🏛️ सरकारी योजना ⏱️ 20 मिनट पढ़ें 📅 27 सितंबर 2026

She-Mart Shops & NCCF Janah 2026: महिला SHG और लखपति दीदियों के उत्पादों को मिलेगा सीधा रिटेल मार्केट, जानें योजना

RM
राजेश कुमार मीना
नीति, ग्रामीण विकास & डिजिटल पेमेंट विशेषज्ञ

विगत 8 वर्षों से केंद्र व राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT), ग्रामीण विकास एवं डिजिटल भुगतान प्रणालियों पर निरंतर शोधपरक विश्लेषण।

⚡ त्वरित उत्तर (Quick Answer)

'वनिथम शी-मार्ट' (She-Mart) महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा पूर्णतः संचालित विशेष आधुनिक रिटेल स्टोर श्रृंखला है। इसे सहकारिता मंत्रालय के NCCF 'जनह' (Janah) ब्रांड के साथ एकीकृत किया गया है, जिसके तहत ग्रामीण महिलाओं के हस्तनिर्मित व कृषि उत्पादों को मानकीकृत पैकेजिंग, FSSAI बारकोड और देशव्यापी सुपरमार्केट शेल्फ पर बिक्री की सुविधा मिलती है।

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📌 मुख्य विशेषताएं व आवश्यक बिंदु

  • She-Mart और NCCF जनह साझेदारी: स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिला उद्यमियों के उत्पादों को सीधे राष्ट्रीय सुपरमार्केट्स और महानगरों के रिटेल शेल्फ तक पहुंचाने के लिए ऐतिहासिक गठबंधन।
  • 300+ She-Mart दुकानें सक्रिय: केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में पहले चरण में 300+ आधुनिक दुकानें चालू, जिन्हें 2,500+ NCCF रिटेल नेटवर्क से जोड़ा गया है।
  • लखपति दीदी मिशन 2.0: केंद्र सरकार ने वार्षिक ₹1 लाख से अधिक शुद्ध आय अर्जित करने वाली ग्रामीण महिलाओं का लक्ष्य 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने का रोडमैप लागू किया।
  • बिचौलियों का पूर्ण खात्मा: महिला समूहों के ऑर्गेनिक मसालों, दालों, हस्तशिल्प और शहद की बिक्री पर 100% शुद्ध लाभ सीधे महिला सहकारी बैंक खातों में पहुंचेगा।
  • सस्ता संस्थागत कर्ज: सहकारी बैंकों और नाबार्ड (NABARD) द्वारा महिला उद्यमियों को केवल 4% वार्षिक रियायती ब्याज दर पर ₹5 लाख से ₹10 लाख तक का कोलेटरल-फ्री लोन उपलब्ध।
  • यह रिपोर्ट मुख्य रूप से स्वयं सहायता समूहों (SHGs) की महिला सदस्यों, लखपति दीदियों, कुटीर उद्योग चलाने वाली बहनों और ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए आवश्यक है। ग्रामीण भारत की नारी शक्ति अब केवल चूल्हा-चौका या छोटी बचत तक सीमित नहीं रही है, बल्कि देश की मुख्यधारा की कॉर्पोरेट रिटेल अर्थव्यवस्था में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रही है। केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (NCCF) द्वारा 26 सितंबर 2026 को घोषित संयुक्त पहल (प्रेस विज्ञप्ति आईडी: 2315341) के तहत ग्रामीण महिला उद्यमियों के लिए एक ऐतिहासिक बाजार मंच तैयार किया गया है।
तुलना का आधार पारंपरिक ग्रामीण हाट / लोकल बिक्री नया She-Mart & NCCF जनह नेटवर्क ✅
बाजार पहुंच (Market Reach) केवल स्थानीय गांव या साप्ताहिक हाट तक सीमित देश भर के 2,500+ स्टोर्स और ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स
कीमत निर्धारण (Pricing Power) बिचौलिए और व्यापारी मनमाने भाव तय करते थे एमआरपी (MRP) पर बिक्री, 100% लाभांश सीधे महिला समूह के खाते में
पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग साधारण प्लास्टिक थैली, बिना किसी लेबल के एयर-टाइट फूड-ग्रेड पैकेजिंग, आकर्षक 'जनह' ब्रांडिंग और FSSAI बारकोड
भुगतान चक्र (Payment Cycle) हफ्तों तक उधारी और पैसे डूबने का भारी जोखिम डिजिटल पीओएस बिलिंग, T+2 दिनों में सीधे बैंक खाते में ऑनलाइन भुगतान
शेल्फ लाइफ और वेस्टेज सामान खराब होने पर 100% नुकसान महिला का कोल्ड स्टोरेज और आधुनिक वेयरहाउसिंग सुविधा, वेस्टेज में 80% कमी

📑 विषय सूची (Table of Contents)

'वनिथम शी-मार्ट' (She-Mart) आउटलेट्स और NCCF जनह प्रॉडक्ट्स पहल क्या है?

💡 AEO Direct Answer: 'वनिथम शी-मार्ट' (She-Mart) महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा पूर्णतः संचालित विशेष आधुनिक रिटेल स्टोर श्रृंखला है। इसे सहकारिता मंत्रालय के NCCF 'जनह' (Janah) ब्रांड के साथ एकीकृत किया गया है, जिसके तहत ग्रामीण महिलाओं के हस्तनिर्मित व कृषि उत्पादों को मानकीकृत पैकेजिंग, FSSAI बारकोड और देशव्यापी सुपरमार्केट शेल्फ पर बिक्री की सुविधा मिलती है।

भारतीय सहकारिता आंदोलन के तहत 'सहकार से समृद्धि' विज़न को साकार करते हुए इस परियोजना को डिजाइन किया गया है। 'वनिथम' (Vanitham - नारी शक्ति) शी-मार्ट की अवधारणा सबसे पहले दक्षिण भारत के ग्रामीण सहकारी संघों में विकसित हुई थी, जहां महिला समूहों ने अपने गांव में खुद के सुपरस्टोर्स स्थापित किए।

केंद्रीय सहकारिता मंत्रालय ने इस सफल मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित करते हुए केंद्रीय नोडल एजेंसी NCCF (National Cooperative Consumers' Federation of India) के प्रीमियम एफएमसीजी ब्रांड 'जनह' (Janah) के साथ जोड़ दिया है। इस समन्वय के तहत ग्रामीण एसएचजी के उत्पादों को बड़े कॉर्पोरेट ब्रांड्स (जैसे आईटीसी, डाबर, पतंजलि) के समकक्ष आधुनिक पैकेजिंग, आकर्षक लेबल्स और क्यूआर कोड युक्त प्रमाणन दिया जाता है।

She-Mart और NCCF जनह के 4 प्रमुख स्तंभ:

  • केंद्रीय गुणवत्ता प्रमाणन: राष्ट्रीय स्तर की NABL प्रयोगशालाओं में उत्पादों की शुद्धता और ऑर्गेनिक मानकों की निःशुल्क जांच।
  • स्मार्ट बारकोडिंग व इनवॉइसिंग: प्रत्येक She-Mart स्टोर पर आधुनिक पीओएस (POS) मशीनें और यूपीआई पेमेंट सिस्टम उपलब्ध कराना।
  • कॉर्पोरेट थोक आपूर्ति (B2B Supply): सरकारी कैंटीन, रेलवे पैंट्री कार्स, सेना की मेस और एयरलाइंस में जनह ब्रांड के तहत महिला एसएचजी उत्पादों की सीधी सप्लाई।
  • ई-कॉमर्स एकीकरण: अमेज़न, फ्लिपकार्ट और ओएनडीसी (ONDC) नेटवर्क पर 'She-Mart Official Store' की स्थापना।

केरला, तमिलनाडु और कर्नाटक में 300+ She-Mart दुकानें और 2,500 NCCF रिटेल नेटवर्क

परियोजना के पहले चरण में दक्षिण भारत के अग्रणी राज्यों में बुनियादी ढांचा स्थापित किया गया है। केरल (कुडुम्बश्री मॉडल), तमिलनाडु (TNSRLM), आंध्र प्रदेश (SERP) और कर्नाटक में 300 से अधिक आधुनिक She-Mart आउटलेट्स का उद्घाटन किया जा चुका है।

इन वातानुकूलित और सुसज्जित आउटलेट्स का पूरा प्रबंधन—कैश काउंटर, इन्वेंटरी प्रबंधन, कस्टमर केयर और सप्लाई चेन—केवल प्रशिक्षित महिला एसएचजी सदस्यों द्वारा संभाला जा रहा है। इसके साथ ही NCCF के देश भर में फैले 2,500 से अधिक उपभोक्ता सहकारी स्टोरों में महिला एसएचजी उत्पादों के लिए समर्पित 'जनह कॉर्नर' (Janah Women Corner) बनाए गए हैं।

She-Mart और पारंपरिक ग्रामीण हाट-बाजार का तुलनात्मक विश्लेषण

तुलना का आधार पारंपरिक ग्रामीण हाट / लोकल बिक्री नया She-Mart & NCCF जनह नेटवर्क ✅
बाजार पहुंच (Market Reach) केवल स्थानीय गांव या साप्ताहिक हाट तक सीमित देश भर के 2,500+ स्टोर्स और ऑनलाइन ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स
कीमत निर्धारण (Pricing Power) बिचौलिए और व्यापारी मनमाने भाव तय करते थे एमआरपी (MRP) पर बिक्री, 100% लाभांश सीधे महिला समूह के खाते में
पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग साधारण प्लास्टिक थैली, बिना किसी लेबल के एयर-टाइट फूड-ग्रेड पैकेजिंग, आकर्षक 'जनह' ब्रांडिंग और FSSAI बारकोड
भुगतान चक्र (Payment Cycle) हफ्तों तक उधारी और पैसे डूबने का भारी जोखिम डिजिटल पीओएस बिलिंग, T+2 दिनों में सीधे बैंक खाते में ऑनलाइन भुगतान
शेल्फ लाइफ और वेस्टेज सामान खराब होने पर 100% नुकसान महिला का कोल्ड स्टोरेज और आधुनिक वेयरहाउसिंग सुविधा, वेस्टेज में 80% कमी

📌 काम की बात: महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, FSSAI लाइसेंसिंग और NCCF जनह सप्लाई से जुड़ने के लिए अपने ब्लॉक के राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (BMMU / NRLM) कार्यालय से संपर्क करें या आधिकारिक पोर्टल https://cooperation.gov.in/ तथा https://nccf-india.com/ पर दिशानिर्देश देखें।


लखपति दीदियों की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने का सरकारी रोडमैप

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर घोषित 'लखपति दीदी योजना' (Lakhpati Didi Scheme) ने भारत के ग्रामीण सामाजिक ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाया है। 'लखपति दीदी' उस ग्रामीण महिला स्वयं सहायता समूह सदस्य को कहा जाता है, जिसकी वार्षिक पारिवारिक शुद्ध आय कम से कम ₹1 लाख (अर्थात ₹8,500 से ₹10,000 प्रति माह) या उससे अधिक हो।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 2026-27 के आगामी वित्तीय वर्ष के लिए इस लक्ष्य को दोगुना करते हुए 6 करोड़ लखपति दीदियां तैयार करने का राष्ट्रीय मिशन पत्र जारी किया है।

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|                  लखपति दीदी 2.0 का 4-चरणीय आर्थिक रोडमैप                |
|                                                                         |
| [1. आजीविका सर्वेक्षण] ----> [2. तकनीकी प्रशिक्षण]                       |
|   प्रत्येक SHG महिला की         खाद्य प्रसंस्करण, पैकेजिंग व             |
|   वर्तमान आय का आंकलन           डिजिटल मार्केटिंग में ट्रेनिंग          |
|                                                                         |
|                                       │                                 |
|                                       ▼                                 |
| [4. She-Mart रिटेल लिंकेज] <--- [3. संस्थागत ऋण]                        |
|   NCCF जनह के जरिए राष्ट्रीय   सहकारी बैंकों से 4% ब्याज पर              |
|   बाजार में पक्की बिक्री       ₹5 लाख तक कोलेटरल-फ्री लोन                |
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महिला समूहों को मिलने वाले 4 बड़े सरकारी संबल:

  • कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड (CIF): प्रत्येक ग्राम संगठन को महिला समूहों के आजीविका विस्तार के लिए ₹2.5 लाख से ₹5 लाख का रिवॉल्विंग फंड।
  • ड्रोन दीदी योजना का समन्वय: कृषि में नैनो-यूरिया और कीटनाशक छिड़काव के लिए महिलाओं को 80% सरकारी सब्सिडी पर कृषि ड्रोन और 15 दिनों का मुफ्त डीजीसीए-अनुमोदित पायलट प्रशिक्षण।
  • डिजिटल सखी और बैंकिंग सखी की तैनाती: बैंक लेनदेन, आधार इनेबल्ड पेमेंट (AePS) और माइक्रो-एटीएम संचालन के लिए महिला सदस्यों को कमीशन आधारित पक्की आजीविका।
  • राष्ट्रीय सरस मेले और एक्सपो में मुफ्त स्टॉल: देश के प्रमुख महानगरों में आयोजित होने वाले सरस मेलों में महिलाओं के आने-जाने, ठहरने और स्टॉल का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाता है।

कौन पात्र है vs कौन पात्र नहीं है (Eligibility vs Ineligibility Matrix)

She-Mart आउटलेट आवंटन, NCCF सप्लायर बनने और कम ब्याज वाले सहकारी लोन के लिए सरकार ने स्पष्ट पात्रता मानक तय किए हैं:

कौन पात्र है (Eligible) कौन पात्र नहीं है (Ineligible)
पंजीकृत महिला एसएचजी सदस्य: जो NRLM, NULM या राज्य आजीविका मिशन के तहत कम से कम 6 माह से सक्रिय हैं। गैर-पंजीकृत निजी व्यक्ति: जो किसी भी मान्यता प्राप्त स्वयं सहायता समूह या सहकारी समिति के सदस्य नहीं हैं।
पंचसूत्र का पालन करने वाले समूह: जिनकी नियमित बैठकें, साप्ताहिक बचत, आंतरिक उधारी और समय पर वापसी का रिकॉर्ड अच्छा है। डिफ़ॉल्टर समूह: जिन्होंने पहले सरकारी या बैंक ऋण लिया और जानबूझकर किस्तें नहीं चुकाईं।
FSSAI बेसिक रजिस्ट्रेशन धारक: जिनके खाद्य उत्पादों का बुनियादी खाद्य सुरक्षा पंजीकरण और स्वच्छता प्रमाणन पूर्ण है। असुरक्षित व घटिया उत्पाद: बिना स्वच्छता, खुले में तैयार किए गए या कृत्रिम रंगों व रसायनों वाले खाद्य उत्पाद।
लखपति दीदी आकांक्षी उद्यमी: जो माइक्रो-एंटरप्राइज (मसाला पिसाई, तेल पेराई, बेकरी, सिलाई) स्थापित करने की इच्छुक हैं। निजी बिचौलिए व व्यापारी: जो महिला समूह के नाम का दुरुपयोग कर अपना व्यावसायिक माल बेचना चाहते हैं।
प्रमाणित कारीगर व शिल्पकार: जिनके पास वस्त्र मंत्रालय या हस्तशिल्प बोर्ड का 'पहचान कार्ड' (Pehchan Card) मौजूद है। नकली मशीन-निर्मित सामान विक्रेता: जो फैक्ट्री-निर्मित माल को हस्तनिर्मित बताकर बेचने की कोशिश करते हैं।

⚠️ ध्यान दें: She-Mart दुकानों में बिकने वाले प्रत्येक खाद्य उत्पाद पर एक्सपायरी डेट, बैच नंबर और FSSAI रजिस्ट्रेशन नंबर होना अनिवार्य है। यदि कोई उत्पाद गुणवत्ता जांच में फेल होता है, तो संबंधित समूह का सप्लायर कोड तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया जाएगा।


महिला उद्यमियों के लिए सहकारी बैंकों से कम ब्याज पर लोन और रजिस्ट्रेशन गाइड

यदि आपका महिला स्वयं सहायता समूह अपना उत्पाद She-Mart या NCCF के रिटेल शेल्फ पर बेचना चाहता है या एक नया She-Mart स्टोर खोलना चाहता है, तो इसके लिए वित्तीय एवं पंजीकरण प्रक्रिया बेहद सरल और सुलभ है:

1. She-Mart स्टोर आवंटन एवं सप्लायर बनने के 5 चरण:

  • स्टेप 1: समूह का कम से कम 6 महीने पुराना सक्रिय बैंक खाता और नियमित 'पंचसूत्र' का रिकॉर्ड ब्लॉक कार्यालय में जमा करें।
  • स्टेप 2: ग्राम संगठन (VO) या क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) की संस्तुति के साथ ब्लॉक मिशन मैनेजर को आवेदन पत्र प्रस्तुत करें।
  • स्टेप 3: उत्पाद का FSSAI बुनियादी पंजीकरण कराएं, जो खाद्य सुरक्षा विभाग के पोर्टल https://foscos.fssai.gov.in/ पर ₹100 की सरकारी फीस में ऑनलाइन हो जाता है।
  • स्टेप 4: NCCF जनह गुणवत्ता पैनल द्वारा नमूने (Samples) की जांच और लैब टेस्ट रिपोर्ट स्वीकृत होने के बाद यूनिक सप्लायर कोड जारी किया जाएगा।
  • स्टेप 5: अनुबंध पर हस्ताक्षर के बाद उत्पादों को नजदीकी NCCF वेयरहाउस में जमा कराएं और She-Mart शेल्फ पर बिक्री शुरू करें।

2. सहकारी बैंकों से रियायती ऋण सहायता:

  • ब्याज अनुदान (Interest Subvention): महिला समूहों को ₹3 लाख तक का बैंक ऋण केवल 4% वार्षिक प्रभावी ब्याज दर पर मिलता है (समय पर चुकाने पर 3% अतिरिक्त सरकारी सब्सिडी)।
  • मुद्रा योजना (PMMY) और पीएमईजीपी (PMEGP): व्यक्तिगत She-Mart दुकान खोलने या तेल पेराई, आटा चक्की और स्पाइस ग्राइंडिंग मशीनरी खरीदने के लिए ₹10 लाख तक के ऋण पर ग्रामीण महिलाओं को 35% तक की पूंजीगत सब्सिडी दी जाती है।
  • क्रेडिट गारंटी सुरक्षा (CGFMU): बैंक किसी भी महिला समूह से ऋण के बदले जमीन, मकान या जेवर गिरवी रखने की मांग नहीं कर सकते; केंद्र सरकार स्वयं इन कर्जों की गारंटर होती है।

शी-मार्ट का वास्तविक वित्तीय और लाभ मॉडल (Business & Profit Calculation Model for SHGs)

ग्रामीण महिलाओं के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि शी-मार्ट स्टोर खोलने या अपने उत्पाद बेचने पर वास्तव में कितनी कमाई होगी। सहकारिता मंत्रालय और नाबार्ड (NABARD) ने इसके लिए एक पारदर्शी बिजनेस मॉडल विकसित किया है:

1. खुदरा बिक्री मार्जिन (Retail Margin Breakdown)

  • उत्पादक महिला समूह का हिस्सा (70-75%): उत्पाद की निर्माण लागत और उचित लाभ सीधे उस महिला समूह को मिलता है जिसने उत्पाद तैयार किया है।
  • स्टोर संचालक समूह का कमीशन (15-18%): शी-मार्ट आउटलेट चलाने वाली महिलाओं को बिजली बिल, दुकान का किराया और दैनिक मानदेय निकालने के लिए प्रत्येक बिक्री पर 15 से 18% का शुद्ध रिटेल मार्जिन दिया जाता है।
  • लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग (5-7%): एनसीसीएफ द्वारा माल को गांव से शहर के स्टोर तक सुरक्षित पहुंचाने और इन्वेंटरी मैनेजमेंट का खर्च।

वित्तीय लाभ का वास्तविक उदाहरण (मासिक अनुमान):

बिक्री का प्रकार मासिक औसत टर्नओवर औसत ग्रॉस मार्जिन (18%) शुद्ध मासिक बचत / लाभ प्रत्येक सदस्य का अनुमानित हिस्सा
टियर-3 कस्बा शी-मार्ट ₹2,50,000 ₹45,000 ₹32,000 (खर्च काटकर) ₹6,400 से ₹8,000 प्रति महिला
टियर-2 जिला केंद्र आउटलेट ₹6,00,000 ₹1,08,000 ₹78,000 (खर्च काटकर) ₹12,000 से ₹15,000 प्रति महिला
महानगर एनसीसीएफ सुपरस्टोर ₹15,00,000 ₹2,70,000 ₹1,95,000 (खर्च काटकर) ₹20,000+ (पूर्ण लखपति दीदी स्तर)

सफल केस स्टडी: केरल के कुडुम्बश्री और तमिलनाडु के वनिथम मार्ट से क्या सीखें?

दक्षिण भारत के राज्यों ने महिला सहकारिता को जिस मुकाम पर पहुंचाया है, वह पूरे देश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल है। केंद्र सरकार की यह नई नीति इन्हीं जमीनी सफलताओं पर आधारित है:

केस स्टडी 1: कुडुम्बश्री (केरल) का 'नैनो-एंटरप्राइज' नेटवर्क

केरल में कुडुम्बश्री मिशन के तहत 45 लाख से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। इन्होंने अपने पारंपरिक कृषि उत्पादों (जैसे केले के चिप्स, नारियल तेल, और हर्बल साबुन) को 'कुडुम्बश्री बाज़ार' ब्रांड के तहत बेचा। जब इसे राष्ट्रीय उपभोक्ता सहकारी संघ (NCCF) के जनह नेटवर्क से जोड़ा गया, तो इन उत्पादों की मांग मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु जैसे महानगरों में 300% बढ़ गई। आज इस मिशन से जुड़ी 80% से अधिक महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में आ चुकी हैं।

केस स्टडी 2: तमिलनाडु का 'वनिथम' मार्ट कोऑपरेटिव

तमिलनाडु के सेलम और इरोड जिलों में महिला एसएचजी ने जैविक हल्दी और पारंपरिक दालों का उत्पादन शुरू किया। पहले बिचौलिए उनसे ₹60 प्रति किलो हल्दी खरीदते थे और शहर में ₹180 में बेचते थे। शी-मार्ट स्टोर खुलने के बाद महिलाओं ने स्वयं क्लीनिंग, ग्राइंडिंग और वैक्यूम पैकेजिंग शुरू की। अब वे सीधे ₹160 प्रति किलो पर उत्पाद बेच रही हैं, जिससे उनका मुनाफा तीन गुना हो गया है।


क्वालिटी कंट्रोल, पैकेजिंग और शेल्फ-लाइफ बढ़ाने के 7 वैज्ञानिक तरीके

बड़े सुपरमार्केट्स और महानगरों के ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए केवल उत्पाद का शुद्ध होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसकी पैकेजिंग और शेल्फ-लाइफ भी अंतरराष्ट्रीय मानकों की होनी चाहिए। एनसीसीएफ ने महिला समूहों के लिए निम्नलिखित 7 अनिवार्य तकनीकी मानक तय किए हैं:

  1. फूड-ग्रेड वैक्यूम पैकेजिंग (Vacuum Packaging): दालों, सूखे मेवों और मसालों को नमी और कीड़ों से बचाने के लिए 100 माइक्रोन की मल्टी-लेयर फूड-ग्रेड पाउच का उपयोग अनिवार्य किया गया है।
  2. नाइट्रोजन फ्लशिंग तकनीक (Nitrogen Flushing): नमकीन, पापड़ और चिप्स जैसे तले हुए उत्पादों की कुरकुराहट और ताजगी को 6 महीने तक बरकरार रखने के लिए नाइट्रोजन गैस फ्लशिंग मशीनों पर 50% सब्सिडी दी जा रही है।
  3. नमी और पीएच (Moisture & pH) टेस्टिंग: अचार और जैम में फंगस लगने से रोकने के लिए नियमित रूप से पीएच मान की डिजिटल मीटर से जांच की जाती है।
  4. स्पष्ट पोषण लेबलिंग (Nutritional Fact Panel): प्रत्येक पैकेट के पीछे कैलोरी, प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और वसा की प्रमाणित मात्रा अंकित होना जरूरी है।
  5. क्यूआर कोड युक्त ट्रैसेबिलिटी (Farm-to-Fork Traceability): पैकेट पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके उपभोक्ता यह देख सकते हैं कि किस गांव की किस बहन ने यह फसल उगाई है।
  6. बैच नंबर और एमएफजी/एक्सपायरी डेट: स्वचालित बैच कोडिंग मशीनों द्वारा पैकेज पर स्पष्ट तारीखें अंकित की जाती हैं।
  7. पर्यावरण अनुकूल आउटर बॉक्स: थोक परिवहन के लिए रिसाइकल होने वाले नालीदार गत्ते के बक्से (Corrugated Boxes) का उपयोग।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

सवाल 1: क्या केवल रजिस्टर्ड SHG की महिलाएं ही She-Mart दुकानों में अपना उत्पाद बेच सकती हैं?

उत्तर: हां, She-Mart और NCCF जनह व्यवस्था राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) या शहरी आजीविका मिशन (NULM) के तहत पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए आरक्षित है।

सवाल 2: अपने समूह के होममेड अचार और मसालों के लिए FSSAI लाइसेंस कैसे प्राप्त करें?

उत्तर: ₹12 लाख वार्षिक से कम टर्नओवर वाले महिला समूहों के लिए FOSCOS पोर्टल पर केवल आधार और पैन कार्ड से 24 घंटे में ₹100 की फीस पर बेसिक FSSAI रजिस्ट्रेशन मिल जाता है।

सवाल 3: क्या She-Mart में सामान बिकने के बाद पेमेंट समय पर मिल जाता है?

उत्तर: हां, NCCF जनह की एकीकृत डिजिटल बिलिंग प्रणाली के तहत सामान बिकने के अधिकतम 48 से 72 घंटों (T+2) के भीतर बिक्री राशि सीधे समूह के बैंक खाते में एनईएफटी द्वारा जमा हो जाती है।


❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q. क्या केवल रजिस्टर्ड SHG की महिलाएं ही She-Mart दुकानों में अपना उत्पाद बेच सकती हैं?

A. हां, She-Mart और NCCF जनह व्यवस्था राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) या शहरी आजीविका मिशन (NULM) के तहत पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए आरक्षित है।

Q. अपने समूह के होममेड अचार और मसालों के लिए FSSAI लाइसेंस कैसे प्राप्त करें?

A. ₹12 लाख वार्षिक से कम टर्नओवर वाले महिला समूहों के लिए FOSCOS पोर्टल पर केवल आधार और पैन कार्ड से 24 घंटे में ₹100 की फीस पर बेसिक FSSAI रजिस्ट्रेशन मिल जाता है।

Q. क्या She-Mart में सामान बिकने के बाद पेमेंट समय पर मिल जाता है?

A. हां, NCCF जनह की एकीकृत डिजिटल बिलिंग प्रणाली के तहत सामान बिकने के अधिकतम 48 से 72 घंटों (T+2) के भीतर बिक्री राशि सीधे समूह के बैंक खाते में एनईएफटी द्वारा जमा हो जाती है।

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