यह मास्टर गाइड किनके लिए है: केंद्रीय व राज्य सरकारी कर्मचारी, सहायक अनुभाग अधिकारी (ASO), क्लर्क, निजी सचिव, बैंक अधिकारी, कॉर्पोरेट लीगल/एचआर प्रोफेशनल्स और सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे वे छात्र जो सचिवालय कार्यप्रणाली में महारत हासिल करना चाहते हैं।
1. नोटिंग और ड्राफ्टिंग क्या है और ऑफिस जॉब्स में इसकी इतनी कद्र क्यों है?
प्रशासनिक भाषा में किसी भी सरकारी या संगठनात्मक फाइल के दो हिस्से होते हैं: दाईं तरफ पत्राचार (Correspondence / Receipts) और बाईं तरफ नोट-शीट (Notes Sheet):
- नोटिंग (Noting): जब बाहर से कोई पत्र, शिकायत, बिल या प्रस्ताव आता है, तो सहायक या अधिकारी फाइल के नोट-शीट वाले हिस्से पर उस मामले का संक्षिप्त इतिहास, संबंधित नियम, पुराने उदाहरण और अपनी निष्पक्ष राय लिखता है। इसे 'नोटिंग' कहते हैं। नोटिंग का उद्देश्य उच्चाधिकारी को सही निर्णय लेने में मदद करना है।
- ड्राफ्टिंग (Drafting): जब उच्च अधिकारी नोटिंग पर अपने हस्ताक्षर या सहमति दे देता है (जैसे: "Approved as proposed"), तब उस निर्णय को बाहर के व्यक्ति, मंत्रालय या जनता तक पहुंचाने के लिए जो औपचारिक पत्र, आदेश या नोटिफिकेशन तैयार किया जाता है, उसे 'ड्राफ्ट' (DFA - Draft for Approval) और उसकी रचना प्रक्रिया को 'ड्राफ्टिंग' कहते हैं।
2. फाइल नोटिंग (Note Sheet) के 5 बुनियादी नियम (संक्षिप्तता, संदर्भ, नियम और निष्पक्षता)
केंद्रीय सचिवालय कार्यालय पद्धति नियमावली (CSMOP) के अनुसार, फाइल नोटिंग लिखते समय 5 स्वर्णिम सिद्धांतों का पालन करना अनिवार्य है:
- संक्षिप्तता (Brevity): नोट कभी भी मूल पत्र की हूबहू नकल नहीं होना चाहिए। अधिकारी के पास 200 फाइलों का ढेर होता है। आपका काम समस्या को 10-15 पंक्तियों में समेटना है।
- नियमों की सटीक कोटिंग (Rule Precision): केवल यह न लिखें कि "यह नियमानुकूल नहीं है"। हमेशा स्पष्ट लिखें: "केंद्रीय सिविल सेवा (अवकाश) नियम, 1972 के नियम 38 के तहत इस प्रकार का अवकाश देय नहीं है।"
- पूर्व नज़ीर की खोज (Precedent Check): क्या पहले भी विभाग में ऐसा कोई मामला आया था? उस समय क्या निर्णय लिया गया था? इसका संदर्भ (Page Reference / File No.) अवश्य दें।
- अहंकार-रहित तटस्थ भाषा (Objective Tone): कभी भी व्यक्तिगत आक्षेप या आक्रामक शब्दों का प्रयोग न करें। "यह कर्मचारी झूठ बोल रहा है" लिखने के बजाय लिखें "प्रस्तुत साक्ष्य संलग्न रिकॉर्ड से मेल नहीं खाते।"
- स्वतंत्र पैराग्राफ नंबरिंग: नोटिंग के प्रत्येक पैराग्राफ को 1, 2, 3... नंबर दें ताकि आगे चर्चा करते समय कहा जा सके "कृपया पैरा 3 का अवलोकन करें।"
3. एक बेहतरीन नोटिंग का स्ट्रक्चर (प्रॉब्लम -> नियम/पॉलिसी -> पिछला संदर्भ -> सिफारिश)
एक पेशेवर नोटिंग शीट हमेशा 4 व्यवस्थित खंडों में बंटी होनी चाहिए:
- खंड 1: विचाराधीन पत्र का सार (PUC - Paper Under Consideration): "मामला श्री/संस्था... से प्राप्त पत्र दिनांक... के संबंध में है, जिसमें उन्होंने... का अनुरोध किया है (पृष्ठ 1-3/पत्राचार देखें)।"
- खंड 2: नियम और वित्तीय प्रभाव (Rules & Financial Implications): इस मांग पर कौन सी सरकारी नीति, जीएफआर नियम या बजट हेड लागू होता है और इसमें कितना सरकारी धन खर्च होगा।
- खंड 3: गुणावगुण विश्लेषण (Merits & Demerits): इस मांग को स्वीकार करने के क्या फायदे हैं और यदि स्वीकार किया गया तो क्या अन्य कर्मचारी भी ऐसी मांग करने लगेंगे (कैस्केडिंग इफेक्ट)?
- खंड 4: अनुमोदनार्थ प्रस्ताव (Recommendation for Orders): अंतिम पैराग्राफ में स्पष्ट लिखें: "यदि अनुमोदन हो, तो पैरा 4 में उल्लिखित प्रस्ताव अनुसार ड्राफ्ट (DFA) जारी करने की अनुमति दी जा सकती है। सक्षम अधिकारी के आदेशार्थ प्रस्तुत।"
4. ड्राफ्टिंग (Drafting) के प्रकार: आधिकारिक पत्र (Official Letter), कार्यालय ज्ञापन (OM), और परिपत्र (Circular)
ड्राफ्टिंग करते समय सही प्रारूप का चयन करना कानूनी रूप से बहुत महत्वपूर्ण होता है:
| ड्राफ्ट का प्रकार | किसके लिए उपयोग होता है? | शुरुआत व समाप्ति की भाषा |
|---|---|---|
| आधिकारिक पत्र (Official Letter) | राज्य सरकारों, बाहरी स्वायत्त संस्थाओं, कंपनियों या जनता को लिखने हेतु | "महोदय / Sir", "मुझे यह सूचित करने का निर्देश हुआ है...", अंत में "भवदीय / Yours faithfully" |
| कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum - OM) | एक मंत्रालय से दूसरे मंत्रालय, या कर्मचारियों को सामान्य निर्देश देने हेतु | तृतीय पुरुष में लिखा जाता है: "अधोहस्ताक्षरी को यह कहने का निर्देश हुआ है..."। कोई सैल्यूटेशन (Sir) या भवदीय नहीं होता। |
| कार्यालय आदेश (Office Order) | आंतरिक नियुक्तियों, तबादलों, अवकाश स्वीकृति और वित्तीय शक्तियों के प्रत्यायोजन हेतु | प्रत्यक्ष आदेशात्मक भाषा: "सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से निम्नलिखित कर्मचारियों को स्थानांतरित किया जाता है..." |
| परिपत्र (Circular) | विभाग के सभी अधिकारियों और अधीनस्थ कार्यालयों को सामूहिक सूचना देने हेतु | शीर्षक: "परिपत्र संख्या...", विषय, और अंत में वितरण सूची (Distribution List) |
5. सरकारी 'e-Office' सिस्टम में ग्रीन नोट और येलो नोट का सही उपयोग
भारत सरकार और राज्य सरकारों में अब कागजी फाइलों का स्थान एनआईसी (NIC) के e-Office सॉफ्टवेयर ने ले लिया है। ई-ऑफिस में काम करते समय दो रंगों की नोटिंग होती है:
- येलो नोट (Yellow Note - कच्चा नोट): जब कोई कनिष्ठ कर्मचारी अपनी राय लिखता है और उसे संदेह होता है कि सीनियर इसमें सुधार करवा सकते हैं, तो वह 'Add Yellow Note' चुनता है। इस नोट को उच्चाधिकारी एडिट कर सकते हैं, डिलीट कर सकते हैं या सुधार सकते हैं। यह स्थायी फाइल का हिस्सा तब तक नहीं बनता जब तक इसे कन्फर्म न किया जाए।
- ग्रीन नोट (Green Note - पक्का नोट): जब नोटिंग पूरी तरह से तैयार हो जाती है, तो उसे 'Confirm as Green Note' किया जाता है। ग्रीन नोट बनने और डिजिटल सिग्नेचर (DSC या e-Sign) होने के बाद इसमें एक भी शब्द बदला या मिटाया नहीं जा सकता। यह कानूनन हमेशा के लिए रिकॉर्ड हो जाता है और आरटीआई (RTI) या न्यायालय में साक्ष्य माना जाता है।
6. नए कर्मचारियों द्वारा की जाने वाली 4 सबसे घातक गलतियां
यदि आप अपने करियर में चार्जशीट और विजिलेंस जांच से बचना चाहते हैं, तो इन 4 गलतियों से हमेशा बचें:
- 1. फाइल पर पेंसिल से लिखना: नोटशीट पर कभी भी पेंसिल या मिटने वाली स्याही का इस्तेमाल न करें; हमेशा नीली या काली स्थायी स्याही का ही प्रयोग करें।
- 2. 'Self-Contained' न होना: नोट ऐसा होना चाहिए कि अधिकारी को मूल पत्राचार के 500 पन्ने न उलटने पड़ें। यदि किसी रिपोर्ट की बात हो रही है, तो उसका पृष्ठ संख्या (e.g., Flag 'A', Page 12) ब्रैकेट में अवश्य लिखें।
- 3. अंतिम तारीख छिपाना: यदि मामले में कोर्ट की तारीख (Limitation Date) या आरटीआई की 30 दिन की सीमा है, तो नोट के शीर्ष पर लाल रंग से 'URGENT - COURT MATTER / TIME BOUND' का अंकन न करना घोर लापरवाही माना जाता है।
- 4. मौखिक आदेशों को रिकॉर्ड न करना: यदि किसी सीनियर अधिकारी ने फोन पर कोई विशेष निर्देश दिया है, तो नोट में विनम्रता से दर्ज करें: "सचिव महोदय के साथ दिनांक... को हुई दूरभाषी वार्ता में दिए गए मौखिक निर्देशों के अनुपालन में..."।
7. अभ्यास कार्य: एक वास्तविक समस्या पर लाइव नोटिंग का मॉडल फॉर्मेट
नीचे कंप्यूटर खरीद से जुड़े एक प्रशासनिक मामले का वास्तविक नोटिंग प्रारूप प्रस्तुत है:
फाइल संख्या: 12015/04/2026-स्थापना
विषय: प्रशासन अनुभाग हेतु 5 नए डेस्कटॉप कंप्यूटरों की खरीद के संबंध में।
1. विचाराधीन पत्र (PUC): प्रशासन अनुभाग के सहायक अनुभाग अधिकारी से प्राप्त मांग-पत्र दिनांक 28.09.2026 का अवलोकन करें (पृष्ठ 1/पत्राचार)। अनुभाग में पुराने कंप्यूटरों के बार-बार खराब होने के कारण ई-ऑफिस कार्य बाधित हो रहा है।
2. नियम एवं नीति: सामान्य वित्तीय नियमावली (GFR 2017) के नियम 149 के अनुसार, सरकारी विभागों में सूचना प्रौद्योगिकी उपकरणों की खरीद अनिवार्य रूप से गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM Portal) के माध्यम से की जानी है।
3. वित्तीय प्रभाव: GeM पोर्टल पर निर्धारित विनिर्देशों (i7 Processor, 16GB RAM, 512GB SSD) के अनुसार प्रति कंप्यूटर अनुमानित लागत ₹62,000 है। कुल 5 कंप्यूटरों की खरीद पर लगभग ₹3,10,000 (तीन लाख दस हजार रुपये) का वित्तीय व्यय होगा। इस मद हेतु चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट हेड 'कार्यालय व्यय (OE)' में पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है।
4. सिफारिश: उपरोक्त के आलोक में, सक्षम प्राधिकारी (विभागाध्यक्ष) से अनुरोध है कि GeM पोर्टल के माध्यम से 5 डेस्कटॉप कंप्यूटरों की खरीद हेतु ₹3,10,000 की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति प्रदान करने की कृपा करें।
5. अनुमोदनार्थ प्रस्तुत।
हस्ताक्षर / तारीख
(अनुभाग अधिकारी - प्रशासन)
8. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
Q1. क्या नोटिंग में पहले व्यक्तिवाचक शब्द (जैसे "मैं मानता हूं") का प्रयोग किया जा सकता है?
प्रशासनिक कार्यप्रणाली में प्रथम पुरुष (First Person - "I" या "हम/मैं") का प्रयोग वर्जित माना जाता है। हमेशा तृतीय पुरुष या कर्मवाच्य (Passive Voice) में लिखें, जैसे "ऐसा प्रतीत होता है", "नियमानुसार यह स्वीकार्य नहीं है" या "अधोहस्ताक्षरी की यह सिफारिश है"।
Q2. 'PUC' (Paper Under Consideration) और 'FR' (Fresh Receipt) का क्या मतलब होता है?
PUC (Paper Under Consideration) वह मूल पत्र या प्रस्ताव होता है जिस पर उस समय निर्णय लिया जाना है। जब कोई नया डाक या पत्र डाक अनुभाग से फाइल में जुड़ने आता है, तो उसे शुरू में FR (Fresh Receipt) कहा जाता है।
Q3. प्राइवेट और मल्टीनेशनल कंपनियों में नोटिंग स्किल्स कैसे काम आती हैं?
कॉर्पोरेट जगत में इसे 'Executive Summary', 'Internal Memo' या 'Decision Matrix' कहा जाता है। जब आपको सीएक्सओ (CEO/CFO) से किसी प्रोजेक्ट के लिए बजट पास कराना होता है, तो 1 पेज का सटीक नोट लिखना ही आपकी लीडरशिप क्षमता को साबित करता है।