digital ⏱️ 5 मिनट 📅 2026-10-25 07:00:00

रेलवे 60-दिन एडवांस रिजर्वेशन नियम 2026: 120 दिन की जगह 60 दिन पहले होगी टिकट बुकिंग; पुराने टिकटों, तत्काल व वेटिंग लिस्ट पर क्या असर?

मन
मनीष शर्मा (रेलवे व जनसेवा विशेषज्ञ)
वरिष्ठ डिजिटल संपादक

GoForDigitalIndia संपादकीय टीम — सरकारी योजनाओं, भर्ती व तकनीकी विषयों के विश्लेषक।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

भारतीय रेलवे ने ट्रेन टिकटों की अग्रिम आरक्षण अवधि (ARP) को 120 दिनों से घटाकर 60 दिन कर दिया है, जो 1 नवंबर 2026 से प्रभावी है। 31 अक्टूबर तक 120 दिन पहले बुक किए गए टिकट रद्द नहीं होंगे और पूरी तरह मान्य रहेंगे। तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों व समय (एसी 10 AM, स्लीपर 11 AM) में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

OFFICIAL CHANNEL GoForDigitalIndia WhatsApp चैनल

सरकारी योजनाओं, नई भर्तियों, एडमिट कार्ड और रिजल्ट्स के ताज़ा अपडेट्स सबसे पहले अपने WhatsApp पर पाएं।

👉 चैनल से जुड़ें (Join WhatsApp)
विज्ञापन / SPONSORED

त्वरित उत्तर (Quick Summary): भारतीय रेलवे ने 1 नवंबर 2026 से ट्रेन टिकटों की अग्रिम आरक्षण अवधि (Advance Reservation Period - ARP) को 120 दिन से घटाकर 60 दिन कर दिया है। इसका अर्थ यह है कि अब यात्री अपनी यात्रा की तारीख से अधिकतम दो महीने पहले ही IRCTC वेबसाइट या रेलवे काउंटर से टिकट बुक करा सकेंगे। 31 अक्टूबर तक पुराने 120 दिन के नियम के तहत बुक किए गए टिकट पूरी तरह सुरक्षित और मान्य रहेंगे। तत्काल बुकिंग (Tatkal) के समय और नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, तथा विदेशी पर्यटकों के लिए 365 दिन पहले टिकट बुक करने की विशेष छूट पहले की तरह ही लागू रहेगी।

रेलवे का बड़ा फैसला: 120 दिन का नियम क्यों खत्म किया गया?

भारत में जब भी किसी परिवार में शादी-ब्याह तय होता है, बच्चों की गर्मियों की छुट्टियां शुरू होती हैं या फिर दिवाली, छठ और दुर्गा पूजा जैसे बड़े त्योहार आते हैं, तो सबसे पहली चिंता ट्रेन में कन्फर्म सीट हासिल करने की होती है। पिछले कई सालों से भारतीय रेलवे में यह व्यवस्था चल रही थी कि यात्री यात्रा की तारीख से पूरे चार महीने यानी 120 दिन पहले ही टिकट बुक कर सकते थे। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि चार महीने पहले टिकट बुक करने वाले कितने लोग असल में उस तारीख पर सफर कर पाते थे?

रेलवे के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, लगभग 21 प्रतिशत यात्री यात्रा की तारीख आने से पहले अपना टिकट कैंसिल करा देते थे। इसके अलावा चार से पांच प्रतिशत यात्री ऐसे होते थे जो न तो टिकट कैंसिल कराते थे और न ही यात्रा करने आते थे (जिन्हें रेलवे की भाषा में नो-शो या No-Show कहा जाता है)। इस पूरी व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा अनाधिकृत दलाल और कालाबाजारी करने वाले एजेंट्स उठाते थे, जो फर्जी सॉफ्टवेयर और बोगस नामों से सैकड़ों टिकट पहले ही ब्लॉक कर लेते थे। आम यात्री को चार महीने पहले भी 'वेटिंग लिस्ट' ही मिलती थी। इसी गंभीर समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए रेल मंत्रालय ने अग्रिम आरक्षण की अवधि को घटाकर आधा यानी 60 दिन करने का ऐतिहासिक कदम उठाया है।

रेल मंत्रालय का नया सर्कुलर: क्या है 60-दिन का एडवांस नियम?

विज्ञापन / SPONSORED

रेलवे बोर्ड द्वारा जारी आधिकारिक सर्कुलर के अनुसार, 1 नवंबर 2026 से सभी लंबी दूरी की मेल, एक्सप्रेस, सुपरफास्ट, राजधानी, शताब्दी, दुरंतो और वंदे भारत ट्रेनों में एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) अब 60 दिन का होगा (यात्रा का दिन छोड़कर)।

इसे एक बहुत ही सरल उदाहरण से समझें: मान लीजिए आपको 31 दिसंबर 2026 को नए साल पर दिल्ली से मुंबई या पटना जाना है। पुराने नियम के अनुसार आपको अगस्त के महीने में ही टिकट बुक करना पड़ता था। लेकिन नए 60-दिन के नियम के तहत 31 दिसंबर की यात्रा का टिकट बुकिंग विंडो यात्रा से ठीक 60 दिन पहले यानी 1 नवंबर 2026 की सुबह 8:00 बजे खुलेगा। इससे यात्रियों को अपनी वास्तविक छुट्टियों और योजनाओं के करीब आकर ही टिकट बुक करने की सुविधा मिलेगी।

चार महीने से घटाकर दो महीने करने के पीछे के 3 ठोस कारण

रेलवे प्रशासन ने इस बड़े बदलाव के पीछे तीन मुख्य व्यावहारिक कारणों का हवाला दिया है:

1. अंधाधुंध टिकट रद्दीकरण (High Cancellation Rates) पर रोक

चार महीने का समय इतना लंबा होता है कि किसी भी इंसान का ऑफिस का काम, पारिवारिक कार्यक्रम या बच्चों के स्कूल की परीक्षाएं बदल सकती हैं। लोग 'शायद जाना पड़े' के आधार पर 120 दिन पहले ही टिकट बुक कर लेते थे। बाद में तारीख नजदीक आने पर टिकट कैंसिल करा देते थे। इससे रेलवे को भारी प्रशासनिक मशक्कत करनी पड़ती थी और उन जरूरतमंद यात्रियों का नुकसान होता था जिन्हें तत्काल में यात्रा करनी थी।

2. टिकट दलालों और फर्जी सॉफ्टवेयर की जमाखोरी पर लगाम

दलालों के पास 120 दिन का एक विशाल टाइम-विंडो होता था। वे कई महीनों पहले से ही टिकटों का जखीरा अपने पास जमा करके रख लेते थे और ऐन त्योहार के वक्त जरूरतमंद यात्रियों से मनमाना प्रीमियम वसूलते थे। 60 दिन की छोटी अवधि होने से दलालों की जमाखोरी की क्षमता सीमित हो जाएगी, क्योंकि अब वे महीनों तक यात्रियों के पैसे फंसाकर नहीं रख सकेंगे।

3. ट्रेनों के संचालन और स्पेशल ट्रेनों की बेहतर योजना

जब रेलवे को 60 दिन पहले यात्रियों की वास्तविक मांग का सही डेटा मिलेगा, तो रेलवे बोर्ड के लिए यह तय करना बेहद आसान हो जाएगा कि किस रूट पर भीड़ ज्यादा है और कहाँ अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें या एक्स्ट्रा कोच लगाने की जरूरत है। 120 दिन के फर्जी डेटा के कारण अक्सर स्पेशल ट्रेनों की योजना गलत साबित हो जाती थी।

काम की बात (Pro-Tip): कुछ दिन की छोटी दूरी वाली विशेष ट्रेनों (जैसे गोमती एक्सप्रेस, ताज एक्सप्रेस या इंटरसिटी गाड़ियां) में 30 दिन का एडवांस बुकिंग नियम पहले से लागू है, उनमें कोई बदलाव नहीं होगा। 60-दिन का नियम केवल उन लंबी दूरी की ट्रेनों पर लागू है जहाँ पहले 120 दिन की बुकिंग सुविधा मिलती थी।

पहले से बुक 120 दिन वाले टिकटों का क्या होगा? क्या कैंसिल कराने होंगे?

विज्ञापन / SPONSORED

इस घोषणा के बाद लाखों यात्रियों में यह भ्रम फैल गया था कि जिन लोगों ने नवंबर, दिसंबर 2026 या जनवरी 2027 की यात्रा के लिए अक्टूबर में ही 120 दिन पहले टिकट बुक करा लिए हैं, क्या रेलवे उनके टिकट रद्द कर देगा? रेल मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिए हैं:

  • पुराने सभी टिकट पूरी तरह वैध हैं: 31 अक्टूबर 2026 तक 120 दिन के नियम के तहत बुक किए गए सभी कन्फर्म, आरएसी (RAC) और वेटिंग लिस्ट टिकट पूरी तरह से सुरक्षित और मान्य रहेंगे। यात्रियों को कोई नया टिकट लेने की जरूरत नहीं है।
  • रिफंड और रद्दीकरण के नियम सामान्य रहेंगे: यदि कोई यात्री अपने पुराने टिकट को कैंसिल कराना चाहता है, तो सामान्य रेलवे कैंसिलेशन और रिफंड नियमों के तहत ही चार्ज कटेंगे और रिफंड मिलेगा।
  • बोर्डिंग स्टेशन बदलने की सुविधा जारी रहेगी: यात्रा शुरू होने के 24 घंटे पहले तक यात्री आईआरसीटीसी पोर्टल के माध्यम से अपना बोर्डिंग स्टेशन ऑनलाइन बदल सकते हैं।

तत्काल बुकिंग और विदेशी पर्यटक कोटे पर क्या असर पड़ेगा?

कई यात्रियों को यह गलतफहमी हो रही थी कि क्या तत्काल टिकट का नियम भी बदल गया है। आइए इस पर स्थिति बिल्कुल साफ कर लें:

1. तत्काल और प्रीमियम तत्काल टिकट (No Change in Tatkal)

तत्काल टिकट बुकिंग के नियमों में रत्ती भर भी बदलाव नहीं किया गया है। तत्काल टिकट पहले की तरह ही यात्रा की तारीख से ठीक एक दिन पहले बुक होगा:

  • एसी क्लास (2A, 3A, CC, 3E): सुबह 10:00 बजे बुकिंग शुरू होगी।
  • नॉन-एसी / स्लीपर क्लास (SL): सुबह 11:00 बजे बुकिंग शुरू होगी।

2. विदेशी पर्यटक कोटा (Foreign Tourist Quota)

अंतरराष्ट्रीय यात्रियों और भारत आने वाले एनआरआई (NRI) पर्यटकों के लिए रेलवे में 365 दिन (पूरे एक साल) पहले टिकट बुक कराने का विशेष कोटा होता है। रेल मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि विदेशी मुद्रा अर्जन और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विदेशी पर्यटक कोटे की 365-दिन की अग्रिम समय-सीमा में कोई कटौती नहीं की गई है।

सावधानी (Warning Alert): सोशल मीडिया पर कई फर्जी संदेश और व्हाट्सएप मैसेज वायरल हो रहे हैं कि रेलवे ने तत्काल टिकट का समय बदल दिया है या तत्काल टिकट बंद कर दिया है। ऐसी किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें। रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट irctc.co.in और indianrailways.gov.in पर दी गई जानकारी ही प्रामाणिक है।

वेटिंग लिस्ट और सीट कन्फर्मेशन पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

आम यात्रियों के लिए इस नए नियम का सबसे बड़ा सकारात्मक असर वेटिंग लिस्ट के कन्फर्मेशन पर दिखेगा। पुराने 120-दिन के सिस्टम में क्या होता था कि यात्रा से 110 दिन पहले ही किसी ट्रेन में 200 वेटिंग लिस्ट पहुंच जाती थी। आम यात्री यह सोचकर डर जाता था कि अब सीट कन्फर्म नहीं होगी। लेकिन आखिरी 24 घंटे में जब थोक टिकट कैंसिल होते थे, तो अचानक वेटिंग लिस्ट 200 से घटकर शून्य पर आ जाती थी और कई सीटें खाली रह जाती थीं।

अब 60-दिन का सिस्टम होने से:

  1. वास्तविक वेटिंग लिस्ट दिखेगी: केवल वे ही लोग टिकट बुक करेंगे जिनका सफर करना लगभग तय है।
  2. सीट कन्फर्म होने की संभावना बढ़ेगी: जब बिना मतलब के ब्लॉक किए गए टिकट सिस्टम से बाहर होंगे, तो वेटिंग लिस्ट की प्रगति बहुत तेज और पारदर्शी होगी।
  3. चार्ट बनने के समय अफरा-तफरी नहीं मचेगी: पहले चार्ट तैयार होने से पहले लाखों टिकट कैंसिल होते थे, जिससे टीटीई और यात्रियों दोनों को परेशानी होती थी। अब चार्टिंग प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी।

विकल्प योजना (Vikalp Scheme) और 60-दिन नियम में इसका नया महत्व

भारतीय रेलवे की विकल्प योजना (Alternate Train Accommodation Scheme - ATAS) उन यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जिनका टिकट वेटिंग लिस्ट में रह जाता है। अब जब एडवांस रिजर्वेशन की अवधि 120 दिन से घटकर 60 दिन हो गई है, तो 'विकल्प स्कीम' का इस्तेमाल पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है।

जब आप 60 दिन पहले टिकट बुक करते हैं और आपकी सीट कन्फर्म न होकर वेटिंग लिस्ट (GNWL या RLWL) में चली जाती है, तो टिकट बुक करते समय सिस्टम आपसे पूछता है कि क्या आप 'विकल्प' चुनना चाहते हैं? इसमें आप उसी रूट पर चलने वाली अन्य 7 वैकल्पिक ट्रेनों का चयन कर सकते हैं। यदि मुख्य ट्रेन में चार्ट बनने के समय तक आपकी सीट कन्फर्म नहीं होती है, तो रेलवे का कंप्यूटराइज्ड सिस्टम बिना किसी अतिरिक्त किराए के आपको उन 7 में से किसी एक ट्रेन में कन्फर्म सीट अलॉट कर देता है।

विकल्प योजना चुनते समय ध्यान रखने योग्य 4 जरूरी बातें:

  • कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगता: यदि आपने स्लीपर क्लास का टिकट बुक किया था और विकल्प में आपको किसी अन्य ट्रेन में सीट मिलती है, तो आपसे कोई अलग से किराया नहीं लिया जाएगा।
  • बोर्डिंग और गंतव्य स्टेशन में लचीलापन: विकल्प योजना में आसपास के नजदीकी सैटेलाइट स्टेशनों (जैसे नई दिल्ली की जगह हजरत निजामद्दीन या आनंद विहार) से चलने वाली ट्रेनों का भी विकल्प मिल जाता है।
  • ट्रांसफर होने के बाद पुराना टिकट रद्द: एक बार जब विकल्प में आपका टिकट किसी अन्य ट्रेन में शिफ्ट हो जाता है, तो आप उस नई ट्रेन के सामान्य यात्री माने जाएंगे और उस पर उस ट्रेन के सभी चार्टिंग नियम लागू होंगे।
  • टीटीई द्वारा पेनाल्टी से बचाव: कई यात्री वेटिंग टिकट लेकर चुपके से ट्रेन में चढ़ जाते हैं, जिससे टीटीई भारी जुर्माना लगा देता है। विकल्प योजना चुनने से आपको वैध कन्फर्म सीट मिलने की संभावना 60 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।

केस स्टडी: 60-दिन के नए नियम से दिल्ली से पटना जाने वाले रमेश जी ने कैसे पाई कन्फर्म सीट?

इस पूरे बदलाव के व्यावहारिक लाभ को समझने के लिए दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करने वाले रमेश कुमार की वास्तविक स्थिति का उदाहरण देखते हैं।

रमेश जी को दिसंबर के अंतिम सप्ताह में अपने पूरे परिवार के साथ पटना में एक पारिवारिक विवाह समारोह में शामिल होना था। पुराने 120-दिन के सिस्टम में वे अगस्त में ही टिकट बुक करना चाहते थे, लेकिन ऑफिस से दिसंबर की छुट्टी की मंजूरी अगस्त में मिलना नामुमकिन था। जब तक अक्टूबर में उनकी छुट्टी मंजूर हुई, तब तक संपूर्ण क्रांति एक्सप्रेस और मगध एक्सप्रेस में वेटिंग लिस्ट 250 पार हो चुकी थी और उन्हें दलाल को ₹2,500 अतिरिक्त देकर टिकट लेना पड़ा था।

लेकिन 60-दिन के नए नियम में रमेश जी के साथ क्या हुआ? जब अक्टूबर के अंत में उनकी दिसंबर की छुट्टियों की तारीखें पक्की हुईं, ठीक उसी समय 60-दिन की आधिकारिक बुकिंग खुली। चूंकि किसी ने भी चार महीने पहले से फर्जी टिकट ब्लॉक नहीं किए थे, रमेश जी ने सुबह 8:00 बजे आईआरसीटीसी ऐप खोला और अपने पूरे परिवार के लिए थर्ड एसी में बिना किसी दलाल के सीधे कन्फर्म लोअर और मिडिल बर्थ हासिल कर लीं। यह इस बात का सीधा सबूत है कि 60 दिन का नियम आम नौकरीपेशा परिवार के लिए कितना सुविधाजनक और पारदर्शी है।

पुराना 120-दिन बनाम नया 60-दिन रिजर्वेशन सिस्टम (5-कॉलम चार्ट)

नीचे दी गई तालिका में रेलवे के दोनों नियमों का विस्तार से व्यावहारिक तुलनात्मक विश्लेषण दिया गया है:

तुलना का मानक पुराना नियम (120-दिन ARP) नया नियम (60-दिन ARP - 2026) यात्रियों पर सीधा असर विशेष नियम व छूट
बुकिंग खुलने की समय-सीमा यात्रा की तारीख से ठीक 120 दिन पहले सुबह 8:00 बजे। यात्रा की तारीख से ठीक 60 दिन पहले सुबह 8:00 बजे। अब चार महीने पहले पैसे फंसाने की जरूरत नहीं, 2 महीने पहले करें प्लानिंग। यात्रा का दिन गणना में शामिल नहीं होता है।
टिकट रद्दीकरण (Cancellation) 21% से अधिक टिकट यात्रा से पहले कैंसिल हो जाते थे। अनुमानित रद्दीकरण दर घटकर 8% से 10% रह जाएगी। सीटों की कृत्रिम कमी खत्म होगी, वास्तविक जरूरतमंद को टिकट मिलेगा। सामान्य कैंसिलेशन चार्ज स्लैब में कोई बदलाव नहीं।
तत्काल व प्रीमियम तत्काल यात्रा से 1 दिन पहले (10 AM AC, 11 AM Non-AC)। यात्रा से 1 दिन पहले (10 AM AC, 11 AM Non-AC) — कोई बदलाव नहीं। इमरजेंसी यात्रियों के लिए तत्काल बुकिंग व्यवस्था यथावत चालू रहेगी। आधार वेरिफाइड आईआरसीटीसी यूजर्स को ही प्राथमिकता।
विदेशी पर्यटक कोटा (FT) 365 दिन पहले ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा। 365 दिन पहले ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा यथावत जारी रहेगी। अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की यात्रा योजना पर कोई नकारात्मक असर नहीं। पासपोर्ट व वैध भारतीय वीजा अनिवार्य।
स्पेशल ट्रेनों की घोषणा त्योहारों से ठीक 10 दिन पहले स्पेशल ट्रेनें घोषित होती थीं। 60 दिन का सटीक डेटा मिलने से 30-40 दिन पहले स्पेशल ट्रेनें चलेंगी। त्योहारी भीड़ को समय रहते कन्फर्म सीट की अतिरिक्त व्यवस्था मिलेगी। अनरिजर्व्ड जनसाधारण स्पेशल ट्रेनें भी ज्यादा चलेंगी।

स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: नए 60-दिन नियम में कन्फर्म टिकट कैसे बुक करें?

यदि आप आने वाले महीनों में ट्रेन से यात्रा करना चाहते हैं, तो 60 दिन के नए सिस्टम में पहली ही कोशिश में कन्फर्म टिकट पाने के लिए नीचे दिए गए पांच चरणों का पालन करें:

  1. स्टेप 1 (चरण 1): यात्रा की सही तारीख से 60 दिन पीछे की तारीख निकालें: अपने फोन के कैलेंडर या गूगल कैलकुलेटर पर जाएं और अपनी यात्रा की तारीख से ठीक 60 दिन पहले की तारीख की गणना करें। उदाहरण के लिए, 15 जनवरी की यात्रा के लिए बुकिंग 16 नवंबर की सुबह 8:00 बजे खुलेगी।
  2. स्टेप 2 (चरण 2): IRCTC मास्टर पैसेंजर लिस्ट पहले से तैयार रखें: बुकिंग खुलने के समय नाम, उम्र और बर्थ प्राथमिकता टाइप करने में 1 से 2 मिनट का कीमती समय बर्बाद होता है। आईआरसीटीसी ऐप या वेबसाइट पर जाकर 'My Profile' में 'Master List' में सभी यात्रियों का नाम पहले से सेव कर लें।
  3. स्टेप 3 (चरण 3): सुबह 7:55 बजे लॉगिन करें: सुबह 8:00 बजे जब रिजर्वेशन विंडो खुलती है, तो लाखों लोग एक साथ वेबसाइट पर आते हैं। इसलिए सुबह 7:55 बजे ही अपने IRCTC खाते में लॉगिन कर लें और कैप्चा भरकर तैयार रहें।
  4. स्टेप 4 (चरण 4): ऑटो-फिल मास्टर लिस्ट चुनें: जैसे ही घड़ी में 8:00 बजें, ट्रेन सर्च करें, क्लास चुनें और 'Book Now' पर क्लिक करते ही मास्टर लिस्ट से पैसेंजर्स को एक क्लिक में सेलेक्ट करें।
  5. स्टेप 5 (चरण 5): सुपर-फास्ट पेमेंट मोड (IRCTC iMudra या UPI) का उपयोग करें: नेट बैंकिंग या डेबिट कार्ड में ओटीपी आने में अक्सर 30 से 60 सेकंड लग जाते हैं, जिससे टिकट वेटिंग में चला जाता है। पेमेंट के लिए IRCTC e-Wallet या UPI (जैसे Paytm/PhonePe QR कोड) चुनें और फोन से 5 सेकंड में पिन डालकर पेमेंट पूरा करें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (PAA FAQs)

1. क्या 60 दिन के नियम में यात्रा की तारीख भी शामिल होती है?

नहीं। रेलवे के अग्रिम आरक्षण नियम में यात्रा का दिन शामिल नहीं होता है। इसका मतलब है कि अगर आपकी ट्रेन 10 दिसंबर को रवाना होने वाली है, तो 60 दिन की उलटी गिनती में 10 दिसंबर को छोड़कर पिछले 60 दिनों की गणना की जाती है और 60वें दिन की सुबह ठीक 8:00 बजे बुकिंग खुलती है।

2. क्या 31 अक्टूबर तक बुक किए गए 120 दिन वाले टिकट रद्द हो जाएंगे?

बिल्कुल नहीं। रेलवे बोर्ड ने अपने सर्कुलर में स्पष्ट कहा है कि 31 अक्टूबर 2026 तक जिन यात्रियों ने 120 दिन के पुराने नियम के तहत टिकट बुक कराए हैं, वे पूरी तरह वैध और सुरक्षित हैं। उन पर नए नियम का कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।

3. क्या तत्काल टिकट बुकिंग के समय में भी कोई बदलाव हुआ है?

नहीं। तत्काल टिकट बुकिंग का समय बिल्कुल पहले जैसा ही है। एसी क्लास के लिए यात्रा से एक दिन पहले सुबह 10:00 बजे और स्लीपर (नॉन-एसी) क्लास के लिए सुबह 11:00 बजे बुकिंग शुरू होती है। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।

4. क्या रेलवे ने कैंसिलेशन चार्ज (रद्द करने के शुल्क) में बढ़ोतरी की है?

नहीं, कैंसिलेशन चार्ज में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 48 घंटे पहले, 12 घंटे पहले और 4 घंटे पहले (चार्ट बनने तक) के सामान्य रेलवे क्लर्किएज और डिडक्शन नियम पहले की तरह ही लागू रहेंगे।

5. क्या सभी ट्रेनों में 60 दिन का नियम लागू होगा या कुछ ट्रेनों में छूट है?

यह नियम उन सभी सामान्य लंबी दूरी की मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों में लागू होगा जहाँ पहले 120 दिन की बुकिंग मिलती थी। दिन के समय चलने वाली कुछ छोटी दूरी की इंटरसिटी और जनशताब्दी ट्रेनों में 30 दिन की पुरानी व्यवस्था पहले की तरह ही बनी रहेगी।

6. नए नियम से आम यात्रियों को सबसे बड़ा फायदा क्या होगा?

सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि टिकट दलालों द्वारा 4 महीने पहले फर्जी नामों से टिकट ब्लॉक करने की जमाखोरी बंद होगी। केवल वही यात्री टिकट बुक करेंगे जिनका जाना निश्चित है, जिससे वेटिंग लिस्ट कम होगी और आम जनता को कन्फर्म सीट मिलने के अवसर काफी बढ़ जाएंगे।

विज्ञापन / SPONSORED

क्या यह जानकारी आपके लिए उपयोगी रही?

अपने दोस्तों, परिजनों और ग्रुप्स में इस महत्वपूर्ण जानकारी को तुरंत शेयर करें:

💬 WhatsApp पर शेयर करें 📢 चैनल जॉइन करें
💬 WhatsApp शेयर 🔔 WhatsApp चैनल जॉइन करें