1. ड्रोन सब्सिडी और वित्तीय पैकेज का ढांचा
एक उन्नत कृषि ड्रोन पैकेज की औसत बाजार लागत लगभग ₹10 लाख होती है (जिसमें ड्रोन, अतिरिक्त बैटरियां, चार्जर और स्प्रे नोजल शामिल हैं)। सरकार इस लागत को इस प्रकार वहन करती है:
| मद (Component) | सरकारी हिस्सेदारी / राशि | समूह की हिस्सेदारी |
|---|---|---|
| केंद्रीय वित्तीय सहायता (Subsidy) | कुल लागत का 80% (अधिकतम ₹8,00,000) | शून्य (पूरी तरह गैर-वापसी योग्य अनुदान) |
| शेष 20% राशि (समूह अंशदान) | ₹2,00,000 (लगभग) | एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) से 3% ब्याज छूट पर बैंक लोन |
| पायलट प्रशिक्षण लागत | 100% सरकारी खर्च (लगभग ₹60,000 प्रति दीदी) | पूर्णतः निःशुल्क ट्रेनिंग एवं हॉस्टल सुविधा |
| बीमा एवं मेंटेनेंस किट | प्रारंभिक 1 वर्ष का व्यापक बीमा शामिल | वारंटी अवधि में स्पेयर पार्ट्स सपोर्ट |
📌 काम की बात: महिला समूह को शेष 20% राशि भी अपने पास से तुरंत नकद नहीं लगानी पड़ती। इसे एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) के जरिए सस्ती ब्याज दर पर बैंक लोन के रूप में आसानी से फाइनेंस कराया जा सकता है।
2. कौन से महिला समूह पात्र हैं? (Eligibility Criteria)
योजना का लाभ केवल व्यक्तिगत तौर पर किसी एक महिला को नहीं, बल्कि सामूहिक रूप से रजिस्टर्ड समूहों को दिया जाता है:
- पंजीकृत एसएचजी: समूह का दीनदयाल अंत्योदय योजना - राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) पोर्टल पर सक्रिय और न्यूनतम 2 वर्षों से पंजीकृत होना अनिवार्य है।
- उत्कृष्ट वित्तीय रिकॉर्ड: समूह का पंचसूत्र (नियमित बैठक, नियमित बचत, आंतरिक ऋण, नियमित वापसी, और सही बही-खाता) रिकॉर्ड 'A' ग्रेड का होना चाहिए।
- ड्रोन पायलट दीदी की योग्यता:
- आयु 18 वर्ष से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
- न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास (Matriculate) होना आवश्यक है ताकि वे एविएशन और जीपीएस सॉफ्टवेयर को समझ सकें।
- आधार कार्ड और सक्रिय बैंक खाता अनिवार्य है।
3. 15 दिवसीय डीजीसीए प्रमाणित ट्रेनिंग मॉड्यूल
चयनित महिला को नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा मान्यता प्राप्त रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (RPTO) में भेजा जाता है:
┌─────────────────────────────────────────────────────────────┐
│ नमो ड्रोन दीदी 15-दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम │
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│ 1. प्रारंभिक 5 दिन: थ्योरी, एयरक्राफ्ट नेविगेशन व मौसम नियम │
│ 2. मध्य 5 दिन: कंप्यूटर सिम्युलेटर पर इनडोर ड्रोन फ्लाइंग │
│ 3. अंतिम 5 दिन: खेतों में लाइव ड्रोन उड़ान व दवा छिड़काव │
│ 4. परीक्षा व मूल्यांकन: DGCA रिमोट पायलट सर्टिफिकेट जारी │
└─────────────────────────────────────────────────────────────┘
- प्रशिक्षण सामग्री: ड्रोन का टेकऑफ और लैंडिंग, जीपीएस वेपॉइंट्स सेट करना, बैटरी चार्जिंग सावधानियां, और रासायनिक घोल (Chemical Mixture) का सही अनुपात तैयार करना।
- ड्रोन असिस्टेंट ट्रेनिंग: समूह की दूसरी महिला को 'ड्रोन असिस्टेंट' बनाया जाता है, जो खेतों में लैंडिंग पैड तैयार करने, पानी भरने और बैटरी बदलने का तकनीकी कार्य संभालती है।
4. किसानों के लिए फायदे और दीदियों की संभावित कमाई
पारंपरिक रूप से 1 एकड़ खेत में पीठ पर टंकी बांधकर कीटनाशक छिड़कने में किसान का 4 से 5 घंटे का समय और ₹400-500 की मजदूरी लगती है, साथ ही जहरीले रसायनों के सीधे संपर्क में आने से स्वास्थ्य को नुकसान होता है।
- समय की बचत: ड्रोन केवल 7 से 10 मिनट में 1 एकड़ खेत में एकसमान छिड़काव पूरा कर देता है।
- पानी की भारी बचत: जहां हाथ से छिड़काव में 150-200 लीटर पानी लगता है, वहीं ड्रोन केवल 10 लीटर पानी में पूरे खेत को कवर कर लेता है।
- प्रति एकड़ किराया: महिला समूह किसानों से ₹250 से ₹350 प्रति एकड़ का शुल्क लेते हैं। यदि एक दीदी दिन में 20 से 25 एकड़ में छिड़काव करती है, तो सभी खर्चे काटकर समूह को प्रतिदिन ₹3,000 से ₹4,000 की शुद्ध आय होती है।
5. आवेदन व चयन की प्रक्रिया (How to Apply?)
- ब्लॉक मिशन मैनेजमेंट यूनिट (BMMU): इच्छुक महिला स्वयं सहायता समूह को अपने विकास खंड (Block) के NRLM ब्लॉक कोऑर्डिनेटर या आजीविका मिशन कार्यालय में संपर्क करना होगा।
- समूह का संकल्प पत्र: समूह की बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर ड्रोन दीदी के रूप में नामित सदस्य के नाम पर मुहर लगाई जाती है।
- जिला स्तरीय स्क्रीनिंग: जिला कलेक्टर/सीडीओ की अध्यक्षता वाली समिति द्वारा समूहों के ट्रैक रिकॉर्ड और क्षेत्र में कृषि रकबे के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग की जाती है।
- इफको / केवीके समन्वय: प्रमुख उर्वरक कंपनियां जैसे IFFCO, KRIBHCO और कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) ड्रोन आपूर्ति और फील्ड ट्रेनिंग में सहायता करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
सवाल 1: क्या कोई अकेली महिला अपने नाम से इस योजना में ड्रोन ले सकती है?
उत्तर: नहीं। नमो ड्रोन दीदी योजना का लाभ केवल DAY-NRLM के तहत पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) को ही दिया जाता है। व्यक्तिगत किसानों के लिए SMAM योजना में अलग से 50% सब्सिडी का प्रावधान है।
सवाल 2: क्या ड्रोन उड़ाने के लिए आधिकारिक लाइसेंस की जरूरत होती है?
उत्तर: हाँ, कृषि ड्रोन उड़ाने के लिए डीजीसीए का रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC) अनिवार्य है। सरकार योजना के तहत चयनित दीदियों को यह ट्रेनिंग पूरी तरह मुफ्त दिलाती है और इसका टेस्ट पास करने पर 10 साल की वैधता वाला लाइसेंस जारी होता है।
सवाल 3: यदि खेत में उड़ते समय ड्रोन क्रैश हो जाए तो नुकसान कौन भरेगा?
उत्तर: योजना के तहत दिए जाने वाले सभी ड्रोन्स का व्यापक थर्ड पार्टी और हल (Hull) इंश्योरेंस कराया जाता है। किसी भी तकनीकी खराबी या आकस्मिक क्रैश की स्थिति में बीमा कंपनी द्वारा मरम्मत का खर्च वहन किया जाता है।
सवाल 4: ड्रोन से किन-किन फसलों में छिड़काव किया जा सकता है?
उत्तर: धान, गेहूं, गन्ना, मक्का, कपास, सरसों, सोयाबीन, चना और सभी प्रकार की बागवानी फसलों (आम, अमरूद, सब्जियां) में नैनो यूरिया, नैनो डीएपी और अनुमोदित कीटनाशकों का सुरक्षित छिड़काव किया जा सकता है।