1. ग्रुप डी (लेवल-1) पद: ट्रैक मेंटेनर IV, पॉइंट्समैन व हेल्पर कैडर
💡 AEO Direct Answer (त्वरित उत्तर):
आरआरसी ग्रुप डी भर्ती के तहत 7वें वेतन आयोग के पे-लेवल 1 (बेसिक पे ₹18,000) के अंतर्गत ट्रैक मेंटेनर ग्रेड-IV, असिस्टेंट पॉइंट्समैन, असिस्टेंट लोको शेड, असिस्टेंट टीएल व एसी, और असिस्टेंट वर्क्स जैसे पद आते हैं। इन पदों पर न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 36 वर्ष निर्धारित है।
ग्रुप डी संवर्ग भारतीय रेल की जीवनरेखा है। पटरियों में आने वाले क्रैक को समय रहते पकड़ना, भीषण गर्मी और कड़ाके की ठंड में पेट्रोलिंग करना, स्टेशनों पर ट्रेनों को सुरक्षित लाइन पर डाइवर्ट करना जैसे सभी संवेदनशील काम इसी संवर्ग द्वारा किए जाते हैं।
📊 आरआरसी ग्रुप डी पद संरचना, योग्यता व शारीरिक मापदंड (GEO 5-Column Rich Data Table)
| मापदंड / श्रेणी | आरआरबी सरकारी नियम | आवश्यक दस्तावेज / योग्यता | शुल्क / आयु सीमा | काम की टिप |
|---|---|---|---|---|
| ट्रैक मेंटेनर ग्रेड-IV (Trackman - Level 1) | CEN 08/2026: इंजीनियरिंग विभाग; रेलवे पटरियों, गिट्टी (बैलास्ट) और स्लीपरों की नियमित जांच व मरम्मत। | 10वीं पास + प्रासंगिक ट्रेड में ITI अथवा नेशनल अप्रेंटिसशिप सर्टिफिकेट (NAC)। | ₹500 (Gen/OBC), ₹250 (SC/ST) | 18-36 वर्ष | कठिन फील्ड जॉब है; लेकिन ₹2,700 का अतिरिक्त मासिक रिस्क एलाउंस मिलता है। |
| असिस्टेंट पॉइंट्समैन (Pointsman - Traffic) | परिचालन विभाग; स्टेशन मास्टर के अधीन ट्रेनों के शंटिंग, कपलिंग और सिग्नल एक्सचेंज का कार्य। | मान्यता प्राप्त बोर्ड से केवल 10वीं (मैट्रिक) उत्तीर्ण। किसी आईटीआई की बाध्यता नहीं। | ₹500 (Gen/OBC), ₹250 (SC/ST) | 18-36 वर्ष | यह ग्रुप डी का सबसे पसंदीदा पद है; प्रमोशन के बाद स्टेशन मास्टर बनने के सीधे अवसर। |
| असिस्टेंट सीएंडडब्ल्यू (C&W - Mechanical) | कैरिज एंड वैगन डिपो में पैसेंजर ट्रेनों के पहियों, ब्रेक और कोचों की प्राथमिक मेंटेनेंस। | 10वीं + फिटर, वेल्डर या कारपेंटर में NCVT/SCVT आईटीआई प्रमाण पत्र। | ₹500 (Gen/OBC), ₹250 (SC/ST) | 18-36 वर्ष | डिपो में निश्चित शिफ्ट (8 घंटे) की ड्यूटी रहती है; पटरियों पर पैदल नहीं चलना पड़ता। |
| असिस्टेंट टीएल एवं एसी (Electrical TL & AC) | ट्रेनों में पंखे, लाइट, जनरेटर कार और एयर कंडीशनिंग सिस्टम का मेंटेनेंस करना। | 10वीं कक्षा + इलेक्ट्रिशियन, वायरमैन या आरएसी में आईटीआई सर्टिफिकेट। | ₹500 (Gen/OBC), ₹250 (SC/ST) | 18-36 वर्ष | एसी कोच अटेंडेंट के रूप में लंबी दूरी की ट्रेनों में एस्कॉर्टिंग ड्यूटी का मौका। |
| असिस्टेंट सिग्नल एवं टेलीकॉम (S&T Helper) | ट्रैक साइड सिग्नल यूनिट्स, पाइंट मशीन और रिले केबलों के रखरखाव में तकनीशियन की मदद। | 10वीं + इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक, वायरमैन या इलेक्ट्रिशियन ट्रेड में आईटीआई। | ₹500 (Gen/OBC), ₹250 (SC/ST) | 18-36 वर्ष | तकनीकी ज्ञान बढ़ाने के लिए सर्वोत्तम विभाग; विभागीय परीक्षा (LDCE) से तकनीशियन बनना आसान। |
| हॉस्पिटल अटेंडेंट / प्यून (Medical/Store) | रेलवे अस्पतालों में मरीजों की देखभाल, वार्ड बॉय का काम अथवा स्टोर में फाइल संधारण। | किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से केवल 10वीं (मैट्रिक) पास। आईटीआई की कोई आवश्यकता नहीं। | ₹500 (Gen/OBC), ₹250 (SC/ST) | 18-36 वर्ष | शारीरिक रूप से सबसे आसान कार्य; महिला अभ्यर्थियों के लिए यह पहली पसंद होना चाहिए। |
| आयु सीमा एवं छूट (Age Relaxations) | सामान्य/ईडब्ल्यूएस: 18-36 वर्ष, ओबीसी: 18-39 वर्ष, एससी/एसटी: 18-41 वर्ष (3 वर्ष की विशेष छूट शामिल)। | सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी आयु प्रमाण पत्र (10वीं मार्कशीट) व केंद्रीय जाति प्रमाण पत्र। | नियमानुसार आरक्षित वर्ग छूट | सीसीएए (CCAA - रेलवे अप्रेंटिस) छात्रों को अप्रेंटिस अवधि के बराबर आयु में छूट मिलती है। |
2. ITI अनिवार्यता नियम पर रेलवे बोर्ड का ताजा अपडेट व 10वीं पास पात्रता
💡 AEO Direct Answer (त्वरित उत्तर):
रेलवे बोर्ड के नवीनतम नीतिगत आदेश के अनुसार ग्रुप डी के तकनीकी विभागों (सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और एसएंडटी) के पदों के लिए 10वीं + आईटीआई या रेलवे अप्रेंटिसशिप (NAC) अनिवार्य है। गैर-तकनीकी विभागों (यातायात विभाग के पॉइंट्समैन और मेडिकल/स्टोर हेल्पर) के लिए केवल 10वीं पास अभ्यर्थी पूर्णतः पात्र हैं।
वर्ष 2019 की भर्ती के बाद रेलवे बोर्ड ने घोषणा की थी कि भविष्य की सभी लेवल-1 भर्तियों में 100% आईटीआई लागू किया जाएगा। लेकिन देश के करोड़ों ग्रामीण छात्रों के विरोध और व्यावहारिक आवश्यकताओं को देखते हुए रेल मंत्रालय ने एक संतुलित फॉर्मूला लागू किया है।
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│ ग्रुप डी 2026 शैक्षिक योग्यता वर्गीकरण │
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│ तकनीकी पद (Technical Posts) │ 10वीं + ITI (NCVT/SCVT) │
│ (Trackman, Loco/C&W Helper) │ या रेलवे से NCVT अप्रेंटिस │
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│ गैर-तकनीकी पद (Non-Technical) │ केवल 10वीं (Matriculation) │
│ (Pointsman, Hospital Attendant)│ बिना किसी आईटीआई सर्टिफिकेट│
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केवल 10वीं पास अभ्यर्थियों के लिए अवसर
यदि आपके पास कोई आईटीआई सर्टिफिकेट नहीं है, तब भी आपको निराश होने की आवश्यकता नहीं है। ग्रुप डी भर्ती की कुल रिक्तियों में लगभग 30% से 35% पद केवल 10वीं पास अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित रहते हैं।
- असिस्टेंट पॉइंट्समैन: परिचालन विभाग का यह पद ग्रुप डी के सबसे बड़े पदों में से एक है और इसके लिए किसी आईटीआई की मांग नहीं की जाती।
- असिस्टेंट डिपो (स्टोर्स) व हॉस्पिटल अटेंडेंट: इन दोनों पदों पर केवल 10वीं पास मार्कशीट के आधार पर चयन किया जाता है।
- रेलवे अप्रेंटिस (CCAA) को 20% सीधा कोटा: जिन युवाओं ने रेलवे वर्कशॉप्स से एक्ट अप्रेंटिसशिप (Course Completed Act Apprentices) की है, उन्हें ग्रुप डी की कुल रिक्तियों में 20% का सीधा आरक्षण और सीबीटी में 1/3 एनसीवीटी अंकों का वेटेज मिलता है। इसके अलावा उन्हें फिजिकल टेस्ट (PET) से पूरी छूट दी जाती है।
3. शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET): 35 किग्रा वजन उठाना व 1000m दौड़
💡 AEO Direct Answer (त्वरित उत्तर):
ग्रुप डी पीईटी में पुरुष अभ्यर्थियों को 35 किग्रा वजन (रेत की बोरी) उठाकर 100 मीटर की दूरी 2 मिनट में बिना जमीन पर रखे तय करनी होती है। इसके बाद 1000 मीटर (1 किमी) की दौड़ 4 मिनट 15 सेकंड में आरएफआईडी टाइमिंग चिप के साथ एक ही प्रयास में पूरी करनी होती है।
ग्रुप डी की शारीरिक परीक्षा अभ्यर्थी की शारीरिक सहनशक्ति और ताकत की वास्तविक परीक्षा है। लिखित परीक्षा में 85+ अंक लाने वाले अभ्यर्थी भी यदि वजन उठाने या दौड़ में एक सेकंड से चूक जाते हैं, तो उनका चयन रद्द हो जाता है।
[पुरुष अभ्यर्थी PET] ──► [चरण 1: 35 किग्रा वजन, 100 मीटर, 2 मिनट (जमीन पर न गिरे)]
│ (सफल होने पर)
▼
[चरण 2: 1000 मीटर रनिंग, 4 मिनट 15 सेकंड (सिंगल चांस)]
35 किग्रा वजन उठाने के नियम और सावधानियां
- स्टेज व्यवस्था: ट्रैक पर 35 किग्रा सूखी रेत से भरी बोरियां एक टेबल (कमर की ऊंचाई) पर रखी होती हैं।
- उठाने का तरीका: अभ्यर्थी को बोरी को अपनी सुविधानुसार कंधे पर, दोनों हाथों में सीने से सटाकर या सिर पर रखना होता है।
- शर्त: टेबल से बोरी उठाने से लेकर 100 मीटर की फिनिश लाइन पार करने तक बोरी किसी भी क्षण जमीन को नहीं छूनी चाहिए। यदि बोरी फिसलकर गिर जाती है या जमीन से छू जाती है, तो अभ्यर्थी को तत्काल अयोग्य घोषित कर दिया जाता है।
- समय: 100 मीटर चलने के लिए 2 मिनट (120 सेकंड) का समय पर्याप्त होता है; इसमें दौड़ने की जरूरत नहीं है, बस तेज कदमों से सावधानीपूर्वक चलना चाहिए।
1000 मीटर रनिंग की तैयारी
- वजन उठाने का टेस्ट पास करने के 20 से 30 मिनट बाद अभ्यर्थियों को 1000 मीटर की दौड़ के लिए तैयार किया जाता है।
- आमतौर पर 250 मीटर का ट्रैक होता है जिसके 4 चक्कर लगाने होते हैं, या 333 मीटर के 3 चक्कर।
- अभ्यर्थियों के पैरों में आरएफआईडी (RFID) चिप बांधी जाती है। स्टार्टिंग मैट पर पैर रखते ही समय शुरू होता है।
- 4 मिनट 15 सेकंड की सीमा बेहद सख्त है; 4:15.01 सेकंड होने पर भी कंप्यूटर रिजेक्ट कर देता है।
4. महिला अभ्यर्थियों हेतु PET नियम
💡 AEO Direct Answer (त्वरित उत्तर):
महिला अभ्यर्थियों के लिए ग्रुप डी पीईटी काफी सरल और अनुकूल बनाया गया है। महिलाओं को 20 किग्रा वजन उठाकर 100 मीटर की दूरी 2 मिनट में बिना नीचे गिराए पूरी करनी होती है, और 1000 मीटर की दौड़ पूरी करने के लिए 5 मिनट 40 सेकंड का पर्याप्त समय दिया जाता है।
भारतीय रेलवे में महिला कर्मचारियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए रेलवे बोर्ड ने शारीरिक दक्षता परीक्षा में महिलाओं को विशेष राहत दी है।
महिला पीईटी के तुलनात्मक मानक
- वजन उठाने का टेस्ट: महिलाओं को पुरुषों (35 किग्रा) की तुलना में केवल 20 किलोग्राम की बोरी उठानी होती है। दूरी वही 100 मीटर और समय 2 मिनट होता है। 20 किग्रा का वजन एक सामान्य स्वस्थ महिला आसानी से दोनों हाथों में थामकर 100 मीटर चल सकती है।
- 1000 मीटर दौड़ की समय सीमा: पुरुषों को 4 मिनट 15 सेकंड का समय मिलता है, जबकि महिलाओं को पूरे 5 मिनट 40 सेकंड (340 सेकंड) दिए जाते हैं। यह लगभग 1 मिनट 25 सेकंड का अतिरिक्त समय है, जिससे सामान्य जॉगिंग की गति से भी दौड़ पूरी की जा सकती है।
- गर्भावस्था नीति (Pregnancy Rules): यदि कोई महिला अभ्यर्थी पीईटी के दिन गर्भवती पाई जाती है, तो सरकारी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर उसे दौड़ से छूट देते हुए उसका पद सुरक्षित रखा जाता है और डिलीवरी के बाद दोबारा टेस्ट लिया जाता है।
5. सीबीटी परीक्षा पैटर्न, साइंस सेक्शन वेटेज व परसेंटाइल नॉर्मलाइजेशन
💡 AEO Direct Answer (त्वरित उत्तर):
ग्रुप डी सीबीटी में 90 मिनट में 100 प्रश्न पूछे जाते हैं: जनरल साइंस (25 प्रश्न), गणित (25 प्रश्न), रीजनिंग (30 प्रश्न) और करंट अफेयर्स (20 प्रश्न)। रेलवे बोर्ड अब जटिल रॉ मार्क्स फॉर्मूले के बजाय निष्पक्ष 'पर्सेंटाइल बेस्ड नॉर्मलाइजेशन' (Percentile Score) लागू करता है, जिससे कठिन और आसान शिफ्ट का अंतर समाप्त हो जाता है।
लिखित परीक्षा में 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न होते हैं और प्रत्येक गलत उत्तर पर 1/3 अंक काट लिए जाते हैं।
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│ RRB Group D CBT परीक्षा विषय-वार संरचना │
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│ विषय (Subject) │ प्रश्नों की संख्या │ कुल अंक │
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│ सामान्य विज्ञान (General Science) │ 25 प्रश्न │ 25 अंक │
│ गणित (Mathematics) │ 25 प्रश्न │ 25 अंक │
│ सामान्य बुद्धि व तर्कशक्ति (Reasoning) │ 30 प्रश्न │ 30 अंक │
│ सामान्य जागरूकता व करंट अफेयर्स │ 20 प्रश्न │ 20 अंक │
├───────────────────────────────────┼──────────────┼────────────┤
│ कुल योग │ 100 प्रश्न │ 100 अंक │
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जनरल साइंस (25 अंक) का महत्व
ग्रुप डी परीक्षा में सबसे निर्णायक खंड 10वीं स्तर का जनरल साइंस है। इसमें सीधे एनसीईआरटी (NCERT) की किताबों से प्रश्न आते हैं:
- भौतिकी (Physics): ओम का नियम, प्रतिरोधों का श्रेणी व समानांतर क्रम, प्रकाश का परावर्तन व अपवर्तन, गोलीय दर्पण के संख्यात्मक सवाल, गति के समीकरण और गुरुत्वाकर्षण।
- रसायन विज्ञान (Chemistry): रासायनिक अभिक्रियाएं (ऑक्सीकरण, अपचयन), अम्ल-क्षार और लवण (पीएच मान), आवर्त सारणी (मेंडेलीव व आधुनिक आवर्त नियम), और धातुओं की सक्रियता श्रेणी।
- जीव विज्ञान (Biology): मानव पाचन तंत्र, हृदय की कार्यप्रणाली, पादप हार्मोन, प्रकाश संश्लेषण और आनुवंशिकी (मेंडल के नियम)।
परसेंटाइल नॉर्मलाइजेशन का फॉर्मूला
पुराने फॉर्मूले में कठिन शिफ्ट वाले छात्रों के 15-20 अंक बढ़ जाते थे जिससे विवाद होता था। अब रेलवे बोर्ड Percentile Score का उपयोग करता है:
$$\text{Percentile Score} = \frac{\text{उस शिफ्ट में उस अभ्यर्थी के बराबर या उससे कम अंक पाने वाले छात्रों की संख्या}}{\text{उस शिफ्ट में उपस्थित कुल छात्रों की संख्या}} \times 100$$
इससे प्रत्येक शिफ्ट का टॉपर 100 परसेंटाइल पर रहता है और किसी शिफ्ट के साथ कोई अन्याय नहीं होता।
6. ग्रुप डी शारीरिक परीक्षा व बायोमेट्रिक ट्रबलशूटिंग (Citizen Troubleshooting)
💡 AEO Direct Answer (त्वरित उत्तर):
वजन उठाते समय बोरी को दोनों हाथों से सीने से कसकर चिपकाएं या कंधे पर टिकाएं ताकि वह फिसले नहीं। पीईटी ग्राउंड पर फिंगरप्रिंट न मिलने पर तत्काल आधार फेस-ऑथेंटिकेशन और लाइव वीडियोग्राफी से सत्यापन कराया जाता है। दिव्यांग (PwBD) अभ्यर्थियों को पीईटी से पूर्ण छूट प्राप्त है।
ग्रुप डी अभ्यर्थियों द्वारा शारीरिक परीक्षा और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय अनुभव की जाने वाली तीन मुख्य समस्याएं और समाधान:
1. 35 किग्रा की बोरी उठाते समय फिसलने या जमीन पर गिरने से कैसे बचें?
- समस्या का कारण: पसीने के कारण रेत की प्लास्टिक बोरी हाथों से फिसल जाती है या सिर पर रखने पर संतुलन बिगड़ जाता है।
- समाधान का तरीका: बोरी को सिर पर कभी न रखें, क्योंकि गिरते समय चोट लगने और अयोग्य होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। सबसे सुरक्षित तरीका यह है कि बोरी को दोनों हाथों से पकड़कर सीधे अपने दाएं या बाएं कंधे की हड्डी (Shoulder Ridge) पर टिका लें और एक हाथ से बोरी का मुंह कसकर पकड़ें। चलते समय सामने देखें, पैरों को न देखें और सामान्य गति से तेज चाल (Brisk Walk) में 100 मीटर की दूरी 75 से 90 सेकंड में पूरी कर लें।
2. दौड़ से पहले पीईटी ग्राउंड पर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट मैच न होने पर क्या होगा?
- समस्या का कारण: अत्यधिक ठंड, पसीना, हाथों पर मेहंदी या धूल-मिट्टी के कारण फिंगरप्रिंट स्कैनर पर 'Authentication Failed' का एरर आना।
- समाधान का तरीका: घबराएं नहीं। रेलवे भर्ती सेल (RRC) के ग्राउंड पर विशेष बैकअप काउंटर होता है। यदि उंगली की रेखाएं नहीं मिल रही हैं, तो तुरंत अपने हाथ साबुन से धोकर सुखाएं। यदि फिर भी समस्या आए, तो आपका Aadhaar FaceRD (चेहरा पहचान) और सीबीटी परीक्षा के समय ली गई लाइव फोटो का डिजिटल मिलान किया जाता है। पहचान सत्यापित होने पर आपको प्रोविजनल एंट्री दे दी जाती है।
3. दिव्यांग (PwBD) अभ्यर्थियों को क्या पीईटी दौड़ में भाग लेना पड़ता है?
- समस्या का कारण: कई दिव्यांग अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड पर पीईटी का वेन्यू और तारीख छपकर आ जाती है।
- समाधान का तरीका: रेलवे बोर्ड के स्पष्ट वैधानिक आदेश के अनुसार दिव्यांग अभ्यर्थियों (PwBD) को शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) से 100% स्थायी छूट दी गई है। यदि आपके एडमिट कार्ड पर पीईटी दर्ज है, तो सीबीटी रिजल्ट और अपने मूल दिव्यांगता प्रमाण पत्र (Disability Certificate 40%+) के साथ संबंधित आरआरसी मुख्यालय में संपर्क करें; आपको सीधे डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) के लिए शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।
🔗 पैरेंट मास्टर गाइड देखें: आरआरबी भर्ती 2026 की मास्टर गाइड देखें
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (User FAQs)
प्र. 1: क्या ग्रुप डी में चयनित होने के बाद उच्च पदों (जैसे स्टेशन मास्टर या क्लर्क) पर प्रमोशन संभव है?
उत्तर: हाँ, भारतीय रेलवे में ग्रुप डी कर्मचारियों के लिए 3 वर्ष की नियमित सेवा पूरी करने के बाद 'विभागीय प्रतियोगी परीक्षा' (LDCE / GDCE) आयोजित की जाती है। इसके माध्यम से एक 10वीं पास पॉइंट्समैन या ट्रैक मेंटेनर अपनी योग्यता के आधार पर सीधे स्टेशन मास्टर, गुड्स गार्ड, सीनियर क्लर्क या लोको पायलट बन सकता है।
प्र. 2: ट्रैक मेंटेनर ग्रेड-IV की मासिक सैलरी में क्या-क्या भत्ते जुड़ते हैं?
उत्तर: ट्रैक मेंटेनर का बेसिक वेतन ₹18,000 होता है। इसके साथ 53% डीए (₹9,540), एचआरए (₹1,800 से ₹5,400), परिवहन भत्ता (₹1,900+), और ₹2,700 का विशेष रिस्क एवं हार्डशिप एलाउंस मिलता है। इस प्रकार एक नए ट्रैक मेंटेनर का कुल मासिक वेतन ₹34,000 से ₹37,000 तक बनता है।
प्र. 3: क्या सीबीटी परीक्षा में सामान्य विज्ञान के लिए एनसीईआरटी की किताबें पढ़ना पर्याप्त है?
उत्तर: बिल्कुल, रेलवे ग्रुप डी के सामान्य विज्ञान का 100% सिलेबस कक्षा 9वीं और 10वीं की एनसीईआरटी (NCERT) साइंस बुक्स पर ही आधारित होता है। यदि आप एनसीईआरटी के पाठों के पीछे दिए गए अभ्यास प्रश्न और मुख्य रूप से फिजिक्स के संख्यात्मक प्रश्नों (Numericals) का अभ्यास कर लेते हैं, तो आप 25 में से 22+ अंक आसानी से ला सकते हैं।