सरकारी दस्तावेज़ ⏱️ 8 मिनट पढ़ें 📅 3 अक्टूबर 2026

Birth Certificate ऑनलाइन कैसे बनाएं 2026: crsorgi.gov.in पर नया पोर्टल व नियम

SS
सुनीता शर्मा
वरिष्ठ नागरिक सेवा एवं दस्तावेज़ विशेषज्ञ

नागरिक सेवाओं, ई-गवर्नेंस, परिवहन और सार्वजनिक रिकॉर्ड्स की विश्लेषक।

त्वरित उत्तर (Quick Answer)

जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम के तहत 1 अक्टूबर से जन्म प्रमाण पत्र को एकल प्राथमिक दस्तावेज़ (Single Definitive Proof) बना दिया गया है। अब आधार कार्ड बनवाने, स्कूल या कॉलेज में प्रवेश, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, ड्राइविंग लाइसेंस और सरकारी नौकरी में नियुक्ति के लिए जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

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मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • **एकमात्र जन्म तिथि प्रमाण:** संशोधित कानून के तहत अब आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी और स्कूल दाखिले के लिए केवल डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र ही मान्य दस्तावेज़ है।
  • **21 दिन का गोल्डन पीरियड:** जन्म के 21 दिनों के भीतर आधिकारिक CRS पोर्टल (`crsorgi.gov.in`) पर रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त होता है।
  • **अस्पताल जन्म बनाम घरेलू जन्म:** अस्पताल में जन्म होने पर संस्थागत पंजीकरण सीधे अस्पताल द्वारा किया जाता है; घर पर जन्म होने पर माता-पिता सीधे पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
  • **लेट रजिस्ट्रेशन (Delayed Registration):** 21 दिन से 30 दिन में ₹2, 1 वर्ष तक ₹5 लेट फीस के साथ और 1 वर्ष से अधिक पुराने मामलों में एसडीएम/तहसीलदार के ऑर्डर के बाद ही प्रमाण पत्र बनता है।

📑 विषय सूची (Table of Contents)

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टारगेट ऑडियंस: नए माता-पिता, अभिभावक, छात्र और वे सभी नागरिक जिन्हें स्कूल एडमिशन, पासपोर्ट, आधार कार्ड या सरकारी नौकरी के लिए डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र बनवाना या लेट रजिस्ट्रेशन करवाना है।

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मुख्य बातें (Quick Takeaways)

  • एकमात्र जन्म तिथि प्रमाण: संशोधित कानून के तहत अब आधार कार्ड, पासपोर्ट, वोटर आईडी और स्कूल दाखिले के लिए केवल डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र ही मान्य दस्तावेज़ है।
  • 21 दिन का गोल्डन पीरियड: जन्म के 21 दिनों के भीतर आधिकारिक CRS पोर्टल (crsorgi.gov.in) पर रजिस्ट्रेशन बिल्कुल मुफ्त होता है।
  • अस्पताल जन्म बनाम घरेलू जन्म: अस्पताल में जन्म होने पर संस्थागत पंजीकरण सीधे अस्पताल द्वारा किया जाता है; घर पर जन्म होने पर माता-पिता सीधे पोर्टल पर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।
  • लेट रजिस्ट्रेशन (Delayed Registration): 21 दिन से 30 दिन में ₹2, 1 वर्ष तक ₹5 लेट फीस के साथ और 1 वर्ष से अधिक पुराने मामलों में एसडीएम/तहसीलदार के ऑर्डर के बाद ही प्रमाण पत्र बनता है।
  • डिजिटल क्यूआर कोड: नए प्रारूप वाले प्रमाण पत्र पर डिजिटल हस्ताक्षर और क्यूआर कोड होता है, जिसे किसी भी सरकारी काम में बिना अटेस्ट कराए सीधे स्वीकार किया जाता है।
  • आधिकारिक पोर्टल क्विक लिंक

  • ऑफिशियल वेबसाइट: Civil Registration System (CRS) Portal
  • हेल्पलाइन नंबर: 1800-180-1551 (टोल फ्री)
  • ईमेल सपोर्ट: crs-support@nic.in
  • सत्यापन माध्यम: क्यूआर कोड स्कैनर व रजिस्ट्रेशन नंबर
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    जन्म प्रमाण पत्र का नया कानून: अब आधार, पासपोर्ट और स्कूल एडमिशन के लिए यह क्यों अनिवार्य है?

    💡 सीधा उत्तर: जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) अधिनियम के तहत 1 अक्टूबर से जन्म प्रमाण पत्र को एकल प्राथमिक दस्तावेज़ (Single Definitive Proof) बना दिया गया है। अब आधार कार्ड बनवाने, स्कूल या कॉलेज में प्रवेश, मतदाता सूची में नाम जुड़वाने, ड्राइविंग लाइसेंस और सरकारी नौकरी में नियुक्ति के लिए जन्म प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना कानूनी रूप से अनिवार्य है।

    पहले कई जगहों पर 10वीं की मार्कशीट या हलफनामे (Affidavit) को जन्म तिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार कर लिया जाता था। लेकिन नए केंद्रीय डेटाबेस एकीकरण के बाद, भारत के महापंजीयक (RGI) के सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम (CRS) को सीधे राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR), राशन कार्ड, पासपोर्ट सेवा और चुनाव आयोग के डेटाबेस से जोड़ दिया गया है।

    इसका सीधा अर्थ यह है कि यदि आपके पास अधिकृत डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र नहीं है, तो बच्चे का आधार कार्ड या भविष्य में कोई भी बड़ा पहचान पत्र बनने में भारी अड़चन आएगी।

    पुराना सिस्टम (कई तरह के जन्म प्रमाण मान्य) ➡️ नया कानून (CRS डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र ही एकमात्र सिंगल डॉक्युमेंट)

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    21 दिन का गोल्डन पीरियड: अस्पताल में जन्म होने पर प्रमाण पत्र कैसे बनता है?

    💡 सीधा उत्तर: यदि बच्चे का जन्म किसी सरकारी या निजी अस्पताल में हुआ है, तो जन्म के 21 दिनों के भीतर पंजीकरण कराने की पूरी जिम्मेदारी अस्पताल प्रशासन की होती है। अस्पताल डिस्चार्ज स्लिप और माता-पिता के आधार कार्ड के आधार पर CRS पोर्टल पर विवरण दर्ज करता है और परिजनों को निःशुल्क रजिस्ट्रेशन स्लिप जारी करता है।

    अस्पताल में जन्म होने पर आपको किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर काटने की बिल्कुल जरूरत नहीं होती। इसकी सरल प्रक्रिया इस प्रकार है:

  • 1. दस्तावेज़ सौंपना: प्रसव के समय अस्पताल के रिसेप्शन या डिलीवरी वार्ड में माता और पिता दोनों का आधार कार्ड और विवाह प्रमाण या डिस्चार्ज बुकलेट जमा करें।
  • 2. जन्म सूचना फॉर्म (Form 1): अस्पताल का नोडल अधिकारी CRS पोर्टल के 'Institutional Registration' मॉड्यूल में नवजात का विवरण, लिंग, जन्म का समय और माता-पिता का स्थायी पता फीड करता है।
  • 3. सिस्टम जनरेटेड स्लिप: अस्पताल आपको एक पावती (Acknowledgment Slip) देगा, जिसमें जन्म रिपोर्ट नंबर दर्ज होता है।
  • 4. रजिस्ट्रार अप्रूवल: संबंधित नगर निगम या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का रजिस्ट्रार डेटा सत्यापित कर 7 से 15 दिनों के भीतर डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र जारी कर देता है।
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    घर पर जन्म होने पर ऑनलाइन crsorgi.gov.in पर फॉर्म भरने का स्टेप-बाय-स्टेप तरीका

    💡 सीधा उत्तर: घर पर हुए प्रसव के मामले में माता-पिता को 21 दिनों के भीतर crsorgi.gov.in पर 'General Public Signup' करके स्वयं आवेदन करना होता है। इसमें जन्म की तारीख, स्थान, पते का प्रमाण और माता-पिता के पहचान पत्र अपलोड करने के बाद स्थानीय रजिस्ट्रार (नगर पालिका या ग्राम पंचायत) द्वारा भौतिक सत्यापन उपरांत प्रमाण पत्र जारी होता है।

    स्टेप 1: पब्लिक यूजर रजिस्ट्रेशन

  • आधिकारिक वेबसाइट crsorgi.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर दाईं ओर "General Public Signup" विकल्प पर क्लिक करें।
  • अपना नाम, सक्रिय मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी दर्ज करें और अपने राज्य, जिले व स्थानीय निकाय (नगर निगम/ग्राम पंचायत) का चयन करें।
  • मोबाइल पर आए ओटीपी (OTP) को दर्ज कर पासवर्ड बनाएं।
  • स्टेप 2: जन्म रिपोर्टिंग फॉर्म भरना (Birth Event Reporting)

  • अपने लॉगिन आईडी और पासवर्ड से पोर्टल में प्रवेश करें।
  • मेनू में "Add Birth Registration" विकल्प चुनें।
  • प्राथमिक विवरण भरें:
  • बच्चे का विवरण: जन्म तिथि, लिंग, बच्चे का नाम (यदि तय हो चुका है, नहीं तो इसे बाद में भी जोड़ा जा सकता है)।
  • माता-पिता का विवरण: माता और पिता का नाम, आधार संख्या, मोबाइल नंबर, ईमेल और वर्तमान पेशा।
  • जन्म का स्थान: "House" चुनें और घर का पूरा पता पिन कोड सहित दर्ज करें।
  • स्टेप 3: आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करना

  • माता-पिता दोनों के आधार कार्ड की स्व-प्रमाणित कॉपी (PDF)।
  • निवास प्रमाण पत्र (बिजली का बिल, राशन कार्ड या वोटर आईडी)।
  • आशा वर्कर, एएनएम (ANM) या स्थानीय वार्ड पार्षद/ग्राम प्रधान द्वारा जारी जन्म पुष्टि पत्र।
  • स्टेप 4: सबमिशन और पावती

  • फॉर्म सबमिट करने के बाद एक रजिस्ट्रेशन एप्लीकेशन नंबर जनरेट होगा।
  • इसका प्रिंट आउट निकाल लें और 7 कार्य दिवसों के भीतर संबंधित ग्राम पंचायत अधिकारी या नगरपालिका रजिस्ट्रार कार्यालय में मूल दस्तावेज़ दिखाकर सत्यापन करवाएं।
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    लेट रजिस्ट्रेशन (Delayed Registration): 1 महीने, 1 साल या पुराने जन्म का प्रमाण पत्र कैसे बनवाएं?

    💡 सीधा उत्तर: जन्म के 21 दिन बीत जाने के बाद की प्रक्रिया को 'विलंबित पंजीकरण' कहा जाता है। 21 से 30 दिन के भीतर ₹2 लेट फीस के साथ रजिस्ट्रार की अनुमति, 30 दिन से 1 वर्ष के भीतर ₹5 लेट फीस व शपथ पत्र के साथ जिला रजिस्ट्रार/बीडीओ की अनुमति और 1 वर्ष से अधिक देरी पर प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट या एसडीएम (SDM) के कानूनी आदेश के बाद ही प्रमाण पत्र जारी किया जाता है।

    विलंब के तीन चरण और नियम:

    [जन्म का दिन] ➔ 21 दिन (मुफ्त) ➔ 30 दिन तक (रजिस्ट्रार स्तर) ➔ 1 वर्ष तक (बीडीओ/सीडीओ स्तर) ➔ 1 वर्ष से अधिक (एसडीएम न्यायालय आदेश)

    1. विलंब शुल्क और नोटरी शपथ पत्र (Affidavit) का प्रारूप

    यदि जन्म को 30 दिन से अधिक समय हो गया है, तो एक ₹10 या ₹50 के गैर-न्यायिक स्टांप पेपर पर नोटरी द्वारा प्रमाणित शपथ पत्र लगाना अनिवार्य है। इसमें माता-पिता द्वारा यह घोषणा की जाती है कि:

  • बच्चे का जन्म अमुक तिथि और पते पर हुआ था।
  • इससे पहले देश के किसी भी अन्य रजिस्ट्रार कार्यालय में इसका पंजीकरण नहीं कराया गया है।
  • पंजीकरण में देरी का वास्तविक कारण (जैसे अज्ञानता, बीमारी या पारिवारिक परिस्थिति) क्या था।
  • 2. एसडीएम / तहसीलदार से ऑर्डर पास कराने की ऑफलाइन प्रक्रिया (1 वर्ष से पुराने मामले)

    यदि व्यक्ति की उम्र 5, 10, 20 या 40 वर्ष हो चुकी है और अब जन्म प्रमाण पत्र बनवाना है:

  • 1. आवेदन फॉर्म: एसडीएम कोर्ट में 'Delayed Birth Order' का आवेदन प्रारूप प्राप्त करें।
  • 2. साक्ष्य दस्तावेज़:
  • स्कूल की 10वीं मार्कशीट या टीसी (Transfer Certificate)।
  • दोनों माता-पिता का पहचान पत्र या परिवार रजिस्टर की नकल।
  • दो स्थानीय प्रतिष्ठित व्यक्तियों (जैसे सरपंच या पार्षद) के बयान।
  • 3. पुलिस/पटवारी जांच रिपोर्ट: एसडीएम कार्यालय संबंधित क्षेत्र के हल्का पटवारी या स्थानीय थाने से जांच रिपोर्ट मांगता है कि आवेदक का जन्म स्थान व तिथि सत्य है या नहीं।
  • 4. कोर्ट ऑर्डर जारी होना: रिपोर्ट सकारात्मक मिलने पर एसडीएम आदेश जारी करता है। इस आदेश की मूल प्रति को CRS पोर्टल पर अपलोड कर संबंधित नगर निकाय से डिजिटल प्रमाण पत्र जारी कराया जाता है।
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    जन्म प्रमाण पत्र पंजीकरण समय-सीमा, शुल्क व अप्रूवल टेबल

    पंजीकरण का समय सरकारी फीस आवश्यक अप्रूवल लगने वाले मुख्य दस्तावेज़ सर्टिफिकेट मिलने का समय
    21 दिनों के भीतर शून्य (मुफ्त) अस्पताल / स्थानीय रजिस्ट्रार अस्पताल डिस्चार्ज स्लिप + आधार कार्ड 7 से 10 कार्य दिवस
    21 से 30 दिनों के भीतर ₹2 लेट फीस स्थानीय रजिस्ट्रार (नगर पालिका/पंचायत) देरी का लिखित कारण + आईडी प्रूफ 10 से 15 कार्य दिवस
    30 दिन से 1 वर्ष के भीतर ₹5 लेट फीस बीडीओ (BDO) / जिला रजिस्ट्रार नोटरी शपथ पत्र + निवास व जन्म साक्ष्य 15 से 21 कार्य दिवस
    1 वर्ष से अधिक पुराना जन्म ₹10 लेट फीस एसडीएम (SDM) / प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट एसडीएम कोर्ट ऑर्डर + पटवारी रिपोर्ट + स्कूल टीसी 30 से 45 कार्य दिवस
    नाम जुड़वाना (Child Name Addition) शून्य (1 वर्ष में) संबंधित रजिस्ट्रार माता-पिता का आवेदन + आधार कार्ड 3 से 5 कार्य दिवस

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    जन्म प्रमाण पत्र में बच्चे का नाम न होने पर बाद में नाम कैसे जुड़वाएं? (Name Addition)

    💡 सीधा उत्तर: जन्म के समय यदि बच्चे का नामकरण नहीं हुआ था, तो प्रमाण पत्र पर 'Child Name: Blank' लिखा आता है। जन्म की तारीख से 1 वर्ष के भीतर माता-पिता बिना किसी शुल्क के CRS पोर्टल पर ऑनलाइन लॉगिन करके या रजिस्ट्रार दफ्तर में सादा आवेदन देकर बच्चे का नाम मुफ्त में जुड़वा सकते हैं। 1 वर्ष बाद इसके लिए मामूली फीस लगती है।

    नाम जोड़ने की ऑनलाइन प्रक्रिया:

  • 1. CRS पोर्टल पर लॉगिन करें और "Child Name Addition" सेक्शन में जाएं।
  • 2. अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्म वर्ष दर्ज करें।
  • 3. बच्चे का सही नाम (अंग्रेजी और हिंदी में) भरें। ध्यान रहे कि वर्तनी (Spelling) वही होनी चाहिए जो भविष्य में स्कूल दाखिले और आधार कार्ड में रखी जानी है।
  • 4. माता-पिता के संयुक्त हस्ताक्षर वाला अनुरोध पत्र और बच्चे के टीकाकरण कार्ड की प्रति अपलोड करें।
  • 5. रजिस्ट्रार 3 दिनों के भीतर नाम जोड़कर नया अपडेटेड पीडीएफ सर्टिफिकेट जारी कर देगा।
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    डिजिटल साइन्ड जन्म प्रमाण पत्र पीडीएफ में ऑनलाइन डाउनलोड और क्यूआर कोड वेरिफिकेशन

    💡 सीधा उत्तर: प्रमाण पत्र जारी होने के बाद आवेदक crsorgi.gov.in या अपने राज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्म तिथि डालकर डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित प्रमाण पत्र पीडीएफ फॉर्मेट में डाउनलोड कर सकते हैं। इसके शीर्ष या निचले भाग पर मौजूद क्यूआर कोड को मोबाइल कैमरे से स्कैन करके इसकी प्रामाणिकता तुरंत जांची जा सकती है।

    ओरिजिनल प्रमाण पत्र की पहचान:

  • अशोक स्तंभ का वाटरमार्क: केंद्र सरकार के अधिकृत सिंबल की सुरक्षा परत।
  • डिजिटल सिग्नेचर (Green Tick): पीडीएफ में रजिस्ट्रार का क्रिप्टोग्राफिक डिजिटल हस्ताक्षर होता है।
  • विशिष्ट पंजीकरण संख्या (Unique Registration Number): पूरे देश में 16 से 20 अंकों की एक अनूठी संख्या होती है।
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    आम नागरिक समस्याएं और उनका समाधान (Troubleshooting Guide)

    1. समस्या: अस्पताल ने जन्म दर्ज कर दिया लेकिन पोर्टल पर 'No Record Found' आ रहा है

  • समाधान: कई बार सरकारी या निजी अस्पताल बैच प्रोसेसिंग में 7 से 10 दिन का समय लेते हैं। अस्पताल के जन्म रिकॉर्ड रूम (Record Room) से संपर्क करें और अपना 'Birth Report Number' मांगें। यदि अस्पताल का डेटा सिंक नहीं हुआ है तो वे मैन्युअल एंट्री पुश कर देंगे।
  • 2. समस्या: नाम या जन्म तिथि में टाइपिंग की गलती हो गई है

  • समाधान: यदि प्रमाण पत्र जारी हो चुका है, तो आप ऑनलाइन एडिट नहीं कर सकते। इसके लिए आपको संबंधित रजिस्ट्रार कार्यालय में मूल दस्तावेज़ों और एक हलफनामे के साथ 'सुधार आवेदन' (Correction Application) देना होगा। रजिस्ट्रार अपने एडमिन लॉगिन से सुधार करेगा।
  • 3. समस्या: पुराना हाथ से बना (Manual) प्रमाण पत्र है, क्या वह अब भी मान्य है?

  • समाधान: नहीं, नए नियमों के अनुसार स्कूलों और पासपोर्ट कार्यालयों में केवल क्यूआर कोड युक्त डिजिटल प्रमाण पत्र ही स्वीकार किए जाते हैं। अपने पुराने हस्तलिखित प्रमाण पत्र को लेकर नगर निगम जाएं और उसे डिजिटल सिस्टम में डिजिटाइज (Digitize) करवाएं।
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    महत्वपूर्ण लिंक्स और संबंधित सेवाएं

  • अपने बच्चे का स्कूल पहचान कार्ड बनाएं: APAAR ID स्टूडेंट कार्ड रजिस्ट्रेशन
  • वोटर आईडी में सुधार या जन्म तिथि अपडेट: Voter ID Form 8 करेक्शन ऑनलाइन
  • नए पासपोर्ट के लिए आवेदन करें: पासपोर्ट सेवा 2.0 तत्काल गाइड
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    अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

    Q1. क्या जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए माता-पिता दोनों का आधार कार्ड होना अनिवार्य है?

    हाँ, संशोधित अधिनियम के तहत शिशु का पंजीकरण करते समय माता और पिता दोनों का आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। एकल माता-पिता (Single Parent) या अनाथालय के मामलों में इसके विशेष कानूनी नियम व छूट लागू होते हैं।

    Q2. अगर जन्म के 21 दिन निकल गए हों तो क्या बच्चे पर कोई कानूनी पेनाल्टी लगेगी?

    नहीं, कोई कानूनी अपराध नहीं बनता। केवल मामूली विलंब शुल्क (₹2 से ₹10) और संबंधित प्राधिकारी (रजिस्ट्रार या एसडीएम) की अनुमति प्राप्त करने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

    Q3. क्या अस्पताल में बने जन्म प्रमाण पत्र पर किसी सरकारी दफ्तर से मुहर लगवानी पड़ती है?

    बिल्कुल नहीं। अस्पताल या नगर निकाय द्वारा जारी कंप्यूटर जनरेटेड क्यूआर कोड युक्त जन्म प्रमाण पत्र पूरी तरह वैध होता है। इस पर किसी भी राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) या नोटरी की अलग से मुहर लगवाने की आवश्यकता नहीं होती।

    Q4. क्या वयस्क (18 वर्ष से ऊपर) व्यक्ति भी नया जन्म प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं?

    हाँ, जिनका जन्म कभी रजिस्टर नहीं हुआ था, वे एसडीएम कोर्ट के आदेश के माध्यम से 'विलंबित जन्म पंजीकरण' (Delayed Registration) करवाकर जीवन के किसी भी पड़ाव पर डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

    Q5. जन्म प्रमाण पत्र खो जाने पर डुप्लीकेट कॉपी कैसे निकालें?

    यदि आपके पास पुराना रजिस्ट्रेशन नंबर है, तो आप crsorgi.gov.in या अपने राज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर जाकर इसे मुफ्त में दोबारा डाउनलोड कर सकते हैं। यदि नंबर खो गया है, तो नगर निगम के जन्म शाखा में जन्म वर्ष और माता-पिता के नाम से रजिस्टर सर्च करवाकर डुप्लीकेट कॉपी ली जा सकती है।

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    अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

    Q. क्या जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए माता-पिता दोनों का आधार कार्ड होना अनिवार्य है?

    A. हाँ, संशोधित अधिनियम के तहत शिशु का पंजीकरण करते समय माता और पिता दोनों का आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। एकल माता-पिता (Single Parent) या अनाथालय के मामलों में इसके विशेष कानूनी नियम व छूट लागू होते हैं।

    Q. अगर जन्म के 21 दिन निकल गए हों तो क्या बच्चे पर कोई कानूनी पेनाल्टी लगेगी?

    A. नहीं, कोई कानूनी अपराध नहीं बनता। केवल मामूली विलंब शुल्क (₹2 से ₹10) और संबंधित प्राधिकारी (रजिस्ट्रार या एसडीएम) की अनुमति प्राप्त करने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करनी होती है।

    Q. क्या अस्पताल में बने जन्म प्रमाण पत्र पर किसी सरकारी दफ्तर से मुहर लगवानी पड़ती है?

    A. बिल्कुल नहीं। अस्पताल या नगर निकाय द्वारा जारी कंप्यूटर जनरेटेड क्यूआर कोड युक्त जन्म प्रमाण पत्र पूरी तरह वैध होता है। इस पर किसी भी राजपत्रित अधिकारी (Gazetted Officer) या नोटरी की अलग से मुहर लगवाने की आवश्यकता नहीं होती।

    Q. क्या वयस्क (18 वर्ष से ऊपर) व्यक्ति भी नया जन्म प्रमाण पत्र बनवा सकते हैं?

    A. हाँ, जिनका जन्म कभी रजिस्टर नहीं हुआ था, वे एसडीएम कोर्ट के आदेश के माध्यम से 'विलंबित जन्म पंजीकरण' (Delayed Registration) करवाकर जीवन के किसी भी पड़ाव पर डिजिटल जन्म प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं।

    Q. जन्म प्रमाण पत्र खो जाने पर डुप्लीकेट कॉपी कैसे निकालें?

    A. यदि आपके पास पुराना रजिस्ट्रेशन नंबर है, तो आप `crsorgi.gov.in` या अपने राज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर जाकर इसे मुफ्त में दोबारा डाउनलोड कर सकते हैं। यदि नंबर खो गया है, तो नगर निगम के जन्म शाखा में जन्म वर्ष और माता-पिता के नाम से रजिस्टर सर्च करवाकर डुप्लीकेट कॉपी ली जा सकती है।

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