीनियर सूबेदार गाइडेंस सिस्टम: प्रत्येक यूनिट में अनुभवी जूनियर कमीशंड ऑफिसर्स (JCOs) और सूबेदार मेजर को नए अग्निवीरों का व्यक्तिगत संरक्षक (Buddy Mentor) नियुक्त किया जाता है, जो उन्हें रेजिमेंटल परंपराओं, मानसिक दृढ़ता और पेशेवर दक्षता में मार्गदर्शन देते हैं।
- नियमित काउंसलिंग व 'सद्भावना' हेल्पडेस्क: फील्ड पोस्टिंग और दुर्गम ग्लेशियर या रेगिस्तानी क्षेत्रों में तैनात जवानों के लिए प्रशिक्षित सैन्य मनोचिकित्सकों द्वारा नियमित काउंसलिंग सत्र आयोजित किए जाते हैं।
- पारिवारिक कल्याण केंद्र (Family Welfare Centers): अग्निवीरों के परिवारों की स्वास्थ्य, शिक्षा या स्थानीय प्रशासनिक समस्याओं के समाधान के लिए यूनिट हेडक्वार्टर पर विशेष नोडल सेल कार्य करते हैं।
10. कॉर्पोरेट व निजी क्षेत्र में पूर्व-अग्निवीरों के लिए विशेष रोजगार विंग
सशस्त्र बलों से अनुशासित और तकनीकी रूप से दक्ष होकर निकलने वाले अग्निवीरों को भारतीय उद्योग जगत में हाथों-हाथ लिया जा रहा है। देश के प्रमुख व्यापारिक समूहों ने पूर्व-अग्निवीरों के लिए विशेष भर्ती अभियान और प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए हैं:
- टाटा, महिंद्रा व एलएंडटी में प्राथमिकता: भारी विनिर्माण, रक्षा उत्पादन, ऑटोमोबाइल प्लांट और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में पूर्व-अग्निवीरों को सुपरवाइजर, मेंटेनेंस इंजीनियर और सुरक्षा प्रबंधकों के रूप में ₹6 लाख से ₹9 लाख प्रति वर्ष के शुरुआती पैकेज पर प्राथमिकता दी जा रही है।
- लॉजिस्टिक्स व एविएशन सेक्टर: वेयरहाउस मैनेजमेंट, ड्रोन संचालन, एविएशन ग्राउंड ऑपरेशंस और सप्लाई चेन में सैनिकों के समय प्रबंधन और संकट प्रबंधन कौशल की भारी मांग है।
- डीजीआर (DGR) कॉर्पोरेट प्लेसमेंट सेल: रक्षा मंत्रालय का सैनिक पुनर्वास महानिदेशालय (Directorate General Resettlement) प्रत्येक अग्निवीर का बायोडाटा शीर्ष मल्टीनेशनल कंपनियों के एचआर पोर्टल्स पर सीधे उपलब्ध कराता है।
🎖️ सरकारी नौकरी व डिफेंस भर्ती अपडेट्स 2026
एसएससी, रेलवे, सीएपीएफ व रक्षा बलों की नवीनतम रिक्तियां, पात्रता व आधिकारिक सिलेबस गाइड देखें।
11. अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1. क्या अग्निवीरों का 25% स्थायी कोटा बढ़ाकर 50% कर दिया गया है?
मूल 4 वर्ष की सेवा के बाद प्रत्यक्ष अवशोषण कोटा 25% ही है, परंतु तकनीकी व विशेषज्ञ ट्रेड्स में 2 वर्ष का अतिरिक्त सेवा विस्तार (Stage 2 Extension) जोड़कर प्रभावी अवशोषण क्षमता 40% से 50% तक पहुंच जाती है।
Q2. 2-वर्षीय सेवा विस्तार किन अग्निवीरों को मिलेगा?
यह विस्तार सिग्नल्स, EME, आर्टिलरी, एविएशन, नेवल इंजीनियरिंग और वायु सेना के तकनीकी ट्रेड्स में सेवारत उन अग्निवीरों को उनकी उत्कृष्ट ACR, शारीरिक दक्षता और यूनिट कमांडिंग ऑफिसर की सिफारिश के आधार पर मिलेगा।
Q3. 5वें और 6वें वर्ष में अग्निवीरों को कितना वेतन मिलेगा?
5वें वर्ष में कुल पैकेज ₹43,500/माह (इन-हैंड ₹30,450) और 6वें वर्ष में ₹47,500/माह (इन-हैंड ₹33,250) रहेगा। इसके अतिरिक्त लागू फील्ड एरिया व जोखिम भत्ते अलग से मिलेंगे।
Q4. क्या पूर्व-अग्निवीरों को बीएसएफ, सीआरपीएफ और सीआईएसएफ में शारीरिक परीक्षा (PET) देनी होगी?
नहीं, केंद्रीय गृह मंत्रालय के आधिकारिक आदेश के अनुसार पूर्व-अग्निवीरों को सीएपीएफ भर्ती में शारीरिक दक्षता परीक्षा (दौड़ व फिजिकल टेस्ट) से पूर्ण छूट दी गई है। उन्हें केवल 10% आरक्षित कोटे में लिखित व मेडिकल परीक्षा देनी होती है।
Q5. क्या सेवा निधि पैकेज पर आयकर (Income Tax) लगता है?
नहीं, सेवा निधि पैकेज (मूलधन व ब्याज सहित लगभग ₹11.71 लाख से ₹16.50 लाख) आयकर अधिनियम की धारा 10(12C) के तहत शत-प्रतिशत कर-मुक्त (100% Tax Free) है।
Q6. 25% स्थायी कैडर में चयन का आधार क्या होता है?
चयन 100% पारदर्शी और ऑब्जेक्टिव स्कोर पर आधारित होता है जिसमें ACR (35%), फिजिकल टेस्ट BPET (25%), फायरिंग दक्षता (15%), ट्रेड टेस्ट (15%) और शून्य रेड इंक अनुशासन रिकॉर्ड (10%) शामिल है।
Q7. क्या सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को एक्स-सर्विसमैन (ESM) का दर्जा मिलता है?
4 वर्ष की सेवा के बाद बाहर आने वाले अग्निवीरों को पारंपरिक ESM पेंशन नहीं मिलती, परंतु उन्हें सीएपीएफ, राज्य पुलिस, सार्वजनिक उपक्रमों और बैंक सुरक्षा अधिकारियों की भर्तियों में 10-15% का विशेष समानांतर आरक्षण और आयु छूट मिलती है। 25% स्थायी होने वालों को पूर्ण ESM दर्जा मिलता है।