digital ⏱️ 17 मिनट पढ़ें 📅 02 अक्टूबर 2026

IRCTC Vikalp योजना: वेटिंग टिकट पर कन्फर्म सीट पाने का आसान रेलवे नियम, बिना एक्स्ट्रा चार्ज दूसरी ट्रेन में यात्रा

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सुनीता शर्मा
ई-गवर्नेंस एवं नागरिक दस्तावेज़ सलाहकार

आधार प्रमाणीकरण, राशन कार्ड व्यवस्था, डिजिटल लॉकर और सार्वजनिक सेवा वितरण (Public Service Delivery) के क्षेत्र में 9 वर्षों का संपादकीय अनुभव।

त्वरित उत्तर (Quick Answer)

आईआरसीटीसी की 'विकल्प' (VIKALP / Alternate Train Accommodation Scheme) योजना वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को उसी रूट की अन्य वैकल्पिक ट्रेनों में बिना किसी अतिरिक्त किराए के कन्फर्म सीट पाने की सुविधा देती है। टिकट बुक करते समय या बुकिंग के बाद चार्ट बनने से पहले यात्री एक ही रूट की अधिकतम 7 वैकल्पिक ट्रेनों का चयन कर सकते हैं। सीट खाली होने पर सिस्टम ऑटोमैटिक टिकट कन्फर्म कर देता है।

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मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • रेलवे की वैकल्पिक ट्रेन आवास योजना: वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को उसी गंतव्य की दूसरी खाली ट्रेनों में ऑटोमैटिक कन्फर्म सीट की सुविधा।
  • शून्य अतिरिक्त किराया: यदि आपकी मूल ट्रेन सामान्य मेल/एक्सप्रेस थी और विकल्प में राजधानी, दुरंतो या वंदे भारत में सीट मिल गई, तो भी कोई अतिरिक्त किराया नहीं देना होता।
  • अधिकतम 7 ट्रेनों का विकल्प: यात्री 12 घंटे, 24 घंटे, 48 घंटे या 72 घंटे के समय अंतराल में चलने वाली 7 अन्य ट्रेनों को चुन सकते हैं।
  • बुकिंग के बाद भी विकल्प चयन संभव: यदि आपने पहले टिकट बुक करते समय विकल्प नहीं चुना था, तो भी ट्रेन का चार्ट बनने से पहले IRCTC ऐप पर 'Opt Vikalp' कर सकते हैं।
  • रिफंड और बोर्डिंग नियम: वैकल्पिक ट्रेन में सीट अलॉट होने के बाद मूल टिकट रद्द माना जाता है; यात्रा न करने पर सामान्य कन्फर्म टिकट कैंसिलेशन नियम लागू होते हैं।
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भारतीय रेलवे (Indian Railways) / IRCTC
IRCTC VIKALP (Alternate Accommodation Scheme) - तुलनात्मक विश्लेषण
नियम / पैरामीटर सामान्य वेटिंग टिकट (बिना विकल्प) विकल्प (VIKALP) योजना चुना हुआ टिकट यात्रियों के लिए विशेष लाभ
सीट कन्फर्मेशन की संभावना केवल मूल बुक की गई एक ही ट्रेन में सीटें खाली होने पर निर्भर। मूल ट्रेन + 7 वैकल्पिक ट्रेनों में खाली सीटों के आधार पर बहुत अधिक संभावना। त्योहारों (दीपावली, छठ) पर घर पहुंचने की गारंटी बढ़ जाती है।
किराया अंतर (Fare Difference) लागू नहीं। वैकल्पिक ट्रेन का किराया अधिक होने पर भी शून्य अतिरिक्त शुल्क (कोई अंतर नहीं देना)। एक्सप्रेस टिकट के किराए पर राजधानी या सुपरफास्ट में यात्रा का मौका।
चार्ट बनने के बाद स्थिति यदि चार्ट बनने के बाद भी वेटिंग रहा तो ई-टिकट स्वतः रद्द हो जाता है और यात्रा नहीं कर सकते। यदि विकल्प वाली ट्रेन में सीट मिल गई, तो नया पीएनआर और कन्फर्म कोच/बर्थ आवंटित होता है। स्टेशन पर जाकर धक्का-मुक्की करने से मुक्ति।
बोर्डिंग व गंतव्य स्टेशन केवल मूल टिकट पर दर्ज स्टेशन। उसी क्लस्टर के नजदीकी स्टेशन (जैसे दिल्ली क्षेत्र में NDLS/ANVT/DLI/NZM) पर मिल सकता है। बुकिंग के समय क्लस्टर चयन की सुविधा मिलती है।
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यह गाइड किनके लिए है: वे सभी रेल यात्री जिनका ट्रेन टिकट वेटिंग लिस्ट (WL या RAC) में है, जो त्योहारों पर किसी भी हाल में घर पहुंचना चाहते हैं, और जो बिना किसी दलाल को पैसा दिए रेलवे के आधिकारिक नियमों से कन्फर्म सीट पाना चाहते हैं।

1. विकल्प (VIKALP) स्कीम क्या है और रेलवे ने इसे क्यों शुरू किया?

भारतीय रेलवे के विश्लेषण में पाया गया कि किसी एक रूट पर एक ही दिन में कुछ लोकप्रिय ट्रेनों (जैसे पूर्वा एक्सप्रेस, शिव गंगा या मगध) में 500 की वेटिंग लिस्ट चल रही होती है, जबकि उसी रूट पर चलने वाली अन्य ट्रेनों या विशेष ट्रेनों (Clone/Special Trains) में थर्ड एसी या स्लीपर की 50-100 सीटें खाली चली जाती हैं। रेलवे को खाली सीटों से राजस्व का नुकसान होता था और यात्री वेटिंग के कारण यात्रा नहीं कर पाते थे।

इसी असंतुलन को समाप्त करने के लिए आईआरसीटीसी ने 'विकल्प' योजना शुरू की। इसका नियम सरल है: यदि आपकी मूल ट्रेन में सीट कन्फर्म नहीं हुई, तो रेलवे का कंप्यूटरीकृत सिस्टम आपको उसी रूट की किसी अन्य ट्रेन में खाली सीट दे देगा—और इसके लिए आपसे एक भी अतिरिक्त पैसा नहीं लिया जाएगा।

2. यह कैसे काम करता है? (बुकिंग से लेकर चार्ट बनने तक का फ्लो)

विकल्प योजना का पूरा तंत्र ऑटोमेटेड होता है। इसका कार्यप्रवाह इस प्रकार है:

  • पात्रता: यह सुविधा केवल उन ई-टिकटों पर लागू होती है जो पूरी तरह से वेटिंग लिस्ट में हैं (चाहे जनरल कोटा हो या तत्काल कोटा)। यदि किसी पीएनआर में एक यात्री कन्फर्म है और बाकी वेटिंग हैं, तो भी विकल्प चुना जा सकता है।
  • ट्रेन चयन: यात्री अपनी मूल ट्रेन के प्रस्थान समय से 12 घंटे पहले से लेकर 72 घंटे बाद तक चलने वाली अधिकतम 7 ट्रेनों को विकल्प के रूप में चुन सकता है।
  • चार्टिंग के समय सीट आवंटन: जब मूल ट्रेन का पहला आरक्षण चार्ट तैयार होता है (ट्रेन छूटने से 4 घंटे पहले) और यात्री की सीट कन्फर्म नहीं होती, तो सिस्टम स्वतः चुनी गई वैकल्पिक ट्रेनों की उपलब्धता जांचता है। यदि किसी वैकल्पिक ट्रेन में सीट रिक्त है, तो यात्री को उसमें कन्फर्म बर्थ आवंटित कर दी जाती है।
  • एसएमएस सूचना: सीट अलॉट होते ही यात्री के पंजीकृत मोबाइल पर नया पीएनआर नंबर, ट्रेन नंबर, कोच और बर्थ नंबर का आधिकारिक एसएमएस आ जाता है।

3. टिकट बुक करते समय या बुक करने के बाद 'Vikalp' कैसे चुनें? (ऐप व वेब प्रोसेस)

अधिकांश लोग सोचते हैं कि विकल्प केवल टिकट बुक करते समय ही चुना जा सकता है, जबकि ऐसा नहीं है। यदि आपका टिकट पहले से बुक है, तो भी आप इसे चुन सकते हैं:

IRCTC Rail Connect ऐप से 'Vikalp' चुनने का 4-स्टेप प्रोसेस:

स्टेप 1: ऐप में लॉगिन कर 'Booked Ticket History' खोलें
आईआरसीटीसी ऐप में अपने 4 अंकों के पिन से लॉगिन करें। 'Train' मेनू में जाकर 'Booked Ticket History' पर टैप करें और अपना वेटिंग टिकट चुनें।

स्टेप 2: 'Opt Vikalp' विकल्प पर क्लिक करें
स्क्रीन पर ऊपर दाईं ओर दिए गए तीन डॉट्स (More Options) पर क्लिक करें। वहां आपको 'Opt Vikalp' का विकल्प दिखाई देगा। उस पर क्लिक करें।

स्टेप 3: ट्रेनों और समय स्लॉट का चयन करें
सिस्टम आपको उस रूट पर चलने वाली ट्रेनों की सूची दिखाएगा। आप टाइम स्लॉट (12, 24, 48 या 72 घंटे) चुन सकते हैं। अपनी सुविधा के अनुसार 7 ट्रेनों पर टिक लगाएं।

स्टेप 4: सबमिट कर कन्फर्मेशन प्राप्त करें
नियम व शर्तों को स्वीकार कर सबमिट करें। आपके मोबाइल पर ओटीपी आएगा, उसे दर्ज करते ही विकल्प सफलतापूर्वक सेव हो जाएगा।

4. क्या राजधानी या वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेनों में भी सीट मिल सकती है?

हाँ, यह विकल्प योजना की सबसे चमत्कारी और लाभकारी विशेषता है! यदि आपने किसी साधारण एक्सप्रेस ट्रेन के स्लीपर या थर्ड एसी का वेटिंग टिकट बुक किया था, और आपने विकल्प में उसी रूट की राजधानी एक्सप्रेस, दुरंतो, हमसफर या वंदे भारत एक्सप्रेस को चुना है, तो सीट खाली होने पर आपको उसमें भी कन्फर्म सीट आवंटित की जा सकती है:

  • कोई अतिरिक्त किराया नहीं: मान लीजिए आपकी मूल ट्रेन का किराया ₹800 था और राजधानी का किराया ₹2200 है, तब भी आपको ₹1400 का अंतर नहीं देना होगा।
  • केटरिंग / भोजन नियम: यदि आपको राजधानी या वंदे भारत में सीट मिलती है, तो यात्रा के दौरान भोजन (Catering Charges) टिकट में स्वतः शामिल नहीं होगा; यदि आप भोजन लेना चाहते हैं, तो ऑन-बोर्ड पेंट्री स्टाफ को भोजन का निर्धारित शुल्क अलग से देना होगा।

5. अगर विकल्प वाली ट्रेन में सीट मिल जाए और यात्रा न करनी हो तो कैंसिलेशन के नियम

विकल्प चुनते समय यात्रियों को इस महत्वपूर्ण नियम का ध्यान रखना चाहिए:

  • कन्फर्म टिकट का दर्जा: जैसे ही आपको वैकल्पिक ट्रेन में सीट मिल जाती है, आपका टिकट पूरी तरह से 'Confirmed Ticket' बन जाता है। इसके बाद आप मूल ट्रेन के आधार पर वेटिंग वाला कैंसिलेशन चार्ज (₹60) क्लेम नहीं कर सकते।
  • कैंसिलेशन शुल्क: यदि आप वैकल्पिक ट्रेन में यात्रा नहीं करना चाहते हैं, तो सामान्य कन्फर्म टिकट के कैंसिलेशन नियम (ट्रेन छूटने से 48 घंटे/12 घंटे/4 घंटे पहले के स्लैब) लागू होंगे।
  • यदि सीट न मिले: यदि किसी भी वैकल्पिक ट्रेन में सीट नहीं मिलती और अंतिम समय तक टिकट वेटिंग रह जाता है, तो ई-टिकट स्वतः रद्द हो जाएगा और क्लर्कियल चार्ज काटकर पूरा रिफंड आपके बैंक खाते में 3 से 4 दिन में वापस आ जाएगा।

6. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. क्या विकल्प ट्रेन में सीट मिलने पर अलग से कोई चार्ज देना पड़ता है?

बिल्कुल नहीं। रेलवे की आधिकारिक नीति के अनुसार विकल्प ट्रेन में सीट मिलने पर यात्री से कोई अतिरिक्त किराया या शुल्क नहीं लिया जाता, भले ही वैकल्पिक ट्रेन उच्च श्रेणी की हो।

Q2. क्या बोर्डिंग स्टेशन बदल सकता है?

हाँ, कुछ बड़े शहरों में जहां क्लस्टर स्टेशन होते हैं (जैसे दिल्ली में नई दिल्ली, हज़रत निज़ामुद्दीन, पुरानी दिल्ली और आनंद विहार), वहां वैकल्पिक ट्रेन उसी क्लस्टर के नजदीकी स्टेशन से छूट सकती है। इसलिए एसएमएस में दिया गया बोर्डिंग स्टेशन ध्यान से देखें।

Q3. क्या विकल्प चुनने के बाद भी टिकट वेटिंग रह सकता है?

हाँ, विकल्प चुनना सीट मिलने की गारंटी नहीं है; यह केवल उपलब्धता के आधार पर समायोजन की सुविधा है। यदि किसी भी चुनी गई ट्रेन में सीट खाली नहीं होती, तो टिकट वेटिंग ही रहेगा और चार्ट बनने पर स्वतः कैंसिल हो जाएगा।

Q4. चार्ट बनने के बाद सीट अलॉटमेंट का पता कैसे चलता है?

चार्ट तैयार होते ही रेलवे द्वारा यात्री के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजा जाता है। इसके अतिरिक्त यात्री IRCTC ऐप में 'PNR Enquiry' में जाकर अपना मूल पीएनआर नंबर डालकर भी नई ट्रेन और बर्थ का विवरण देख सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या विकल्प ट्रेन में सीट मिलने पर अलग से कोई चार्ज देना पड़ता है?

A. नहीं, रेलवे द्वारा कोई अतिरिक्त किराया नहीं लिया जाता, भले ही आवंटित ट्रेन राजधानी या दुरंतो जैसी प्रीमियम ट्रेन हो।

Q. क्या बोर्डिंग स्टेशन बदल सकता है?

A. हाँ, दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों में क्लस्टर के अन्य नजदीकी स्टेशनों (जैसे NDLS की जगह NZM) से भी ट्रेन मिल सकती है।

Q. क्या विकल्प चुनने के बाद भी टिकट वेटिंग रह सकता है?

A. हाँ, यह केवल सीट खाली होने पर ऑटोमैटिक अलॉटमेंट की व्यवस्था है। यदि किसी वैकल्पिक ट्रेन में सीट नहीं बची तो टिकट वेटिंग ही रहेगा।

Q. चार्ट बनने के बाद सीट अलॉटमेंट का पता कैसे चलता है?

A. चार्ट बनते ही यात्री के मोबाइल पर नया ट्रेन नंबर, कोच और बर्थ नंबर का आधिकारिक SMS आ जाता है और PNR स्टेटस में भी अपडेट हो जाता है।

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