career ⏱️ 5 मिनट 📅 2026-11-08T07:00:00+05:30

दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग 2026: BSE व NSE संवत 2083 समय, नियम व टोकन शेयर खरीदारी गाइड

Go
GoForDigitalIndia Team
वरिष्ठ डिजिटल संपादक

GoForDigitalIndia संपादकीय टीम — सरकारी योजनाओं, भर्ती व तकनीकी विषयों के विश्लेषक।

OFFICIAL CHANNEL GoForDigitalIndia WhatsApp चैनल

सरकारी योजनाओं, नई भर्तियों, एडमिट कार्ड और रिजल्ट्स के ताज़ा अपडेट्स सबसे पहले अपने WhatsApp पर पाएं।

👉 चैनल से जुड़ें (Join WhatsApp)
विज्ञापन / SPONSORED

📌 दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 (संवत 2083): मुख्य बिंदु व तुरंत सारांश (Key Takeaways)

  • सत्र की तारीख व दिन: रविवार, 8 नवंबर 2026 (दिवाली लक्ष्मी पूजन के पावन अवसर पर)।
  • प्री-ओपनिंग सत्र (Pre-Open): दोपहर 02:05 बजे से 02:20 बजे तक (ऑर्डर एंट्री व डिस्कवरी)।
  • मुख्य कंटीन्यूअस ट्रेडिंग (Normal Market): दोपहर 02:20 बजे से 03:30 बजे (कुल 70 मिनट) तक।
  • ब्लॉक डील विंडो: दोपहर 01:50 बजे से 02:05 बजे तक संस्थागत निवेशकों के लिए।
  • सेटलमेंट व नियम: 100% वास्तविक लेन-देन, T+1 सेटलमेंट, सामान्य STT व ब्रोकरेज शुल्क लागू।
  • इंट्राडे ऑटो स्क्वायर-ऑफ: दोपहर 03:15 बजे से 03:25 बजे के बीच ब्रोकर्स द्वारा स्वतः पोजीशन बंद कर दी जाएगी।

दिवाली का पावन पर्व केवल दीपों और मिठाइयों का त्योहार नहीं है, बल्कि भारतीय वित्तीय जगत और शेयर बाजार के करोड़ों निवेशकों के लिए यह नए वित्तीय वर्ष विक्रम संवत 2083 के शुभारंभ का सबसे पावन दिन है। देश के दोनों प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज — बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) — हर वर्ष दिवाली की शाम को एक विशेष 1-घंटे का ट्रेडिंग सत्र आयोजित करते हैं, जिसे मुहूर्त ट्रेडिंग (Muhurat Trading) कहा जाता है। इस वर्ष दिवाली 8 नवंबर 2026 को मनाई जा रही है, और दोनों एक्सचेंजों ने संवत 2083 के विशेष मुहूर्त सत्र की आधिकारिक समय-सारिणी जारी कर दी है।

भारतीय परंपरा में सदियों से व्यापारी समाज दिवाली की शाम लक्ष्मी पूजन के समय अपने पुराने बही-खातों को बंद करके नए बही-खाते (चोपड़ा पूजन) शुरू करता रहा है। शेयर बाजार में यह परंपरा वर्ष 1957 में BSE द्वारा और 1992 में NSE द्वारा औपचारिक रूप से शुरू की गई थी। मान्यता है कि इस 1 घंटे के शुभ लग्न में किया गया निवेश माता महालक्ष्मी और भगवान श्री गणेश के आशीर्वाद से वर्षभर समृद्धि, लाभ और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करता है। लेकिन भावुकता और उत्साह के साथ-साथ निवेशकों को यह भी समझना जरूरी है कि यह केवल एक रस्म नहीं है, बल्कि आपके असली पैसों से होने वाला वास्तविक बाजार लेन-देन है, जिसमें सही नियमों और रणनीतियों का पालन करना बेहद आवश्यक है।

1. दिवाली मुहूर्त ट्रेडिंग 2026: आधिकारिक समय-सारिणी व सत्र विवरण

BSE और NSE द्वारा जारी आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार, रविवार 8 नवंबर 2026 को बाजार का समय सामान्य दिनों (सुबह 9:15 से दोपहर 3:30) जैसा नहीं रहेगा। यह केवल दोपहर और शाम के विशेष मुहूर्त लग्न में संचालित होगा। निवेशकों की सुविधा के लिए हमने पूरे टाइम-टेबल को विभिन्न सत्रों में वर्गीकृत किया है:

बाजार सत्र (Market Session) सत्र प्रारंभ समय सत्र समाप्ति समय सत्र का मुख्य उद्देश्य रिटेल निवेशकों के लिए निर्देश
ब्लॉक डील विंडो (Block Deal) 01:50 PM 02:05 PM संस्थागत व बड़े सौदों की रिपोर्टिंग रिटेल निवेशकों के लिए बंद (केवल FII/DII)
प्री-ओपनिंग सत्र (Pre-Open) 02:05 PM 02:20 PM ऑर्डर एंट्री व संतुलित मूल्य निर्धारण (Price Discovery) लिमिट ऑर्डर लगाएं, मॉडिफाई या कैंसिल करें
मुख्य मुहूर्त ट्रेडिंग (Continuous Market) 02:20 PM 03:30 PM वास्तविक शेयर खरीद-फरोख्त व टोकन निवेश सामान्य ट्रेडिंग खुली है (इक्विटी, ईटीएफ, म्यूचुअल फंड)
कॉल ऑक्शन इलिक्विड शेयर्स 02:30 PM 03:15 PM कम लिक्विडिटी वाले शेयरों का ऑक्शन नए निवेशक इन शेयरों में ऑर्डर न लगाएं
पोस्ट-क्लोजिंग सत्र (Post Closing) 03:40 PM 03:50 PM क्लोजिंग प्राइस पर ट्रेड निष्पादन अंतिम क्लोजिंग प्राइस पर खरीद-फरोख्त

2. मुहूर्त ट्रेडिंग की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और सांस्कृतिक महत्व

विज्ञापन / SPONSORED

भारत में दीपावली के दिन व्यापारिक प्रतिष्ठानों में नया बहीखाता प्रारंभ करने की परंपरा सदियों पुरानी है। गुजरात और राजस्थान के व्यापारी इस दिन को 'नव वर्ष' के आरंभ के रूप में मनाते हैं। शेयर बाजार में जब ओपन आउटक्राई (Open Outcry) सिस्टम था, तब दलाल स्ट्रीट पर व्यापारी पारंपरिक धोती-कुर्ता पहनकर अपने परिवारों के साथ BSE की ऐतिहासिक इमारत में आते थे। वहां चांदी के सिक्कों और बही-खातों की पूजा की जाती थी और पहली बार सांकेतिक सौदे किए जाते थे।

डिजिटल युग में तकनीक पूरी तरह बदल चुकी है — अब स्क्रीन और स्मार्टफोन पर ट्रेडिंग होती है — लेकिन मुहूर्त ट्रेडिंग की आत्मा आज भी वही है। आंकड़ों के अनुसार, पिछले 15 वर्षों में से 12 बार मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन भारतीय शेयर बाजार (BSE सेंसेक्स और NSE निफ्टी) हरे निशान (Green Mark) में बंद हुए हैं। हालांकि, यह बढ़त अधिकांशतः प्रतीकात्मक और 0.3% से 0.8% के बीच सीमित रहती है, क्योंकि इस दिन ट्रेडिंग का उद्देश्य आक्रामक मुनाफा कमाना नहीं बल्कि समृद्धि की नींव रखना होता है।

3. मुहूर्त ट्रेडिंग 2026 के नियम और तकनीकी दिशा-निर्देश

नए निवेशकों को यह स्पष्ट समझना चाहिए कि मुहूर्त ट्रेडिंग सामान्य कारोबारी दिन की तरह ही पूरी तरह वास्तविक और वैधानिक होती है। सेबी (SEBI) और एक्सचेंजों के सभी नियम इस 70 मिनट के सत्र पर भी सख्ती से लागू होते हैं:

  • T+1 सेटलमेंट चक्र: 8 नवंबर 2026 को खरीदे गए शेयरों का सेटलमेंट T+1 आधार पर होगा। यानी खरीदे गए शेयर 9 नवंबर 2026 (सोमवार) को बाजार बंद होने के बाद आपके डीमैट खाते में क्रेडिट होंगे।
  • मार्जिन और फंड्स की उपलब्धता: शेयर खरीदने के लिए आपके ट्रेडिंग अकाउंट के लेजर में 100% नकद राशि पहले से उपलब्ध होनी चाहिए। त्योहारी बैंक अवकाश के कारण उसी दिन फंड ट्रांसफर में विलंब हो सकता है, इसलिए 7 नवंबर की शाम तक फंड्स जोड़ लें।
  • इंट्राडे और F&O ट्रेडिंग सीमाएं: यद्यपि फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) और इंट्राडे ट्रेडिंग खुली रहती है, परंतु 70 मिनट की अत्यधिक कम समयावधि में लिक्विडिटी कम और स्प्रेड अधिक होने के कारण भारी जोखिम रहता है। अधिकांश डिस्काउंट ब्रोकर्स 3:15 PM से 3:25 PM के बीच सभी अनिस्तारित इंट्राडे सौदों को काट (Square Off) देते हैं।
  • ब्रोकरेज व वैधानिक शुल्क: कुछ ब्रोकर्स मुहूर्त ट्रेडिंग पर अपना फ्लैट ब्रोकरेज चार्ज माफ कर देते हैं, परंतु सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT), एक्सचेंज टर्नओवर फीस, जीएसटी (18%) और सेबी टर्नओवर चार्ज शत-प्रतिशत लागू रहते हैं।

4. संवत 2083 के लिए टोकन निवेश: क्या खरीदें और क्या न खरीदें?

विज्ञापन / SPONSORED

मुहूर्त ट्रेडिंग में 'टोकन इन्वेस्टमेंट' (Token Investment) की परंपरा है। इसका आशय यह है कि आप अपनी वित्तीय क्षमता के अनुसार 1 शेयर, 10 शेयर या गोल्ड ईटीएफ की कुछ यूनिट्स खरीदकर नए संवत का स्वागत करते हैं। अनुभवी फंड मैनेजरों के अनुसार इस दिन निम्नलिखित संपत्तियों पर विचार करना चाहिए:

क. ब्लू-चिप और लार्ज-कैप स्टॉक्स (Blue-chip Equities)

मजबूत बैलेंस शीट, शून्य या कम कर्ज, और लगातार लाभांश (Dividend) देने वाली कंपनियों के शेयर जैसे रिलायंस इंडस्ट्रीज, टीसीएस, इंफोसिस, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी या आईटीसी। इन कंपनियों के शेयर खरीदने का उद्देश्य लंबी अवधि (5 से 10 वर्ष) में पूंजी वृद्धि करना होता है।

ख. गोल्ड ईटीएफ और सिल्वर ईटीएफ (Gold & Silver ETFs)

दिवाली पर सोने-चांदी की खरीदारी बेहद शुभ मानी जाती है। भौतिक सोने (ज्वेलरी या सिक्का) पर 3% जीएसटी और 10% से 20% तक मेकिंग चार्ज लगता है, जबकि गोल्ड ईटीएफ (जैसे निप्पॉन इंडिया गोल्ड ईटीएफ, एसबीआई गोल्ड ईटीएफ) खरीदने पर 99.5% शुद्धता के साथ कोई मेकिंग चार्ज नहीं लगता और शून्य लॉकर शुल्क रहता है। आप केवल ₹60 से ₹100 में भी 1 यूनिट खरीद सकते हैं।

ग. निफ्टी 50 और सेंसेक्स इंडेक्स फंड्स (Index Funds)

यदि आप किसी एक कंपनी का चयन करने में असमर्थ हैं, तो भारत के शीर्ष 50 व्यवसायों का प्रतिनिधित्व करने वाले निफ्टी 50 ईटीएफ (Nifty BeES) में टोकन निवेश करना सबसे सुरक्षित और विवेकपूर्ण विकल्प है।

5. मुहूर्त ट्रेडिंग में नए निवेशकों द्वारा की जाने वाली 5 गंभीर गलतियां

  1. मार्केट ऑर्डर (Market Order) लगाना: 70 मिनट के छोटे सत्र में बिड-आस्क स्प्रेड बहुत चौड़ा हो सकता है। मार्केट ऑर्डर लगाने पर शेयर अप्रत्याशित रूप से 2-5% ऊंची कीमत पर एग्जीक्यूट हो सकता है। हमेशा लिमिट ऑर्डर (Limit Order) ही लगाएं।
  2. सोशल मीडिया टिप्स और पेनी स्टॉक्स के पीछे भागना: टेलीग्राम और व्हाट्सएप पर दिवाली जैकपॉट के नाम पर चलने वाले घटिया पेनी स्टॉक्स से पूरी तरह दूर रहें।
  3. आक्रामक इंट्राडे और ऑप्शन बाइंग: केवल 1 घंटे के सत्र में टाइम डिके (Theta Decay) और कम वॉल्यूम के कारण ऑप्शन खरीदारों को भारी नुकसान हो सकता है।
  4. बैंक से तत्काल फंड ट्रांसफर पर निर्भर रहना: दिवाली के दिन यूपीआई सर्वर और बैंकिंग गेटवे पर लोड अधिक होता है। अंतिम मिनटों में पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश न करें।
  5. शॉर्ट सेलिंग (Short Selling) करना: मुहूर्त के दिन शेयर बाजार में उत्सव का माहौल रहता है और शॉर्ट सेलिंग करना भावनात्मक व वित्तीय दोनों दृष्टि से अत्यधिक जोखिम भरा माना जाता है।

6. संवत 2083 के लिए 5-स्तरीय पोर्टफोलियो रीबैलेंसिंग और टैक्स रणनीति

दिवाली का समय केवल नए शेयर खरीदने के लिए नहीं होता, बल्कि अपने मौजूदा पोर्टफोलियो की वार्षिक समीक्षा और पुनर्संतुलन (Portfolio Rebalancing) का सबसे उपयुक्त अवसर है। बजट 2026-27 के लागू होने के बाद इक्विटी कराधान के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं, जिन्हें ध्यान में रखकर ही रणनीति बनानी चाहिए:

  • लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेन्स (LTCG) छूट सीमा: अब 12 महीने से अधिक समय तक रखे गए इक्विटी शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड्स पर प्रति वित्तीय वर्ष ₹1.25 लाख तक का लाभ पूरी तरह कर-मुक्त है। ₹1.25 लाख से अधिक के लाभ पर 12.5% की दर से कर लगता है।
  • शॉर्ट-टर्म कैपिटल गेन्स (STCG): 12 महीने से कम अवधि में बेचे गए शेयरों पर 20% की फ्लैट दर से टैक्स लागू है। इसलिए बेवजह की शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग आपके शुद्ध रिटर्न को घटा देती है।
  • टैक्स-लॉस हार्वेस्टिंग (Tax-Loss Harvesting): यदि आपके पोर्टफोलियो में कुछ ऐसे कमजोर या घाटे वाले शेयर पड़े हैं जिनका भविष्य अनिश्चित है, तो उन्हें बेचकर अपने घाटे को बुक करें। इस घाटे को आप अपने मुनाफे (कैपिटल गेन्स) के सामने सेट-ऑफ कर सकते हैं, जिससे आपकी कुल टैक्स देनदारी में भारी कमी आएगी।
  • एसेट एलोकेशन फॉर्मूला (70:20:10): नए संवत में खुदरा निवेशकों को अपने कुल निवेश का 70% लार्ज व मिड-कैप इक्विटी, 20% फिक्स्ड इनकम / सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड / गोल्ड ईटीएफ, और 10% लिक्विड कैश या इमरजेंसी फंड में रखना चाहिए।

7. संस्थागत निवेशकों (FII व DII) का ऐतिहासिक प्रवाह और खुदरा सतर्कता

मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के दौरान घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs जैसे म्यूचुअल फंड हाउस, एलआईसी और बीमा कंपनियां) सामान्यतः सांकेतिक शुद्ध खरीदार (Net Buyers) रहते हैं। वहीं विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs/FIIs) वैश्विक ब्याज दरों और डॉलर इंडेक्स के उतार-चढ़ाव के अनुसार सक्रिय होते हैं।

इतिहास गवाह है कि मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन बाजार में वॉल्यूम सामान्य कारोबारी दिनों की तुलना में लगभग 20% से 30% ही रहता है। इसका अर्थ यह है कि छोटे-मोटे ऑर्डरों से भी कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव आ सकता है। इसलिए खुदरा निवेशकों को किसी भी प्रकार की घबराहट या 'फोमो' (FOMO - Fear of Missing Out) का शिकार नहीं होना चाहिए। शांति और धैर्य के साथ केवल पूर्व-निर्धारित ब्लू-चिप शेयरों में ही सांकेतिक खरीदारी करनी चाहिए।

8. मुहूर्त ट्रेडिंग से पहले 10-पॉइंट प्री-मार्केट चेकलिस्ट (Pre-Market Checklist)

  • [ ] क्या आपके ट्रेडिंग खाते में आवश्यक फंड्स 7 नवंबर की शाम तक क्रेडिट हो चुके हैं?
  • [ ] क्या आपके ब्रोकर ऐप का पासवर्ड और 2FA बायोमेट्रिक एक्टिव व अपडेटेड है?
  • [ ] क्या आपने उन 2 या 3 शेयरों की वॉचलिस्ट बना ली है जिन्हें आप खरीदना चाहते हैं?
  • [ ] क्या आपने मार्केट ऑर्डर के स्थान पर लिमिट प्राइस पहले से तय कर रखी है?
  • [ ] क्या आपका इंटरनेट कनेक्शन स्थिर है (ताकि 70 मिनट के दौरान डिस्कनेक्शन न हो)?
  • [ ] क्या आपका डीमैट खाता केवाईसी अनुपालन (Aadhaar-PAN Linked) के साथ सक्रिय है?
  • [ ] क्या आपने अनचाहे इंट्राडे लिवरेज से बचने के लिए 'CNC / Delivery' विकल्प चुना है?
  • [ ] क्या आपने अपने परिवार के सदस्यों को भी इस शुभ वित्तीय रस्म में शामिल किया है?
  • [ ] क्या आप किसी टेलीग्राम या व्हाट्सएप टिप्स चैनल के प्रभाव से पूरी तरह मुक्त हैं?
  • [ ] क्या आप यह समझते हैं कि आज का निवेश केवल त्वरित मुनाफे के लिए नहीं बल्कि दीर्घकालिक समृद्धि के लिए है?

9. त्योहारी सीजन में डीमैट साइबर सुरक्षा, 2FA व सेबी सुरक्षा गाइड

त्योहारी सीजन में ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, सोशल इंजीनियरिंग और फर्जी निवेश ऐप के जरिए होने वाले घोटालों में 40% की वृद्धि देखी जाती है। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने सभी डीमैट खाताधारकों के लिए निम्नलिखित साइबर सुरक्षा सावधानियां अनिवार्य की हैं:

  • अनिवार्य 2FA (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन): अपने ब्रोकर ऐप में केवल पासवर्ड पर निर्भर न रहें। बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट/फेस आईडी) और टी-पिन (TOTP) हमेशा सक्रिय रखें।
  • फर्जी आईपीओ व प्री-मार्केट लिंक से सावधान: किसी भी अनधिकृत व्हाट्सएप या टेलीग्राम ग्रुप में भेजे गए APK फाइल या वेब लिंक के जरिए शेयर न खरीदें। केवल एनएसई/बीएसई अधिकृत ब्रोकर्स के आधिकारिक ऐप का ही उपयोग करें।
  • सीडीएसएल/एनएसडीएल एसएमएस अलर्ट: सुनिश्चित करें कि आपके डीमैट खाते में आपका सही मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पंजीकृत है, ताकि किसी भी शेयर डेबिट या क्रेडिट का तत्काल एसएमएस आपको प्राप्त हो सके।

💰 शेयर बाजार लाभ पर टैक्स गणना (STCG & LTCG)

बजट 2026-27 के नए टैक्स नियमों के अनुसार शॉर्ट-टर्म (20%) व लॉन्ग-टर्म (12.5%) कैपिटल गेन्स टैक्स लाइव चेक करें।

टैक्स कैलकुलेटर खोलें →

10. नए संवत 2083 के लिए सेक्टर रोटेशन व थीमैटिक आउटलुक (Sectoral Outlook)

भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर 7% से ऊपर बनी रहने के अनुमानों के बीच, संवत 2083 में लंबी अवधि के निवेशकों के लिए चार प्रमुख सेक्टर्स सबसे आकर्षक दिखाई दे रहे हैं:

  • कैपिटल गुड्स व इन्फ्रास्ट्रक्चर: केंद्र सरकार के पूंजीगत व्यय (Capex) में निरंतर वृद्धि और गति शक्ति योजना के विस्तार से इन्फ्रास्ट्रक्चर, सीमेंट और भारी इंजीनियरिंग कंपनियों के ऑर्डर बुक रिकॉर्ड स्तर पर हैं।
  • डिफेंस व एरोस्पेस विनिर्माण: 'मेक इन इंडिया' और रक्षा निर्यात में तीव्र उछाल के कारण सार्वजनिक व निजी क्षेत्र की रक्षा उपकरण निर्माता कंपनियों में मजबूत ढांचागत विकास देखा जा रहा है।
  • अक्षय ऊर्जा व ग्रीन हाइड्रोजन: भारत के 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा लक्ष्य और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना जैसी पहलों से सोलर उपकरण, पावर ट्रांसमिशन और बैटरी स्टोरेज फर्मों में अभूतपूर्व संभावनाएं हैं।
  • निजी व सार्वजनिक बैंक: एनपीए (NPA) में ऐतिहासिक गिरावट और ऋण वृद्धि (Credit Growth) के दोहरे अंकों में रहने से बैंकिंग सेक्टर का वैल्यूएशन अभी भी ऐतिहासिक औसत के करीब आकर्षक बना हुआ है।
  • कंज्यूमर ड्यूरेबल्स व ऑटोमोबाइल: ग्रामीण मांग में सुधार और त्योहारी सीजन की मजबूत बिक्री से ऑटोमोबाइल, एफएमसीजी और कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में मध्यम अवधि के निवेशकों के लिए अच्छे मौके हैं।

11. अक्सर पूछे जाने वाले महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1. दिवाली 2026 में मुहूर्त ट्रेडिंग का मुख्य समय क्या है?

संवत 2083 के लिए मुहूर्त ट्रेडिंग रविवार, 8 नवंबर 2026 को आयोजित होगी। प्री-ओपन सत्र दोपहर 2:05 PM से 2:20 PM तक और मुख्य कंटीन्यूअस ट्रेडिंग दोपहर 2:20 PM से 3:30 PM (70 मिनट) तक चलेगी।

Q2. क्या मुहूर्त ट्रेडिंग में खरीदे गए शेयर वास्तविक होते हैं?

हाँ, मुहूर्त ट्रेडिंग केवल प्रतीकात्मक नहीं होती, बल्कि यह 100% वास्तविक शेयर बाजार लेन-देन होता है। खरीदे गए शेयर सामान्य T+1 सेटलमेंट चक्र के तहत आपके डीमैट खाते में ट्रांसफर होते हैं।

Q3. क्या मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र में इंट्राडे ट्रेडिंग की अनुमति होती है?

हाँ, इंट्राडे ट्रेडिंग की अनुमति होती है, लेकिन ब्रोकरेज फर्में (जैसे ज़ेरोधा, ग्रो, एंजेल वन) 3:15 PM से 3:25 PM के बीच सभी ओपन इंट्राडे पोजीशन स्वतः स्क्वायर-ऑफ (Square-off) कर देती हैं।

Q4. मुहूर्त ट्रेडिंग में नए निवेशकों को मार्केट ऑर्डर के बजाय लिमिट ऑर्डर क्यों लगाना चाहिए?

70 मिनट के छोटे सत्र में अत्यधिक वॉल्यूम के कारण कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव (Volatility) होता है। लिमिट ऑर्डर लगाने से आप अपनी तय कीमत पर ही शेयर खरीद पाते हैं और किसी अचानक स्पाइक में नुकसान से बचते हैं।

Q5. क्या मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन एसटीटी (STT) और ब्रोकरेज शुल्क माफ होते हैं?

नहीं, सरकारी कर जैसे STT, जीएसटी, एक्सचेंज टर्नओवर शुल्क और सेबी फीस सामान्य दरों पर लागू रहते हैं। हालांकि कुछ ब्रोकर सांकेतिक रूप से अपना फ्लैट ब्रोकरेज शुल्क शून्य या नाममात्र कर देते हैं।

Q6. मुहूर्त ट्रेडिंग में टोकन इनवेस्टिंग (Token Investment) के लिए क्या खरीदना सबसे शुभ माना जाता है?

परंपरागत रूप से निवेशक मजबूत फंडामेंटल वाले लार्ज-कैप ब्लू-चिप शेयर (जैसे रिलायंस, टीसीएस, एचडीएफसी बैंक), गोल्ड ईटीएफ (Gold ETF) अथवा निफ्टी 50 इंडेक्स फंड्स में टोकन निवेश करना शुभ मानते हैं।

Q7. मुहूर्त ट्रेडिंग सत्र के बाद शेयर बाजार कब सामान्य रूप से खुलेगा?

रविवार 8 नवंबर 2026 के 1 घंटे के मुहूर्त सत्र के बाद अगला सामान्य कारोबारी दिन सोमवार 9 नवंबर 2026 को सुबह 9:15 बजे से सामान्य 3:30 बजे तक रहेगा।

डिजिटल इंडिया • 28+ नि:शुल्क टूल्स

🛠️ सरकारी नागरिक व छात्र डिजिटल टूल्स हब 2026

सोलर सब्सिडी, इनकम टैक्स न्यू vs ओल्ड, फोटो रिसाइज़र, जमीन पैमाइश और AI टूल्स का 100% फ्री में उपयोग करें।

विज्ञापन / SPONSORED

क्या यह जानकारी आपके लिए उपयोगी रही?

अपने दोस्तों, परिजनों और ग्रुप्स में इस महत्वपूर्ण जानकारी को तुरंत शेयर करें:

💬 WhatsApp पर शेयर करें 📢 चैनल जॉइन करें
💬 WhatsApp शेयर 🔔 WhatsApp चैनल जॉइन करें