1. GRAP Stage 4 क्या है और यह कब लागू होता है?
सर्दियों के मौसम में उत्तर भारत, विशेष रूप से दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में मौसम संबंधी परिस्थितियों, पराली के धुएं, स्थानीय धूल और वाहनों के उत्सर्जन के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (Air Quality Index - AQI) अत्यंत खतरनाक स्तर तक पहुंच जाता है। इस वायु प्रदूषण संकट से निपटने के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (Commission for Air Quality Management - CAQM) ने Graded Response Action Plan (GRAP) का वैधानिक ढांचा तैयार किया है।
ग्रैप प्रणाली को वायु प्रदूषण की गंभीरता के आधार पर चार अलग-अलग चरणों में बांटा गया है:
- स्टेज 1 ('खराब' - AQI 201 से 300): निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण, मशीनीकृत सड़क सफाई और नियमित पानी का छिड़काव।
- स्टेज 2 ('बहुत खराब' - AQI 301 से 400): डीजल जनरेटर सेटों के अनियंत्रित उपयोग पर रोक, पार्किंग शुल्क में वृद्धि और सार्वजनिक परिवहन के फेरे बढ़ाना।
- स्टेज 3 ('गंभीर' - AQI 401 से 450): गैर-आवश्यक खनन व निर्माण गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध, और दिल्ली-एनसीआर में BS-III पेट्रोल व BS-IV डीजल कारों के संचालन पर सख्त रोक।
- स्टेज 4 ('अति गंभीर+' - AQI 450 से अधिक): यह ग्रैप का सबसे सख्त और अंतिम आपातकालीन चरण है। जब दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 450 के पार चला जाता है, तब वायु गुणवत्ता आयोग तत्काल प्रभाव से स्टेज 4 के सभी प्रतिबंध लागू कर देता है।
स्टेज 4 लागू होने का सीधा अर्थ है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य को बचाने के लिए नागरिक जीवन, कार्यालयी गतिविधियों, विद्यालयों और सड़क परिवहन पर व्यापक आपातकालीन बंदिशें लागू हो जाती हैं। इसके तहत न केवल भारी ट्रकों का दिल्ली में प्रवेश बंद कर दिया जाता है, बल्कि विद्यालयों को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन मोड में स्थानांतरित करने और सरकारी व निजी दफ्तरों में 50% वर्क फ्रॉम होम (WFH) लागू करने का वैधानिक आदेश दिया जाता है।
🚨 ग्रैप स्टेज-4 के 5 सबसे सख्त प्रतिबंध
- ट्रकों की नो-एंट्री: एलएनजी/सीएनजी/इलेक्ट्रिक ट्रकों और आवश्यक वस्तुओं (दूध, फल, सब्जियां, दवाएं) को छोड़कर सभी गैर-दिल्ली रजिस्टर्ड मध्यम और भारी डीजल मालवाहक ट्रकों का प्रवेश वर्जित।
- स्कूलों में हाइब्रिड ऑनलाइन मोड: कक्षा 1 से 9 और कक्षा 11 तक के सभी सरकारी व निजी स्कूलों में शारीरिक कक्षाएं बंद; पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से होगी। केवल बोर्ड कक्षाओं (10वीं और 12वीं) के लिए विशेष छूट।
- 50% वर्क फ्रॉम होम (WFH): दिल्ली सरकार, नगर निगम और निजी वाणिज्यिक कार्यालयों में 50% कर्मचारियों को घर से काम करने का निर्देश।
- वाहनों पर ₹20,000 का सीधा चालान: BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों को सड़क पर चलाने पर मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 194(1) के तहत ₹20,000 का भारी गैर-शमनीय चालान।
- लीनियर पब्लिक प्रोजेक्ट्स पर पूर्ण रोक: राजमार्ग, फ्लाईओवर, पावर ट्रांसमिशन और पाइपलाइन जैसे बड़े सार्वजनिक निर्माण कार्यों पर भी पूर्ण प्रतिबंध।
2. स्कूलों व कॉलेजों के नियम: ऑनलाइन क्लास, अभिभावकों की सहमति व बोर्ड परीक्षाएं
ग्रैप स्टेज-4 के लागू होते ही दिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय (Directorate of Education - DoE) तथा हरियाणा (गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत) और उत्तर प्रदेश (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद) के जिलाधिकारियों द्वारा स्कूलों के संचालन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं। अक्सर अभिभावकों और शिक्षकों में इस बात को लेकर असमंजस रहता है कि किन कक्षाओं के स्कूल बंद रहेंगे और किनके खुले।
(क) प्राथमिक विद्यालय (नर्सरी से कक्षा 5)
कक्षा 1 से 5 तक के सभी प्राथमिक विद्यालयों को ग्रैप स्टेज-3 के दौरान ही बंद कर दिया जाता है। स्टेज-4 में यह पाबंदी पूरी तरह बरकरार रहती है। छोटे बच्चों को जहरीली हवा और सांस की बीमारियों से बचाने के लिए किसी भी परिस्थिति में प्राथमिक कक्षाओं के छात्रों को स्कूल बुलाने की अनुमति नहीं होती है।
(ख) माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक (कक्षा 6 से 9 और कक्षा 11)
ग्रैप स्टेज-4 के तहत कक्षा 6 से 9 और कक्षा 11 के विद्यार्थियों के लिए शारीरिक कक्षाओं (Physical In-Person Classes) को तत्काल स्थगित कर दिया जाता है। शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार:
- सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को शिक्षण कार्य अनिवार्य रूप से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म (Google Meet, Microsoft Teams, Zoom) पर संचालित करना होगा।
- अभिभावकों के पास यह कानूनी अधिकार है कि वे प्रदूषण के दौरान अपने बच्चे को स्कूल भेजने से इनकार कर सकते हैं और स्कूल प्रबंधन इसके लिए किसी प्रकार का जुर्माना या अनुपस्थिति दंड नहीं लगा सकता।
- कक्षाओं के समय में इस प्रकार समायोजन किया जाता है कि सुबह के समय जब स्मॉग और पीएम 2.5 का स्तर सबसे अधिक होता है, उस समय बच्चों को कंप्यूटर स्क्रीन पर अत्यधिक समय न बिताना पड़े।
(ग) कक्षा 10वीं और 12वीं (बोर्ड परीक्षा कक्षाएं)
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) और राज्य बोर्डों की आगामी बोर्ड परीक्षाओं, प्रैक्टिकल परीक्षाओं और प्री-बोर्ड असेसमेंट की समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए, आयोग ने राज्य सरकारों को कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए निर्णय लेने की स्वायत्तता दी है। अधिकांश मामलों में बोर्ड कक्षाओं के लिए शारीरिक कक्षाएं खुली रखी जाती हैं, लेकिन उन्हें सुबह 8:30 बजे से पहले शुरू न करने और बाहरी खेलकूद (Outdoor Activities) व मॉर्निंग असेंबली पर पूरी तरह रोक लगाने का सख्त निर्देश होता है।
3. दफ्तरों व कर्मचारियों के लिए नियम: 50% वर्क फ्रॉम होम व निजी कंपनियों पर निर्देश
सड़कों पर वाहनों के दबाव को कम करने और दफ्तर आने-जाने वाले लाखों कर्मचारियों को जहरीले स्मॉग के सीधे संपर्क से बचाने के लिए ग्रैप स्टेज-4 में व्यापक वर्क फ्रॉम होम निर्देश लागू किए जाते हैं। दिल्ली सरकार के श्रम विभाग और कार्मिक विभाग द्वारा जारी गाइडलाइंस के मुख्य प्रावधान निम्नलिखित हैं:
(क) दिल्ली सरकार और नगर निगम (MCD) कार्यालय
दिल्ली सरकार के सभी सचिवालयों, स्वायत्त निकायों, सार्वजनिक उपक्रमों और नगर निगम कार्यालयों में 50% क्षमता का नियम तुरंत लागू होता है। इसका अर्थ यह है कि 50% कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित होंगे जबकि शेष 50% कर्मचारी घर से काम करेंगे। विभाग प्रमुखों (HeDs) को रोस्टर प्रणाली तैयार करने का आदेश दिया जाता है ताकि कोई भी आवश्यक सार्वजनिक सेवा बाधित न हो।
अपवाद: स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवाएं, पुलिस, जेल प्रशासन, अग्निशमन सेवा, आपदा प्रबंधन, बिजली, जलापूर्ति और स्वच्छता से जुड़े आपातकालीन विभागों पर वर्क फ्रॉम होम का नियम लागू नहीं होता।
(ख) निजी क्षेत्र के कार्यालय और कॉर्पोरेट हब (Gurugram, Noida, Delhi)
ग्रैप स्टेज-4 के तहत निजी कंपनियों, आईटी फर्मों, फिनटेक स्टार्टअप्स, बैंक और कॉर्पोरेट दफ्तरों के लिए भी 50% वर्क फ्रॉम होम को अत्यधिक अनुशंसित और वैधानिक एडवाइजरी के तहत लागू किया जाता है:
- कंपनियों को अपने कर्मचारियों के लिए हाइब्रिड मॉडल तुरंत सक्रिय करने की सलाह दी जाती है।
- जो कर्मचारी ऑफिस आते हैं, उनके लिए कारपूलिंग (Carpooling) को अनिवार्य करने या कंपनी द्वारा साझा इलेक्ट्रिक/सीएनजी बस शटल सेवा चलाने का निर्देश होता है।
- ऑफिस के काम के घंटों को सुबह 8:00 बजे से 10:30 बजे के बीच चरणबद्ध (Staggered Office Timings) किया जाता है ताकि व्यस्ततम समय (Peak Hours) में सड़कों पर वाहनों का जमावड़ा न हो।
(ग) केंद्र सरकार के कार्यालय
कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) द्वारा केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए ग्रैप स्टेज-4 के दौरान अलग से आधिकारिक कार्यालय ज्ञापन (OM) जारी किया जाता है, जिसके तहत अवर सचिव स्तर से नीचे के कर्मचारियों को रोस्टर आधार पर घर से काम करने की छूट दी जाती है।
4. वाहन प्रतिबंध, चालान पेनल्टी व ग्रैप स्टेजेस: 5-कॉलम संपूर्ण तुलनात्मक तालिका
वाहन चालकों में सबसे बड़ा भ्रम विभिन्न ग्रैप स्टेजेस के दौरान लागू होने वाली वाहन पाबंदियों को लेकर होता है। नीचे दी गई आधिकारिक तालिका से स्पष्ट समझें कि किस स्टेज पर कौन से वाहन चल सकते हैं और किन पर ₹20,000 का भारी जुर्माना लगेगा:
| ग्रैप चरण (Stage) | एक्यूआई स्तर (AQI Trigger) | स्कूल व शैक्षणिक संस्थान | ऑफिस व वर्क फ्रॉम होम (WFH) | वाहन प्रतिबंध व चालान पेनल्टी |
|---|---|---|---|---|
| ग्रैप स्टेज 1 ('खराब') | AQI 201 से 300 | सामान्य रूप से खुले (शारीरिक उपस्थिति) | सामान्य रूप से खुले (100% उपस्थिति) | कोई वाहन बैन नहीं; केवल बिना PUCC पर ₹10,000 जुर्माना |
| ग्रैप स्टेज 2 ('बहुत खराब') | AQI 301 से 400 | सामान्य रूप से खुले; आउटडोर गतिविधियां सीमित | सामान्य संचालन; कारपूलिंग की सलाह | पार्किंग फीस 2 से 4 गुना; डीजल जनरेटर पर सख्त रोक |
| ग्रैप स्टेज 3 ('गंभीर') | AQI 401 से 450 | कक्षा 5 तक स्कूल अनिवार्य बंद (ऑनलाइन) | स्वैच्छिक WFH और गैर-सरकारी निर्माण बंद | BS-III पेट्रोल व BS-IV डीजल कारें बैन; ₹20,000 चालान |
| ग्रैप स्टेज 4 ('अति गंभीर+') | AQI 450 से ऊपर | कक्षा 1-9 व 11 बंद (हाइब्रिड ऑनलाइन); केवल 10 व 12 सशर्त | 50% WFH सरकारी व निजी दफ्तरों में अनिवार्य निर्देश | सभी गैर-इलेक्ट्रिक ट्रकों की दिल्ली नो-एंट्री + पुरानी कारों पर ₹20,000 जुर्माना व जब्ती |
5. वाहन चालकों के लिए अनुपालन SOP: ₹20,000 के चालान से कैसे बचें?
यदि आप दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद या फरीदाबाद की सड़कों पर निजी या व्यावसायिक कार चलाते हैं, तो ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमें (Enforcement Teams) स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) कैमरों और चेकपोस्टों के माध्यम से 24x7 निगरानी कर रही हैं। नीचे दी गई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन करके आप भारी चालान और वाहन जब्ती से बच सकते हैं:
-
चरण 1: mParivahan या VAHAN पोर्टल पर अपने वाहन की एमिशन कैटेगरी सत्यापित करना
अपने मोबाइल में आधिकारिक mParivahan ऐप खोलें याvahan.parivahan.gov.inपर जाएं। अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें। अपनी आरसी (RC) के डिजिटल विवरण में "Fuel Norms" या "Emission Standard" देखें। यदि वहां Bharat Stage III (BS-III) Petrol या Bharat Stage IV (BS-IV) Diesel लिखा है, तो स्टेज 3 और स्टेज 4 लागू रहने के दौरान गाड़ी को घर के गैरेज से बिल्कुल बाहर न निकालें। -
चरण 2: प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) की वैधता की पुष्टि करना
भले ही आपकी कार BS-VI पेट्रोल, डीजल या सीएनजी हो, यदि उसका PUCC एक्सपायर हो चुका है, तो फ्यूल पंपों पर लगे ANPR कैमरे सीधे ₹10,000 का ऑनलाइन चालान काट देंगे। तुरंत निकटतम अधिकृत पेट्रोल पंप पर जाकर नया PUCC बनवाएं और सुनिश्चित करें कि वह परिवहन पोर्टल पर लाइव दिखाई दे रहा हो। -
चरण 3: गैर-दिल्ली रजिस्टर्ड व्यावसायिक वाहनों का रूट डायवर्जन
यदि आप हरियाणा या उत्तर प्रदेश से दिल्ली होकर राजस्थान या पंजाब जाने वाले व्यावसायिक वाहन (एलसीवी या ट्रक) के चालक हैं, तो दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने का प्रयास न करें। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) या वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (WPE - KMP) का उपयोग करके दिल्ली की सीमाओं को पूरी तरह बाईपास करें। -
चरण 4: आपातकालीन सेवा में लगे वाहनों के लिए डिजिटल साक्ष्य रखना
यदि आपका वाहन चिकित्सा आपातकाल (मरीज को अस्पताल ले जाना), डॉक्टर ऑन ड्यूटी, एम्बुलेंस, अग्निशमन या आवश्यक सरकारी आपूर्ति में लगा हुआ है, तो गाड़ी के डैशबोर्ड पर आवश्यक परमिट, अस्पताल का डिस्चार्ज/रेफरल पत्र और डॉक्टर का आईडी कार्ड हमेशा मूल प्रति में साथ रखें। -
चरण 5: सीपीसीबी समीर ऐप (Sameer App) से दैनिक आदेश ट्रैक करना
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आधिकारिक 'Sameer App' पर हर शाम 4 बजे 24 घंटे का औसत एक्यूआई बुलेटिन जारी होता है। यदि वायु गुणवत्ता सुधरकर स्टेज 3 या 2 में आती है, तो सीएक्यूएम द्वारा प्रतिबंध हटाने का औपचारिक आदेश इसी ऐप और आधिकारिक ट्विटर/एक्स हैंडल पर दिया जाता है। जब तक लिखित डि-रेस्ट्रिक्शन ऑर्डर न आए, तब तक प्रतिबंध लागू माने जाते हैं।
6. कानूनी छूट व आवश्यक सेवाएं: किन वाहनों को स्टेज-4 में चलने की अनुमति है?
ग्रैप स्टेज-4 के कड़े नियमों के बावजूद, सामान्य जनजीवन को बनाए रखने और आपातकालीन स्वास्थ्य जरूरतों को पूरा करने के लिए मोटर वाहन अधिनियम और सीएक्यूएम आदेशों में कुछ विशेष छूट दी गई है:
- सभी इलेक्ट्रिक वाहन (EVs): बैटरी चालित दोपहिया, चार पहिया कारें, इलेक्ट्रिक ऑटो और इलेक्ट्रिक बसें बिना किसी रोक-टोक के पूरी दिल्ली-एनसीआर में चल सकती हैं।
- सभी सीएनजी और हाइब्रिड निजी वाहन: मूल रूप से कंपनी फिटेड सीएनजी (CNG) या स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड टेक्नोलॉजी से चलने वाली कारों पर कोई प्रतिबंध नहीं है।
- BS-VI अनुपालक वाहन (BS-VI Petrol & BS-VI Diesel): भारत स्टेज-6 (BS6) मानकों को पूरा करने वाली निजी कारें, टैक्सियां और यात्री बसें पूरी तरह वैध हैं।
- आवश्यक वस्तुओं के ट्रक: फल, कच्ची सब्जियां, दूध व डेयरी उत्पाद, खाद्यान्न, रसोई गैस (LPG सिलेंडर), पेट्रोलियम उत्पाद और जीवन रक्षक दवाओं की ढुलाई करने वाले ट्रकों को दिल्ली सीमाओं पर ग्रीन कॉरिडोर मिलता है।
- एलएनजी और सीएनजी ट्रक: स्वच्छ ईंधन (LNG/CNG) से चलने वाले मध्यम और भारी मालवाहक वाहनों को दिल्ली में माल पहुंचाने की पूरी छूट है।
- आपातकालीन व प्रवर्तन वाहन: एम्बुलेंस, दमकल गाड़ियां, पुलिस पीसीआर वैन, सेना के वाहन, चुनाव आयोग की ड्यूटी में लगे वाहन और कचरा प्रबंधन (MCD Sanitation) के वाहन।
7. सामान्य गलतियां, कैमरा चालान एरर व कानूनी समाधान
ग्रैप के दौरान स्वचालित तकनीक और कैमरों के भारी उपयोग के कारण वाहन चालकों को कई प्रकार की विसंगतियों और गलत चालानों का सामना करना पड़ता है। यदि आपके पास वैध गाड़ी होने के बावजूद पुलिस ने गलत चालान काट दिया है, तो घबराएं नहीं। नीचे मुख्य त्रुटियों और उनके कानूनी समाधान की पूरी प्रक्रिया दी गई है:
(क) सामान्य गलतियां जिनसे वाहन मालिकों को बचना चाहिए
- आरसी बुक पर पुराने मॉडल का उल्लेख और अपडेट न होना: कई बार वाहन मालिक अपनी कार में अधिकृत सीएनजी किट लगवा लेते हैं और आरटीओ से एंडोर्समेंट भी करवा लेते हैं, लेकिन परिवहन पोर्टल पर रिकॉर्ड समय पर अपडेट नहीं होता। ऐसे में कैमरा आपकी कार को पुरानी पेट्रोल कार मानकर ₹20,000 का नोटिस भेज देता है।
- पीयूसीसी रसीद का एसएमएस न आना: पेट्रोल पंप पर प्रदूषण जांच कराने के बाद अक्सर लोग बिना एसएमएस या डिजिटल पर्ची की पुष्टि किए चले जाते हैं। यदि जांच केंद्र का इंटरनेट ठप था, तो डेटा क्लाउड पर अपलोड नहीं होता और गाड़ी सिस्टम में 'Without PUCC' दिखती रहती है।
- प्रतिबंधित समय में बॉर्डर चेकपोस्ट के पास जाना: यूपी या हरियाणा से दिल्ली की सीमा पर पहुंचते ही यू-टर्न लेने पर भी कई बार बॉर्डर पर लगे हाई-रेप कैमरे गाड़ी का नंबर स्कैन करके तुरंत ई-चालान जनरेट कर देते हैं।
(ख) मुख्य चालान एरर और कानूनी आपत्ति दर्ज करने का तरीका (Troubleshooting Matrix)
| चालान विसंगति / एरर (Error Scenario) | तकनीकी कारण (Root Cause) | कानूनी समाधान (Legal Remedy) | कार्रवाई की समय-सीमा |
|---|---|---|---|
| BS-6 कार पर ₹20,000 का गलत ग्रैप चालान | ANPR कैमरे द्वारा पुरानी नंबर प्लेट सीरीज के आधार पर गलत श्रेणी वर्गीकरण। | दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ग्रीवेंस पोर्टल (traffic.delhipolice.gov.in/notice/grievance) पर आरसी अपलोड करके चालान रद्द करने की आपत्ति दर्ज करें। |
चालान कटने के 15 दिनों के भीतर |
| वैध PUCC होने पर भी ₹10,000 का नोटिस | पेट्रोल पंप ऑपरेटर द्वारा गलत वाहन नंबर प्रविष्टि या सर्वर सिंक विफलता। | परिवहन विभाग के ई-चालान पोर्टल पर जाकर वैध पीयूसीसी सर्टिफिकेट की तिथि व समय का प्रमाण पत्र संलग्न करें। | वर्चुअल कोर्ट जाने से पहले |
| अस्पताल मरीज ले जाते समय चालान कटना | प्रतिबंधित श्रेणी (BS-4 Diesel) का आपातकालीन चिकित्सा में अनपेक्षित उपयोग। | अस्पताल की इमरजेंसी एडमिशन स्लिप, डॉक्टर का पर्चा और टाइम-स्टैम्पड बिल के साथ वर्चुअल कोर्ट में मानवीय आधार पर छूट का आवेदन करें। | कोर्ट समन आने पर |
| कंपनी फिटेड CNG कार को पेट्रोल मानकर चालान | वाहन डेटाबेस में 'Petrol/CNG' के प्राथमिक फ्यूल में केवल पेट्रोल मैप होना। | अपने संबंधित आरटीओ से ईंधन संशोधन पत्र (Fuel Endorsement Letter) प्राप्त करें और ट्रैफिक डीसीपी कार्यालय में आवेदन दें। | 30 कार्य दिवस |
⚖️ क्या ₹20,000 का ग्रैप चालान मौके पर भरा जा सकता है?
ध्यान रखें कि ग्रैप स्टेज-3 और स्टेज-4 के तहत कटने वाला ₹20,000 का चालान मोटर वाहन अधिनियम की धारा 194(1) के तहत 'कंपाउंडेबल' (मौके पर नकदी देकर छूटने वाला) नहीं होता है। ट्रैफिक पुलिसकर्मी सड़क पर नकदी जुर्माना वसूल नहीं कर सकते। यह चालान सीधे ई-चालान प्रणाली के जरिए वर्चुअल कोर्ट (Virtual Court) में भेजा जाता है, जहां आपको ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर जुर्माना भरना होता है या अपने वकील के माध्यम से जज के समक्ष आपत्ति प्रस्तुत करनी होती है।
8. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (PAA FAQs)
GRAP Stage 4 लागू होने पर दिल्ली में कौन सी कारें पूरी तरह प्रतिबंधित हैं?
ग्रैप स्टेज-4 के दौरान दिल्ली और पूरे एनसीआर (नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद) में भारत स्टेज-3 (BS-III) पेट्रोल और भारत स्टेज-4 (BS-IV) डीजल की सभी चार पहिया निजी कारें और गैर-आवश्यक वाणिज्यिक गाड़ियां पूरी तरह प्रतिबंधित रहती हैं। केवल BS-VI पेट्रोल, BS-VI डीजल, सीएनजी (CNG) और इलेक्ट्रिक कारों को ही चलने की अनुमति है।
प्रतिबंधित गाड़ी चलाने पर ट्रैफिक पुलिस कितना जुर्माना लगाती है?
ग्रैप पाबंदियों का उल्लंघन करने पर मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 194(1) के तहत ₹20,000 का सीधा कानूनी चालान काटा जाता है। इसके अतिरिक्त, यदि वायु प्रदूषण अत्यधिक गंभीर है, तो ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीमें वाहन को मौके पर ही जब्त (Impound) करके निकटतम पुलिस स्टेशन या आरटीओ यार्ड में भेज सकती हैं।
क्या स्टेज 4 में कक्षा 10वीं और 12वीं के स्कूल भी बंद रहते हैं?
कक्षा 1 से 9 और कक्षा 11 के लिए सभी स्कूल अनिवार्य रूप से हाइब्रिड ऑनलाइन मोड में चलते हैं और बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जाता। हालांकि, बोर्ड परीक्षाओं की अनिवार्यता को देखते हुए राज्य सरकारें कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए शारीरिक कक्षाएं खुली रखने का विकल्प चुन सकती हैं, बशर्ते बाहरी खेल और मॉर्निंग असेंबली पूरी तरह स्थगित रहे।
क्या प्राइवेट कंपनियों के लिए 50% वर्क फ्रॉम होम (WFH) अनिवार्य है?
ग्रैप स्टेज-4 के आदेश में वायु गुणवत्ता आयोग राज्य सरकारों (दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश) को निर्देश देता है कि वे सार्वजनिक, नगरपालिका और निजी कार्यालयों में 50% कार्यबल को घर से काम करने का आदेश दें। दिल्ली सरकार द्वारा इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी की जाती है और कंपनियों से इसका कड़ाई से अनुपालन करने का अनुरोध किया जाता है।
क्या दूसरे राज्यों (यूपी/हरियाणा) की नंबर प्लेट वाली गाड़ियां दिल्ली में आ सकती हैं?
हाँ, दूसरे राज्यों की नंबर प्लेट वाली निजी कारें दिल्ली में प्रवेश कर सकती हैं, लेकिन वे अनिवार्य रूप से BS-VI Petrol, BS-VI Diesel, CNG या Electric होनी चाहिए। यदि यूपी या हरियाणा की कार BS-III पेट्रोल या BS-IV डीजल है, तो दिल्ली बॉर्डर पर ही ANPR कैमरों द्वारा ₹20,000 का चालान कट जाएगा या पुलिस द्वारा वापस लौटा दिया जाएगा।
आवश्यक वस्तुओं के ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश के लिए क्या दिखाना होगा?
दूध, फल, सब्जी, खाद्य तेल, दवाएं और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति करने वाले ट्रकों को बॉर्डर चेकपोस्ट पर वैध बिल, ई-वे बिल (E-Way Bill) और डिलीवरी चालान प्रस्तुत करना होता है, जिसमें स्पष्ट रूप से आवश्यक वस्तुओं की श्रेणी दर्ज हो। इसके अतिरिक्त वाहन का वैध PUCC और फिटनेस सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है।
यदि मेरी गाड़ी BS6 है लेकिन गलती से ₹20,000 का चालान आ गया तो क्या करें?
यह एक सामान्य तकनीकी समस्या है जो कैमरों द्वारा पुरानी नंबर सीरीज की गलत पहचान से होती है। आप तुरंत दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के आधिकारिक पोर्टल traffic.delhipolice.gov.in पर जाएं, 'Notice / Grievance' सेक्शन चुनें, चालान नंबर दर्ज करें और अपनी गाड़ी की आरसी की साफ फोटो संलग्न करें जहां BS-VI लिखा हो। सत्यापन के बाद ट्रैफिक एसीपी कार्यालय द्वारा चालान बिना किसी फीस के निरस्त कर दिया जाता है।
ग्रैप स्टेज 4 के प्रतिबंध कब तक लागू रहते हैं और हटने की सूचना कैसे मिलती है?
ग्रैप स्टेज-4 के प्रतिबंध तब तक लागू रहते हैं जब तक कि दिल्ली-एनसीआर में अनुकूल हवाओं या बारिश के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक लगातार कम से कम 48 घंटे तक 450 (अति गंभीर) से नीचे न आ जाए। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) स्थिति की दैनिक समीक्षा करता है और प्रतिबंधों को हटाने का औपचारिक लिखित आदेश अपनी आधिकारिक वेबसाइट और मीडिया विज्ञप्ति के माध्यम से जारी करता है।