सरकारी दस्तावेज़ ⏱️ 19 मिनट पढ़ें 📅 04 अक्टूबर 2026

पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर नई कार पर 25% टैक्स छूट: व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी व सर्टिफिकेट प्रोसेस

SS
सुनीता शर्मा
ई-गवर्नेंस एवं नागरिक अधिकार विशेषज्ञ

विगत 7 वर्षों से सड़क परिवहन मंत्रालय (MoRTH), वाहन पोर्टल, आरटीओ नियमों, वाहन स्क्रैपेज पॉलिसी और नागरिक डिजिटल सेवाओं पर निरंतर विश्लेषणात्मक लेखन।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

नेशनल व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी के तहत जब आप अपनी पुरानी अनफिट गाड़ी को सरकार द्वारा अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर (RVSF) में जमा करते हैं, तो आपको एक डिजिटल 'सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट' (Certificate of Deposit - CD) मिलता है। इस सर्टिफिकेट को नई गाड़ी खरीदते समय डीलर को दिखाने पर नई गैर-व्यावसायिक गाड़ी के मोटर व्हीकल टैक्स (रोड टैक्स) में 25% (व्यावसायिक में 15%) की सीधी छूट मिलती है, नई गाड़ी का आरटीओ रजिस्ट्रेशन शुल्क 100% माफ हो जाता है और ऑटो कंपनियां 5% से 6% तक का अतिरिक्त डिस्काउंट देती हैं।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • 25% रोड टैक्स की सीधी छूट: नई प्राइवेट कार या टू-व्हीलर की खरीद पर राज्य सरकार के रोड टैक्स में पूरे 25% की कटौती मिलती है।
  • रजिस्ट्रेशन फीस पूरी तरह माफ: नई गाड़ी के आरसी रजिस्ट्रेशन शुल्क का एक भी रुपया नहीं देना होता, नियम के तहत यह 100% शून्य है।
  • कार निर्माता कंपनियों का 5-6% डिस्काउंट: मारुति, टाटा, महिंद्रा, हुंडई जैसी प्रमुख कंपनियां स्क्रैपेज सर्टिफिकेट पर गाड़ी के एक्स-शोरूम प्राइस पर अतिरिक्त छूट दे रही हैं।
  • ट्रेडेबल है सीडी सर्टिफिकेट: अगर आप तुरंत नई कार नहीं खरीदना चाहते, तो आप अपने 'सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट' को 'वाहन' पोर्टल पर किसी अन्य खरीदार को बेचकर नकद पैसे कमा सकते हैं।
  • कानूनी झंझटों से मुक्ति: अधिकृत RVSF सेंटर पर गाड़ी स्क्रैप होने पर गाड़ी का चेसिस नंबर स्थायी रूप से नष्ट कर चेसिस कट आउट सर्टिफिकेट जारी किया जाता है, जिससे गाड़ी के दुरुपयोग का कोई डर नहीं रहता।
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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), भारत सरकार
राष्ट्रीय व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी 2026 - छूट व लाभ प्रोफाइल
मापदंड / श्रेणी सरकारी नियम व प्रावधान आवश्यक दस्तावेज़ / प्रक्रिया छूट / आर्थिक लाभ काम की टिप
प्राइवेट वाहन (कार/बाइक) 15 वर्ष पूरे होने पर स्वचालित फिटनेस टेस्ट अनिवार्य; अनफिट होने पर स्क्रैप अनिवार्य। मूल आरसी (RC), आधार कार्ड, बैंक खाता पासबुक और गाड़ी का अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC)। रोड टैक्स में 25% छूट + रजिस्ट्रेशन फीस 100% माफ + मेटल स्क्रैप वैल्यू। दिल्ली-एनसीआर में 10 साल पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियां सड़क पर चलना गैरकानूनी हैं।
कमर्शियल वाहन (ट्रक/बस/टैक्सी) 8 वर्ष बाद प्रतिवर्ष फिटनेस टेस्ट, 15 वर्ष बाद फिटनेस फेल होने पर अनिवार्य स्क्रैप। फिटनेस फेल रिपोर्ट, परमिट कैंसिलेशन स्लिप, टैक्स क्लीयरेंस और पैन कार्ड। नए कमर्शियल वाहन के रोड टैक्स में 15% छूट + 5% OEM डिस्काउंट। कमर्शियल वाहनों के स्क्रैप से नए इलेक्ट्रिक या सीएनजी फ्लीट अपग्रेड पर भारी सब्सिडी उपलब्ध है।
सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CD) RVSF सेंटर द्वारा डिजिटल रूप से 'वाहन' (VAHAN) पोर्टल पर जनरेट किया गया वैध प्रमाण-पत्र। गाड़ी कटने के बाद चेसिस नंबर काटकर नष्ट किए जाने की वीडियो रिकॉर्डिंग और तस्वीरें। 3 साल तक वैध; किसी भी व्यक्ति को वाहन पोर्टल पर ऑनलाइन ट्रांसफर या सेल करने की सुविधा। यदि आप नई गाड़ी नहीं खरीद रहे हैं, तो अपना CD सर्टिफिकेट कार डीलरों या नए खरीदारों को बेच सकते हैं।
स्क्रैप वैल्यू (कबाड़ का नकद मूल्य) गाड़ी के कुल वजन और मौजूदा स्टील/एल्युमिनियम स्क्रैप रेट के आधार पर बैंक ट्रांसफर। कैंसल्ड चेक या बैंक पासबुक (रजिस्टर्ड वाहन मालिक के नाम का खाता)। नई गाड़ी के एक्स-शोरूम मूल्य का लगभग 4% से 6% सीधे आपके बैंक खाते में। गाड़ी देने से पहले अपनी गाड़ी का ड्राई-वेट (कर्ब वेट) चेक कर लें ताकि कबाड़ का सही वजन दर्ज हो।
ऑटोमोबाइल निर्माता छूट (OEMs) सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) के साथ MoRTH का एमओयू समझौता। शोरूम पर बुकिंग के समय CD सर्टिफिकेट नंबर और ओनरशिप ऑथेंटिकेशन। एक्स-शोरूम कीमत पर 1.5% से 3% (कमर्शियल में 3% तक) की अतिरिक्त कैश छूट। गाड़ी की बुकिंग कराने से पहले ही डीलर से स्क्रैपेज बोनस की लिखित पुष्टि कोटेशन में ले लें।

📑 विषय सूची (Table of Contents)

🎯 यह गाइड किन वाहन मालिकों के लिए सबसे ज्यादा काम की है?

जिनके पास 10 से 15 साल पुरानी पेट्रोल या डीजल कार, बाइक, स्कूटर या ट्रक हैं; जो नई गाड़ी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और 40,000 से लेकर 2.5 लाख रुपये तक की टैक्स बचत करना चाहते हैं; अथवा जिनकी पुरानी गाड़ी का आरसी रिन्यूअल या फिटनेस टेस्ट पेंडिंग है।

आधिकारिक केंद्रीय पोर्टल
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) स्क्रैपेज पोर्टल: vahan.parivahan.gov.in/vahanscrappingweb
पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा (RVSF) लोकेटर और ऑनलाइन डिपॉजिट सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन सुविधा उपलब्ध।

1. भारत की नई व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी: 15 साल पुरानी पेट्रोल और 10 साल पुरानी डीजल गाड़ियों के नियम

सीधा उत्तर: व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी 2026 के अनुसार, निजी गाड़ियों (Private Vehicles) को 15 साल बाद और व्यावसायिक गाड़ियों (Commercial Vehicles) को 8 साल बाद ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) पर फिटनेस टेस्ट पास करना अनिवार्य है। दिल्ली-एनसीआर में एनजीटी (NGT) के आदेशानुसार 10 साल से पुरानी डीजल और 15 साल पुरानी पेट्रोल गाड़ियों का चलना पूर्णतः प्रतिबंधित है। यदि गाड़ी फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाती है, तो उसका दोबारा रजिस्ट्रेशन नहीं हो सकता और उसे अधिकृत RVSF सेंटर में स्क्रैप कराना ही एकमात्र कानूनी विकल्प है।

यदि आपके आंगन या गैराज में कई सालों से पुरानी गाड़ी खड़ी है, तो यह केवल धूल नहीं खा रही है, बल्कि उस पर हर साल पेनल्टी और ग्रीन टैक्स का मीटर भी घूम रहा है। भारत सरकार ने देश से पुराने, प्रदूषण फैलाने वाले और असुरक्षित वाहनों को सड़क से हटाने के लिए स्वैच्छिक वाहन-बेड़ा आधुनिकीकरण कार्यक्रम (Voluntary Vehicle-Fleet Modernization Program - VVMP) लागू किया है, जिसे आम बोलचाल में 'व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी' कहा जाता है।

इस पॉलिसी का सबसे बड़ा मकसद यह है कि लोग अपनी मर्जी से पुरानी अनफिट गाड़ियों को हटाकर नई, सुरक्षित और कम प्रदूषण करने वाली गाड़ियां खरीदें। इसके लिए सरकार केवल लाठी (जुर्माना या जब्ती) का इस्तेमाल नहीं कर रही, बल्कि भारी-भरकम गाजर (आर्थिक लाभ और टैक्स छूट) भी दे रही है।

⚠️ ध्यान देने योग्य नियम: 15 साल पूरे होने का मतलब यह नहीं है कि गाड़ी अपने आप कबाड़ हो गई। यदि आप गाड़ी को स्क्रैप नहीं कराना चाहते, तो आप अधिकृत ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) पर फिटनेस टेस्ट करा सकते हैं। फिटनेस पास होने पर 5 साल के लिए आरसी रिन्यू हो जाती है। लेकिन रिन्यूअल फीस अब 8 गुना तक बढ़ा दी गई है और साथ में ग्रीन टैक्स भी वसूला जाता है। यदि गाड़ी टेस्ट में फेल होती है, तो उसे स्क्रैप करना कानूनी मजबूरी बन जाता है।

2. डिपॉजिट सर्टिफिकेट (Certificate of Deposit - CD) क्या है और इस पर क्या-क्या छूट मिलती है?

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सीधा उत्तर: डिपॉजिट सर्टिफिकेट (CD) एक डिजिटल सरकारी दस्तावेज है, जो अधिकृत रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) द्वारा पुरानी गाड़ी जमा करने पर 'वाहन' (VAHAN) पोर्टल के माध्यम से सीधे मालिक के नाम जारी किया जाता है। यह इस बात का कानूनी प्रमाण है कि आपने अपनी पुरानी गाड़ी का चेसिस नष्ट करवा दिया है। इस सर्टिफिकेट को नई गाड़ी की खरीद पर पेश करने से रोड टैक्स में 25% तक की छूट, 100% रजिस्ट्रेशन फीस माफी और ऑटो कंपनियों की तरफ से 5-6% तक का विशेष डिस्काउंट मिलता है।

जब आप अपनी पुरानी गाड़ी किसी अधिकृत सेंटर पर ले जाते हैं, तो आपको केवल कबाड़ का लोहा-प्लास्टिक का पैसा नहीं मिलता, बल्कि सबसे कीमती चीज मिलती है सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CD)। इस सर्टिफिकेट की अहमियत ठीक वैसी ही है जैसे बैंक का फिक्स्ड डिपॉजिट या कोई डिस्काउंट कूपन।

यह सर्टिफिकेट भौतिक (कागजी) रूप में होने के साथ-साथ सड़क परिवहन मंत्रालय के 'वाहन' नेशनल डेटाबेस में दर्ज हो जाता है। जब भी आप किसी भी कार डीलर के पास नई गाड़ी बुक कराने जाते हैं, तो डीलर आपके पैन या आधार से लिंक इस सीडी सर्टिफिकेट को सिस्टम में पंच करता है। इसके पंच होते ही सिस्टम अपने आप टैक्स और फीस को घटाकर नया इनवॉइस जनरेट कर देता है।

नई गाड़ी के रोड टैक्स में 25% (कमर्शियल में 15%) की सीधी छूट

गाड़ी खरीदते समय ऑन-रोड प्राइस का एक बहुत बड़ा हिस्सा 'मोटर व्हीकल टैक्स' या 'रोड टैक्स' होता है, जो अमूमन 8% से लेकर 14% तक होता है। 10 लाख रुपये की कार पर रोड टैक्स लगभग 80,000 से 1,00,000 रुपये तक बैठता है।

  • प्राइवेट गाड़ियों पर: यदि आप सीडी सर्टिफिकेट लगाते हैं, तो राज्य सरकारें नई गैर-परिवहन (Non-Transport/Private) कार या दोपहिया के रोड टैक्स में 25% की फ्लैट छूट देती हैं। यानी 1 लाख के रोड टैक्स पर सीधे 25,000 रुपये की बचत।
  • व्यावसायिक गाड़ियों पर: नए ट्रक, बस, टैक्सी या डिलीवरी वैन की खरीद पर रोड टैक्स में 15% तक की छूट मिलती है। बड़े ट्रकों के मामले में यह छूट 60,000 से 1.20 लाख रुपये तक बैठती है।
  • छूट की अवधि: प्राइवेट गाड़ियों के लिए यह सीडी सर्टिफिकेट जारी होने की तारीख से 3 साल तक वैध रहता है। यानी आपको तुरंत उसी हफ्ते नई गाड़ी खरीदने की हड़बड़ी नहीं है, आप इत्मीनान से 3 साल के भीतर कभी भी छूट भुना सकते हैं।

नई गाड़ी का रजिस्ट्रेशन शुल्क पूरी तरह शून्य (माफ)

सड़क परिवहन मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR 1989) के नियम 57 में ऐतिहासिक संशोधन किया है। इसके मुताबिक, जब भी कोई नागरिक स्क्रैपेज सर्टिफिकेट (CD) के आधार पर नई गाड़ी का रजिस्ट्रेशन कराता है, तो केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित पंजीकरण शुल्क (Registration Fee) पूरी तरह शून्य (Zero/Waived) कर दिया जाता है।

सामान्य तौर पर नई प्राइवेट कार का आरसी रजिस्ट्रेशन शुल्क 600 से 1,500 रुपये और इंपोर्टेड लग्जरी कारों पर 5,000 से 40,000 रुपये तक होता है। हालांकि यह बचत रोड टैक्स जितनी बड़ी नहीं है, लेकिन आरटीओ से जुड़ी हर एक कागजी फीस पूरी तरह माफ हो जाती है।

कार कंपनियों द्वारा 5% से 6% का अलग से डिस्काउंट

सरकार के दबाव और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऑटोमोबाइल निर्माताओं के संगठन (SIAM) ने भी स्क्रैपेज पॉलिसी को अपना समर्थन दिया है। देश की सभी प्रमुख ऑटो कंपनियां पुरानी गाड़ी का सीडी सर्टिफिकेट दिखाने पर अपनी तरफ से विशेष स्क्रैपेज बोनस दे रही हैं:

1
मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स और हुंडई: नई यात्री कार की खरीद पर एक्स-शोरूम कीमत पर 1.5% से लेकर 3% तक का अतिरिक्त डिस्काउंट (लगभग 15,000 से 45,000 रुपये)।
2
महिंद्रा, टोयोटा और किआ: एसयूवी और प्रीमियम सेग्मेंट में स्क्रैप सर्टिफिकेट पेश करने पर फ्लैट 25,000 से 50,000 रुपये का स्पेशल स्क्रैपेज लॉयल्टी वाउचर।
3
अशोक लेलैंड, भारत बेंज और टाटा कमर्शियल: कमर्शियल ट्रकों और बसों की खरीद पर एक्स-शोरूम मूल्य पर 3% से 5% तक की बड़ी छूट।

3. अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर (RVSF) पर पुरानी गाड़ी कैसे जमा करें?

सीधा उत्तर: पुरानी गाड़ी जमा करने के लिए आधिकारिक 'वाहन' पोर्टल (vahan.parivahan.gov.in) पर जाकर 'National Vehicle Scrappage' विकल्प चुनें। अपने राज्य का नजदीकी अधिकृत रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) सेंटर चुनें, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज कर ऑनलाइन अपॉइंटमेंट बुक करें। सेंटर पर मूल आरसी, आधार कार्ड और बैंक पासबुक लेकर जाएं। गाड़ी का वजन और भौतिक सत्यापन होने के 24 घंटे के भीतर कबाड़ का पैसा सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाता है और डिजिटल सीडी सर्टिफिकेट ऑनलाइन जारी हो जाता है।

गाड़ी को अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्र (RVSF - Registered Vehicle Scrapping Facility) में देना बेहद आसान और सुरक्षित है। यह पूरी प्रक्रिया 100% पारदर्शी और डिजिटल है:

  1. ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन: MoRTH के स्क्रैपेज पोर्टल पर जाएं या सीधे अपने नजदीकी RVSF सेंटर (जैसे मारुति सुजुकी टोयोत्सु, टाटा मोटर्स रजिस्टर्ड स्क्रैपिंग सेंटर आदि) से संपर्क करें।
  2. गाड़ी का रिकॉर्ड सत्यापन: सिस्टम चेक करेगा कि गाड़ी पर कोई पेंडिंग कोर्ट केस, चोरी की एफआईआर या ट्रैफिक चालान बकाया तो नहीं है। यदि कोई पुराना चालान है, तो उसे ऑनलाइन जमा करना होगा।
  3. गाड़ी की डिलीवरी या पिकअप: आप स्वयं गाड़ी चलाकर या टो कराकर सेंटर ले जा सकते हैं, या कई RVSF केंद्र आपके घर से फ्री पिकअप की सुविधा भी देते हैं।
  4. वजन और स्क्रैप मूल्य निर्धारण: सेंटर पर इलेक्ट्रॉनिक वे-ब्रिज पर गाड़ी का कुल वजन तोला जाता है। इंजन, चेसिस और बॉडी के वजन के अनुसार मौजूदा मेटल मार्केट रेट से कबाड़ का मूल्य (Scrap Value) तय होता है (औसतन एक पुरानी हैचबैक पर 25,000 से 45,000 रुपये)।
  5. डी-रजिस्ट्रेशन और आरटीओ कैंसिलेशन: RVSF सेंटर अपने सिस्टम से आरटीओ को सूचना भेजता है। आरटीओ डेटाबेस में उस गाड़ी का रजिस्ट्रेशन हमेशा के लिए 'Deregistered / Scrapped' मार्क हो जाता है।
  6. सर्टिफिकेट और पेमेंट जारी: 24 से 48 घंटे के भीतर स्क्रैप का पैसा आपके बैंक खाते में पहुंच जाता है और आपका 'Certificate of Deposit' आपके मोबाइल नंबर पर एसएमएस और डिजिलॉकर में डाउनलोड के लिए आ जाता है।

4. अनरजिस्टर्ड कबाड़ियों के पास गाड़ी बेचने से क्यों बचना चाहिए? (कानूनी जोखिम)

सीधा उत्तर: मायापुरी (दिल्ली), सोटिगंज (मेरठ) या लोकल अनरजिस्टर्ड कबाड़ियों को पुरानी गाड़ी बेचने पर न तो आपको कोई स्क्रैप सर्टिफिकेट (CD) मिलता है और न ही आरटीओ से गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रद्द होता है। यदि कबाड़ी आपकी गाड़ी का इंजन या चेसिस नंबर बदलकर किसी अपराध, शराब तस्करी, गैरकानूनी गतिविधियों या सड़क दुर्घटना में इस्तेमाल करता है, तो पुलिस रिकॉर्ड में मालिक होने के नाते जेल और कानूनी मुकदमों का सामना सीधे आपको ही करना पड़ेगा।

अक्सर लोग 2,000 या 5,000 रुपये ज्यादा मिलने के लालच में अपनी पुरानी गाड़ी मोहल्ले के लोकल कबाड़ी या किसी अनरजिस्टर्ड स्क्रैप डीलर को बेच देते हैं। यह आपकी जिंदगी की सबसे बड़ी भूल साबित हो सकती है। जानिए क्यों:

  • आरसी आपके नाम ही रह जाती है: लोकल कबाड़ी कभी भी आरटीओ में जाकर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन रद्द नहीं कराता। कानून की नजर में वह गाड़ी आज भी आपकी मिल्कियत है।
  • चेसिस और इंजन का क्लोनिंग: चोर-उचक्के पुरानी गाड़ियों के चेसिस नंबर को काटकर चोरी की गाड़ियों पर वेल्ड कर देते हैं। जब ऐसी गाड़ी पकड़ी जाती है, तो पुलिस सीधे पहले रजिस्टर्ड मालिक के घर का दरवाजा खटखटाती है।
  • हिट एंड रन में करोड़ों का क्लेम: यदि उस गाड़ी से कोई एक्सीडेंट हो जाता है, तो मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) के तहत मरने वाले के परिवार को करोड़ों रुपये का मुआवजा देने की कानूनी देनदारी गाड़ी के ऑन-पेपर मालिक (यानी आपकी) होगी, क्योंकि गाड़ी का बीमा पहले ही खत्म हो चुका होता है।
  • टैक्स छूट का शून्य लाभ: लोकल कबाड़ी कोई भी सरकारी 'सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट' जारी नहीं कर सकता। यानी नई कार पर मिलने वाले 50,000 से 2 लाख रुपये के टैक्स लाभ से आप पूरी तरह हाथ धो बैठेंगे।

5. फिटनेस टेस्ट फेल होने पर क्या गाड़ी तुरंत जब्त हो जाती है?

सीधा उत्तर: फिटनेस टेस्ट फेल होने पर गाड़ी मौके पर तुरंत पुलिस द्वारा जब्त नहीं की जाती। वाहन मालिक को अपनी गाड़ी की कमियों को ठीक कराकर 30 दिनों के भीतर दोबारा टेस्ट कराने का एक मौका (Re-test) मिलता है। हालांकि, यदि गाड़ी दोबारा भी फिटनेस मानकों पर खरी नहीं उतरती, तो उसका रजिस्ट्रेशन स्वतः रद्द (De-registered) मान लिया जाता है। इसके बाद उस गाड़ी को सार्वजनिक सड़क पर चलाना भारी जुर्माने (10,000 रुपये) और जब्ती को आमंत्रित करता है।

नागरिकों के मन में सबसे बड़ा डर यही रहता है कि अगर वे आरटीओ या ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन (ATS) पर अपनी 15 साल पुरानी कार ले गए और वह टेस्ट में फेल हो गई, तो क्या अधिकारी गाड़ी की चाबी छीन लेंगे? ऐसा बिल्कुल नहीं है:

नियमों के मुताबिक, एटीएस सेंटर आपको एक विस्तृत कंप्यूटर जनरेटेड इंस्पेक्शन रिपोर्ट देता है, जिसमें स्पष्ट लिखा होता है कि गाड़ी किस पैरामीटर (जैसे- ब्रेक एफिशिएंसी, सस्पेंशन, हेडलाइट अलाइनमेंट या स्मोक एमिशन) में फेल हुई है। आपको 30 दिन का समय दिया जाता है ताकि आप किसी अधिकृत वर्कशॉप से उन पुर्जों को ठीक करवा सकें। यदि आप गाड़ी ठीक नहीं कराना चाहते या गाड़ी टेस्ट पास करने लायक नहीं बचती, तब आप उसे शांतिपूर्वक स्क्रैपेज के लिए RVSF सेंटर भेज सकते हैं।

6. नागरिक समाधान: लोन पर चल रही गाड़ी, खोई हुई आरसी और राज्य ट्रांसफर के पेच

🛠️ पुरानी गाड़ी स्क्रैप कराते समय आम वाहन मालिकों को आने वाली 4 बड़ी समस्याएं व समाधान
समस्या 1: गाड़ी पर कई साल पुराना बैंक लोन था, एनओसी (NOC) नहीं ली गई

समाधान: यदि आरसी पर बैंक की हाइपोथिकेशन (HP) दर्ज है, तो कोई भी RVSF सेंटर गाड़ी स्वीकार नहीं करेगा। सबसे पहले संबंधित बैंक या फाइनेंस कंपनी से लोन क्लीयरेंस सर्टिफिकेट और फॉर्म 35 (NOC) प्राप्त करें। इसे आरटीओ पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड कर हाइपोथिकेशन हटवाएं, उसके बाद ही गाड़ी स्क्रैप होगी।

समस्या 2: पुरानी गाड़ी की मूल आरसी (RC) खो चुकी है

समाधान: आरसी खोने पर नजदीकी पुलिस थाने में ऑनलाइन गुमशुदगी रिपोर्ट (Lost Property NC Report) दर्ज करें। इसके बाद फॉर्म 26 (डुप्लिकेट आरसी आवेदन) के साथ पुलिस रिपोर्ट और अपना आईडी प्रूफ लगाकर आरटीओ से डुप्लिकेट आरसी निकलवाएं। RVSF सेंटर पुलिस रिपोर्ट और वैध आरटीओ एनओसी के आधार पर भी स्क्रैप प्रक्रिया आगे बढ़ा देते हैं।

समस्या 3: गाड़ी दूसरे राज्य की रजिस्टर्ड है (जैसे हरियाणा नंबर की गाड़ी दिल्ली या यूपी में)

समाधान: नेशनल व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी 100% राष्ट्रीय स्तर पर लागू है। आप देश के किसी भी राज्य में स्थित RVSF सेंटर में किसी भी राज्य की गाड़ी जमा कर सकते हैं। इसके लिए मूल राज्य से अलग से एनओसी लाने की जरूरत नहीं होती; 'वाहन' पोर्टल अंतर्राज्यीय डी-रजिस्ट्रेशन स्वतः संभाल लेता है।

समस्या 4: क्या मैं अपना 'सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट' किसी और को बेच सकता हूं?

समाधान: जी हाँ! यह पॉलिसी की सबसे बड़ी खूबी है। सीडी सर्टिफिकेट पूरी तरह ट्रेडेबल (Tradable) है। यदि आपको नई गाड़ी नहीं खरीदनी है, तो आप 'वाहन' पोर्टल पर बने स्क्रैपेज ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म पर अपने सर्टिफिकेट को किसी ऐसे खरीदार को बेच सकते हैं जो नई लग्जरी गाड़ी खरीद रहा हो। वह आपको इसके बदले 20,000 से 50,000 रुपये तक नकद दे सकता है ताकि उसे 1 लाख से अधिक की टैक्स छूट मिल सके।

7. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर मुझे कुल कितना फायदा मिल सकता है?

कुल फायदा चार स्तरों पर मिलता है: पहला, गाड़ी के वजन के आधार पर कबाड़ का मूल्य (लगभग 25,000 से 50,000 रुपये); दूसरा, नई कार के रोड टैक्स में 25% की छूट (लगभग 25,000 से 75,000 रुपये); तीसरा, नई गाड़ी का रजिस्ट्रेशन शुल्क शून्य (लगभग 1,000 से 2,500 रुपये); और चौथा, कार कंपनी द्वारा एक्स-शोरूम पर 1.5% से 3% की अतिरिक्त छूट (लगभग 15,000 से 40,000 रुपये)। कुल मिलाकर 10 लाख की कार पर आपको 75,000 से 1.5 लाख रुपये तक का शुद्ध लाभ हो सकता है।

Q2. सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CD) की वैधता कितने समय की होती है?

सड़क परिवहन मंत्रालय के नियमों के अनुसार, जारी होने की तारीख से सीडी सर्टिफिकेट 3 वर्षों (36 महीनों) के लिए वैध रहता है। इस 3 साल की अवधि के दौरान आप कभी भी देश के किसी भी अधिकृत शोरूम से नई गाड़ी खरीदते समय इस छूट का लाभ उठा सकते हैं।

Q3. क्या बाइक या स्कूटर को स्क्रैप कराने पर नई कार के टैक्स में छूट मिल सकती है?

नहीं। नियम के अनुसार छूट उसी श्रेणी के वाहन पर लागू होती है। यदि आपने दोपहिया वाहन (Two-Wheeler) स्क्रैप कराया है, तो आपको नया दोपहिया वाहन खरीदने पर ही 25% रोड टैक्स छूट मिलेगी। कार की खरीद पर छूट पाने के लिए आपको चार पहिया (Four-Wheeler) गाड़ी ही स्क्रैप करानी होगी।

Q4. दिल्ली-एनसीआर में 10 साल पुरानी डीजल गाड़ी को स्क्रैप कराना जरूरी है या बाहर बेच सकते हैं?

यदि आपकी 10 साल पुरानी डीजल गाड़ी की आरसी अभी वैध है और उस पर कोई केस नहीं है, तो आप 10 साल पूरे होने से पहले ही आरटीओ से एनओसी (NOC) लेकर उसे उन राज्यों में बेच सकते हैं जहाँ एनजीटी का 10 साल वाला नियम लागू नहीं है। लेकिन यदि 10 साल पूरे हो चुके हैं, तो दिल्ली परिवहन विभाग उसकी एनओसी जारी नहीं करेगा और उसे स्क्रैप कराना ही एकमात्र कानूनी विकल्प रह जाएगा।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. पुरानी गाड़ी स्क्रैप करने पर मुझे कुल कितना फायदा मिल सकता है?

A. कुल फायदा चार स्तरों पर मिलता है: गाड़ी के वजन के आधार पर कबाड़ का मूल्य (लगभग ₹25,000 से ₹50,000); नई कार के रोड टैक्स में 25% की छूट; नई गाड़ी का रजिस्ट्रेशन शुल्क 100% शून्य; और कार कंपनी द्वारा एक्स-शोरूम पर 1.5% से 3% की अतिरिक्त छूट। कुल मिलाकर 10 लाख की कार पर ₹75,000 से ₹1.5 लाख तक का शुद्ध लाभ हो सकता है।

Q. सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (CD) की वैधता कितने समय की होती है?

A. सड़क परिवहन मंत्रालय के नियमों के अनुसार, जारी होने की तारीख से सीडी सर्टिफिकेट 3 वर्षों (36 महीनों) के लिए वैध रहता है। इस अवधि में आप कभी भी नई गाड़ी खरीदते समय इस छूट का लाभ उठा सकते हैं।

Q. क्या बाइक या स्कूटर को स्क्रैप कराने पर नई कार के टैक्स में छूट मिल सकती है?

A. नहीं। नियम के अनुसार छूट उसी वाहन श्रेणी पर लागू होती है। दोपहिया वाहन स्क्रैप कराने पर नए दोपहिया पर छूट मिलेगी, जबकि कार पर छूट के लिए चार पहिया गाड़ी ही स्क्रैप करानी होगी।

Q. दिल्ली-एनसीआर में 10 साल पुरानी डीजल गाड़ी को स्क्रैप कराना जरूरी है या बाहर बेच सकते हैं?

A. यदि 10 साल पूरे होने से पहले आरटीओ से एनओसी मिल जाए तो इसे गैर-प्रतिबंधित राज्यों में बेचा जा सकता है। लेकिन 10 साल पूरे होने के बाद दिल्ली परिवहन विभाग एनओसी जारी नहीं करता, तब इसे RVSF सेंटर में स्क्रैप कराना ही कानूनी विकल्प है।

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